पौष पूर्णिमा 2019 व्रत विधि और महत्व !

कल है साल 2019 की पहली पौष पूर्णिमा। इस प्रकार स्नान और दान करने से आपको भी मिलेगा लाभ !

पौष महीने का अंतिम दिन हिन्दू कैलेंडर के अनुसार पूर्णिमा का होता है और इस दिन महास्नान करना हर जीव के लिए बेहद शुभ माना गया है। पौष पूर्णिमा के इस पवित्र दिन पर दुनिया भर में लोग पवित्र नदियों में स्नान या डुबकी लगाते है। चूकि शास्त्रों में पौष का महीना सूर्यदेव का माना जाता है और वहीं पूर्णिमा की तिथि चंद्रमा की तिथि होती है। ऐसे में जब सूर्य और चंद्रमा का यही अद्भुत संयोग बनता हैं तो उसे हम ज्योतिष शास्त्रों में पौष पूर्णिमा कहते है। मान्यता हैं कि इस दिन सूर्य और चंद्र की उपासना कर कोई भी व्यक्ति अपनी तमाम मनोकामनाएं पूरी कर सकता है।


पूर्णिमा यानि “पूर्णो मा” जिसमें मास का अर्थ होता है चंद्र। अर्थात जिस दिन चंद्र देव अपने पूर्ण आकार में होते है तो उसी दिन को पूर्णिमा कहा जाता है। अगर कभी आपने गौर किया होगा तो पाया होगा कि हर माह की पूर्णिमा पर कोई न कोई त्योहार अवश्य होता है। लेकिन पौष और माघ माह की पूर्णिमा का हर शास्त्र में हमेशा से ही अपना एक अलग ही अत्यधिक महत्व रहा है। विशेषकर उत्तर भारत के राज्यों में हिन्दू धर्म के लोगों के लिए यह बहुत ही खास दिन होता है। 

2019 में पौष पूर्णिमा


पौष पूर्णिमा व्रत मुहूर्त New Delhi, India के लिए

जनवरी 20, 2019 को 14:20:20 से पूर्णिमा आरम्भ
जनवरी 21, 2019 को 10:47:11 पर पूर्णिमा समाप्त



वर्ष 2019 में रविवार 20 जनवरी को 14:20:20 बजे से पूर्णिमा आरम्भ हो रही हैं। जो अगले दिन सोमवार, 21 जनवरी 2019 को 10:47:11 पर समाप्त होगी। इसलिए आप भी इस पवित्र माह का स्वागत करने वाली इस मोक्षदायिनी पूर्णिमा पर भगवान की अराधना व इस दिन किसी भी पवित्र नदी में स्नान ध्यान, दान आदि से पुण्य कमा सकते है। 

पौष पूर्णिमा का महत्व


पौष माह की पूर्णिमा, पौष पूर्णिमा को मोक्ष दिलाने वाली सबसे शुभ तिथि के रूप में देखा जाता रहा है। क्योंकि इसके बाद ही माघ महीने की शुरुआत होती है। इसके अलावा माघ महीने में किए जाने वाले स्नान की शुरुआत भी पौष पूर्णिमा की शुभ तिथि के साथ ही हो जाती है। इसलिए प्राचीन काल से ही ये मान्यता है कि जो कोई भी इस दिन विधिपूर्वक प्रात:काल स्नान और व्रत करता है वह सीधे-सीधे मोक्ष का अधिकारी हो जाता है। उसे इस धरती पर जन्म-मृत्यु के चक्कर से हमेशा-हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है। अर्थात उसको मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। चूंकि माघ माह को बेहद शुभ व इसके प्रत्येक दिन को सबसे ज्यादा मंगलकारी माना गया है इसलिए इस दिन जो भी कार्य आरंभ होते है उसका फल हमेशा अच्छा और जल्दी मिलता है। इस ख़ास दिन पर स्नान के पश्चात अपनी इच्छा अनुसार दान करने का भी महत्व देखा गया है। 

साल 2019 में क्या कहते हैं आपके सितारे? जानने के लिए पढ़ें: राशिफल 2019 

स्नान, दान और व्रत का महत्व 


क्योंकि पौष पूर्णिमा से ही माघ स्नान शुरू हो जाता हैं इसलिए माघ महीने में सभी पवित्र नदियों में स्नान का और इस ख़ास दिन व्रत रखने का शास्त्रों में भी विशेष महत्व बताया गया है। माना गया है कि मृत्युलोक में जिन्हें स्वर्गप्राप्ति की इच्छा होती है, वो यदि इस शुभ माघ के पूरे महीने नदियों में स्नान करें अथवा इस दिन मुहूर्त अनुसार व्रत करें तो उनकी ये इच्छा ज़रूर पूरी होती है। 


पौष पूर्णिमा व्रत और सही पूजा विधि


हमने पहले ही आपको बताया कि पौष पूर्णिमा पर स्नान, दान, जप और व्रत करने से व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है और उसे मोक्ष मिलता है। इस ख़ास दिन पर व्रत और स्नान के अलावा सूर्य देव की आराधना का भी विशेष महत्व होता है। तो आइये जानते हैं पौष पूर्णिमा की व्रत और पूजा विधि: 
  • पौष पूर्णिमा के दिन प्रातःकाल स्नान करने से पहले व्रत करने का संकल्प लें।
  • अपने आस-पास मौजूद किसी भी पवित्र नदी या कुंड में स्नान करें। 
  • नदी में स्नान से पूर्व वरुण देव को प्रणाम करना बिलकुल न भूले। 
  • स्नान के पश्चात सूर्य मंत्र का भी उच्चारण करते हुए पवित्रता के साथ सूर्य देव को अर्घ्य दे। 
  • इस दौरान व्यक्ति को स्नान से निवृत्त होकर भगवान मधुसूदन की पूजा करते हुए उन्हें नैवेद्य अर्पित करना बेहद शुभ होता है। 
  • इसके बाद किसी भी गरीब व्यक्ति या ब्राह्मण को भोजन करा कर दान-दक्षिणा दे। 
  • इस दिन दान में तिल, गुड़, गर्म वस्त्र और कंबल देना विशेष रूप से लाभकारी माने गए है। 

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कल बुध करने जा रहा हैं अपना स्थान परिवर्तन

बुध करेगा मकर में गोचर जिसका 12 राशियों पर पड़ेगा बेहद अजीबो-गरीब प्रभाव। अगर आपकी भी हैं ये राशि तो समय रहते हो जाए सावधान !

