शुक्र का कुंभ राशि में गोचर कल, जानें प्रभाव

शुक्र का राशि परिवर्तन करेगा जातकों को मालामाल, साथ ही बढ़ाएगा ऐश्वर्य और प्यार! पढ़ें आपकी राशि पर क्या होगा गोचर का प्रभाव !


वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को सुंदरता, संगीत, नृत्य व अन्य प्रकार की कलात्मक प्रतिभा, काम-वासना एवं सभी प्रकार के भौतिक सुखों का कारक माना जाता है। यह वृषभ और तुला राशि का स्वामी है। जो मीन राशि में उच्च का जबकि कन्या राशि में यह नीच का होता है। बुध और शनि ग्रह शुक्र राशि के मित्र ग्रह माने जाते हैं। जबकि सूर्य ग्रह और चंद्र ग्रह इसके शत्रु ग्रह हैं। कोई भी ग्रह अपने शत्रु ग्रह के साथ कमज़ोर अवस्था में होता है। जबकि मित्र ग्रहों के साथ युति करने पर बली होता है। वहीं नक्षत्रों में शुक्र ग्रह को भरणी, पूर्वा फाल्गुनी और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का स्वामित्व प्राप्त है। 

जब किसी जातक की कुंडली में शुक्र उसके दूसरे, तीसरे, सातवें और बारहवें भाव में होता है तो यह बली होकर अच्छे परिणाम देता है। वहीं इसके विपरीत अगर यह छठे या फिर आठवें भाव में हो तो यह कमज़ोर होता है और इसके नकारात्मक प्रभाव जातकों के जीवन पर पड़ते हैं। अन्य भावों पर इसके प्रभाव सामान्य रूप से पड़ते हैं। शुक्र के अच्छे प्रभाव के कारण जातक को जीवन में सांसारिक सुखों की प्राप्ति होती है। व्यक्ति जीवन में प्रसिद्धि को प्राप्त करता है। उसके अंदर कलात्मक प्रतिभा का विकास होता है और उसके व्यक्तित्व में गजब का आकर्षण होता है जो विपरीत लिंग के व्यक्ति को अपनी तरफ़ खींचता है। शुक्र के अच्छे प्रभाव से व्यक्ति की सेक्स लाइफ़ अच्छी होती है। लेकिन अगर किसी जातक की कुंडली में शुक्र ग्रह कमज़ोर या फिर पीड़ित हो तो इसके दुष्प्रभाव जातक के जीवन पर पड़ते हैं। इसके फलस्वरुप कील मुहांसों की समस्या, नपुंसकता, अपच, भूख ना लगना तथा त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

शुक्र के दुष्प्रभावों से ऐसे करें बचाव 


जातक ज्योतिष उपायों के द्वारा न केवल शुक्र ग्रह के दुष्प्रभावों से बच सकते हैं, बल्कि इन महा उपायों से शुक्र ग्रह को मजबूत भी बनाया जा सकता है। शुक्र ग्रह की शांति के लिए शुक्र यंत्र को पूर्ण विधि विधान से स्थापित कर उसकी आराधना करने से शुक्र ग्रह मजबूत होता है। इसके साथ ही रत्नों में अमेरिकन डायमंड शुक्र ग्रह की मजबूती के लिए धारण किया जाता है। इसके अलावा शुभ फल पाने के लिए छः मुखी रुद्राक्ष, तेरह मुखी रुद्राक्ष या फिर अरंड मूल की जड़ी भी धारण कर जातक हर समस्या का निवारण कर सकते हैं। 

गोचर का समय


22 मार्च 2019, शुक्रवार को शुक्र ग्रह प्रातः 03:34 बजे कुंभ राशि में गोचर करेगा और 16 अप्रैल 2019, मंगलवार सुबह 00:55 बजे तक इसी राशि में स्थित रहेगा, जिसके चलते शुक्र के कुंभ राशि में होने वाले गोचर का सभी राशियों पर असर होगा। 

लोकसभा चुनाव और आईपीएल 2019 में शुक्र के गोचर का प्रभाव 


शुक्र के गोचर का प्रभाव इस अवधि में मनुष्य जीवन में होने वाली घटनाओं पर पड़ेगा। चूँकि इस दौरान भारत में आईपीएल 2019 और लोकसभा चुनाव 2019 का आयोजन होगा और निश्चित रूप से शुक्र ग्रह के इस गोचर का प्रभाव भी इन दोनों महत्वपूर्ण घटनाओं पर भी दिखाई देगा। स्वतंत्र भारत की कुंडली के अनुसार देश की लग्न राशि वृषभ है। शुक्र का गोचर वृषभ राशि से दशम भाव में हो रहा है। ऐसे में शुक्र ग्रह के प्रभाव से सत्ताधारी पार्टी को बल मिलेगा और राजनितिक पार्टियों में महिलावादी विचार रखने वाले उम्मीदवारों को फायदा होगा। जहाँ तक आईपीएल 2019 का सवाल है तो शुक्र के प्रभाव से आईपीएल 2019 पहले के मुकाबले ज्यादा हिट रहने वाला है। क्योंकि शुक्र का गोचर कुंभ राशि में हो रहा है जो कि काल पुरुष कुंडली के अनुसार ग्यारहवें भाव की राशि है। ये योग गैजेट, मनोरंजन, सुख-सुविधाओं जैसी चीज़ों में वृद्धि को दर्शाता है।


यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी चंद्र राशि जानने के लिए क्लिक करें

मेष


शुक्र देव आपकी राशि के लिए द्वितीय और सप्तम भाव के स्वामी हैं और आपके 11वें भाव में गोचर कर रहे हैं। इस दौरान आपकी लव लाइफ भी बेहद खुशनुमा रहेगी। आपके रिश्ते में प्यार और रोमांस की वृद्धि होगी तथा आपका प्रेम परवान चढ़ेगा। समाज में आपके मान सम्मान में वृद्धि होगी और आपकी तरक्की होगी तथा घर पर...आगे पढ़ें


वृषभ 


गोचर काल के दौरान आपके पारिवारिक जीवन में ख़ुशियों की बरसात होगी और परिवार का वातावरण काफी सुख और शांति से भरा हुआ रहेगा। बीच-बीच में परिवार के लोगों में कुछ तनाव बढ़ सकता है लेकिन आप अपनी सूझबूझ से काम लेंगे और सभी समस्याएं आसानी से दूर कर पाने में सफल होंगे। हालांकि...आगे पढ़ें

मिथुन


गोचर का प्रभाव आपके जीवन पर ऐसा असर करेगा कि आपका भाग्य आपका पूरा साथ देगा और जीवन में जो कार्य अटके पड़े थे, वे अब बनने लगेंगे। आपको किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है जिसके बाद आपकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहेगा। आपका मन धार्मिक गतिविधियों में लगेगा और आप...आगे पढ़ें


कर्क 


यह अवधि आपके लिए चुनौतीपूर्ण रह सकती है। इस दौरान आप थकान और साथ ही थोड़ा मानसिक तनाव महसूस करेंगे। गोचर काल के समय आप परिजनों के साथ किसी तीर्थ यात्रा पर जा सकते हैं। आपको अपनी काबिलियत को पहचानने की आवश्यकता होगी। कोई भी ऐसा कार्य नहीं जो आपकी पहुंच से बाहर हो, इसलिए...आगे पढ़ें

सिंह 


यह गोचर आपके लिए शुभ रहेगा। क्योंकि यदि आप किसी को पसंद करते हैं तो इस गोचर के दौरान उन्हें प्रपोज कर सकते हैं, सफलता मिलने की पूरी संभावना है। वहीं अगर आप सिंगल हैं तो इस दौरान आपका विवाह होने की संभावना काफी बढ़ जाएगी और कुंडली में विवाह के योग बनेंगे। यदि आप...आगे पढ़ें

कन्या 


शुक्र ग्रह आपकी राशि से नवम और द्वितीय भाव के स्वामी हैं और इस गोचर के समय आपके छठे घर में संचरण कर रहे हैं। इसीलिए आपको जो कुछ भी प्राप्त होगा वह कड़े परिश्रम के बाद ही प्राप्त होगा। इस गोचर के दौरान आप एक ऊर्जा अपने अंदर महसूस करेंगे जिसके चलते परिवार में अपनी उम्र और अन्य लोगों के साथ उस ऊर्जा के कारण टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है...आगे पढ़ें

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तुला 


शुक्र का यह गोचर आपके लिए लाभकारी रह सकता है। आप जो भी काम शुरू करेंगे या जो काम पहले से आपने अपने हाथ में लिया हुआ है उसमें आपको सफलता मिलेगी और इससे आपकी खुशी और ज्यादा बढ़ जाएगी। जिस चीज की भी आपने कल्पना की थी वह चीज आपको प्राप्त होगी इससे आपकी...आगे पढ़ें

वृश्चिक


शुक्र का यह गोचर सामान्यतः आपके लिए शुभ संकेत दे रहा है। लंबे समय से जीवन में जो तनाव चला रहा था अब आपको उससे राहत मिलेगी और आप अपने परिवार के लोगों के साथ सुकून भरा जीवन बिताएंगे। इस गोचर के कारण ही आपको अपनी इनकम बढ़ाने के अच्छे अवसर मिलेंगे और इस दौरान आप कुछ...आगे पढ़ें

