साप्ताहिक राशिफल (16 - 22 सितम्बर 2019)

इस सप्ताह आपके ग्रह और नक्षत्र क्या कहते हैं? इसके लिए आप हमारे साप्ताहिक राशिफल 16 से 22 सितंबर 2019 को पढ़ें, जिसमें आपके प्रेम और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के बारे में गहन विवरण शामिल हैं। आप न केवल अपनी भविष्य की घटनाओं को इसकी मदद से समझ सकते हैं, बल्कि इस साप्ताहिक राशिफल में बताए गए निर्धारित उपायों की मदद से इसे बेहतर बना सकते हैं।


एस्ट्रोसेज में एक बार फिर से आपका स्वागत है। हमेशा की तरह, हम एक बार फिर सितंबर के तीसरे सप्ताह की भविष्यवाणियों के साथ यहां उपस्थित हैं। यह ज्योतिषीय पूर्वानुमान आपको अपने मानसिक, सामाजिक, आर्थिक, घरेलू और पेशेवर जीवन में होने वाले विभिन्न परिवर्तनों पर नज़र रखने में मदद करेगा। इस राशिफल में दी गयी भविष्यवाणियाँ काफी वास्तविक और सटीक है क्योंकि वे एस्ट्रोसेज में यहां उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ ज्योतिषियों द्वारा तैयार की गयी हैं। इन सभी भविष्यवाणियों को मुफ्त में प्राप्त किया जा सकता है, इस प्रकार यह आपके लिए वाकई सुविधाजनक है। यदि आप स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं या कई अन्य समस्याओं से ग्रस्त हैं, तो इस साप्ताहिक राशिफल के माध्यम से जानें कि उन सभी के पीछे की वजह क्या है क्योंकि यह आपकी परेशानियों को दूर करने और एक समृद्ध समय का आनंद लेने में आपकी बहुत मदद करेगा। हम आशा करते हैं कि यह साप्ताहिक रिपोर्ट आपके जीवन में ख़ुशियाँ और बेहतरी लाएगी और आपको जीवन के सही मार्ग पर चलने में मदद करेगी। आइए अब इस सप्ताह की विशेष घटनाओं पर एक नज़र डालते हैं।


इस हफ्ते किन राशि वालों को रहना होगा सावधान


विभिन्न ग्रहों की स्थिति और चाल पर एक नज़र डालने के बाद, यह कहा जा सकता है कि यह सप्ताह सिंह, कन्या और तुला राशि के जातकों के लिए अधिक अनुकूल नहीं होगा और इन राशि के लोगों को इस सप्ताह जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में कई कठिनाइयों का सामना करने को तैयार रहना होगा। इसके विपरीत, वृषभ, कुम्भ और मीन राशि के जातकों को इस सप्ताह के दौरान अनुकूल परिणाम प्राप्त होने की अच्छी उम्मीद है। उन्हें अपने किए गए कार्यों में वांछनीय और सफल परिणाम प्राप्त होने की संभावना है। अन्य राशियों के लिए यह सप्ताह एक औसत समय का गवाह होगा। अपने आगामी समय को बेहतर बनाने के लिए, इस साप्ताहिक राशिफल में हमारे ज्योतिषियों द्वारा बताए गए उपायों का पालन करने की सलाह दी जाती है।

पितृ पक्ष में श्राद्ध और पिंडदान का महत्व एवं तर्पण की विधि - यहां क्लिक कर पढ़ें 

इस सप्ताह का हिन्दू पंचांग एवं ज्योतिषीय तथ्य


हिन्दू पंचांग की गणना के अनुसार, सितंबर का तीसरा सप्ताह 16 सितम्बर को कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि से शुरू होगा और कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के साथ समाप्त होगा। 

इस बीच सप्ताह की शुरुआत में चंद्र ग्रह मीन राशि में स्थित होगा और उसके बाद यह मेष, वृष और मिथुन राशियों में गोचर करेगा। इसके अतिरिक्त, सूर्य का गोचर भी कन्या राशि में होगा। इस प्रकार, चंद्रमा के गोचर के प्रभाव के साथ, सभी बारह राशियों के जातक भी कन्या राशि में होने वाले सूर्य पारगमन के प्रभाव में रहेंगे। इस सप्ताह के दौरान होने वाले त्योहारों और उपवासों की बात करें, तो संकष्टी चतुर्थी 17 सितंबर 2019 को मनाई जाएगी। यह मंगलवार को होने के कारण अंगारकी चतुर्थी कहलाएगी। यह विशेष त्योहार गणेश जी को समर्पित है और इस दिन रखा गया व्रत लोगों को शांति, ज्ञान, प्रसन्नता और समृद्धि प्राप्त करने में मदद करता है।


शेयर बाज़ार में इस सप्ताह


इस सप्ताह भी शेयर बाजार पिछले सप्ताह की भांति तेजी और मंदी के दौर से गुजरेगा। विशेष रूप से लहसुन, चावल, कपूर, अगर तगर, पन्ना, चन्दन, सोना, देवदारु तथा कंदमूल आदि वस्तुओं के दामों में तेजी रहेगी और टेलीकम्युनिकेशन, इंश्योरेंस, मोबाइल, बैंकिंग, एफएमसीजी, मीडिया, टेक्सटाइल, फाइनेंस, पेपर, इंटरनेट, कृषि उत्पाद, कपास, एक्सपोर्ट तथा एविएशन सेक्टर के शेयर तेजी में रहेंगे। अगर मंदी की बात की जाये तो पेट्रोलियम, दूध और दूध से बने डेयरी पदार्थ, तेल एवं गैस, चांदी, चावल, अल्मुनियम, मिनरल वाटर, जहाजरानी, कोल्ड ड्रिंक, पेपरमिंट तथा अल्कोहल आदि मंदी चपेट में रहने की संभावना है।


जन्मदिन विशेष 


देश के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति, भारत के वर्तमान प्रधान मंत्री, श्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर 2019 को अपनी 69 वीं सालगिरह मनाएंगे। हमारे देश की पूरी जनता इस दिन को एक खुशी के त्योहार के रूप में मनाएगी। सितंबर के महीने में आगे बढ़ते हुए, विभिन्न बॉलीवुड सितारों के जन्मदिन भी शामिल होंगे। इसी कड़ी में बहुमुखी प्रतिभा की धनी अभिनेत्री शबाना आज़मी का जन्मदिन होगा, वे 18 सितंबर 2019 को अपना जन्मदिन मनाती हुई नजर आएँगी। मशहूर निर्देशक महेश भट्ट का जन्मदिन 20 सितंबर 2019 को होगा और इस सूची में सदाबहार अभिनेत्री करीना कपूर खान भी शामिल हैं, जो 21 सितंबर 2019 को अपना जन्मदिन मनाएंगी। हम उनके आगे आने वाले सभी समृद्ध वर्ष और उनके भाग्यशाली जीवन की कामना करते हैं। 

नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की कृपा पाने का अचूक उपाय - यहाँ क्लिक कर पढ़ें

आइए अब हम प्रत्येक राशि चक्र के अनुसार साप्ताहिक भविष्यवाणियों पर चलते हैं और अब जानते हैं इस सप्ताह का राशिफल:-

यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष


सप्ताह की शुरुआत में आप खुशमिजाज रहेंगे, क्योंकि चंद्रमा 12वें घर में स्थित होगा जिस पर बुध और शुक्र की दृष्टि होगी। इस अवधि में आपका खर्च बढ़ेगा, और आप विलासिता, आराम और धार्मिक गतिविधियों पर खर्च कर सकते हैं। उसके बाद, चंद्रमा आपके पहले भाव प्रवेश करेगा। यह आपकी मनोदशा में सकारात्मक बदलाव लाएगा। आप अपने दोस्तों की संगति का आनंद लेंगे और साथ ही साथ आपकी निजी ज़िंदगी भी सुगम होगी। सप्ताह के मध्य में...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- इस सप्ताह मेष राशि के जातकों का प्रेम जीवन कठिन दौर से गुजरेगा, क्योंकि सूर्य और मंगल एक साथ पंचम भाव में मौजूद हैं। छठे भाव में सूर्य के गोचर के बाद, मंगल वहीं रहेगा और आपके प्रेम जीवन में परेशानियां पैदा करेगा। अपने प्रियतम से बात करते समय अधिक सावधान रहने की आवश्यकता है, क्योंकि एक भी...आगे पढ़ें