हिन्दू शास्त्रों में बुध ग्रह को विशेष रूप से बुद्धि और वाणी का कारक माना जाता रहा है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में बुध हो तो इसके शुभ प्रभाव से वो व्यक्ति बुद्धिमान होता है जिसका अपनी वाणी पर बेहतर नियंत्रण होता है। ऐसे लोग ज्यादातर अच्छे वक्ता होते हैं। इसके साथ ही जिन भी जातकों का प्रधान ग्रह बुध होता है उनके लिए संसार के ज्ञान से बढ़कर कोई धन नहीं होता है। यह लोग विशेष रूप से संगीत प्रिय होते हैं जो अपनी मधुर वाणी से सबका मन मोह लेने की क्रिया जानते है। बुध प्रधान राशि के लोग आमतौर पर डॉक्टर, वकील, व्यापारी और अर्थशास्त्र आदि क्षेत्रों में अधिक कुशलता रखते हैं। चूकि बुध को त्वचा का कारक भी माना जाता है इसलिए जिस भी राशि में बुध बलशाली होता है उस व्यक्ति की त्वचा अच्छी रहती है। अथवा राशि में इसके निर्बल होने की वजह से जातक को त्वचा संबंधी परेशानियां होने लगती हैं।


बुद्धि, वाणी और तर्कशक्ति का कारक बुध ग्रह इस वर्ष 20 जनवरी 2019, रविवार को रात्रि 20:54:30 बजे धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेगा। जिसका प्रबल प्रभाव हर राशि के जातक को झेलना होगा। बुध के इस गोचर से आइये जानते हैं कि आपकी राशि पर क्या प्रभाव होगा।


यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष


बुध के मकर राशि में गोचर के दौरान, बुध आपके दसवें भाव में विराजमान होंगे। आपकी राशि में बुध की ये स्थिति साफतौर पर दर्शाती है कि इस दौरान कार्यक्षेत्र में आपके काम को सराहा जाएगा और आप दूसरों के बीच प्रशंसा के पात्र बनेंगेआगे पढ़ें 

वृषभ


इस गोचर के दौरान बुध आपके नवम भाव में स्थित होगा। आपकी राशि में बुध की ये स्थिति, आर्थिक पक्ष में होने वाले लाभ को दर्शाती है। लिहाजा इस गोचर के दौरान आपका आर्थिक पक्ष मजबूत बना रहेगा और आपको धन से संबंधितआगे पढ़ें 

मिथुन


बुध के इस गोचर के दौरान बुध ग्रह आपके आठवें भाव में विराजमान होगा। बुध का आपकी राशि के आठवें भाव में विराजमान होना आपके लिए सेहत की दृष्टिकोण से नुकसानदेह साबित हो सकता है। इस दौरान आपको अपनी सेहतआगे पढ़ें 


कर्क


मकर राशि में बुध के गोचर होने से ये आपके सातवें भाव में विराजमान होगा। बुध का आपकी राशि के सातवें भाव में विराजमान होना ये दर्शाता है कि आपको इस दौरान विदेशी श्रोत से लाभ प्राप्त हो सकता है या फिर विदेश से कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकती हैआगे पढ़ें 


सिंह


बुध के इस गोचर के दौरान बुध आपके छठे भाव में विराजमान होगा। आपकी राशि में बुध की ये स्थिति आपको आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचा सकती है। आर्थिक रूप से देखा जाए तो आपके लिए ये समय शुभ नहीं है। लिहाजा यदि इस वक़्त आपआगे पढ़ें 

कन्या


बुध के मकर राशि में गोचर करने से ये आपकी राशि के पांचवें भाव में स्थित होगा। आपकी राशि में बुध की ये स्थिति ख़ासतौर से विद्यार्थियों को विशेष लाभ प्रदान करेगा। इस समय आपके द्वारा की गई मेहनत का परिणाम आपको जरूर मिलेगा और आप अच्छा प्रदर्शन भी कर पाएंगेआगे पढ़ें 

सूर्य की स्थिति से कैसे बनता है कुंडली में पितृ दोष, पढ़े: पितृ दोष निवारण के उपाय

तुला


बुध ग्रह का मकर राशि में गोचर के दौरान बुध आपकी राशि के चौथे भाव में विराजमान होंगे। आपके चौथे भाव में बुध की ये स्थिति होने से पारिवारिक जीवन सुखमय बीतेगा और जीवन में सुख शांति आएगी। इस दौरान यदि आप घर बदलने या फिर नए घर का निर्माण करने की सोच रहें हैं तोआगे पढ़ें 


वृश्चिक


बुध के इस गोचर के दौरान ये ग्रह आपकी राशि के तीसरे भाव में स्थित होगा। आपकी राशि में बुध की ये स्थिति ख़ास ऊर्जा के संचरण की तरफ इशारा करती है। इस दौरान आप अपने लक्ष्य की तरफ अपना सारा ध्यान दे पाएंगे और सफलता के नए पैमाने भी निश्चित कर पाएंगेआगे पढ़ें 