धनु 


इस दौरान आपको तमाम क्षेत्रों में मिले-जुले परिणाम प्राप्त होंगे। इसी लिए शुक्र के इस गोचर के दौरान आप अपने प्रयासों को बढ़ाएंगे और जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम करेंगे। आपके जीवन में किसी नए रिश्ते की शुरुआत हो सकती है लेकिन आपको सलाह दी जाती है कि किसी भी रिश्ते में आगे बढ़ने से पहले...आगे पढ़ें

मकर 


शुक्र के इस गोचर के कारण आप धन संचय कर पाने में सफल होंगे और जो भी काम करेंगे उसमें सफलता अर्जित करेंगे। आपके परिवार में कोई शादी विवाह या किसी बड़े मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन हो सकता है। इस दौरान परिवार में ख़ुशियाँ आएँगी और आपको तरह तरह के...आगे पढ़ें

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कुंभ 


शुक्र का यह गोचर आपके लिए शुभ रहेगा। शुक्र का गोचर आपकी राशि में होने से आपके मन में प्यार और स्नेह बढ़ेगा तथा दूसरों के प्रति लगाव की भावना अधिक रहेगी। आपके शारीरिक सौंदर्य में वृद्धि होगी और आप अपने आपको और बेहतर दिखाने के लिए प्रयास करेंगे तथा खर्च भी करेंगे। आपके प्रेम संबंधों के लिए यह समय...आगे पढ़ें

मीन


इस दौरान आपको मिश्रित परिणामों की प्राप्ति होगी। आपके खर्चों में अत्यधिक वृद्धि होगी और आप अपनी सुख सुविधा और विलासिता से जुड़े कार्यों पर अधिक ख़र्चा करेंगे। जीवन के सुखों को भोगने की लालसा बढ़ेगी और इसी कारण आपके खर्चे भी बढ़ जाएंगे, जिससे...आगे पढ़ें

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Holi special- अपनी राशि अनुसार चुने रंग और बनाए अपनी होली को ख़ास

इस होली अपनी राशि अनुसार करें रंगों का इस्तेमाल और खोलें अपनी बंद किस्मत!


आज रंगों का त्यौहार होली पूरे भारत में बड़े हर्षो-उल्लास के साथ मनाया जायेगा। होली के बारे में कहा जाता है कि यह एक ऐसा त्योहार है जिसमें लोग सभी गिले-शिकवों को भुलाकर फिर से दोस्त बन जाते हैं। यह कहना भी गलत नहीं होगा कि बुराई की धुल होली के रंगों से मिट जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार होली के त्यौहार को चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को मनाया जाता है। कई बार जब प्रतिपदा दो दिन पड़ जाती है तो पहले दिन ही धुलण्डी (होली या वसंतोत्सव) मनायी जाती है। वसंत ऋतु के स्वागत के रूप में इस त्यौहार को मनाया जाता है। चूंकि वसंत ऋतु के दौरान प्रकृति में चारों ओर रंगों की छटा बिखरी होती है इसीलिए होली के त्योहार के दौरान उन रंगों की खुशीन को व्यक्त करने के लिए होली पर्व मनाया जाता है। भारत के उत्तरी राज्य हरियाणा में इसे धुलंडी भी कहते हैं।


क्यों मनायी जाती है होली ? 


पृथ्वी पर देव तत्व को प्रकट करने के लिए पंचतत्वों की आवश्यकता होती है और यह पंच तत्व हैं आकाश, पृथ्वी, जल, अग्नि और वायु और इन पांचों तत्वों को यज्ञ के माध्यम से एक किया जाता है। मान्यताओं अनुसार जब पृथ्वी पर कोई स्पंदन नहीं था तब पहले त्रेतायुग के दौरान देवतत्व विष्णु के प्रकट होने का वक्त आया। उस वक्त परमेश्वर के जरिये सात मुनियों को सपने में यज्ञ के महत्व के बारे में ज्ञान प्राप्त हुआ। इन ऋषि-मुनियों ने यज्ञ की तैयारियां प्रारंभ कीं और नारद मुनि के मार्गदर्शन में यज्ञ की शुरुआत हुई। मन्त्रों के उच्चारण के साथ यज्ञ की ज्वालाओं के साथ विष्णुतत्व प्रकट होने लगा और इससे धरती पर मौजूद बुरी शक्तियाँ नष्ट होने लगीं। बुरी शक्तियों में हलचल मच गई और उन्हें अपने कष्ट का कारण समझ नहीं आया। धीरे-धीरे श्री विष्णु पूर्ण रूप से प्रकट हो गए जिसके बाद ऋषि-मुनियों के साथ बाकी लोगों को भी श्री विष्णु के दर्शन मिले। जिस दिन श्री विष्णु प्रकट हुए थे उस दिन फाल्गुन पूर्णिमा थी। इसलिए होली को मनाने के पीछे मान्यता यह है कि त्रेतायुग के पहले यज्ञ को याद करते हुए यह त्यौहार मनाया जाता है। हालांकि होली के पर्व को लेकर हिंदू धर्म शास्त्रों में कई कथाएं मौजूद हैं। 

इतिहास के पन्नों में होली


होली के त्यौहार को प्राचीन काल से मनाया जा रहा है इसके संकेत हमें कई ऐतिहासिक जगहों से मिलते हैं। होली की महत्ता केवल कलयुग में ही विशेष नहीं है बल्कि भारत के प्राचीन विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी में 16वीं शताब्दी के एक चित्र के मिलने के बाद इसकी महत्ता का वर्णन पौराणिक काल के एक ख़ास सबूत के रूप में नज़र आया। जिसे देखकर पता चलता है कि उस समय भी होली का महत्व बहुत था और आम से लेकर ख़ास लोग तक इस पर्व को मनाते थे, क्योंकि विजयनगर में मिले इस चित्र में होली के पर्व को बहुत ही खूबसूरती के साथ उकेरा गया है। ठीक इसी तरह विंध्य पर्वतों के समीप स्थित रामगढ़ में पाए गए एक अभिलेख में भी होली का जिक्र मिलता है। आपको बता दें कि यह अभिलेख लगभग ईसा से 300 वर्ष पुराना है।


होली का महत्व


रंगों के उत्सव होली का भारतीय समाज में बड़ा महत्व है। होली के दौरान लोग अपने सामाजिक दायरे को भी बढ़ाते हैं और अपने व्यक्तिगत गुणों से लोगों को प्रभावित भी करते हैं और खुद दूसरों के गुणों से प्रभावित भी होते हैं। होली के दौरान लोग अपनी आध्यात्मिक और मानसिक शक्तियों को पहचानने का भी प्रयास करते हैं। होली को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक भी माना जाता है। जिस तरह होली के आते ही मौसम में बहार आने लगती है उसी तरह लोग भी अपनी बुराइयों को दूर कर अच्छाइयों को अपने अंदर जगाने की कोशिश इस त्यौहार के दौरान करते हैं। जो लोग आध्यात्मिक मार्ग पर अग्रसर होना चाहते हैं उनके लिए भी यह समय बहुत उपयोगी होता है। इस त्योहार के दौरान अग्निदेव को भी पूजा जाता है क्योंकि धरती पर अग्निदेव ऊर्जा का प्रतीक हैं। इसी लिए होली पर रंगों की भी अपनी बेहद ख़ास अहमियत होती है। 

चलिए अब हम आपको बताते हैं कि होली में राशि अनुसार आपके लिए कौन-सा रंग रहेगा सबसे लाभदायक। 

1. मेष राशि वालों के लिए लकी कलर


मेष राशि के जातकों को होली के दिन सबसे पहले लाल रंग से अपने ईष्ट देव को टिका लगाना चाहिए और फिर लाल रंग से ही होली खेलनी चाहिए। रंगों से खेलने के बाद जब आप नहाने के बाद भी यदि लाल रंग के ही कपड़े पहनते हैं तो इससे आपको अच्छे फल मिलेंगे। 

2. वृषभ राशि वालों के लिए लकी कलर


वृषभ राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस राशि के लोगों को होली के दिन गुलाबी रंग या चटकीले रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए। यानि होली की शुरुआत इसी रंग से करनी चाहिए और इसी रंग के कपड़े पहनने चाहिए। 

3. मिथुन राशि वालों के लिए लकी कलर


बुध ग्रह मिथुन राशि का स्वामी है और यह राशि जल तत्व प्रधान है। ज्योतिष के अनुसार इस राशि के लोगों को होली के दिन हरे रंग का इस्तेमाल करना चाहिए और इसी रंग के कपड़े भी पहनने चाहिए।

4. कर्क राशि वालों के लिए लकी कलर 


कर्क राशि का स्वामी ग्रह चंद्र है। यह जल तत्व की राशि है। हिंदू ज्योतिष के अनुसार कर्क राशि वालों को होली वाले दिन सफ़ेद वस्त्र के कपड़े पहनने चाहिए और हल्के रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए। 