वृषभ


चंद्रमा के आशीर्वाद से सप्ताह की शुरुआत अच्छी रहेगी। क्योंकि इस समय चंद्र ग्रह आपके ग्यारहवें भाव में स्थित होगा। आप आंतरिक रूप से सहज रहेंगे। आपका रचनात्मक पक्ष उभकर सामने आएगा। साथ ही आपकी प्रतिभा आपकी कमाई का ज़रिया भी बनेगी। आपकी संतान को उनकी मेहनत का फल मिलेगा। छात्र अपनी पढ़ाई में ...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- पंचम भाव में शुक्र और बुध की स्थिति आपके प्रेम जीवन को ख़ुशनुमा बनाएगी। आप अपने प्यार के रिश्ते में निकटता का आनंद लेंगे। प्यार के सागर में भावनाएँ और रोमांस की लहरें उठेंगी। हालांकि, पंचम भाव में सूर्य का गोचर...आगे पढ़ें

मिथुन


सप्ताह की शुरुआत में आप अपने कार्य स्थल पर आनंद लेंगे। इस समय चंद्रमा आपके दसवें भाव में स्थित होगा। कार्य स्थल पर आपका प्रदर्शन वरिष्ठ अधिकारियों को आकर्षित करेगा। वहीं घर में भी अच्छा वातावरण देखने को मिलेगा। आप अपने प्रियजनों के साथ अपने समय का आनंद लेंगे। इसके बाद, चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में प्रवेश करेगा। इसके कारण आपको मौद्रिक लाभ तो होगा ही। साथ ही आपकी इच्छाएँ भी ...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- यह सप्ताह आपके प्रेम जीवन के लिए ठीक है। आप अपने प्रेमी को अपने परिवार से मिलवा सकते हैं। ख़ुशनुमा पलों के साथ आप दोनों समय व्यतीत करेंगे। साथी का प्यार पाकर आप ख़ुद को भाग्यशाली महसूस कर सकते हैं। अगर प्रेम संबंधों ...आगे पढ़ें

ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से मुफ्त जन्म कुंडली प्राप्त करें।

कर्क


आप सप्ताह की शुरुआत में लंबी दूरी की यात्रा पर जा सकते हैं, जो आपके जीवन में आंतरिक संतुष्टि और शांति लेकर आएगी। आप अपने दोस्तों और कुछ रिश्तेदारों के साथ समय बिताना पसंद करेंगे। साथ ही, आपके भाई-बहन आराम से अपना जीवन व्यतीत करेंगे। चंद्रमा के दसवें भाव में प्रवेश करने के साथ, आप अपने काम के प्रति...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधों के लिए यह सप्ताह ठीक है। बृहस्पति जहाँ आपके पांचवें भाव में है और पांचवें भाव का स्वामी मंगल दूसरे भाव में है। इन ग्रहों की स्थिति के अनुसार, आपको अपने रिश्ते के प्रति गंभीरता दिखाने की आवश्यकता है। कोई व्यक्ति आपकी ओर आकर्षित हो सकता है, लेकिन अपने आप को विचलित करने के बजाय अपने ...आगे पढ़ें

सिंह


चंद्रमा के अष्टम भाव में होने से सप्ताह की शुरुआत में आपको मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। किसी अवांछित यात्रा जाना हो सकता है, लेकिन आपके साथ अचानक ने कुछ अच्छी घटनाएँ घटित सकती हैं। रास्ते में कुछ अच्छे लोगों से मुलाकात हो सकती है। वहीं चंद्रमा का गोचर आपके नवम भाव में होगा तो इसके परिणामस्वरूप...आगे पढ़ें 

प्रेम जीवन :- इस सप्ताह के दौरान प्रेम जीवन परेशानी भरा लग रहा है, क्योंकि पंचम भाव में शनि और केतु की युति बन रही है। इस अवधि में, समय आपका परीक्षण करेगा। आपको चुनौतियों से लड़ने और यह साबित करने की जरूरत है कि प्यार...आगे पढ़ें

कन्या


कुंडली के सप्तम भाव में चंद्रमा के गोचर से इस सप्ताह की शुरुआत में आपका वैवाहिक जीवन सुखी होगा। जीवनसाथी के साथ प्यार, स्नेह, रोमांस और घूमना-फिरना हो सकता है, जिससे आपकी मैरिड लाइफ और सुखद होगी। व्यवसाय में लाभ होगा संभव है। इस समय आप अपने व्यापार के विस्तार की योजना भी बना सकते हैं। जब चंद्रमा आठवें घर में प्रवेश करेगा, तो आपका मन किसी कारण बेचैन हो सकता है। बेकार की...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- यह सप्ताह आपके प्रेम संबंधों के लिए अच्छा साबित होगा। हालाँकि, आपके व्यक्तिगत जीवन का तनाव आपके रिश्ते को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, कोशिश करें कि ऐसे विषय को आप प्यार के बीच न लाएँ। आप इस अवधि में प्यार...आगे पढ़ें


तुला


आपके लिए यह सप्ताह अप्रत्याशित घटनाओं के साथ शुरू हो सकता है क्योंकि इस समय चंद्रमा आपके छठे भाव मे होगा, लेकिन जैसे-जैसे समय आगे बढ़ेगा, आपके लिए अनुकूल वातावरण का निर्माण होगा। इस अवधि में, अपने खर्च पर नियंत्रण रखने की कोशिश करें, अन्यथा आप वित्तीय परेशानियों में आ सकते हैं। इसके लिए उचित आर्थिक...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- इस सप्ताह आपको अपने प्रेम जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि सूर्य और मंगल की दृष्टि आपके पंचम भाव में है। हालांकि, सूर्य इस सप्ताह अपना स्थान बदल देगा, लेकिन मंगल का नकारात्मक प्रभाव इस पर...आगे पढ़ें

वृश्चिक


आपके पंचम भाव में चंद्रमा का स्थान सप्ताह को अच्छी शुरुआत देगा। रचनात्मक कलाओं में आपकी रुचि बढ़ेगी और आप अपने बौद्धिक ज्ञान को भी बढ़ाएंगे। इस समय संतान सुखी रहेगी और आप चिंताओं से मुक्त रहेंगे। इसके बाद चंद्रमा आपके छठे भाव में आ जाएगा। इस समय सफलता के लिए आपको कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता होगी और आप...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- इस सप्ताह आपका प्रेम जीवन बेहद सुकून भरा रहेगा। सप्ताह की शुरुआत में पांचवें भाव में चंद्रमा की उपस्थिति और इस घर पर शुक्र और बुध की दृष्टि आपके लिए अनुकूल वातावरण का निर्माण करेगी। ग्रहों की इस स्थिति से प्रेम जीवन...आगे पढ़ें

धनु


इस सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा आपके चौथे भाव में होगा, और इस वजह से, आप खुश रहेंगे और आपका निजी जीवन ख़ुशहाल होगा। इस समय आप अपने प्रोफेशनल लेवल भी अच्छा करेंगे। आप अपनी कमियों को दूर करने में भी सक्षम होंगे। कार्य क्षेत्र में अपने काम में ध्यान दें। जब चंद्रमा आपके पंचम भाव में जाएगा तो आपकी संतान का संबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन बहुत ही बढ़िया रहेगा। छात्र उच्च शिक्षा में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। अगर उच्च शिक्षा...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधों के लिहाज से यह सप्ताह आपके लिए कुछ बदलाव लेकर आएगा। आप या आपका प्रियतम विदेश यात्रा पर जा सकते हैं। यात्रा के प्रस्थान से पहले आप उनसे मिलने का एक सुनहरा मौका चूक सकते हैं। आप दोनों के बीच प्यार तो...आगे पढ़ें

मकर


इस सप्ताह चंद्रमा आपके तीसरे, चौथे, पांचवें और छठे भावों में जाएगा। सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा के तीसरे भाव में होने के कारण आप छोटी दूरी की यात्रा के दौरान आनंद लेंगे। आपके भाई-बहनों के साथ संबंध पहले से बेहतर होगा। इसके अलावा, जीवनसाथी की अच्छी कमाई होगी। उनकी सफलता से आप एक अच्छा नाम और प्रसिद्धि प्राप्त करेंगे। आपका मूड अच्छा रहेगा, और आप अपने प्रियजनों के साथ कीमती समय बिताएंगे। जब चंद्रमा ...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- यह सप्ताह आपके प्रेम संबंधों के लिए आनंदित रहने वाला है। यदि आप किसी को प्रपोज़ करना चाहते हैं, तो आप आगे बढ़ सकते हैं क्योंकि आप इसमें सफल हो सकते हैं। प्रेम विवाह के लिए दोनों के परिवारों से अनुमति ...आगे पढ़ें