धनु


मकर राशि में होने वाला बुध का गोचर धनु राशि के जातकों के लिए लाभदायक साबित हो सकता है। इस दौरान बुध आपकी राशि के दूसरे भाव में विराजमान होगा। बुध का आपके दूसरे भाव में विराजमान होना आपके लिए कार्यस्थल पर होने वाले लाभ को दर्शाता हैआगे पढ़ें 

मकर


चूँकि बुध का गोचर आपकी राशि में हो रहा है इसलिए बुध आपके प्रथम भाव या लग्न भाव में स्थित होगा। आपकी राशि के प्रथम भाव में बुध की उपस्थिति विशेष रूप से आपके सामाजिक मान सम्मान और पद प्रतिष्ठा में बढ़ोत्तरी के संकेत देती हैआगे पढ़ें 

साल 2019 में क्या कहते हैं आपके सितारे? जानने के लिए पढ़ें: राशिफल 2019 

कुंभ


बुध का मकर राशि में गोचर होने से ये आपकी राशि के बारहवें भाव में विराजमान होगा। बुध का ये गोचर खासतौर से छात्रों के लिए विशेषरूप से लाभदायक साबित होगा। वो छात्र जो लंबे वक़्त से उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाकर पढ़ाई करने की योजना बना रहे थे उन्हेंआगे पढ़ें 

मीन


इस गोचर के दौरान बुध ग्रह आपके ग्यारहवें भाव में स्थित होगा। बुध का आपकी राशि के ग्यारहवें भाव में स्थित होना आपके वैवाहिक जीवन में खुशियों की तरफ इशारा करता है। गोचर की इस अवधि के दौरान जीवनसाथी के साथ आपआगे पढ़ें 

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कल मकर संक्रांति पर होगा कुंभ का पहला शाही स्नान !

मकर संक्रांति पर आप भी करें कुंभ का पहला स्नान, खुल जायेगी सोती किस्मत और खुद चलकर आपके घर आएंगी माँ लक्ष्मी !


हिंदू पंचांग में मकर संक्रांति को एक प्रमुख पर्व माना गया है। भारत के अलग-अलग राज्यों में इस पर्व को अपनी-अपनी स्थानीय एवं पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मनाया जाता है। ये देखा गया है कि हर वर्ष आमतौर पर मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाती है। क्योंकि इस दिन सूर्य उत्तरायण होता है, जबकि उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर मुड़ जाता है। और इसी स्थिति में ज्योतिष अनुसार ये दावा किया जाता हैं कि इसी दिन सूर्य मकर राशि में भी प्रवेश करता है। यूँ तो चंद्रमा पर आधारित पंचांग के द्वारा ही ज्यादातर सभी हिंदू त्योहारों की गणना की जाती है लेकिन मकर संक्रांति पर्व अकेला ऐसा पर्व है जो सूर्य पर आधारित पंचांग की गणना से मनाया जाता है। मकर संक्रांति से ही ऋतु में परिवर्तन आता है। इसी दिन से शरद ऋतु का अंत शुरू हो जाता है और बसंत का आगमन होने लगता है। जिसके परिणामस्वरूप दिन लंबे होने लगते हैं और रातें छोटी हो जाती है।

मकर संक्रांति मुहूर्त New Delhi, India के लिए
दिनांक
15 जनवरी, 2019 (मंगलवार)
पुण्य काल मुहूर्त :
अवधि :
07:15:14 से 12:30:00 तक
5 घंटे 14 मिनट
महापुण्य काल मुहूर्त :
अवधि :
07:15:14 से 09:15:14 तक
2 घंटे 0 मिनट
संक्रांति पल :
19:44:29 14th, जनवरी को


मकर संक्रांति से होगी कुंभ के पहले शाही स्नान की शुरुआत


हिन्दू धर्म अनुसार कुम्भ के शाही स्नान की शुरुआत भी मकर संक्रांति के दिन से होगी। ज्योतिष गणना की बात करें तो ये देखा गया है कि अमावस्या के दिन प्रयागराज में संगम तट पर हर साल शुभ स्नान का आयोजन किया जाता है। इस दिन विशेष रूप से खिचड़ी खाने की परंपरा भी है। इसलिए कई जगह इसे खिचड़ी पर्व भी कहा जाता है।


कुंभ के पहले शाही स्नान का महत्व 


भारत में कई तीर्थ स्थान है, जहां मकर संक्रांति के मौके पर ही तीर्थ की शुरुआत शुभ मानी जाती है। इसी दिन से उत्तर प्रदेश में कुंभ मेले की शुरुआत तो होती ही हैं साथ ही केरल में सबरीमाला में भी दर्शनों के लिए लोगों का जन सैलाब उमड़ पड़ता हैं। ऐसे में इस शुभ अवसर पर नर्मदा ताप्ति नदियों में डुबकी लगाना हर व्यक्ति के लिए शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस दिन यदि कोई पवित्र नदियों में स्नान करता हैं तो उसके सभी पाप धुल जाते हैं।