5. सिंह राशि वालों के लिए लकी कलर 


इस राशि के जातकों को होली के अवसर पर केसरिया या नारंगी रंग का इस्तेमाल करना चाहिए चूँकि सिंह राशि का स्वामी सूर्य है और वैदिक ज्योतिष के अनुसार उनका रंग केसरिया है। अतः सिंह राशि वालों को होली के दिन केसरिया या नारंगी रंग के ही कपड़े पहनने चाहिए। 

6. कन्या राशि वालों के लिए लकी कलर 


कन्या राशि का स्वामी बुध ग्रह है और यह पृथ्वी तत्व की राशि है। इस राशि के जातकों को होली के अवसर पर हरे रंगों से खेलना चाहिए और इसी रंग के कपड़े पहनने चाहिए। 

7. तुला राशि वालों के लिए लकी कलर


तुला राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है और यह राशि वायु तत्व की राशि है। इस राशि के जातकों के लिए होली के अवसर पर गुलाबी या हल्के सफ़ेद रंग के कपड़े पहनने चाहिए और इन्हीं रंगों से होली की शुरुआत करनी चाहिए। 

8. वृश्चिक राशि वालों के लिए लकी कलर 


वृश्चिक राशि का स्वामी ग्रह मंगल है और यह जल तत्व की राशि है। इस राशि के जातकों को होली के अवसर पर लाल रंग के कपड़े पहनने चाहिए और इसी रंग से होली की शुरुआत भी करनी चाहिए। 

9. धनु राशि वालों के लिए लकी कलर 


धनु राशि का स्वामी गुरु बृहस्पति है। हिंदू ज्योतिष के अनुसार इसे अग्नि तत्व की राशि माना जाता है। इस राशि के लोगों को होली के अवसर पर पीले रंग के कपड़े पहनने से फायदा होगा और इस राशि वालों को होली की शुरुआत भी इसी रंग का टिका खुद पर लगाने से करनी चाहिए। 

10. मकर राशि वालों के लिए लकी कलर 


ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मकर पृथ्वी तत्व की राशि है और इसका स्वामी ग्रह शनि है। अतः इस राशि के लोगों को होली वाले दिन नीले रंग के कपड़े पहनने चाहिए और होली की शुरुआत अपने ईष्ट देव पर नीले रंग का टीका लगाने से करनी चाहिए। 

11. कुंभ राशि वालों के लिए लकी कलर 


कुंभ राशि का स्वामी ग्रह शनि है और यह जल तत्व की राशि है। इसलिए इस राशि के जातकों को होली वाले दिन आसमानी नीले रंग के कपड़े पहनने से अच्छे फल मिलते हैं और इनको होली की शुरुआत अपने ईष्ट देव पर आसमानी नीले रंग का टीका लगाने से करनी चाहिए। 

12. मीन राशि वालों के लिए लकी कलर 


मीन जल तत्व की राशि है और इस राशि का स्वामी ग्रह बृहस्पति है। इस राशि के लोगों के लिए हल्के पीले रंग बहुत भाग्यशाली होता है इसलिए इस राशि वालों को होली वाले दिन हल्के पीले वस्त्र पहनने चाहिए और होली खेलने की शुरुआत हल्के पीले रंग का टीका लगाने से करनी चाहिए। 

आशा करते हैं कि हमारा यह लेख आपको पसंद आया होगा। उम्मीद है कि होली का त्योहार आपके लिए खुशियाँ लेकर आए।
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होलिका दहन परिक्रमा से दूर करें शनि दोष !

होलिका दहन पर शुभ मुहूर्त के अनुसार आज रात इन महाउपायों से करें सभी दोष दूर! 

होलिका दहन यानी होली त्यौहार का पहला व विशेष दिन, फाल्गुन मास की पूर्णिमा को देशभर में मनाया जाता है। इसी के अगले दिन रंग खेला यानी रंगों से खेलने की परंपरा निभाई जाती है जिसे अलग-अलग राज्यों में धुलेंडी, धुलंडी और धूलि आदि नामों से भी जाना जाता है। इस त्यौहार को बुराई पर अच्छाई की विजय के उपलक्ष्य में महत्व दिया जाता है। इसी लिए होलिका दहन की पूजा शुभ मुहूर्त में करना अनिवार्य होता है। माना जाता है कि ऐसा करने से जीवन में आने वाली हर समस्या और बुराइयों का नाश होता है व घर परिवार में सुख-समृद्धि आती है। चलिए अब होलिका दहन के महत्व और पूजा विधि पर चर्चा करने से पहले एक नज़र होलिका दहन 2019 के शुभ मुहूर्त पर भी डाल लेते हैं…



होलिका दहन मुहूर्त 2019
होलिका दहन मुहूर्त:
20:58:38 से 24:23:45 तक
अवधि:
3 घंटे 25 मिनट
भद्रा पुँछा:
17:34:15 से 18:35:34 तक
भद्रा मुखा:
18:35:34 से 20:17:45 तक

विशेष: यह मुहूर्त नई दिल्ली के लिए प्रभावी है। जानें अपने शहर में होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

होलाष्टक


होलिका उत्सव की शुरुआत होली के आठ दिन पहले यानी “होलाष्टक” से होती है और होलाष्टक के आखिरी दिन ही होलिका दहन किया जाता है। ज्योतिषी होलाष्टक के दौरान सभी शुभ कार्य जैसे गृह प्रवेश, विवाह, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्य का शुभारंभ न करने की सलाह देते है। और ये अशुभ अवधि होलिका दहन के बाद ही समाप्त होती है। 

फाल्गुन पूर्णिमा


होलाष्टक की समाप्ति के साथ ही फाल्गुन पूर्णिमा मनाई जाती है, जो फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि को पड़ती है। हिन्दू धर्म में होली की तरह ही फाल्गुन पूर्णिमा का धार्मिक, और सामाजिक के साथ साथ सांस्कृतिक महत्व भी है। इसी महत्व को देखते हुए लोग इस ख़ास दिन सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक उपवास करते है। क्योंकि धार्मिक मान्यता के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा व्रत करने से मनुष्य के दुखों का नाश तो होता ही है साथ ही उन पर भगवान विष्णु भी अपनी विशेष कृपा दिखाते हैं। इसी लिए इस शुभ तिथि पर होली का त्यौहार और इससे एक दिन पूर्व रात्रि को होलिका दहन मनाया जाता है।

होलिका दहन का महत्व


हिंदू धर्म की मानें तो हर त्यौहार का अपना धार्मिक और पौराणिक महत्व होता है। क्योंकि हर एक त्यौहार हमें एक अच्छा संदेश, सीख और शिक्षा प्रदान करता है। इसी क्रम में होलिका दहन पर्व भी हमें एक अच्छी सीख देता है।
  1. होलिका दहन के द्वारा हम समाज के अंदर फैली बुराइयों को जलाते हुए उससे सीख लेते हैं। माना जाता है कि इस दिन हर एक व्यक्ति को संकल्प लेते हुए अपनी असुरी प्रवृत्ति का होलिका की अग्नि में दहन कर देना चाहिए।
  2. मान्यता अनुसार जो भी कोई व्यक्ति पूरे विधि विधान से होलिका दहन की पूजा कर उसकी परिक्रमा करता है उसे स्वस्थ जीवन और सुख-समृद्ध की प्राप्ति होती है। 
  3. वसंत ऋतु के आगमन का स्वागत करते हुए इस उत्सव के माध्यम से हम अग्नि देवता के प्रति अपना कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। 

होलिका दहन के अगले दिन धुलेंडी यानि होली आती है। तो तैयार हो जाइये रंग-बिरंगी होली के लिए - होली 2019

इस होलिका दहन शनि दोष से मिलेगी मुक्ति 


  • वैदिक शास्त्रों अनुसार होलिका की रात्रि के समय पूजा करने से जिस भी जातक की कुंडली में व्याप्त दोष होते हैं उन्हें कम किया जा सकता है। 
  • इसके साथ ही होलिका की पूजा कर व्यक्ति शनि दोष और पितृ दोष को भी दूर कर सकता है। 
  • होलिका दहन पर गन्ना भूनने और अग्नि की परिक्रमा करने से दोष दूर होते हैं।
  • होलिका की परिक्रमा से जातक की ग्रह बाधा भी दूर होती है। 

होलिका दहन पर करें ये महाउपाय


  • होलिका दहन के समय परिवार के लोगों द्वारा एक साथ होलिका की परिक्रमा करना शुभ होता है। परिक्रमा लेते वक़्त होलिका में चना, मटर, गेहूं, अलसी अवश्य डालें। इसे धन लाभ का अचूक उपाय माना गया है।
  • मान्यता अनुसार होली वाली रात पीपल के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाकर, पीपल के पेड़ की सात परिक्रमा लगाएँ। ऐसा करने से जीवन में आ रही सभी बाधाओं को दूर किया जा सकता हैं।
  • होलिका दहन के अगले दिन सबसे पहले मंदिर जाकर देवी-देवताओं को गुलाल चढ़ाना चाहिए, उसके बाद ही होली खेलनी चाहिए। 
  • होलिका के जलने के दौरान उसमें कपूर डालने से हमारे आसपास मौजूद हानिकारक कीटाणु नष्ट हो जाते हैं।
  • होलिका दहन के समय सरसों के कुछ दानें होलिका को अर्पित कर माँ लक्ष्मी को याद करें। ऐसा करने से देवी लक्ष्मी घर पर कृपा करती हैं। 
ज्योतिषियों के अनुसार होलिका दहन से जुड़े इन महा उपायों को करने से व्यक्ति के दुःख, दर्द व रोग आदि का नाश होता है और उसके जीवन में ऐश्वर्य का आरम्भ होता है।