कुंभ


सप्ताह की शुरुआत में आप सकारात्मक रहेंगे क्योंकि चंद्रमा आपके दूसरे भाव में होगा। इस समय आपका पारिवारिक पक्ष भी अच्छा रहेगा। घर-परिवार में सभी मिल-जुल कर रहेंगे। इस समय आप एक समारोह के दौरान अपने ससुराल वालों से मिल सकते हैं। वहीं आर्थिक दृष्टि से देखें तो धन लाभ संभव है। इसके बाद, चंद्रमा आपके तीसरे भाव में प्रवेश करेगा। इसके प्रभाव से आप चीजों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखेंगे। इस समय आप किसी...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधों के लिए यह सप्ताह मिलाजुला रहेगा। पंचम भाव में राहु और शनि शनि की दृष्टि से रिश्ते में गलतफहमी पैदा होंगी। रिश्ते की भलाई के लिए ग़लतफहमी को तुरंत दूर करें। हालांकि शुक्र और बुध रिश्ते को...आगे पढ़ें

मीन


सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा चंद्रमा आपके पहले भाव में स्थित होगा। इस दौरान आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे। आप बौद्धिक रूप से मजबूत बनेंगे और आपका वैवाहिक जीवन मधुर होगा। आप अपने जीवनसाथी के साथ मिलकर इस सप्ताह का आनंद लेंगे। व्यापार से आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। इस लाभ को पाकर आपका मन भी प्रसन्न रहेगा। इसके बाद, चंद्रमा आपके दूसरे भाव में प्रवेश करेगा। ये समय भी आपके लिए...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम के मामलों के लिए यह सप्ताह धीमी लेकिन स्थिर गति के साथ शुरू होगा। पंचम भाव पर बृहस्पति की दृष्टि आपके प्रेम जीवन में खुशी और आपसी समझ को बढ़ाएगी। यदि आप सिंगल हैं, तो सप्ताह के मध्य में कोई नया व्यक्ति आपके दिल...आगे पढ़ें

रत्न, यंत्र समेत समस्त ज्योतिषीय समाधान के लिए विजिट करें: एस्ट्रोसेज ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर
Read More »

अनंत चतुर्दशी आज, जानें पूजा मुहूर्त और व्रत नियम

आज के दिन भगवान विष्णु का ऐसे पाएँ आशीर्वाद! जानें अनंत चौदस पूजा का शुभ मुहूर्त और इससे संबंधित व्रत नियम।


भगवान विष्णु जी को समर्पित अनंत चतुर्दशी का पर्व आज है। हिन्दू पंचांग के अनुसार चौदस का ये पर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। अनंत चतुर्दशी दो शब्दों के योग से बना है। इसमें पहला शब्द अनंत है जिसका अर्थ भगवान विष्णु जी के उस अवतार से है जिसका न तो कोई आदि है और न ही कोई अंत। जबकि दूसरा शब्द चतुर्दशी है। यह चौदस तिथि को दर्शाती है। इसलिए इस पर्व को कई स्थानों में चौदस भी कहते हैं।

इस शुभ दिन के अवसर पर भगवान विष्णु जी की विशेष पूजा होती है। इस पूजन के बाद अनंत सूत्र बांधने का बड़ा महत्व है। ये अनंत सूत्र कपास या रेशम के धागे से बने होते हैं और विशेष पूजा-अर्चना के बाद इन्हें हाथ पर बांधा जाता है। मान्यता है कि अनंत सूत्र बांधने से भगवान अनंत हमारी रक्षा करते हैं और सांसारिक वैभव प्रदान करते हैं। अनंत चतुर्दशी पर सुख-समृद्धि और संतान की कामना से व्रत भी रखा जाता है।

Click here to read in English

अनंत चतुर्दशी पूजा का मुहूर्त


पूजा मुहूर्त12 सितंबर को प्रातः 06:04:17 बजे से 13 सितंबर को सुबह 07:37:13 बजे तक
अवधि25 घंटे 32 मिनट

उपरोक्त मुहूर्त नई दिल्ली के लिए है। अपने शहर के अनुसार जानें: अनंत चतुर्दशी का पूजा मुहूर्त

अनंत चतुर्दशी से संबंधित व्रत नियम


अनंत चतुर्दशी का व्रत भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को किया जाता है। इसके लिए चतुर्दशी तिथि सूर्योदय के पश्चात दो मुहूर्त में व्याप्त होनी चाहिए। यदि चतुर्दशी तिथि सूर्योदय के बाद दो मुहूर्त से पहले ही समाप्त हो जाए, तो अनंत चतुर्दशी पिछले दिन मनाए जाने का विधान है। इस व्रत की पूजा और मुख्य कर्मकाण्ड दिन के प्रथम भाग में करना शुभ माने जाते हैं। यदि प्रथम भाग में पूजा करने से चूक जाते हैं, तो मध्याह्न के शुरुआती चरण में करना चाहिए। मध्याह्न का शुरुआती चरण दिन के सप्तम से नवम मुहूर्त तक होता है।


अनंत चतुर्दशी का महत्व


धार्मिक मान्यता के अनुसार अनंत चतुर्दशी पर्व और व्रत की शुरुआत महाभारत काल से हुई थी। जब पांडव पुत्र राज्य हारकर वनवास काट रहे थे उस समय भगवान श्री कृष्ण ने वन में उन्हें अनंत चतुर्दशी व्रत के महत्व का वर्णन सुनाया था। कहते हैं कि सृष्टि के आरंभ में 14 लोकों की रक्षा और पालन के लिए भगवान विष्णु चौदह रूपों में प्रकट हुए थे, इससे वे अनंत प्रतीत होने लगे। 

अतः अनंत चतुर्दशी का व्रत भगवान विष्णु को प्रसन्न करने और अनंत फल देने वाला माना गया है। अनंत चतुर्दशी पर भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा की जाती है। यह पूजन दोपहर में संपन्न होता है। इस दिन प्रात:काल स्नान के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है और कलश स्थापना की जाती है। अग्नि पुराण में अनंत चतुर्दशी व्रत और पूजा के महत्व का वर्णन मिलता है।

https://buy.astrosage.com/service/ask-a-question?language=hi&prtnr_id=BLGHI

गणेश विसर्जन


12 सितंबर को गणेश विसर्जन भी है। गणेश विसर्जन में भगवान गणेश जी की प्रतिमा को जल में प्रवाहित की जाती है। गणेश विसर्जन में गणेश जी को भव्य रूप से सजाकर उनकी पूजा की जाती है। इस दिन ढोल-नगाड़ों के साथ झांकियाँ निकालकर गणेश जी की प्रतिमा को जल में विसर्जित किया जाता है। महाराष्ट्र में गणेशोत्सव को बड़ी धूम धाम के साथ मनाया जाता है। 

पौराणिक कथाओं में गणेश विसर्जन


हिन्दू धर्म ग्रंथों में गणेश विसर्जन का उल्लेख मिलता है। मान्यता है कि गणेश जी ने ही महाभारत ग्रंथ को लिखा था। ऐसा कहते हैं कि महर्षि वेद व्यास जी ने गणेश जी को लगातार 10 दिनों तक महाभारत की कथा सुनाई और गणेश जी ने भी लगातार 10 दिनों तक इस कथा अक्षरशः लिखा। दस दिनों के बाद जब वेद व्यास जी ने गणेश जी को छुआ तो पाया कि उनका शरीर का तापमान बढ़ गया है। इसके बाद वेदव्यास जी ने उन्हें तुरंत समीप के कुंड में ले जाकर उनके तापमान को शांत किया। ऐसा कहते हैं कि गणेश विसर्जन के निमित्त गणपति महाराज को शीतल किया जाता है। 

गणेश विसर्जन की विधि


  • गणेश विसर्जन से पहले गणेश जी की विधिवत पूजा करें।
  • पूजा के समय उन्हें मोदक एवं फल का भोग लगाएँ।
  • इसके साथ ही गणेश जी की आरती करें।
  • अब गणेश जी से विदा लेने की प्रार्थना करें। 
  • पूजा स्थल से गणपति महाराज की प्रतिमा को सम्मान-पूर्वक उठाएँ।
  • पटरे पर पर गुलाबी वस्त्र बिछाएँ।
  • प्रतिमा को एक लकड़ी के पटे पर धीरें से रखें।
  • लकड़ी के पटरे को पहले गंगाजल से उसे पवित्र ज़रुर करें।
  • गणेश मूर्ति के साथ फल-फूल, वस्त्र एवं मोदक की पोटली रखें।
  • एक पोटली में थोड़े चावल, गेहूं और पंचमेवा रखकर पोटली बनाएँ उसमें कुछ सिक्के भी डाल दें।
  • उस पोटली को गणेश जी की प्रतिमा के पास रखें।
  • अब गणेश जी की मूर्ति को किसी बहते हुए जल में विसर्जन कर दें।
  • गणपति का विसर्जन करने से पहले फिर से उनकी आरती करें। 
  • आरती के बाद गणपति से मनोकामना पूर्ण करने का अनुरोध करें। 

गणपति महाराज की पूजा के दौरान रखें ये सावधानियाँ


  • गणपति महाराज की पूजा के दौरान तुलसी का प्रयोग बिलकुल भी ना करें। 
  • पूजा में गणपति की ऐसी प्रतिमा का प्रयोग करें, जिसमें गणपति भगवान की सूंड बाएँ हाथ की ओर घूमी हो। 
  • गणेश जी को मोदक और मूषक प्रिय हैं, इसलिए ऐसी मूर्ति की पूजा करें जिसमें मोदक और मूषक दोनों हों।

हम आशा करते हैं कि अनंत चतुर्दशी और गणेश विसर्जन पर लिखा गया यह विशेष ब्लॉग आपको पसंद आया होगा। एस्ट्रोसेज की ओर से सभी पाठकों को अनंत चौदस की हार्दिक शुभकामनाएँ !
Read More »

बुध का कन्या राशि में गोचर, जानिए आपकी राशि पर क्या होगा प्रभाव

बुध की होगी शुक्र के संग युति और बनाएगा नीच भंग राजयोग ! जानें क्या होगा इसका आपकी राशि पर प्रभाव। इसके अतिरिक्त पढ़ें 11 सितंबर 2019 को बुध के कन्या राशि में गोचर करने के कारण होने वाले बदलावों की पूरी जानकारी, हमारे संपूर्ण राशिफल द्वारा!