मकर संक्रांति का वैज्ञानिक महत्व 


मान्यता ये भी है कि मकर संक्रांति के दिन तिल का तेल लगाकर ही स्नान करना चाहिए। इसके बाद आप संक्रांति में गुड़, तिल, तेल, कंबल, फल, छाता आदि का दान करके भी शुभ फल प्राप्त कर सकते है। वैज्ञानिक दृष्टि से भी इस दिन का अपना एक विशेष महत्व होता है। ये देखा गया है कि यही दिन ठंड के मौसम जाने का सूचक है और मकर संक्रांति पर दिन-रात बराबर अवधि के होते हैं। जिसके बाद से दिन बडे हो जाते हैं और मौसम में थीरे-थीरे गर्माहट आने लगती है। 
इसके अलावा मकर संक्रांति के दिन सूर्य दक्षिण के बजाय अब उत्तर को गमन करने लग जाता है। ऐसे में जब तक सूर्य पूर्व से दक्षिण की ओर गमन करता है तब तक उससे निकलती किरणों का असर स्वास्थ्य की दृष्टि से हर व्यक्ति के लिए खराब माना गया है, लेकिन जब वह पूर्व से उत्तर की ओर गमन करने लगता है तब उसकी किरणें अमृत रूपी सेहत को लाभ पहुंचाने वाली सिद्ध होती है।


मकर संक्रांति से जुड़े त्यौहार


भारत में मकर संक्रांति के दौरान जनवरी माह में इसी अवधि से फसल कटाई अथवा बसंत के मौसम का आगमन भी मान लिया जाता है। किसान वर्ग अपनी फसल की कटाई के बाद इस त्यौहार को बड़े धूमधाम व ख़ुशी से मनाते हैं। भारत के विभिन्न राज्य में मकर संक्रांति को अलग-अलग नामों से जाना व मनाया जाता है।

पोंगल : दक्षिण भारत में विशेषकर तमिलनाडु, केरल और आंध्रा प्रदेश में मकर संक्रांति को पोंगल के रूप में मनाया जाता है। ये वहाँ का सबसे महत्वपूर्ण हिंदू पर्व है। पोंगल विशेष रूप से किसानों का त्योहार होता है। इसी मौके पर धान की फसल कटने के बाद लोग अपनी खुशी प्रकट कर ईश्वर को धन्यवाद पोंगल मानते हुए करते है।

उत्तरायण : ये त्योहार खासतौर पर गुजरात में ही मनाया जाता है। ये पर्व हर साल नई फसल और ऋतु के आगमन पर 14 और 15 जनवरी को मनाया जाता है। गुजरात में इन दिनों पतंग उड़ाई जाती है साथ ही पतंग महोत्सव का आयोजन भी इसी दिन किया जाता है। ये आयोजन दुनियाभर में बहुत लोकप्रिय है। उत्तरायण पर्व पर व्रत रखने की भी परम्परा है। 

लोहड़ी : ये पर्व विशेष रूप से पंजाब में मनाया जाता है। लोहड़ी फसलों की कटाई के बाद 13 जनवरी को धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन शाम के समय आग जलाई जाती है और तिल, गुड़ और मक्का अग्नि को भोग के रूप में चढ़ाए जाते है। 

माघ/भोगली बिहू: विशेषरूप से असम में माघ महीने की संक्रांति के एक दिन पहले से माघ बिहू यानि भोगाली बिहू पर्व मनाया जाता है। इस दिन हर घर में खान-पान धूमधाम से होता है। इस समय असम में तिल, चावल, नारियल और गन्ने की फसल अच्छी होती है इसलिए इन्ही चीजों से इस पर्व पर तरह-तरह के व्यंजन और पकवान बनाकर खाये और खिलाये जाते हैं। 

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साप्ताहिक राशिफल- 14 से 20 जनवरी 2019

किन राशि वालों के लिए होगा ये ‘सौगातों का सप्ताह’! पढ़ें साप्ताहिक राशिफल और जानें कैसा रहेगा आपके लिए ये सप्ताह !

जनवरी का ये सप्ताह हमेशा से ही ज्योतिषीय और धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि सप्ताह की शुरुआत सूर्य के मकर में गोचर और मकर संक्रांति के पावन पर्व के साथ हो रही है। जिसका प्रभाव हर राशि पर अलग-अलग देखने को मिलेगा। वहीं इस सप्ताह पौष पुत्रदा एकादशी और प्रदोष व्रत (शुक्ल) भी मनाया जाएगा। इसके अलावा मकर संक्रांति के दिन पहले स्नान के साथ कुंभ की शुरुआत भी हो रही है। कुंभ के इस स्नान को शाही स्नान और राजयोगी स्नान के नाम से भी जाना जाता है। कुंभ के शुभारंभ के साथ ही हर जातक के लिए ये सप्ताह कई मायनों में विशेष रूप से महत्वपुर्ण रहने वाला है। क्योंकि ये देखा जा रहा है कि इसके प्रभाव से कई राशियों को हर कार्य में मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी।


इसके अलावा बता दें कि इस सप्ताह की शुरुआत अष्टमी और रेवती नक्षत्र से हो रही है। इस दौरान चन्द्रमा मीन राशि में होगा। साथ ही चतुर्दशी तिथि और आर्द्रा (08:07:33 तक)पुनर्वसु (29:22:45 तक) नक्षत्र के साथ इस सप्ताह का अंत होगा। इस दौरान चन्द्रमा मिथुन राशि में विराजमान होंगे। 

तो चलिए अब जानते हैं इस सप्ताह का राशिफल। 


यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष


इस सप्ताह मेष राशि के जातक विदेश यात्रा पर जाने की तैयारी कर सकते हैं। आपके ख़र्चों में वृद्धि होगी लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि...आगे पढ़ें

वृषभ


वृषभ राशि के जातक इस सप्ताह काफी प्रसन्न रहेंगे। उनके सहज ज्ञान में वृद्धि होगी और विचारों में दृढ़ता आएगी। व्यापारी वर्ग को विशेष रूप से अच्छे फल प्राप्त होंगे जिससे...आगे पढ़ें