होलिका दहन के आवश्यक नियम और पूजा विधि


हिंदू शास्त्रों के अनुसार होलिका दहन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद शुरू होने वाला समय) में पूर्णिमा तिथि के प्रबल होने पर ही किया जाना चाहिए। घर में सुख-शांति और समृद्धि के लिए दहन से पहले होलिका पूजा का विशेष महत्व होता है। आईये अब जानते हैं कि कैसे करें होलिका पूजन की शुरुआत और इस दौरान किन बातों का रखें ध्यान...
  • होलिका पूजन करते समय अपना मुँह पूर्व या उत्तर की ओर करके बैठे।
  • पूजन की थाली में पूजा समाग्री जैसे: रोली, पुष्प, माला, नारियल, कच्चा सूत, साबूत हल्दी, मूंग, गुलाल और पांच तरह के अनाज, गेहूं की बालियां व एक लोटा जल होना चाहिए।
  • होलिका के चारों ओर सहपरिवार सात परिक्रमा करके कच्चा सूत लपेटना शुभ होता है। 
  • इसके पश्चात विधिवत तरीके से पूजन के बाद होलिका को जल का अर्घ्य दें और सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में होलिका का दहन करें।
  • होलिका दहन की राख बेहद पवित्र मानी जाती है। इसलिए होलिका दहन के अगले दिन सुबह के समय इस राख को शरीर पर मलने से समस्त रोग और दुखों का नाश किया जा सकता है।

हम आशा करते हैं कि होलिका दहन व फाल्गुन पूर्णिमा व्रत पर हमारा यह लेख आपको पसंद आया होगा। एस्ट्रोसेज की ओर से आप सभी को होलिका दहन की ढेर सारी शुभकामनाएं !

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साप्ताहिक राशिफल 18 से 24 मार्च

मंगल-शुक्र की युति करेगी हर समस्या का निवारण, पढ़ें साप्ताहिक राशिफल में आपकी राशि के लिए क्या लाए हैं हम ख़ास। 


साप्ताहिक राशिफल से जानिए इस सप्ताह आपके जीवन में क्या विशेष होने वाला है। इस राशिफल में है ख़ास आपके लिए साप्ताहिक प्रेमफल, जिसके माध्यम से आप अपने प्रेम जीवन के बारे में जान सकेंगे। इसके अलावा आप इस राशिफल के द्वारा अपने करियर के बारे में भी पता कर सकते हैं कि आपको इस हफ्ते किस तरह के अवसर प्राप्त होंगे और आपको किस तरह की चुनौतियों का सामना करना होगा। व्यापार, शिक्षा पारिवारिक जीवन, स्वास्थ्य एवं वैवाहिक जीवन में आपको किस तरह के परिणाम प्राप्त होंगे। साथ ही आप इस फलादेश के माध्यम से अपने जीवन के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर पाएंगे।

इस सप्ताह का हिन्दू पंचाग एवं ज्योतिषीय तथ्य


हिन्दू पंचांग के अनुसार, सप्ताह की शुरुआत फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि से होगी और सप्ताह का अंत चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को होगा। वहीं फाल्गुन मास के इस सप्ताह में चंद्र देव कर्क, सिंह, कन्या और तुला राशि में गोचर करेंगे। इस दौरान चंद्र देव अश्लेषा, मघा, पूर्वाफाल्गुनी, उत्तराफाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति और विशाखा नक्षत्रों में अपना प्रभाव दिखाएँगे। इसके अलावा इस सप्ताह के मध्य में मंगल देव का गोचर मेष राशि से वृषभ राशि में 22 मार्च को हो रहा है और इसी दिन शुक्र देव भी मकर राशि से निकल कर कुम्भ राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में जिस भाव में ये राशियाँ होंगी। वे भाव मुख्य रूप से सक्रिय अवस्था में दिखाई देंगे। 

इस सप्ताह मचेगी होली की धूम 


इस सप्ताह की ख़ास बात यह है कि इसमें होली का त्योहार 21 मार्च को मनाया जाएगा। जबकि इसकी पूर्व रात्रि को होलिका दहन किया जाएगा। यानि यह कहा जा सकता है कि इस हफ़्ते फाल्गुन का यह त्योहार लोगों के सिर चढ़ कर बोलेगा। हिन्दू पूजा-पद्धति में होलिका दहन की पूजा विधि एवं इसके नियम और मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। तंत्र मंत्र की विद्या से संबंध रखने वाले तांत्रिकों के लिये भी यह बहुत ही महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। 

होली पर नज़र आएगा चुनावी रंग


इसके अलावा देश में लोकसभा चुनाव का माहौल है। राष्ट्रीय चुनाव आयोग के द्वारा चुनावी घोषणा हो चुकी है। इसलिए देश के विभिन्न राजनैतिक पार्टियाँ और उनके नेता देशभर में चुनाव रैलियाँ करते हुए दिखाई देंगे। जहाँ तक भाजपा और कांग्रेस का सवाल है तो पीएम नरेन्द्र मोदी और राहुल गांधी के बीच शब्दों के बाण चलते हुए दिखाई दे सकते हैं।


बॉलीवुड विशेष में क्या है ख़ास?


इस सप्ताह बॉलीवुड की दो दिग्गज अदाकारा का जन्मदिन भी मनाया जाएगा। इनमें 20 मार्च को बॉलीवुड की क्वीन कंगना राणावत का जन्मदिन है। वहीं 21 मार्च को फिल्मी जगत की मर्दानी रानी मुखर्जी का जन्मदिन पड़ रहा है। इसके साथ ही 24 मार्च को अभिनेता इमरान हाशमी का भी बर्थडे है। लिहाज़ा इनके फैंस इन सितारों का जन्मदिन सेलीब्रेट करेंगे। जिसके लिहाज़ से इस सप्ताह का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। तो चलिए अब जानते हैं इस सप्ताह का राशिफल:


यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि


मेष


इस सप्ताह चंद्र देव मुख्य रूप से आपके चतुर्थ, पंचम, षष्ठम और सप्तम भाव में रहेंगे। जिस कारण सप्ताह की शुरुआत में किसी बात को लेकर आप इतने नाराज़ हो सकते हैं कि उस गुस्से के कारण आपका स्वयं का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। इसलिए इससे बचने का प्रयास करें और गुस्से को नियंत्रण में रखें। इस सप्ताह...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- सप्ताह के मध्यम में मंगल-शुक्र का गोचर होने से प्रेम संबंधित मामलों के लिए ये सप्ताह शानदार रहने वाला है। ऐसा मान कर चलिए कि आपकी पांचों उंगलियाँ घी में होंगी क्योंकि आपको अपने प्रियतम से भरपूर प्यार मिलेगा और...आगे पढ़ें

वृषभ


इस सप्ताह मंगल देव का गोचर आपकी राशि में होने से आप थोड़े जिद्दी हो जाएंगे और आपका व्यवहार आपके अपनों को परेशान कर सकता है। नई-नई बातों को सीखने का प्रयास करें और कहीं से कुछ अच्छा प्राप्त होता है तो उसे ग्रहण करें। किसी भी बात के लिए...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए सप्ताह मध्य अनुकूल है लेकिन शेष समय आपको धैर्य पूर्वक रहना होगा। किसी बात को लेकर आपके बीच अनबन हो सकती है उसकी मुख्य वजह आपका कार्य में व्यस्त होना हो सकता है...आगे पढ़ें

मिथुन


मंगल का गोचर 22 मार्च को आपकी राशि से द्वादश भाव में होगा तथा इसी दिन शुक्र देव का गोचर आपकी राशि से नवम भाव में होने से आप काफी खुश मिजाज रहेंगे और हर काम को जिंदा-दिली से करेंगे। हालांकि सप्तम भाव में उपस्थित शनि और केतु की युति आपके मानसिक तनाव को बढ़ाने का पूरा प्रयास करेगी, जिससे...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए सप्ताह अच्छा रहेगा और ग्रहों का योग आपको प्यार के मामले में खुशनसीब साबित करेगा। आप अपने प्रियतम के साथ जीवन के खुशनुमा पलों को बिताएंगे और अपने प्यार को...आगे पढ़ें

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कर्क


इस सप्ताह चन्द्रमा आपकी राशि में तथा उसके बाद द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ भाव में गोचर करेगा। इस दौरान आपका मन कुछ अशांत रह सकता है और किसी बात को लेकर आप मानसिक तनाव में आ सकते हैं। परिवार में कोई कार्य आपका ध्यान आकर्षित करेगा तथा...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- देव गुरु बृहस्पति की स्थिति आपके प्यार में अपनापन और आपसी समझ बढ़ाने में मदद करेगी और शुक्र तथा बुध की स्थिति से आप रोमांस के सागर में गोते लगाएंगे। लेकिन आप को मर्यादित आचरण करना चाहिए अन्यथा...आगे पढ़ें