उत्तर दिशा पर पर आधिपत्य रखने वाले बुध ग्रह का वैदिक ज्योतिष के नव ग्रह मंडल में विशेष स्थान प्राप्त है। यह अपनी स्थिति और प्रकृति के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को जीवन पर्यन्त प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। मिथुन और कन्या राशि दोनों ही द्विस्वभाव एवं शक्तिशाली राशि हैं, इनके स्वामी होने के कारण बुध का प्रभाव जीवन में काफी महत्वपूर्ण होता है। कन्या राशि इनकी स्वराशि होने के साथ-साथ इनकी मूल त्रिकोण और उच्च राशि भी है। बुध के अधिकार क्षेत्र में तीन नक्षत्र अश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती आते हैं। ये तीनों नक्षत्र ही गंड मूल नक्षत्र कहलाते हैं और जिस बालक अथवा बालिका का जन्म इन तीनों में से किसी भी एक नक्षत्र में होता है, उसके लिए जन्म के उपरांत गंड मूल शांति कराना आवश्यक होता है।


बुध ग्रह का प्रभाव


बुध ग्रह से प्रभावित जातक अपनी हाज़िर जवाबी और हास्य विनोद के लिए जाने जाते हैं। ऐसा व्यक्ति कितनी भी विपरीत परिस्थितियों में हंसी पैदा करने का सामर्थ्य रखता है और इसी वजह से यह किसी भी महफिल की जान बन जाते हैं। बुध से प्रभावित जातक मानसिक रूप से बहुत तेज होते हैं और इनकी स्मरण शक्ति अत्यंत तीक्ष्ण होती है। यह भले ही शारीरिक रूप से अधिक मजबूत ना हों, लेकिन अपने मन की शक्ति से यह किसी भी बड़ी से बड़ी मुश्किल का हल निकालने में कामयाब साबित होते हैं। 

नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की कृपा पाने का अचूक उपाय - यहाँ क्लिक कर पढ़ें

एक अनुकूल और मजबूत बुध व्यक्ति को किसी के भी सामने अपनी बात रखने में माहिर बनाता है और ऐसा व्यक्ति वाणी अर्थात बोलने के कारण भी अच्छा धनार्जन कर सकता है। ऐसे व्यक्ति अपनी गणितीय योग्यता के लिए जाने जाते हैं और एक अच्छे व्यापारी साबित होते हैं। यह अपनी मीठी मीठी बातों से किसी का भी मन मोह लेने में कामयाब रहते हैं। हालांकि अगर बुध विपरीत स्थिति में या कमजोर हो तो व्यक्ति बातूनी हो सकता है, जिससे लोग कतराने लगते हैं। 

पितृ पक्ष में श्राद्ध और पिंडदान का महत्व एवं तर्पण की विधि - यहां क्लिक कर पढ़ें 

बुध को मजबूत करने के लिए विधारा की जड़ अथवा पन्ना रत्न धारण करने की सलाह विद्वान ज्योतिषी के द्वारा दी जाती है। इसके अतिरिक्त बुध की कृपा प्राप्ति के लिए व्यक्ति चार मुखी रुद्राक्ष भी धारण कर सकता है। बुध ग्रह को अनुकूल बनाने के लिए विष्णु सहस्त्रनाम स्त्रोत्र का पाठ करना परम लाभदायक माना जाता है। जो लोग अपनी बहन, बेटी, बुआ, मौसी आदि को खुश रखते हैं, बुध उन्हें अनुकूल परिणाम देता है। 

बुध ग्रह सबसे तेज गति से चलने वाला ग्रह है और इसलिए इसकी गोचर की अवधि सबसे कम होती है। वर्तमान युग में संचार व्यवस्था काफी विकसित हो चुकी है और बुध संचार व्यवस्था का स्वामी होने के कारण,अपने गोचर के थोड़े दिन में ही मानव जीवन पर अत्यधिक प्रभाव डालने में सक्षम होता है। आमतौर पर बुध का गोचर व्यक्ति की जन्म कुंडली में स्थित चंद्र राशि से दूसरे, चौथे, छठे, आठवें, दसवें और ग्यारहवें भाव में शुभ फल देता है और शेष भागों में सम अथवा अशुभ परिणाम होते हैं।

शुक्र के साथ बुध ग्रह की युति 


जैसे ही बुध अपनी उच्च राशि कन्या में गोचर करेगा, उस की युति अपने परम मित्र शुक्र के साथ होगी, जिसकी यह नीच राशि मानी जाती है। ऐसे में यह शुक्र का नीच भंग करेगा और शुक्र और बुध दोनों के शुभ परिणाम सामने आने लगेंगे। इन दोनों ग्रहों की युति को अत्यंत शुभ माना जाता है क्योंकि सामान्य रूप से यह ग्रह शुभ फल ही देते हैं। 

बुध के गोचरकाल का समय


हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाला बुध ग्रह बुधवार के दिन 11 सितंबर, 2019 की प्रातः 04:47 बजे अपनी उच्च राशि कन्या में गोचर करेगा और इस राशि में यह रविवार, 29 सितम्बर 2019, की दोपहर 12:41 बजे तक स्थित रह कर सभी जन मानस पर अपना प्रभाव डालता रहेगा। 


छात्रों पर बुध के गोचर का असर 


बुध के इस गोचर का छात्रों पर विशेष रूप से प्रभाव पड़ेगा और जो छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगे हैं, उन्हें इस दौरान अपनी मेहनत के अनुसार अच्छे परिणामों की प्राप्ति होगी। याद रखें अगर आप ने जमकर मेहनत की है, तो परिणाम आपके पक्ष में अवश्य आएगा, लेकिन यदि अभी तक भी आपने अपनी पढ़ाई पर ध्यान नहीं दिया है, तो तुरंत जुट जाएं और दिल लगाकर मेहनत करें। एंटरटेनमेंट, मीडिया, आर्ट्स, आर्किटेक्चर, मेडिकल और एनवायरमेंट क्षेत्र से संबंधित पढ़ाई करने वाले छात्रों को अच्छे परिणाम प्राप्त होने की अधिक संभावना होगी। 


बुध के गोचर का देश पर कैसा होगा असर?


यदि देश की बात की जाए तो हमारे भारत के स्वतंत्र होने के समय की कुंडली के आधार पर कर्क राशि बनती है, जिससे बुध का यह गोचर तीसरे भाव में होगा। काल पुरुष की कुंडली में तीसरा भाव यातायात, संचार व्यवस्था और पड़ोसी देशों को दर्शाता है। ऐसे में बुध का गोचर आशा अनुरूप परिणाम देने में सक्षम रहेगा और जन-संचार और यातायात के क्षेत्र में अनेक प्रकार की नई योजनाओं की घोषणा सरकार द्वारा की जा सकती है, जो जनता के हित में काफी कामयाब साबित होंगी। इसके अतिरिक्त कुछ पड़ोसी मित्रों के साथ आगे बढ़ कर कुछ योग महत्वपूर्ण योजनाओं पर हस्ताक्षर किए जाने की भी संभावना बनेगी। 

चलिए अब जानते हैं बुध के कन्या राशि में गोचर कर जाने पर विभिन्न राशियों पर पड़ने वाला प्रभाव-

यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष


बुद्धि दाता ग्रह बुध का गोचर आपकी राशि से षष्ठम भाव भाव में होगा। इस भाव से हम रोग, जीवन में आने वाली रुकावटों, शत्रु पक्ष आदि के बारे में विचार करते हैं। यह गोचर आपके आर्थिक पक्ष के लिए अच्छा होगा। आपको इस दौरान धन लाभ होने के पूरे आसार हैं। इस दौरान आप अपने स्वास्थ्य के प्रति भी संजीदा रहेंगे और सेहत को दुरुस्त करने के प्रयास करते नजर आएँगे। अपने खान-पान में….आगे पढ़ें


वृषभ


आपके परिवार के लोग इस दौरान आपके मनोभावों को समझने में असमर्थ होंगे जिसकी वजह से आपको परेशानी हो सकती है। वहीं नौकरी पेशा से जुड़े लोग भी इस दौरान कार्यक्षेत्र में काम के बाेझ तले दबे रहेंगे। हालांकि अपनी कड़ी मेहनत का अच्छा फल आपको आने वाले समय में मिल सकता है। विवाहित लोगों को इस अवधि में घरवालों से बात….आगे पढ़ें

मिथुन


11 सितंबर को होने वाला बुध का यह गोचर आपके आर्थिक पक्ष के लिए अच्छा रहेगा। बुध का यह गोचर आपकी राशि से चतुर्थ भाव में हो रहा है। काल पुरुष की कुंडली में यह भाव कन्या राशि का होता है और इसे सुख भाव भी कहा जाता है। इस गोचर के दौरान आप धन की बचत कर पाने में सक्षम होंगे और अपने धन का सही तरीके से इस्तेमाल भी कर पाएंगे। इस राशि के नौकरी पेशा लोगों की आय में इस अवधि में वृद्धि हो….आगे पढ़ें

कर्क


बुध ग्रह का संचरण आपकी राशि से तृतीय भाव में होने वाला है। इस गोचर के दौरान आप खुद में साहस की कमी महसूस कर सकते हैं। जिन कामों को आप आसानी से कर लेते हैं उन्हें करने में भी इस दौरान आप घबराएंगे। इसके साथ ही कोई अनजाना डर भी इस दौरान आपको सता सकता है। परिवार की स्थिति….आगे पढ़ें

सिंह


अपने परिवार के लोगों के साथ आप बेहतरीन समय गुजारेंगे। घर के सदस्यों को खुश देखकर आपके चेहरे पर मुस्कान बनी रहेगी। धन से जुड़े लेन-देन में सावधानी बरतने की जरुरत है, हालांकि आर्थिक पक्ष के लिहाज से देखा जाए तो यह समय आपके अनुकूल है। इस राशि के कुछ जातकों को इस समय धन….आगे पढ़ें

कन्या


बुध के आपके लग्न भाव में गोचर के चलते आपको संघर्षों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि आपकी आमदनी अच्छी होगी और व्यापार में भी वृद्धि होने के योग बनेंगे। आपकी वाणी इस समय थोड़ी कन्याश हो सकती है, आप भले ही किसी का दिल न दुखाना चाहें लेकिन किसी को आपकी बात बुरी लग सकती है। सामाजिक जीवन….आगे पढ़ें

तुला


तुला राशि वालों के लिए बुध देव का गोचर उनके द्वादश भाव में हो रहा है। बुध गोचर की यह अवधि आपके विरोधियों को आपके प्रति सक्रिय कर सकती है। इस समय आपको अपने विरोधियों से सावधान होकर चलना पड़ेगा नहीं तो आप किसी बड़ी मुश्किल में फंस सकते हैं। आर्थिक पक्ष भी इस समय बहुत अच्छा….आगे पढ़ें

वृश्चिक


बुध का गोचर आपके लिए शुभफलदायी है। आर्थिक पक्ष इस दौरान मजबूत होगा और धन लाभ के योग बनेंगे। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों को उनकी मेहनत का अच्छा फल इस दौरान मिल सकता है। जिसके चलते नौकरी पेशा से जुड़े लोगों के मन में संतुष्टि का भाव आएगा। वहीं पारिवारिक जीवन में….आगे पढ़ें

धनु


कामकाजी लोगों को उनके कार्यक्षेत्र से इस अवधि में शुभ समाचार मिल सकते हैं। अगर आप लंबे समय से किसी संस्था से जुड़े थे तो इस गोचर के दौरान आपका प्रोमोशन हो सकता है और आपकी आमदनी में भी इज़ाफा हो सकता है। कारोबारी भी इस दौरान अपने कारोबार में विस्तार करने की योजना बना सकते हैं। आपके तेज में इस दौरान वृद्धि होगी और आपके विरोधी आपके सामने आने में इस समय….आगे पढ़ें

मकर


बुध ग्रह का गोचर आपकी राशि से नवम भाव में होने जा रहा है। नवम भाव को धर्म भाव भी कहा जाता है और इस भाव से हम धर्म, भाग्य और गुरु या गुरुतुल्य लोगों के साथ आपके संबंधों के बारे में विचार करते हैं। बुध का यह गोचर आपके जीवन में कुछ परेशानियाँ खड़ी कर सकता है। कुछ समस्याएं आपकी मानसिक….आगे पढ़ें

कुंभ


अष्टम भाव में बुध का यह गोचर आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकता है। इस दौरान आपके आर्थिक पक्ष में मज़बूती आने के योग हैं, अतीत में की गई योजनाओं का आपको इस दौरान लाभ मिल सकता है। इस राशि के जो जातक प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग ले चुके हैं और अब परिणामों का इंतजार कर रहे हैं उन्हें इस दौरान मनमाफिक परिणाम मिलने की उम्मीद है। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों के चेहरे पर इस….आगे पढ़ें

मीन 


बुध देव आपकी राशि से सप्तम भाव में गोचर करेंगे। इस भाव को विवाह भाव भी कहा जाता है और इससे हम जीवन में होने वाली साझेदारियों के बारे में विचार करते हैं। सप्तम भाव में बुध की स्थिति आपके लिए अच्छी नहीं मानी जा सकती। इस गोचर के दौरान आपका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है और आप….आगे पढ़ें

रत्न, यंत्र समेत समस्त ज्योतिषीय समाधान के लिए विजिट करें: एस्ट्रोसेज ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर
Read More »

शुक्र करेगा कन्या राशि में गोचर, क्या होगा आपके जीवन का हाल

कन्या राशि में शुक्र पहुँचेगा अपनी नीच राशि में। जानें शुक्र का कन्या राशि में गोचर करना आपकी राशि पर किस प्रकार का प्रभाव डालेगा।


शुक्र ग्रह को वैदिक ज्योतिष में एक शुभ ग्रह का दर्जा प्राप्त है, क्योंकि मुख्य रूप से यह अच्छे परिणाम देने में अधिक सक्षम है। यह सभी प्रकार की कलाओं का प्रदाता ग्रह है और जीवन में सौंदर्य और प्रेम का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए यह सबसे महत्वपूर्ण ग्रहों में से एक माना जाता है। यदि शुक्र बलवान हो तो व्यक्ति को सभी सुखों की प्राप्ति होती है और उसके जीवन में प्रेम की कोई कमी नहीं रहती। ऐसा व्यक्ति सभी प्रकार की कलाओं में पारंगत होता है, विशेष रूप से अभिनय, गायन, काव्य, चित्रकला अथवा संगीत आदि विषयों में उसे काफी आनंद आता है और ये उसके जीवन में सुख समृद्धि लेकर आते हैं।


दैनिक पंचांग से जुड़ी हर खबर पाने के लिए- यहाँ क्लिक करें

शुक्र ग्रह का कुंडली पर प्रभाव


वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है और इसकी अनुकूलता से व्यक्ति के जीवन में सुंदरता और आकर्षण की वृद्धि होती है। यह काल पुरुष की कुंडली में द्वितीय तथा सप्तम भाव का स्वामी माना जाता है अर्थात धन और विवाह का, यह दोनों ही किसी भी व्यक्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए शुक्र की महत्ता और भी बढ़ जाती है। यदि जीवन में सुख सुविधाएँ ही ना रहें, तो ऐसे जीवन का क्या महत्व। यही वजह है जो शुक्र को सबसे महत्वपूर्ण बनाती है, क्योंकि शुक्र ही जीवन में सुख देता है।

शुक्र वृषभ और तुला राशि का स्वामी है और भरणी, पूर्वाफाल्गुनी और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्रों का आधिपत्य भी शुक्र के पास ही है। यह मीन राशि में अपनी उच्च अवस्था में माना जाता है और कन्या राशि में अपनी नीच अवस्था में। इसकी मूल त्रिकोण राशि तुला है। बुध और शनि शुक्र के मित्र ग्रह हैं जबकि सूर्य और चंद्र को यह शत्रु मानता है।

नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की कृपा पाने का अचूक उपाय - यहाँ क्लिक कर पढ़ें

शुक्र के कन्या राशि में गोचर का समय काल 


जीवन में प्रेम और स्नेह का कारक ग्रह शुक्र मंगलवार 10 सितंबर 2019 को प्रातः 1:24 बजे सूर्य की राशि सिंह से निकलकर मित्र ग्रह बुध की राशि कन्या में प्रवेश करेगा। शुक्र का यह गोचर शुक्रवार 4 अक्टूबर 2019 प्रातः 4:56 बजे तक रहेगा और उसके बाद वह अपनी तुला राशि में प्रवेश कर जाएगा। अपनी नीच राशि में गोचर करने के दौरान शुक्र का विभिन्न राशियों पर अलग अलग तरीके से प्रभाव पड़ना लाज़मी है, इसलिए इस लेख के माध्यम से हम यह जानने का प्रयास करेंगे कि आपकी राशि विशेष पर शुक्र के इस गोचर का क्या प्रभाव पड़ने वाला है, आपको किस प्रकार के अच्छे और बुरे परिणाम मिलेंगे और किस क्षेत्र में आपको ध्यान देने की आवश्यकता होगी। तो आइए जानते हैं शुक्र के कन्या राशि में गोचर का प्रभाव:

शुक्र यंत्र को विधि अनुसार स्थापित कर पाएँ शुक्र के शुभ फल! 