मिथुन


इस सप्ताह आपकी आमदनी के मार्ग खुलेंगे। हालांकि खर्चे पूर्व की भांति बढ़े हुए ही रहेंगे। कार्यक्षेत्र में आपके कार्य की सराहना होगी लेकिन केतु की उपस्थिति अष्टम भाव में होने से आपको...आगे पढ़ें


कर्क


कर्क राशि के जातकों को इस सप्ताह अपने विरोधियों का सामना करना पड़ेगा हालांकि बाद में विजय आपकी ही होगी लेकिन वर्तमान में आपको मानसिक तनाव तो हो ही जाएगा...आगे पढ़ें

सिंह


सिंह राशि के जातकों को इस सप्ताह रोगों से सावधान रहना चाहिए। साथ ही साथ आपके लिए आवश्यक है कि किसी भी बुरी संगति से बच कर रहें क्योंकि इस दौरान आप...आगे पढ़ें


कन्या


कन्या राशि वाले जातकों को अपने भाई बहनों का सहयोग मिलेगा। वे आपके कार्य में भी आपको मदद देंगे और संभव होने पर आपकी आर्थिक तौर पर सहायता भी करेंगे...आगे पढ़ें


तुला


तुला राशि के लोग इस सप्ताह किसी वाद विवाद में पड़ सकते हैं। कोर्ट कचहरी के मामलों में सफलता मिलने की अच्छी संभावना है। कार्य क्षेत्र में भी अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे लेकिन...आगे पढ़ें

वृश्चिक


वृश्चिक राशि के जातक इस सप्ताह अपने कार्य क्षेत्र में जमकर सराहना प्राप्त करेंगे और उन्हें पदोन्नति की प्राप्ति भी हो सकती है। जो लोग व्यापार या व्यवसाय करते हैं वह इस समय...आगे पढ़ें


धनु


धनु राशि के जातकों को इस सप्ताह थोड़ा सतर्क रहना होगा क्योंकि जहां एक ओर उनके स्वास्थ्य को कष्ट हो सकता है वहीं दूसरी ओर उनके स्वभाव में चिड़-चिड़ाहट बढ़ने से इसका प्रभाव जीवन के सभी आयामों पर पड़ेगा...आगे पढ़ें

मकर


मकर राशि के जातकों को पूर्व की भांति अभी भी अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना आवश्यक होगा। अचानक से कोई ख़र्चा सामने आकर आपको परेशान कर सकता है। इस दौरान...आगे पढ़ें

कुंभ


कुंभ राशि के जातकों को इस सप्ताह धन लाभ की सौगात मिल सकती है। इस दौरान वह धन संग्रह अर्थात बचत कर पाने में सफल होंगे। कार्यक्षेत्र में आपका काम बेहतर परिणाम लेकर आएगा और...आगे पढ़ें

मीन


मीन राशि के जातकों को इस सप्ताह अपने व्यवहार पर विशेष रूप से नियंत्रण रखना चाहिए। कार्य क्षेत्र में बनी सूर्य शनि और बुध की स्थिति जहां एक ओर आपके काम में आपसे अधिक मेहनत कराएंगी वहीं दूसरी ओर...आगे पढ़ें

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कल होने जा रहा है सूर्य का मकर राशि में गोचर

हो जाएं तैयार सूर्य करने जा रहा है मकर राशि में गोचर ! पढ़ें इस गोचर से आपकी राशि में कैसा आएगा परिवर्तन ! 

धार्मिक और ज्योतिषीय दोनों ही दृष्टि से सूर्य का हमेशा से ही विशेष महत्व रहा है। वेदों में भी सूर्य को जगत की आत्मा से सम्मानित किया गया है। क्योंकि सूर्य ही अकेला सृष्टि को चलाने वाले एक मात्र प्रत्यक्ष देवता हैं। ज्योतिष शास्त्र की माने तो सूर्य आत्मा, पिता, पूर्वज, सम्मान और उच्च सरकारी सेवा का कारक होता है। जिसके चलते व्यक्ति की कुंडली में सूर्य की शुभ स्थिति मनुष्य को मान-सम्मान और सरकारी सेवा में उच्च पद की प्राप्ति कराती है। वहीं यदि किसी कुंडली में सूर्य कमजोर हो तो व्यक्ति को नेत्र संबंधी पीड़ा, पिता को कष्ट और कुंडली में पितृ दोष झेलना पड़ता है। 



सूर्य गोचर का समय 


इस वर्ष 14 जनवरी सोमवार सायं काल 7:44:29 बजे सूर्य मकर राशि में गोचर करेगा। सूर्य के मकर राशि में इस समय प्रवेश करने पर देशभर में मकर संक्रांति, पोंगल और उत्तरायण पर्व 15 जनवरी 2019 को मनाये जायेंगे। मान्यता है कि इस दिन स्नान, दान और धर्म का बड़ा महत्व होता है। एक महीने की इस अवधि के बाद 14 फरवरी को सूर्य मकर से कुंभ राशि में प्रवेश करेगा। इसलिए इसका प्रभाव हर राशि पर अलग-अलग देखने को मिलेगा। 

तो आईये अब जानते हैं सूर्य के मकर राशि में गोचर का समस्त राशियों पर क्या प्रभाव होगा?


यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि


मेष


सूर्य आपके पंचम भाव का स्वामी है और इसका गोचर आपके दशम भाव में होगा। सूर्य का यह गोचर आपके लिए काफी अच्छा रहेगा। इस दौरान आपको कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। यदि आप नौकरी करते हैं तोआगे पढ़ें 

वृषभ


सूर्य आपके चतुर्थ भाव का स्वामी हैं और इस का गोचर आपके नवम भाव में होगा। इस दौरान आपके पिताजी का स्वास्थ्य कुछ कमजोर रह सकता है अथवा आप से उनका मतभेद होने की भी संभावना है। इस दौरान आपकी आमदनी मेंआगे पढ़ें 

मिथुन


सूर्य आपके तृतीय भाव का स्वामी होकर आपके अष्टम भाव में गोचर करेगा। इस दौरान आपके पुराने राज खुलकर सामने आ सकते हैं। यदि पूर्व में आपने कोई विधि के विरुद्ध कार्य किया है तो आपकोआगे पढ़ें 


कर्क


सूर्य आपके द्वितीय भाव का स्वामी है और सूर्य का गोचर आपके सप्तम भाव में होगा। इस दौरान आपके दांपत्य जीवन में परेशानी आ सकती हैं और आपके जीवन साथी का स्वास्थ्य भी पीड़ित हो सकता है। हालांकि इस दौरानआगे पढ़ें 


सिंह


सूर्य आपकी राशि का स्वामी है और गोचर की अवधि में सूर्य आपके षष्ठम भाव में होगा। सूर्य के गोचर की यह अवधि आपके लिए बेहतरीन सिद्ध होगी। सरकारी नौकरी हेतु प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों कोआगे पढ़ें 

कन्या


सूर्य आपके द्वादश भाव का स्वामी है और सूर्य का गोचर आपके पंचम भाव में होगा। इस दौरान आपके मन में व्याकुलता बनी रहेगी। आपको अपने मित्रों से किसी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ सकता हैआगे पढ़ें 

सूर्य की स्थिति से कैसे बनता है कुंडली में पितृ दोष, पढ़े: पितृ दोष निवारण के उपाय

तुला


सूर्य आपके एकादश भाव का स्वामी होकर गोचर के दौरान आपके चतुर्थ भाव में विराजमान होगा। इस गोचर अवधि के समय आपके पारिवारिक जीवन में कुछ शांति का वातावरण रहेगा। आपकी माताजी का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है तथाआगे पढ़ें 


वृश्चिक


सूर्य आपके दशम भाव का स्वामी है और गोचर की अवधि में सूर्य आपके तृतीय भाव में स्थित होगा। इस दौरान आपको स्वास्थ्य लाभ होगा और आपको अपने प्रयासों के उचित परिणाम प्राप्त होंगे। आपके भाई बहनों कोआगे पढ़ें 

धनु


सूर्य आपके नवम भाव का स्वामी है। सूर्य का गोचर आपके द्वितीय भाव में होगा। इस गोचर की अवधि में आपको अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना होगा क्योंकि उसमें कर्कशता बढ़ने के कारण आपको परेशानी हो सकती हैआगे पढ़ें 

मकर


सूर्य आपके अष्टम भाव का स्वामी होकर आपकी ही राशि में गोचर के दौरान प्रवेश करेगा, इसलिए इस गोचर का विशेष रूप से प्रभाव आपके ऊपर पड़ेगा। इस गोचर के दौरान आप को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा क्योंकिआगे पढ़ें 

साल 2019 में क्या कहते हैं आपके सितारे? जानने के लिए पढ़ें: राशिफल 2019 

कुंभ


सूर्य आपके सप्तम भाव का स्वामी है और इस गोचर के दौरान सूर्य आपके द्वादश भाव में प्रवेश करेगा। इस दौरान आप विदेश यात्रा पर जा सकते हैं। कुछ समय के लिए संभव है कि आपको अपने परिजनों से दूर जाना पड़ेआगे पढ़ें 


मीन


सूर्य आपके षष्ठम भाव का स्वामी होकर गोचर के दौरान आपके एकादश भाव में प्रवेश करेगा। गोचर की इस अवधि में आपके लिए विभिन्न प्रकार के लाभ के मार्ग खुलेंगे। वरिष्ठ अधिकारी आपके पक्ष में रहेंगे और इससे आपकोआगे पढ़ें 

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कल ऐसे मनाए लोहड़ी पर्व, घर में आएगी खुशियां !

इस वर्ष लोहड़ी पर करें ये ख़ास कार्य, सालभर घर में नहीं होगी धन की कमी ! पढ़ें लोहड़ी का महत्व, साथ ही जानें कैसे जुड़ा है लोहड़ी से दुल्ला भट्टी का नाम !


लोह़ड़ी का त्योहार आनंद और खुशियों का प्रतीक माना जाता है जो शरद ऋतु के अंत में मनाया जाता है। इस त्योहार के बाद से ही दिन बड़े होने लगते हैं। विशेष रूप से यह पर्व सिखों द्वारा पंजाब, हरियाणा में मनाया जाता है, परंतु अच्छी लोकप्रियता के चलते आजकल यह भारत के तक़रीबन हर राज्यों के साथ ही विदेशों में भी मनाया जाने वाला उत्सव बन गया है। इस दिन लोग एक-दूसरे को इस पर्व की बधाई देते हैं।

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लोहड़ी 2019

दिनांक :
13 जनवरी (रविवार)

लोहड़ी का मुख्य उद्देश्य


हिन्दू कैलेंडर के अनुसार लोहड़ी पर्व को विक्रम संवत् एवं मकर संक्रांति से जोड़ा गया है। पंजाब क्षेत्र में इस त्योहार को बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। इस त्यौहार को शरद ऋतु के समापन तक मनाने का प्रचलन बहुत पुराना है। इसके अलावा यह त्योहार किसानों के लिए भी आर्थिक रूप से नव वर्ष माना जाता है।