सिंह


इस सप्ताह की शुरुआत से आपके ख़र्चें बने हुए रहेंगे वहीं धीरे-धीरे आपको इनसे निजात मिलेगी और आपकी आमदनी में वृद्धि होगी। इसके अलावा मंगल का गोचर 22 मार्च को आपकी राशि से दशम भाव में होगा, जिससे कार्यक्षेत्र में ज़बरदस्त सफलता आपको प्राप्त हो सकती है। इस दौरान यदि आपका कोई ट्रांसफर...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए सप्ताह अच्छा नहीं है इसलिए बेहतर होगा इस सप्ताह के बीत जाने का इंतजार करें। अपने प्रियतम से कम से कम मिले और बात भी सामान्य रूप से करें। साथ में किसी...आगे पढ़ें

कन्या


इस सप्ताह आपके खर्चें बढ़े रहेंगे और इन पर आप को नियंत्रण करना आवश्यक होगा ताकि आर्थिक स्थिति पर इसका कोई दुष्प्रभाव ना पड़े। पारिवारिक जीवन में अशांति बनी रह सकती है और कार्यक्षेत्र में अति व्यस्तता के चलते आप अपने परिवार को समय भी कम ही दे पाएंगे, जिसकी शिकायत...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- जो लोग प्यार के समुद्र में अपनी नाव लेकर उतरे हुए हैं उनके लिए यह सप्ताह मिले-जुले अनुभव लेकर आएगा। सप्ताह की शुरुआत में आपका प्यार परवान चढ़ेगा और अपने प्रियतम के साथ आप...आगे पढ़ें

तुला


इस सप्ताह चंद्रमा मुख्य रूप से आपके दशम, एकादश, द्वादश और प्रथम भाव में रहेगा। इसके परिणाम स्वरुप कार्यस्थल पर परिस्थितियाँ लगातार बदलती रहेंगी लेकिन आपको किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी बल्कि आपने जो मेहनत की है उसका फल आपको...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- बुध और शुक्र का मिश्रित प्रभाव पंचम भाव पर रहने से आप प्यार भरी मीठी-मीठी बातें करेंगे जिससे आपका प्रियतम बहुत खुश होगा और आपकी इन प्यारी बातों में आकर...आगे पढ़ें

वृश्चिक


इस सप्ताह ग्रहों के बदलाव के कारण आपको यात्रा करने के कई अवसर प्राप्त होंगे और भाग्य का पूरी तरह से आपको साथ मिलेगा। इसलिए आप जिस काम में भी हाथ डालेंगे सफलता आपके कदम चूमेगी। कार्य क्षेत्र में भी स्थिति आपके...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- सूर्य की पंचम भाव में उपस्थिति प्रेम जीवन के लिए अधिक अनुकूल नहीं कही जा सकती लेकिन बृहस्पति देव की पंचम भाव पर दृष्टि आपके प्यार को बढ़ाएंगे और...आगे पढ़ें

धनु


चंद्रमा के इस गोचर के परिणाम स्वरूप इस सप्ताह आप मानसिक चिंताओं से घिरे रह सकते हैं। अचानक से कुछ ऐसी घटनाएँ आपके जीवन में आ सकती हैं जिसकी अपने कल्पना नहीं की थी और वे आपको परेशान भी कर सकती हैं। ऐसी संभावना है कि आपके बनते हुए काम कुछ समय के लिए रुक जाएँ या...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए सप्ताह सामान्य रहने की संभावना दिखाई दे रही है क्योंकि पंचम भाव में मंगल आपको प्रेम संबंधों के लिए लालायित बनाएगा लेकिन यही जल्दबाजी आपको परेशानी में डालेगी क्योंकि...आगे पढ़ें


मकर


मंगल का गोचर 22 मार्च को आपकी राशि से पंचम भाव में होगा तथा इसी दिन शुक्र देव का गोचर आपकी राशि से द्वितीय भाव में होगा। इन ग्रहों के गोचर के प्रभाव से सप्ताह की शुरुआत में आपका मन अत्यधिक धार्मिक प्रभाव लिए हुए रहेगा और आप आत्मिक शांति की खोज करेंगे। इसके लिए आप...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए सप्ताह आपको भविष्य के बारे में सोचने के लिए मजबूर करेगा। आप अपने रिश्ते की गहराई को नापना चाहेंगे और यह जानना चाहिए कि क्या वास्तव में आप अपने प्रियतम के साथ खुश हैं और...आगे पढ़ें

कुंभ


इस सप्ताह व्यर्थ में आपका किसी से झगड़ा हो सकता है और आपके खर्चों में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि हो सकती है लेकिन सप्ताह के मध्य से स्थिति में सुधार आएगा और आपके खर्चें भी कम हो जाएंगे। कार्य क्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना होगी और आपके मान सम्मान में...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- यदि आप किसी प्रेम संबंध में है तो यह सप्ताह ग़लतफ़हमियाँ पैदा करने वाला साबित हो सकता है। राहु और शनि का मिश्रित प्रभाव आपके रिश्ते में टकराव का कारण बन सकता है ऐसे में कुछ समय के लिए...आगे पढ़ें

मीन


इस सप्ताह आपका मन बहुत सारी गतिविधियों में उलझा सा रहेगा और उचित समय पर सभी काम को निपटा पाना आपके लिए लगभग असंभव हो जाएगा। ऐसे में आपको किसी उचित मार्गदर्शक मित्र की आवश्यकता होगी जो आपकी सहायता कर सकते हैं। इसी दौरान मंगल का गोचर होने से...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- यदि आप पहले से ही प्रेम संबंध में है तो मान कर चलिए कि सप्ताह के मध्य तक का समय आपके लिए काफी अनुकूल रहने वाला है हालांकि उसके बाद कुछ समय के लिए आपके बीच दूरी आएगी यह दूरी किसी आवश्यक कार्य वश...आगे पढ़ें

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सूर्य का मीन राशि में गोचर (15 मार्च 2019)

सूर्य का मीन राशि में गोचर लेकर आ रहा है हर राशि वालों के लिए राज योग, आप भी कर लें तैयारी ! 


धार्मिक और ज्योतिषीय दोनों ही दृष्टि से समस्त सृष्टि के लिए सूर्य का विशेष महत्व बताया गया है। शायद इसी लिए पौराणिक शास्त्रों में सूर्य को सृष्टि की आत्मा भी कहा जाता है। क्योंकि सृष्टि को चलाने वाले एक प्रत्यक्ष देवता स्वंय सूर्य ही हैं। ज्योतिष शास्त्र में भी सूर्य देव को आत्मा, पिता, पूर्वज, सम्मान और उच्च सरकारी सेवाओं का कारक माना जाता है। यदि किसी जातक की कुंडली में सूर्य शुभ स्थिति में हो तो इससे जातक को मान-सम्मान और सरकारी सेवा में उच्च पद प्राप्त होता है। वहीं कुंडली में सूर्य के कमजोर होने से जातक को नेत्र संबंधी पीड़ा, पिता को कष्ट और पितृ दोष लगता है।

वैदिक ज्योतिष में सूर्य को सभी ग्रहों का प्रधान माना गया है। जहाँ ये सिंह राशि के स्वामी होते हैं तो वहीं नक्षत्रों में इन्हे कृतिका, उत्तरा-फाल्गुनी एवं उत्तरा षाढ़ा का स्वामित्व प्राप्त होता है। हिन्दू ज्योतिष में सूर्य ग्रह का राशि परिवर्तन अपने आप में बेहद महत्वपुर्ण घटना होती है। अर्थात जब सूर्य किसी राशि में प्रवेश करते हैं तो वह धार्मिक कार्यों के लिए बहुत ही शुभ समय हो जाता है। इस दौरान उन लोगों को आत्म शांति के लिए धार्मिक कार्यों आयोजित करने से तथा सूर्य की उपासना या सूर्य यंत्र स्थापित करने से विशेष फल मिलते है। इसी महत्ता को देखते हुए विभिन्न राशियों में सूर्य की चाल के आधार पर हिन्दू पंचांग की गणना की जाती है। इस कारणवश कई जातक सूर्य ग्रह की शांति के लिए माणिक्य रत्न धारण करते हैं। 

सूर्य गोचर का समय


सूर्य द्वारा स्थान परिवर्तन करने से हर राशि के जातकों पर भी इसका प्रभाव देखा जाता है। एक बार फिर जातकों को प्रभावित करते हुए सूर्य ग्रह 15 मार्च 2019, (शुक्रवार) को प्रातः 5 बजकर 36 मिनट पर कुंभ राशि से मीन राशि में अपना गोचर करेगा। जिसका असर सभी 12 राशि के जातकों पर पड़ेगा। सूर्य इस अवस्था में करीब एक माह तक रहेगा, जिसके बाद 14 अप्रैल 2019, रविवार को दोपहर 14.05 बजे मीन से मेष में अपना गोचर कर जाएगा। ऐसे में सूर्य ग्रह का ये गोचर कितने जातकों के भाग्य खोलेगा और कितनों की कुंडली में राज योग का निर्माण करेगा, चलिए अब उन प्रभावों पर डालते हैं एक नज़र…. 


यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। जानें चंद्र राशि कैल्कुलेटर से अपनी चंद्र राशि

मेष


सूर्य ग्रह का गोचर आपकी राशि से द्वादश भाव में होगा। इसीलिए अगर आप उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने की सोच रहे हैं तो आपको विदेश की किसी अच्छी यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का मौक़ा मिल सकता है। वहीं 12वें भाव में सूर्य की उपस्थिति से आपका स्वास्थ्य कुछ कमज़ोर रह सकता है। इस दौरान….आगे पढ़ें

वृषभ


इस अवधि में वृषभ राशि के जातकों की आय के स्रोतों में वृद्धि होगी और धन का आगमन होगा। यदि आपने किसी लोन के लिए आवेदन किया है तो उसमें आपको सफलता प्राप्त हो सकती है। सूर्य के प्रभाव से इस महीने आपको आपके कर्मों का फल लाभ के रूप में प्राप्त होगा, जो कि….आगे पढ़ें


मिथुन


गोचर की अवधि में सूर्य का प्रभाव आपके कार्य क्षेत्र पर मुख्य रूप से पड़ेगा। साथ ही आप अपने कार्यक्षेत्र में नए बदलावों को देखेंगे। करियर में आपको नई चीज़ों का अनुभव प्राप्त होगा। ऑफ़िस अथवा आप जहाँ कार्यरत हैं वहाँ आपका अच्छा कार्य आपके मान-सम्मान में वृद्धि करेगा….आगे पढ़ें

कर्क


कर्क राशि के जातकों के लिए यह गोचर कोई ऐसी उपलब्धि लेकर आ रहा है जो आपकी कल्पना से बाहर होगी। गोचर की अवधि में आप अपने गुरु या फिर गुरु समान व्यक्तियों से मिलेंगे जो आपका मार्गदर्शन करेंगे। उनके दिखाए हुए रास्ते पर चलने से आपको लाभ की प्राप्ति हो सकती है….आगे पढ़ें

सिंह


सूर्य आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर करेगा। जिससे आपको थोड़ी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। क्योंकि यह अवधि आपके लिए उतार-चढ़ाव से भरी होगी। साथ ही आपको इस दौरान अप्रत्याशित परिणाम भी प्राप्त होंगे। ये परिणाम सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह के हो सकते हैं….आगे पढ़ें

कन्या


इस गोचर से आपका वैवाहिक जीवन प्रभावित होगा। ख़ासकर इस दौरान आपको अपने जीवनसाथी के साथ मधुर संबंध बनाए रखने की कोशिश करनी होगी। उनकी भावनाओं को समझना होगा और उनकी कद्र भी करनी होगी। अगर आप दोनों के बीच किसी प्रकार की….आगे पढ़ें

तुला


इस गोचर के दौरान तुला राशि के जातकों को किसी भी ग़ैर क़ानूनी कार्य से ख़ुद को दूर रखना होगा। अन्यथा क़ानूनी विवाद में पड़ने से, आपका मान-सम्मान कम होगा और इसमें आपको आर्थिक हानि भी पहुँच सकती है। वैवाहिक जीवन में जीवनसाथी से किसी बात को लेकर झगड़ा हो सकता है। अगर इस झगड़े को काबू नहीं किया गया तो….आगे पढ़ें

वृश्चिक


वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर अनुकूल रहेगा।क्योंकि इस अवधि में आप धार्मिक कर्म कांडों में रुचि लेंगे। घर में पूजा पाठ भी हो सकता है। अगर आप किसी के साथ रिलेशनशिप में हैं तो प्रियतम के साथ आपको रोमांस करने का भरपूर मौक़ा मिल सकता है। आपको पूर्व जन्मों के आधार पर….आगे पढ़ें

धनु


सूर्य का गोचर आपकी माता जी के लिए अच्छा रहेगा। अगर वह किसी प्रकार की स्वास्थ्य परेशानी से जूझ रही हैं तो उनकी सेहत में सुधार होगा। माता जी के साथ आपके रिश्ते भी अच्छे स्थापित होंगे। अगर पहले से ही मनमुटाव है तो उसमें कमी आएगी। सूर्य के प्रभाव से….आगे पढ़ें

मकर


गोचर के दौरान छोटे भाई बहनों को उनके कार्य में सफलता मिलेगी। हालाँकि उनके साथ संवाद बना रहे इसका ध्यान भी आपको रखना होगा। अन्यथा उसके साथ आपकी सामंजस्यता कम हो सकती है। इसलिए ऐसी परिस्थिति न आए इसका ध्यान आपको रखना होगा। ज़रुरत पड़ने पर….आगे पढ़ें

कुंभ


कुंभ राशि के जातक गोचर की अवधि में स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें। क्योंकि ख़ासकर आपको फूड प्वॉइजन की शिकायत हो सकती है। इसलिए ताज़ा खाना ही खाए, बाहर की चीज़ें न खाए। अपनी सेहत को प्राथमिकता दें, क्योंकि अगर आप सेहतमंद रहेंगे तो आप प्रत्येक चुनौतीपूर्ण कार्य को करने में सक्षम होंगे। साथ ही….आगे पढ़ें

मीन 


मीन राशि के जातकों के लिए सूर्य का ये गोचर बेहद मंगलमय रहने वाला है। क्योंकि गोचर की अवधि में आपके बौद्धिक कौशल में जबरदस्त बदलाव देखने को मिल सकता है। आपके विचारों में गहराई आएगी और आपके सोचने का दायरा भी बढ़ेगा। जीवन में आप तरक्की करेंगे। सेहत की दृष्टि से ये गोचर….आगे पढ़ें


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वक्री बुध का कल कुंभ राशि में होगा गोचर, पढ़ें राशिफल !

बना अजब संयोग, वक्री बुध ने किया मीन से कुम्भ राशि में गोचर। पढ़ें इस परिवर्तन का आपके जीवन पर क्या होगा असर?


बुध ग्रह को बुद्धि, तर्क शक्ति, गणित, अनुसंधान, सांख्यिकी और यात्रा का कारक माना जाता है। वैदिक ज्योतिषी में यूँ तो सामान्यतः ज्यादातर ग्रहों का वक्री होना शुभ नहीं माना जाता है लेकिन ये माना जाए कि वक्री ग्रह हमेशा अशुभ परिणाम देते हैं तो ये भी सही नहीं होगा। क्योंकि कभी-कभी ग्रहों का वक्री होना भी जातकों के लिए अत्यंत लाभकारी होता है।

बुध ग्रह की बात करें तो उनका उत्तर दिशा पर अपना अधिपत्य होता है और अश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती इनके मुख्य नक्षत्र माने जाते हैं। इसके साथ ही सूर्य, शुक्र और राहु इनके मित्र ग्रह हैं तो वहीं चंद्रमा इनके शत्रु होते है। इसके अलावा इनका वक्री और मार्गी होना काफी महत्वपूर्ण परिवर्तन लेकर आता है क्योंकि इसका सीधा प्रभाव हमारे तर्क शक्ति, व्यापार और संवाद शैली पर पड़ता है। इन्ही के प्रभावित होने से जातक के जीवन में विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होने की संभावना रहती है। बुध कन्या राशि में उच्च का तो मीन में ये नीच का होता है। जिसके परिणामस्वरूप कन्या राशि में बुध ग्रह सबसे ज्यादा बलशाली होने से जातकों को अच्छे फल देता है। वहीं दूसरी ओर अपनी नीच राशि मीन में इसके पीड़ित और कमज़ोर होने पर जातकों को दुष्परिणाम प्राप्त होते हैं। ऐसी स्थिति में ज्योतिषी जातकों को पन्ना अथवा चार मुखी रुद्राक्ष पहनने की सलाह देते है।


वक्री बुध का गोचर समय


अब यही भाषा, बुद्धि, त्वचा और मानसिक शक्ति का कारक बुध ग्रह 5 मार्च 2019 दिन मंगलवार से मीन राशि में अपनी वक्री गति प्रारंभ कर चूका है जिनका इसी वक्री अवस्था में 15 मार्च 2019 दिन शुक्रवार को प्रातः 9 बजे कुंभ राशि में प्रवेश होगा। इसके बाद 28 मार्च 2019, गुरूवार से यह अपनी मार्गी गति प्रारंभ करते हुए 12 अप्रैल 2019, शुक्रवार को पुनः मीन राशि में प्रवेश करेगा। इस प्रकार बुध ग्रह अपनी स्थिति में लगातार बदलाव करते रहेगा और उनका प्रभाव जातकों को वक्री ग्रह के रूप में प्राप्त होगा। 

तो आइए जानते हैं कि वक्री बुध के कुम्भ राशि में गोचर का आपकी राशि पर क्या विशेष प्रभाव पड़ेगा और इस गोचर के दौरान आपको किस प्रकार के शुभा-शुभ परिणामों की प्राप्ति होगी?


यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि।

मेष


वक्री बुध का गोचर आपकी राशि से एकादश भाव में होगा। जिसके प्रभाव के कारण इस दौरान आपकी योजनाएं फलीभूत होगी और आपको विशेष प्रकार से धन लाभ होगा। पिछले कुछ समय से चली आ रही समस्याओं का अंत हो जाएगा और आप आर्थिक समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ेंगे। हालांकि इस दौरान आपको….आगे पढ़ें

वृषभ


वक्री बुध अपने इस गोचर के दौरान आपकी राशि से दशम भाव में प्रवेश करेंगे। इस दौरान शेयर बाजार के माध्यम से आपको ज़बरदस्त लाभ मिल सकता है। हालांकि वक्री बुध की स्थिति के कारण धन का निवेश बहुत ही सोच-समझकर करें और इस क्षेत्र के किसी जानकार की मदद लें। अन्यथा….आगे पढ़ें

मिथुन


वक्री बुध ग्रह के गोचर के दौरान घर में कोई धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हो सकता है अथवा आप लोग तीर्थाटन के लिए किसी तीर्थ स्थल पर परिवार सहित जा सकते हैं। आपके मान सम्मान में वृद्धि होगी और आर्थिक रुप से भी समृद्धि आएगी, क्योंकि इस गोचर के दौरान आपको अच्छा मुनाफा प्राप्त होगा….आगे पढ़ें

कर्क


वक्री बुध का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में प्रभावी होगा। इससे आपको छोटी-छोटी बात पर गुस्सा आ सकता है जिसकी वजह से जीवन में संघर्ष बढ़ सकता है। इसलिए आपको अपने गुस्से पर नियंत्रण रखना होगा और किसी भी प्रकार के षड्यंत्र में शामिल होने से बचना होगा अन्यथा….आगे पढ़ें

सिंह


वक्री गोचर के चलते कार्यक्षेत्र में आपकी सफलता के जबरदस्त योग बनेंगे और लंबे समय से अटका हुआ प्रमोशन मिल सकता है। आपको अपने कार्यक्षेत्र में पदोन्नति की सौगात भी मिल सकती है। इस दौरान आपकी सुख सुविधाओं में वृद्धि होगी और यदि आप….आगे पढ़ें

कन्या


वक्री बुध का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में होगा। जिससे आपको स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। यदि आपने पहले से कोई कर्ज लिया हुआ है तो उसको चुकाने में आपको परेशानी आएगी और यदि आप कोई नया कर्ज लेना चाहते हैं तो उसके लिए आपको काफी पापड़ बेलने पड़ेंगे। हालांकि इस दौरान आपको….आगे पढ़ें


तुला


बुध के इस गोचर से आपको अनेक ऐसी अवांछनीय यात्राएँ करनी पड़ सकती हैं जिनके बारे में अपने पहले से कोई विचार नहीं किया होगा। इसके अतिरिक्त आपकी आमदनी में वृद्धि होगी तथा आय के साधन सुलभ होंगे हालांकि दूसरी ओर आपके ख़र्चे भी बढ़ेंगे। आप बाल की खाल निकालने का प्रयास करेंगे और इस वजह से….आगे पढ़ें

वृश्चिक


इस गोचर के परिणाम स्वरुप आपको लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से मुक्ति मिलेगी और आप सुकून की सांस ले पाएंगे। आपको अपने मन की भावनाएं व्यक्त करनी चाहिए और जिन्हे आप प्रेम करते हैं या जो आपके काफी निकट है उनसे….आगे पढ़ें

धनु


इस गोचर के कारण आपके अंदर गजब का उत्साह देखने को मिलेगा और आप छोटी दूरी की यात्राएँ कर सकते हैं। आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी तथा आप अपनी कार्य कुशलता का पूरा फायदा उठाएंगे। इस दौरान आपके खर्चों में वृद्धि होगी लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि आपकी आमदनी….आगे पढ़ें

मकर


वक्री बुध का ये गोचर आपको आंखों से संबंधित रोग दे सकता है तथा आपको अव्यवस्थित खान पान के कारण शारीरिक समस्या भी उत्पन्न हो सकती हैं। परिवार में किसी बात को लेकर ग़लतफ़हमियाँ उत्पन्न हो सकती हैं तथा आपको अपनी बातों को तोल मोल कर ही आगे बढ़ाना होगा नहीं तो जरा सी बात….आगे पढ़ें

कुंभ


वक्री बुध का गोचर आपकी राशि में ही होगा। इस दौरान आप अपने कार्यस्थल पर अधिक व्यस्त रहेंगे और उसका प्रभाव आपके निजी जीवन पर पड़ सकता है। लेकिन दूसरी ओर आपकी यह व्यस्तता आपको उम्मीद से अधिक मुनाफ़ा दिलाएगी। हालांकि हमारी सलाह है कि….आगे पढ़ें

मीन 


वक्री बुध ग्रह के गोचर के समय अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए आप स्वयं को विभिन्न कार्यों में व्यस्त रखें। इस दौरान आपके ख़र्चों में भी वृद्धि होगी और विदेश जाने की संभावनाएं भी पैदा होंगी। अपने जीवन साथी के स्वास्थ्य का विशेष रूप से ध्यान रखें क्योंकि….आगे पढ़ें

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Election 2019 - नरेंद्र मोदी Vs राहुल गाँधी चुनाव भविष्यवाणी

2019 लोकसभा चुनाव- राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी की कुंडली से जानें कौन होगा किस पर भारी !


लोकसभा चुनाव शुरू होने से पहले ही देश में राजनीतिक चर्चाएँ शुरू हो गई हैं और इसके साथ ही अगले चुनाव में किसकी जीत होगी और किसकी हार, इसको लेकर भी रोज़ नए-नए कयास लगाए जा रहे है। इस मामले में लोगों की अपनी अपनी राय है कुछ लोग वर्तमान प्रधानमंत्री को ही अगला प्रधानमंत्री देखना चाहते हैं तो वहीं कुछ लोग इस बार कांग्रेस को मौक़ा देने की बात कर रहे हैं। लेकिन वास्तविक तस्वीर क्या होगी और किसको जनता का मिलेगा साथ इसका पता तो चुनावी नतीजों के बाद ही चलेगा। 

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सबसे पहले हम जान लेते हैं दोनों के जन्म का विवरण:

नाम: नरेंद्र मोदी

जन्म तिथि: सितंबर 17, 1950

जन्म समय: 11:0:0

जन्म स्थान: मेहसाणा



नाम: राहुल गांधी 

जन्म तिथि: जून 18, 1970

जन्म समय: 21:52:00

जन्म स्थान: दिल्ली



साल 2019 में पीएम पद के दो मुख्य दावेदार जनता को लुभाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं।जिनमें कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी और भाजपा की तरफ से स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मैदान में उतर रहे हैं। और आज हम इनको लेकर ही ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर किसकी कुंडली में रहा है सत्ता सुख का योग। 

नरेंद्र मोदी के पांच साल का रिकॉर्ड


नरेंद्र मोदी के पांच साल के कार्यकाल के दौरान देश ने कई परिवर्तन होते देखे। अपने फैसलों से पीएम मोदी ने जनता को कई बार चौंकाया। भले ही वो नोटबंदी का फैसला हो, या जीएसटी लागू करने का फैसला। इसके साथ ही देश के शहीदों की शाहदत का बदला लेने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के उनके फैसले ने तो ये साफ़ ही कर दिया कि वो कड़े फैसले लेने में पीछे नहीं हटते। इन्ही को आधार बनाकर इस वक्त 2019 के लोकसभा चुनावों में जीत दर्ज करने के लिए पीएम मोदी और उनकी पार्टी प्रयासरत हैं। 

राहुल गांधी के जरिये कांग्रेस की होगी सत्ता वापसी?


वहीं अगर 2014 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो उसमें हारने के बाद कांग्रेस 2019 के चुनावों में वापसी के लिए हर मुमकिन प्लानिंग कर रही है। कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी भी अब अपने नए अवतार में राजनीति के प्रखर नेताओं की भांति नज़र आ रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए बीते कुछ समय में उन्होंने अपनी छवि को सुधारने की ओर काम किया। और गुजरात विधानसभा चुनावों व मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में उन्होंने अपनी सक्रियता दिखाई और शायद एक वजह यह भी रही कि दोनों ही प्रदेशों में कांग्रेस को अच्छा फायदा मिला। हालांकि 2019 लोकसभा चुनावों में कांग्रेस जीत दर्ज करती है तो प्रधानमंत्री पद के लिए कोई स्पष्ट चेहरा अभी पार्टी के सामने नहीं है फिर भी सबसे ज्यादा संभावनाएं हैं कि राहुल गांधी को ही पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री बनाया जाएगा। 

भारत में चुनाव लोकतांत्रिक पर्व है तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि 2019 लोकसभा चुनाव में ज्योतिष के आधार पर किसके सिर सज सकता है ताज, और क्या कहते हैं राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी के सितारे ? 