आम लोगों पर शुक्र के गोचर का होगा प्रभाव 


शुक्र का यह गोचर कन्या राशि में होगा, जहां पर अभी कोई ग्रह विराजमान नहीं है, लेकिन शनि की दृष्टि शुक्र पर होगी, ऐसे में लोगों को अपने प्रेम जीवन और दांपत्य जीवन में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। कुछ विशेष स्थितियों में अलगाव की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है, लेकिन इस गोचर के कुछ दिनों उपरांत ही बुध अपनी राशि कन्या में प्रवेश करेगा, जिसकी वजह से शुक्र का भी नीच भंग हो जाएगा और यह अच्छे परिणाम देने में सक्षम होंगे। तब से रिश्तो में गर्माहट महसूस होने लगेगी और जीवन में सभी संबंधों में पड़ी धूल हट जाएगी। 

पितृ पक्ष में श्राद्ध और पिंडदान का महत्व एवं तर्पण की विधि - यहां क्लिक कर पढ़ें 

देश पर शुक्र के इस गोचर का प्रभाव:


स्वतंत्र भारत की कुंडली में शुक्र देश की राशि कर्क से तीसरे भाव में प्रवेश करेगा जिसकी वजह से टेलीकम्युनिकेशन माध्यमों के द्वारा कुछ लोग गलत बातें प्रसारित करने का प्रयास कर सकते हैं यानि कि सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर उलटे सीधे संदेश भेजकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया जा सकता है, लेकिन थोड़े दिनों बाद ही बुध का गोचर साथ में होने से स्थिति में तुरंत सुधार होगा और देश और प्रौद्योगिकी और सूचना प्रसारण के क्षेत्र में तरक्की करेगा। जहां कुछ मित्र देशों से शुरुआत में रिश्ते खराब रहेंगे, वहीं थोड़े समय बाद रिश्ते पर फिर से बातचीत प्रारंभ हो सकती है और मित्र देशों से अच्छे संबंध स्थापित रखने का पूर्ण प्रयास किया जाएगा। महिलाओं के लिए यह समय अनुकूल परिणाम देने वाला होगा।

बाज़ार पर शुक्र के इस गोचर का असर:


शुक्र का यह गोचर शेयर बाजार पर भी अपना प्रभाव डालने में सक्षम रहेगा और शुक्र से संबंधित शेयर जिनमें मुख्य रूप से कॉस्मेटिक्स, चावल, रुई, कपास, रेशमी वस्त्र, सजावटी सामान, संगीत से संबंधित वाद्य यंत्र तथा ग्लैमर और मीडिया से संबंधित कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है। घड़ियाँ, चश्मे, मोबाइल, लैपटॉप, टेबलेट, टेलीविजन, वाहन आदि के दामों में कुछ समय के लिए गिरावट आ सकती है, लेकिन कुछ समय बाद बाद फिर से इनकी बिक्री रफ्तार पकड़ लेगी। इसका तात्पर्य यह है की मंदी और तेजी दोनों देखने को मिलेंगी। 

संतान जन्म में आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए पढ़ें: संतान प्राप्ति के उपाय

आइये अब पढ़ते हैं सभी 12 राशियों पर कैसा रहने वाला है शुक्र के इस गोचर का प्रभाव:- 

यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष


शुक्र आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर करेगा। कुंडली में इस भाव को संतान भाव के नाम से भी जाना जाता है। इस भाव से रोमांस, संतान, रचनात्मकता, बौद्धिक क्षमता, शिक्षा एवं नए अवसरों को देखा जाता है। शुक्र का यह गोचर आपके प्रेम संबंधों में मिठास लाएगा। रिश्तों में प्यार के बढ़ने से निजी संबंध मज़बूत होंगे। अगर आप सिंगल हैं तो...आगे पढ़ें

https://buy.astrosage.com/service/ask-a-question?language=hi&prtnr_id=BLGHI

वृषभ


शुक्र के गोचर से आप अपने निजी जीवन से प्रसन्न रहेंगे। घर-परिवार में ख़ुशियाँ आएँगी। अगर आप जॉब के कारण घर से दूर रहते हैं तो परिजनों के साथ समय बिताने का मौ़क़ा मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में भी परिस्थितियाँ आपके अनुकूल होंगी। इस अवधि में आपकी आर्थिक...आगे पढ़ें

मिथुन


शुक्र आपकी राशि से तृतीय भाव में जाएगा। कुंडली में तीसरे घर को सहज भाव कहा जाता है। इस भाव से व्यक्ति के साहस, इच्छा शक्ति, छोटे भाई, जिज्ञासा, जुनून, ऊर्जा, जोश और उत्साह को देखा जाता है। इस गोचर के प्रभाव से आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। आप निडरता से अपनी बातों को रखेंगे। साथ ही आपके...आगे पढ़ें

कर्क


शुक्र का गोचर आपके आर्थिक पहलू को और भी मजबूत स्थिति में लाएगा। आर्थिक पक्ष को लेकर कोई रुकी हुई योजना पुनः प्रारंभ हो सकती है। प्रॉपर्टी से भी फायदा संभव है। संवाद शैली में सुधार आएगा और आप दूसरों को अपनी बातों से आकर्षित कर पाएंगे। घर-परिवार में कोई समारोह हो सकता है या फिर...आगे पढ़ें

सिंह 


शुक्र ग्रह आपकी ही राशि में गोचर करेगा जो प्रथम भाव में स्थित होगा। ज्योतिष में लग्न भाव को तनु भाव कहा जाता है। इस दौरान आप अपने अच्छे कार्यों के लिए जाने जाएंगे। बीते समय में किए गए संघर्षों का लाभ इस दौरान प्राप्त होगा। शुक्र के प्रभाव से आपके व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा जिससे आपके प्रति ...आगे पढ़ें

कन्या


विदेश गमन के योग बन रहे हैं। करियर में नए अवसर के लिए आप विदेश की ओर भी अपना रुख़ कर सकते हैं। लंबी दूरी की यात्रा संभव है। यह यात्रा आपके लिए लाभकारी सिद्धि हो सकती है। पिकनिक या कहीं बाहर घूमने जाने का प्लान बन सकता है। जीवन साथी की सेहत...आगे पढ़ें

पढ़ें राशि रत्न से जुड़ी हर अहम बात ज्योतिषीय तथ्य

तुला


शुक्र आपकी राशि से एकादश भाव में स्थित होगा। कुंडली में एकादश भाव को आमदनी का भाव कहा जाता है। इस भाव से आय, जीवन में प्राप्त होने वाली सभी प्रकार की उपलब्धियाँ, मित्र, बड़े भाई-बहन आदि को देखा जाता है। इस दौरान आपके जीवन में खुशहाली व समृद्धि आएगी। आप जो भी करेंगे उसमें सफलता मिलेगी। दिल की कोई मुराद...आगे पढ़ें

वृश्चिक


शुक्र आपकी राशि से दशम भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में दशम भाव करियर, पिता की स्थिति, रुतबा, राजनीति एवं जीवन के लक्ष्यों की व्याख्या करता है। इसे कर्म भाव भी कहा जाता है। शुक्र के कर्म भाव में गोचर से आपको कार्य क्षेत्र में ज़बरदस्त लाभ होगा। आपके कार्य क्षेत्र का दायरा बढ़ेगा। करियर में तरक्की होगी। ऑफिस में आपको नई...आगे पढ़ें