लोहड़ी पर लोक गीतों का महत्व


लोहड़ी पर गीतों का अपना एक विशेष महत्व रहा है। इन गीतों से ही लोगों के ज़ेहन में एक नई ऊर्जा एवं चेहरों पर एक ख़ुशी की लहर दौड़ जाती है। इसके अलावा लोक गीतों के साथ नृत्य करके लोग इस पर्व को ख़ुशी-ख़ुशी मनाते है। लोहड़ी के सभी सांस्कृतिक लोक गीतों में विशेषरूप से ख़ुशहाल फसलों आदि के बारे में वर्णन किया जाता है। इस दिन गीत के द्वारा पंजाबी योद्धा दुल्ला भाटी को भी याद किया जाता है। साथ ही लोहड़ी पर आग के आसपास लोग ढ़ोल की ताल पर गिद्दा एवं भांगड़ा करके इस त्यौहार का जश्न मनाते हैं।

लोहड़ी पर इसलिए लिया जाता है दुल्ला भट्टी का नाम 


लोहड़ी के इस पावन त्योहार को लेकर एक पौराणिक कथा भी बहुत प्रचलित है जो पंजाब से जुड़ी हुई है। इस कहानी को जहाँ कुछ लोग इतिहास बताते हैं तो वहीं कुछ लोग इसे सत्य घटना बताते है। माना जाता है कि मुगल काल में बादशाह अकबर के समय पंजाब में एक दुल्ला भट्टी नाम का युवक रहता था। मान्यता है कि एक बार कुछ अमीर व्यापारी समान के बदले उस इलाके की कुवारी लड़कियों का सौदा कर रहे थे। उसी दौरान दुल्ला भट्टी ने वहां पहुंचकर लड़कियों को न केवल व्यापारियों के चंगुल से मुक्त कराया बल्कि उसने इन सभी लड़कियों की शादी हिन्दू लड़कों से भी करवाई। इसी घटना के बाद से ही दुल्ला भट्टी को पूरे पंजाब में नायक की उपाधि मिली। तब से लेकर अब तक हर बार लोहड़ी पर उस नायक की याद में ही 'सुंदर मुंदरिए' लोकगीत गाया जाता है।

लोहड़ी के रीति-रिवाज


यूँ तो लोहड़ी पंजाब एवं हरियाणा राज्य का प्रसिद्ध त्यौहार है, लेकिन इस पर्व को देशभर में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक हर कोई मनाता है। मुख्य तौर पर किसान वर्ग इस पर्व पर ईश्वर का आभार प्रकट कर अपनी फसल का अधिक मात्रा में उत्पादन बढ़ाने की कामना करते है। 

  • इस त्योहार पर बच्चे घर-घर जाकर लोक गीत गाते हैं। लोग बच्चों को मिठाई और पैसे देकर उन्हें उत्साहित करते है।
  • मान्यता है कि इस दिन घर आए किसी भी बच्चे को खाली हाथ लौटाना सही नहीं होता, इसलिए उन्हें इस दिन चीनी, गजक, गुड़, मूँगफली एवं मक्का आदि भी दिया जाता है जिसे आमतौर पर लोहड़ी भी कहा जाता है।
  • इस दिन रात के वक़्त लोग घरों के पास आग जलाकर लोहड़ी (चीनी, गजक, गुड़, मूँगफली एवं मक्का आदि) को आपस में वितरित करते हैं और साथ में लोक संगीत आदि के साथ नृत्य करते है।
  • इस दिन हर घर में रात के खाने में सरसों का साग और मक्के की रोटी के साथ खीर जैसे सांस्कृतिक भोजन बनाए जाते है। जिसके साथ लोग लोहड़ी की रात का आनंद लेते नज़र।
  • भारत के कई राज्यों में इस दिन पतंगें उड़ाने का भी विशेष प्रविधान है।

लोहड़ी पर आग का महत्व


लोहड़ी के दिन आग जलाना मुख्य कार्य होता है। ऐसा करने के पीछे माना जाता है कि यह आग्नि राजा दक्ष की पुत्री सती की याद में जलाई जाती है। एक अन्य पौराणिक कथा की माने तो एक बार राजा दक्ष ने एक महा यज्ञ करवाया, जिसमें उसने अपने दामाद शिव और पुत्री सती को आमंत्रित नहीं किया। इस बात से निराश होकर भगवान शिव की पत्नी सती अपने पिता के पास शिव जी को यज्ञ में निमंत्रित नहीं करने के पीछे का जवाब लेने पहुंची। इस बात पर राजा दक्ष ने सती और भगवान शिव की सरेआम बहुत निंदा की। जिस बार से आहत होकर सती बहुत रोई, उनसे अपने पति का यूँ अपमान नहीं देखा गया और उन्होंने उसी यज्ञ में खुद को भस्म कर दिया। सती की मृत्यु का समाचार सुनकर भगवान शिव ने वीरभद्र को बुलाकर उस यज्ञ का ही विध्वंस करा दिया। 

वहीं, कुछ लोग ये भी मानते हैं कि यह आग पूस की आखिरी रात और माघ की पहली सुबह की जमा देने वाली सर्दी को कम करने के लिए जलाई जाती है। 

भारत के अन्य भाग में लोहड़ी की धूम 


अगर दूसरे राज्यों की बात करें तो, आंध्र प्रदेश में मकर संक्रांति से एक दिन पूर्व लोहड़ी “भोगी” के रूप में मनाई जाती है। जिस दिन पुरानी चीज़ों को बदलने की पौराणिक परंपरा होती है। वहीं इस दिन आग जलाने के लिए लोग लकड़ी, पुराना फ़र्नीचर आदि का इस्तेमाल करते हैं। इसमें विशेष रूप से धातु की चीज़ों को दहन नहीं किया जाए इस बात का भी ध्यान रखा जाता है।

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साप्ताहिक राशिफल ( 7 से 13 जनवरी 2019)