क्या कहते हैं लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान नरेंद्र मोदी के सितारे 


हमारे ज्योतिषी विशेषज्ञों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी की कुंडली में 26 मार्च 2019 से मंगल की प्रत्यंतर दशा शुरू होगी जोकि अंतर्गत है चंद्र की महादशा और शुक्र की अंतर्दशा में। 1 मई के बाद भी चंद्रमा और शुक्र की महादशा और अंतर्दशा जारी रहेगी लेकिन मंगल की जगह राहु की प्रत्यंतर दशा शुरू हो जाएगी जोकि 2 अगस्त 2019 तक चलेगी।

क्या नीच भंग राज योग दिलाएगा नरेंद्र मोदी को सफलता ? 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली को देखें तो वर्तमान में नीच भंग राज योग उनके लग्न में स्थित है। उनके लग्न को देखकर पता चलता है कि उनकी आने वाली ज़िंदगी में भी उन्हें सफलताएँ मिलेंगी। नरेंद्र मोदी की कुंडली में चंद्रमा नीच होकर भी प्रबल अवस्था में है जो उन्हें हर परेशानी से बचा कर निकाल देगा। चूँकि चंद्रमा मन का कारक होता है और पीएम मोदी की कुंडली में यह प्रबल अवस्था में है इसलिए इस समय उनकी मन की अवस्था प्रबल है और इसके चलते वो बड़े से बड़े काम को करने में भी विचलित नहीं होते हैं। कई बार उनके फैसले ऐसे होते हैं जिनकी वजह से उनको आलोचनाएं सहनी पड़ती हैं लेकिन इन आलोचनाओं को भी वो आसानी से संभाल लेने में समर्थ है। 

क्या कहती है शुक्र की अंतर्दशा ?


नरेंद्र मोदी की अंतर्दशा शुक्र की है। शुक्र ग्रह इंसान के अंदर राजसी गुणों को बढ़ाता है। नरेंद्र मोदी के कुंडली में शुक्र ग्रह दशम भाव में बैठा हुआ है जिसे हम कर्म भाव भी कहते हैं। कर्म भाव में शुक्र की स्थिति इंसान के स्वभाव को बहुत बल देती है और ऐसा इंसान मुश्किल परिस्थितियों में भी अपना सर्वश्रेष्ठ दे पाता है। ऐसे लोगों में अपनी वाणी को सही तरीके से इस्तेमाल करने की अच्छी क्षमता होती है और यह गुण पीएम मोदी में भी है। 

चूँकि लोकसभा के चुनाव इस साल अप्रैल और मई में 7 चरणों में होंगे। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी की प्रत्यंतर दशा बदल जाएगी जोकि मंगल से राहु की हो जाएगी। 

पीएम मोदी की कुंडली में प्रत्यंतर दशा का प्रभाव


पीएम मोदी की कुंडली में मंगल लग्न में चंद्रमा के साथ स्थित होकर एक राजयोग का निर्माण कर रहा है। चूँकि पीएम मोदी की कुंडली में मंगल लग्न में है इसलिए इसे शशि मंगल योग कहा जाता है। क्योंकि यह योग लग्न में हो रहा है इसलिए पीएम को जीवन के कई पहलुओं में इस दौरान अच्छे फल मिलेंगे। जिससे उनकी बातों को लोग अच्छे से समझ पाएंगे। ऐसा भी हो सकता है कि इस दौरान विपक्ष के कुछ नेता भी उनकी बातों से प्रभावित होकर पार्टी बदल लें। पार्टी में चल रही कलहों को भी वो इस दौरान सुलझा लेंगे और सबको एक साथ लेकर आगे बढ़ेंगे। हालांकि 1 मई से राहु की प्रत्यंतर दशा के शुरू होने के कारण इस दौरान उनकी अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं से उनका मतभेद हो सकता है लेकिन इससे ज्यादा नुक्सान होने की संभावना नहीं है और पूरे परिदृश्य में देखा जाए तो चुनावों के दौरान इससे फायदा ही होगा। 

क्या कहते हैं लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान राहुल गांधी के सितारे 


राहुल गांधी की महादशा मंगल की, अंतर्दशा बृहस्पति की और प्रत्यंतर दशा चंद्रमा की है जो कि 17 मार्च 2019 से 15 अप्रैल 2019 तक रहेगी। इसके बाद 15 अप्रैल 2019 से 5 मई 2019 तक मंगल और बृहस्पति की महादशा और अंतर्दशा के साथ मंगल की प्रत्यंतर दशा चलेगी। 5 मई 2019 से 26 जून 2019 तक मंगल और बृहस्पति की महादशा और अंतर्दशा के साथ ही राहु की अंतर्दशा चलेगी। 


कुंडली में बन रहे सूर्य- मंगल अंगारक दोष का चुनावों में दिखेगा असर 


राहुल गांधी की कुंडली में मंगल, सूर्य के साथ लग्न में स्थित है। मंगल और सूर्य की युति सूर्य-मंगल अंगारक दोष का निर्माण कर रही है। इस दोष की वजह से इंसान को ज़िंदगी में कई बाधाओं का सामना करना पड़ता है। यही वजह है कि कांग्रेस का अध्यक्ष होने के बावजूद भी उनकी ही पार्टी के कई लोग उनके नेतृत्व को पसंद नहीं करते। मंगल पर शनि की दृष्टि होने की वजह से राहुल की ज़िंदगी में लगातार बाधाएं आने की भी संभावना हैं। 

अगर राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी के महादशा ग्रहों का आकलन किया जाए तो राहुल की महादशा पीएम मोदी की महदशा से कमजोर दिखाई दे रही है। 

क्या कहती है बृहस्पति की अंतर्दशा ?


राहुल की अंतर्दशा का स्वामी बृहस्पति भी अच्छी अवस्था में नहीं है क्योंकि इस पर शनि का प्रभाव पड़ रहा है और यह राहु के साथ नवपंचम दोष बना रहा है। शनि और राहु दोनों ही राहुल गांधी के लिए हानिकारक हैं। शनि के प्रभाव से हो सकता है कि राहुल गांधी राजनीतिक मोर्चे पर उतने सक्रीय न हो पाएँ जितना उनसे उम्मीद की जाती है। उनका रवैया थोड़ा ढुलमुल हो सकता है जिसके कारण उनकी पार्टी के लोगों को ही उनसे परेशानी होगी। 

चंद्रमा और राहु की स्थिति से राहुल गांधी को होगा फायदा


राहुल गांधी की कुंडली में 17 मार्च से 26 जून तक चंद्रमा, मंगल और राहु की प्रत्यंतर दशाएं चलेंगी। चंद्रमा कुंडली के छठे घर में नीच अवस्था में है और इससे भी राहुल गांधी को समस्याओं का सामना करना पड़ेगा लेकिन दुर्बल ग्रह छठे घर में अच्छा प्रभाव देते हैं और चंद्रमा माता का कारक है इसलिए सोनिया गांधी, राहुल गांधी को विपरीत हालत से बाहर निकालने में कामयाब हो सकती हैं। साथ ही सोनिया गांधी की सलाह पाकर राहुल कोई सही और बड़ा फैसला भी ले सकते हैं। ऐसे में प्रत्यंतर दशा को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में सोनिया गांधी की वजह से राहुल को फायदा होगा। 

राहुल गांधी की कुंडली में राहु अच्छी स्थिति में है क्योंकि राहु कुंभ राशि में विराजमान है इसलिए लोकसभा चुनावों में हो सकता है कि कई छोटी-छोटी सफलताएँ उनको मिलें। हालांकि बड़ी सफलता प्राप्त करने के लिए उनको कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। जिस प्रकार से राहुल गांधी इन दिनों राजनीति में सक्रीय हैं उनको देखते हुए लगता है कि इस बार लोकसभा चुनाव जीतने के लिए वो पूरा जोर लगा सकते हैं। 

राहुल-मोदी की कुंडलियों में योग 


नरेंद्र मोदी की कुंडली में शक्तिशाली शशि मंगल योग और बुधादित्य योग विराजमान है जो राजनीतिक सफलता के लिए शुभ है। इसलिए हो सकता है कि इस बार भी उनकी पार्टी बिना गंठबंधन के सरकार बना ले और एक बार फिर नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बन जाएं। 

राहुल गांधी की कुंडली में धर्म-कर्म अधिपतियोग है लेकिन इस योग में शनि नीच अवस्था में है इसलिए इस योग के अच्छे प्रभाव राहुल गांधी को नहीं मिल पाएंगे। हालांकि इसके बावजूद भी राहुल गांधी इन चुनावों में सामान्य से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। 

निष्कर्ष:


राहुल गांधी और पीएम मोदी की कुंडलियों का अवलोकन करके ये बात तो साफ़ हो चली है कि राहुल गांधी की कुंडली में उतने अच्छे योग नहीं है जितने कि पीएम मोदी की कुंडली में हैं। राहुल की महादशा और अंतर्दशा भी पीएम मोदी की महादशा और अंतर्दशा से दुर्बल है। जहाँ राहुल गांधी की प्रत्यंतर दशा अच्छी है और इसका फायदा उनको चुनावों के दौरान मिलेगा वहीं पीएम मोदी की प्रत्यंतर दशा अच्छी नहीं है और इसी के कारण उनको चुनावों में इस बार थोड़ी बहुत चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कुल मिलाकर कहा जाए तो सितारों की चाल बताती है कि पीएम मोदी इस बार भी भारत के प्रधानमंत्री बन सकते हैं जबकि राहुल गांधी को पीएम पद पर बैठने के लिए भाग्य से ज्यादा अपने कर्मों का सहारा लेना पड़ेगा। 

उम्मीद है हमारे यह लेख आपको पसंद आया होगा। हम आपके मंगल भविष्य की कामना करते हैं।
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