जानें 17 सितम्बर को सूर्य के कन्या राशि में गोचर का प्रभाव: यहाँ क्लिक करें

धनु


गोचर के दौरान आपको अच्छे फलों की प्राप्ति होगी। भाग्य का साथ आपको कई क्षेत्रों में सफल परिणाम दिलाएगा। छात्रों को गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त होगा। उनके आशीर्वाद से आप अपनी पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। आप अपने सिद्धांतों को आगे रखेंगे और उन्हीं के अनुसार...आगे पढ़ें

मकर


शुक्र आपकी राशि से अष्टम भाव में स्थित होगा। वैदिक ज्योतिष में कुंडली के अष्टम भाव को आयुर्भाव कहा जाता है। इस भाव से जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव, अचानक से होने वाली घटनाएँ, आयु, रहस्य, शोध आदि को देखा जाता है। गोचर के प्रभाव से आपका मन भौतिक सुखों के प्रति अधिक लगेगा। मन में वासनात्मक विचार ...आगे पढ़ें

कुंभ


शुक्र का शुभ प्रभाव आपके वैवाहिक जीवन को मधुर बनाएगा। जीवनसाथी और आपके बीच सामंजस्य की स्थिति बनेगी। जीवनसाथी आपकी भावनाओं की कद्र करेगा, साथ ही आप दोनों के बीच प्रेम भी बढ़ेगा। निजी जीवन में सकारात्मकता आएगी। वहीं प्रेम जीवन में भी आप अपने लव पार्टनर के प्रति अधिक ...आगे पढ़ें

मीन


शुक्र आपकी राशि से षष्टम भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में इस भाव को शत्रु भाव कहा जाता है। इस भाव से विरोधियों, रोग, पीड़ा, जॉब, कम्पीटीशन, रोग प्रतिरोधक क्षमता, शादी-विवाह में अलगाव एवं क़ानूनी विवादों को देखा जाता है। चूंकि शुक्र एक अच्छा ग्रह है और अच्छे ग्रह छठे, आठवें और द्वादश भाव में अच्छे फल नहीं देते हैं। इस दौरान आपको...आगे पढ़ें

रत्न, यंत्र समेत समस्त ज्योतिषीय समाधान के लिए विजिट करें: एस्ट्रोसेज ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर
Read More »

साप्ताहिक राशिफल (9 - 15 सितंबर 2019)

इस हफ्ते कैसा रहेगा सितारों का मिज़ाज और क्या होगा उनका आपके जीवन पर असर? जीवन के सभी पहलुओं को छूता हुआ साप्ताहिक राशिफल 9 से 15 सितंबर 2019, जो आपकी सहायता करेगा यह जानने में कि आने वाला सप्ताह आपके निजी जीवन और आपके व्यवसायिक जीवन अथवा पेशेवर जीवन के लिए कैसा रहने वाला है। केवल इतना ही नहीं इसके साथ ही आप जानेंगे कि आपकी लव लाइफ में क्या नया होने वाला है।



एस्ट्रोसेज आप सभी का एक बार फिर स्वागत करता है। हम एक बार फिर हाज़िर हैं लेकर साप्ताहिक राशिफल जो बताएगा 9 सितंबर से लेकर 15 सितंबर 2019 तक का हाल और इस दौरान क्या क्या होगा आपके जीवन में नया और खास। इस साप्ताहिक राशिफल को हमारे विद्वान ज्योतिषियों ने मेहनत के साथ तैयार किया है, जिससे आपको अधिक से अधिक लाभ मिल सके और आप अपने आने वाले 7 दिनों की प्लानिंग भली प्रकार कर सकें। इस सप्ताह आपके जीवन में किस तरह की अच्छे बड़ी घटनाएँ होने वाली हैं अथवा आपके प्रेम जीवन में किस तरह के उतार-चढ़ाव आएँगे या दांपत्य जीवन में प्यार मिलेगा अथवा जीवनसाथी से झगड़ा होगा, माता पिता का स्वास्थ्य कैसा रहेगा और भाई बहनों का सहयोग मिलेगा अथवा नहीं। साथ ही आप जान सकते हैं कि इस सप्ताह आपके व्यापार में क्या उतार-चढ़ाव आएँगे, आपको इस दौरान कोई नया काम करना चाहिए या नहीं और साथ ही साथ यदि आप नौकरी करते हैं, तो उसमें कैसी स्थिति रहने वाली है, इन सभी मुद्दों पर प्रकाश डालेगा हमारा साप्ताहिक राशिफल 9 से 15 सितंबर 2019, तो आइए जानते हैं इस सप्ताह क्या खास होने वाला है। 

पितृ पक्ष में श्राद्ध और पिंडदान का महत्व एवं तर्पण की विधि - यहां क्लिक कर पढ़ें 

इस हफ्ते किन राशि वालों को रहना होगा सावधान


इस सप्ताह की ग्रह स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह कह सकते हैं कि इस हफ्ते वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला और कुंभ राशि वाले लोगों को अनेक प्रकार के लाभ होंगे और उनके लिए सप्ताह काफी हद तक अनुकूल रहेगा। पारिवारिक और पेशेवर जिंदगी में उन्हें अनेक प्रकार के अच्छे परिणामों की प्राप्ति होगी और आप में से कुछ लोगों को अपने बिज़नेस को विस्तार देने में भी सफलता प्राप्त होगी। धनु और मकर राशि वालों को विशेष रूप से सावधान रहना होगा और इस दौरान इनको स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं परेशान कर सकती हैं और उनके साथ साथ दांपत्य और पारिवारिक जीवन में भी तनाव बढ़ने से मानसिक अशांति बढ़ने का खतरा रहेगा। हमने साप्ताहिक राशिफल में आपको कुछ उपाय दिए हैं, जिनको पूरे विश्वास से करने से आप अपनी समस्याओं से डटकर मुकाबला कर सकते हैं और अच्छा जीवन व्यतीत करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। 

इस सप्ताह का हिन्दू पंचांग एवं ज्योतिषीय तथ्य


हिन्दू पंचांग की गणना के अनुसार, इस सप्ताह की शुरुआत शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि से होगी और सप्ताह का अंत कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ होगा। वहीं इस सप्ताह में चंद्र देव धनु राशि में स्थित होंगे और फिर मकर राशि और कुम्भ राशि से गुज़रते हुए मीन राशि में गोचर करेंगे। इसी सप्ताह सौंदर्य को देने वाले शुक्र देव भी 10 सितम्बर को कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। इसके अगले दिन यानि कि 11 सितम्बर को बुद्धि के देवता बुध देव अपनी उच्च राशि कन्या में गोचर करेंगे। ऐसी स्थिति में चंद्रमा के गोचर के साथ-साथ शुक्र और बुध के गोचर का प्रभाव भी इस सप्ताह सभी बारह राशियों पर पड़ेगा। 


अगर इस सप्ताह के व्रत और त्यौहार की बात की जाए तो 9 सितम्बर को पार्श्व एकादशी व्रत, 11 को प्रदोष व्रत (शुक्ल) होगा तथा इसी दिन ओणम/थिरुवोणम का पर्व मनाया जायेगा। 12 सितम्बर को अनंत चतुर्दशी / अनंत चौदस होगी और 14 सितम्बर को भाद्रपद पूर्णिमा व्रत रखा जायेगा। 

नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की कृपा पाने का अचूक उपाय - यहाँ क्लिक कर पढ़ें

शेयर बाज़ार में इस सप्ताह


इस सप्ताह भी शेयर बाजार पिछले सप्ताह की भांति तेजी और मंदी के दौर से उतरता और चढ़ता रहेगा। सोने की कीमतों में भारी इज़ाफा होने की संभावना है और 41 हजार के स्तर को छू सकता है। इसके अतिरिक्त चाँदी तथा अन्य कीमती धातुओं के दामों में भी वृद्धि होने की पूरी संभावना रहेगी। रेशम, रुई, शक्कर, बाजरा, ज्वार, मटर, मूंग, अरहर, ग्वार, कपास, घी, पीली सरसों, अलसी, मूंगफली, अरंड, सौंफ, रेशम, कागज, टेक्सटाइल, और ताँबा आदि के दामों में तेजी देखने को मिलेगी। मुख्य रूप से शेयर मार्केट की बात की जाए तो इंश्योरेंस, टेलीकम्युनिकेशन, मोबाइल, बैंकिंग, एफएमसीजी, मीडिया, टेक्सटाइल, फाइनेंस, पेपर, इंटरनेट, कृषि उत्पाद, कपास, एक्सपोर्ट तथा एविएशन सेक्टर की कंपनियों के शेयर पहले मंदी से जूझेंगे लेकिन 11 तारीख से उनमें तेजी आ जाएगी और इस सप्ताह उनमें अधिक तेजी देखने को मिलेगी। सौंदर्य प्रसाधनों जैसे कॉस्मेटिक्स और वस्त्र निर्माता कंपनियों के दामों में पहले काफी मंदी आएगी लेकिन फिर धीरे-धीरे मार्केट ऊपर की ओर जाएगा। 