किन मुख्य 5 राशियों के जीवन में ये सप्ताह बिखेरेगा खुशियाँ! पढ़ें साप्ताहिक राशिफल में नौकरी, व्यापार, शिक्षा, प्रेम और पारिवारिक जीवन के लिए कैसा रहेगा आपके लिए आने वाला सप्ताह !
साल का ये दूसरा सप्ताह मुख्य तौर पर 5 राशि वालों के लिए कई मायनों में खास रहने वाला है। क्योंकि इस अवधि में ग्रहों और नक्षत्रों के सुंदर योग से जातकों के जीवन में कई परिवर्तन देखने को मिलेंगे। ऐसे में इस दौरान विशेषकर 5 राशि वालों को अपने कार्यस्थल पर तरक्की, अचानक धन लाभ, भाई-बहनों से सहयोग और माता-पिता की सेहत में सुधार देखने को मिलगा।

इस सप्ताह की शुरुआत प्रतिपदा तिथि और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र से होगी जिस दौरान चन्द्र मकर राशि में होगा। वहीं इस सप्ताह का अंत सप्तमी तिथि और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र से होगा और इस दौरान चन्द्र मीन राशि में विराजमान होंगे। जिस चलते भी इस सप्ताह इन सभी 5 राशि वाले जातकों के जीवन में कुछ दिलचस्प मोड़ आएंगे। तो आइये अब बिना वक़्त गवाए पढ़ें इस हफ़्ते का साप्ताहिक राशिफल। 


यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष


इस सप्ताह आपको अपने कार्य पर अधिक ध्यान देना पड़ेगा क्योंकि कार्य क्षेत्र से आप का मोह भंग हो सकता है। इसके अतिरिक्त आपका अपने बड़ों, गुरुजनों अथवा पिताजी से झगड़ा हो सकता है या...आगे पढ़ें

वृषभ


वृषभ राशि के जातक इस सप्ताह काफी प्रसन्न चित्त रहेंगे और उन्हें अधिकांश कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। कार्यक्षेत्र में उनके प्रभाव में वृद्धि होगी लेकिन उनका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है, इसलिए...आगे पढ़ें

मिथुन


मिथुन राशि के जातकों को कार्य क्षेत्र में अच्छे परिणामों की प्राप्ति होगी और आपके काम को सराहना देते हुए पदोन्नति मिल सकती है, लेकिन किसी भी प्रकार के वाद-विवाद और गॉसिपिंग से आपको बचना चाहिए क्योंकि...आगे पढ़ें


कर्क


कर्क राशि के जातकों को सप्ताह की शुरुआत में कुछ चिंताएं रहेंगी। वहीं सप्ताह के अंत में किसी लंबी यात्रा पर जा सकते हैं। आप का ट्रांसफर हो सकता है और इस वजह से आपको...आगे पढ़ें

सिंह


सिंह राशि के जातकों को सप्ताह की शुरुआत में किसी भी झगड़े से बचना चाहिए। जो लोग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं उन्हें एकाग्रता से और मेहनत करनी चाहिए ताकि...आगे पढ़ें

कन्या


कन्या राशि के जातक इस सप्ताह अपनी संतान को लेकर चिंतित रहेंगे। उनके भविष्य की चिंता आपको सताएगी। किसी बात को लेकर गुस्सा बढ़ सकता है जो आप अपने घर वालों पर जाहिर करेंगे...आगे पढ़ें

हिन्दू कैलेंडर में पढ़ें वर्ष 2019 के प्रमुख व्रत और त्यौहार की जानकारी

तुला


तुला राशि के जातक इस सप्ताह साहस से भरपूर रहेंगे और हर काम को एक चुनौती मान कर पूरा करेंगे। इससे उन्हें अनेक प्रकार के फायदे होंगे लेकिन इस सबसे थकान भी महसूस करेंगे जो उनके स्वास्थ्य को...आगे पढ़ें

वृश्चिक


यह सप्ताह वृश्चिक राशि के जातकों के लिए कुछ खट्टे मीठे अनुभव लेकर आएगा। आपको अपनी वाणी में कड़वाहट से बचना होगा और बासी व गरिष्ठ भोजन से भी बचना होगा। खांसी जुखाम से बच कर रहें अन्यथा...आगे पढ़ें

धनु


धनु राशि के लोगों के लिए सप्ताह थोड़ा सा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। बेहतर यही होगा कि अपने महत्वपूर्ण निर्णयों को कुछ समय के लिए आगे बढ़ा दें। आपके कार्यस्थल पर स्थिति काफी बेहतर रहेगी और...आगे पढ़ें

पढ़ें: शनि की साढ़े साती क्या है और इसका हमारे जीवन पर क्या प्रभाव होता है!

मकर


मकर राशि के लोगों को इस सप्ताह थोड़ा संभल कर रहना होगा क्योंकि उनकी कई ऐसी बातें होंगी, सामने वालों को समझ नहीं आएँगी, जिस कारण कोई भी ग़लतफ़हमी पैदा हो सकती है...आगे पढ़ें

कुंभ


इस सप्ताह आप अपने कार्य क्षेत्र से प्रसन्न रहेंगे क्योंकि आपके प्रदर्शन में सुधार आएगा। धन संचय कर पाने में भी सफल होंगे। अपने वरिष्ठ अधिकारियों से बना कर रखें क्योंकि...आगे पढ़ें

मीन


मीन राशि के जातकों को इस सप्ताह अच्छे धन लाभ के अवसर प्राप्त होंगे लेकिन मानसिक रूप से आप व्याकुल रह सकते हैं। सप्ताह के मध्य में ख़र्चों में वृद्धि होगी लेकिन सप्ताह के अंत में आप धन लाभ प्राप्त करेंगे...आगे पढ़ें

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