जन्मदिन विशेष 


इस सप्ताह चर्चित हस्तिओं में मशहूर अभिनेता और खिलाड़ी कुमार के नाम से जाने जाने वाले अक्षय कुमार 9 सितम्बर को अपना जन्मदिन मनाएंगे। इसके अगले दिन 10 को बॉलीवुड फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप का जन्मदिन है। 14 सितम्बर को अभिनेता आयुष्मान ख़ुराना का जन्मदिन मनाया जायेगा। हमारी ओर से इन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएँ। आइये चलिए अब जानते हैं इस सप्ताह का राशिफल:-

यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष


सप्ताह की शुरुआत नवम भाव में चंद्र के गोचर से होगी। इस समय आप समाज के बीच अपनी पकड़ कुछ कमज़ोर होती महसूस करेंगे। क्योंकि इस समय आपके मान-सम्मान में विशेष तौर पर कमी देखी जा सकती है। अपने पिता जी का ध्यान रखें उन्हें कोई समस्या परेशान कर सकती है। इस दौरान यात्रा के योग बन रहे हैं, लेकिन ये यात्रा आपके लिए...आगे पढ़ें


प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए ये सप्ताह आपके लिए अनुकूल है। क्योंकि इस सप्ताह जो प्रेमी शादी करने का फैसला ले चुके हैं वो अपने प्रियतम को अपने परिजनों से मिलवा सकते हैं। आपका ये कदम आप दोनों के रिश्तों में मज़बूती लेकर आएगा। हालांकि बीच-बीच में आपका...आगे पढ़ें

वृषभ


सप्ताह की शुरुआत में चंद्र देव आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर होंगे। इस भाव से हम जीवन में आने वाले उतार चढ़ावों और अचानक से होने वाली घटनाओं के बारे में विचार करते हैं। इस भाव में चंद्र के गोचर के दौरान आपको यात्रा पर जाना पड़ सकता है और संभावना है कि आपको इस यात्रा से कष्ट हो। इस समय आपके...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- इस दौरान आपके लिए मर्यादित आचरण करना ही आपके सम्मान और आपके भविष्य के लिए बेहतर रहेगा। वहीं शादीशुदा जातकों की बात करें तो आपके दांपत्य जीवन में स्थितियाँ पहले...आगे पढ़ें

मिथुन


यह सप्ताह आपके लिए मिला जुला रहने की उम्मीद है। इस भाव से जीवन में होने वाली साझेदारियों के बारे में पता चलता है। ऐसे में इस दौरान आपको अपने दांपत्य जीवन में तनाव देखने को मिलेगा। साथ ही ये समय आपको और आपके जीवन साथी को स्वास्थ्य कष्ट भी प्रदान करें। हालांकि व्यापारियों को अपने व्यापार में ...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- आपके संबंधों में भी गहराई आएगी और आपका प्रेम जीवन बढ़िया चलेगा। वहीं वैवाहिक जातकों की बात करें तो उन्हें अपने शादीशुदा जीवन में प्रेम की भरमार महसूस होगी क्योंकि प्रेम की बरसात इस पूरे ही सप्ताह आपके जीवन में चार-चाँद लगाने का काम...आगे पढ़ें

ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से मुफ्त जन्म कुंडली प्राप्त करें।

कर्क


इस सप्ताह कुछ हद तक आपके अवांछित खर्च होने की संभावना भी है। हालांकि इस भाव के बाद चन्द्रमा आपकी राशि के सप्तम भाव में गोचर कर जाएगा जिससे आपके जीवन में कुछ स्थिति ऊपर-नीचे वाली बनती दिखाई देगी। इस समय जीवन के कई क्षेत्रों में आपको परिश्रम करना होगा। जैसे दांपत्य जीवन में तो मधुरता रहेगी जिससे आप अपने जीवन साथी...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए ये सप्ताह थोड़ा बहुत चुनौती पूर्ण रहेगा। क्योंकि इस हफ्ते आपके प्रियतम का स्वास्थ्य कमजोर पड़ सकता है अथवा उनका किसी से झगड़ा हो सकता है, जिसके कारण उनका मूड खराब रहेगा और इसका असर आपके रिश्ते पर भी साफ़ तौर से पड़ेगा। ऐसे में यदि आप उन्हें...आगे पढ़ें

सिंह


दांपत्य जीवन में आपकी संतान पक्ष को कष्ट हो सकता है क्योंकि उन्हें कुछ परेशानी होने के योग बन रहे हैं। आप यदि अपने कार्य क्षेत्र में ट्रांसफर चाह रहे थे तो इस वक़्त उस दिशा में अपने प्रयास तेज कर लें क्योंकि आपके तबादले या बदलाव की संभावना दिखाई दे रही है। इसके बाद षष्ठम भाव में चंद्र के गोचर के...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए ये सप्ताह काफी अनुकूल रहेगा क्योंकि द्वितीय भाव में शुक्र की उपस्थिति आपके प्रेम को बढ़ाएगी। हालांकि सूर्य देव बीच-बीच में आपकी परीक्षा लेते दिखाई देंगे लेकिन इस दौरान आपको घबराने की आवश्यकता नहीं हैं, क्योंकि इस परीक्षा से आपका प्यार...आगे पढ़ें

कन्या


सप्ताह की शुरुआत में जिस वक़्त चंद्र देव आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर करेंगे, उस वक़्त आपको अपनी माता जी की सही देख-भाल सुनिश्चित करनी होगी क्योंकि उनका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। इस समय आपके पारिवारिक जीवन में घरेलू झगड़े हो सकते है, जिससे आपका मन उदास हो जाएगा। ऐसे में घर-परिवार में ...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए ये सप्ताह अधिक अनुकूल नहीं कहा जा सकता क्योंकि इस सप्ताह अधिकांश पाप प्रभाव देने वाले ग्रहों के प्रभाव से आपके प्रेम संबंध काफी नाज़ुक दौर से गुजरेंगे। ऐसे में आपको धैर्य बनाए रखने का ही प्रयास करना होगा अन्यथा आपका रिश्ता टूट भी सकता है। हालांकि बाद में आप अपनी सही समझ को दिखाते हुए अपने इस पवित्र रिश्ते को प्रेम...आगे पढ़ें


तुला


आपके प्रयासों में कुछ कमी आएगी, जिसे आपको खुद ही दूर करने की ज़रूरत पड़ेगी। इस वक़्त आप में आलस्य की अधिकता देखी जायेगी और आपका अपने किसी सहकर्मियों से विवाद हो सकता है। इसके बाद चंद्र देव आपकी राशि के चतुर्थ भाव में गोचर कर जाएंगे जिससे आपके पारिवारिक जीवन को लाभ मिलेगा क्योंकि ये समय परिवार के लिए ...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए ये हफ्ता आपको मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। आपकी मन में चली आ रही किसी दुविधा की स्थिति आपको अपने अन्य कामों में इतना व्यस्त रखेगी कि आप अपने प्रियतम को समय मुमकिन है कि समय न दें या कम दे, जिससे वो आप पर ...आगे पढ़ें

वृश्चिक


आपको किसी प्रकार की यात्राओं में भी सफलता मिलेगी। इस लिए इन्ही दिशाओं में अपने प्रयास जारी रखें। इसके बाद चंद्र का गोचर तृतीय भाव में होगा, जिस दौरान आपके साहस और पराक्रम में कमाल की वृद्धि देखने को मिलेगी। आप इस समय अवसर का फायदा उठाते हुए नए कार्यों को करने का प्रयास करते नज़र आएंगे। आप अपनी जिम्मेदारियों...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- आप दोनों के रिश्तों में तो मज़बूती आएगी ही, साथ ही आपका प्रेमी भी आप पे अपना विश्वास दिखा पाएगा। हालांकि बीच-बीच में आपका प्रियतम किसी कारण वश थोड़ा नाराज़ दिख सकता है लेकिन उस समय आपको इस बात का ध्यान देना होगा कि उनका वो गुस्सा क्षण भर...आगे पढ़ें

धनु


सप्ताह की शुरुआत में जिस वक़्त चंद्र देव आपकी राशि से लग्न भाव में गोचर करेंगे, उस वक़्त आपको मानसिक तनाव होने से स्वास्थ्य कमजोर की शिकायत रहेगी। मानसिक परेशानी होने से निराशा का भाव इस वक़्त आपके मन में हमेशा रहेगा, जिसके चलते आप अपने दांपत्य जीवन का ...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए ये सप्ताह आपके लिए अधिक अनुकूल नहीं नज़र आ रहा है। प्रियतम के प्रति तो इस वक़्त आपके मन में प्यार रहेगा लेकिन प्रियतम कुछ कामों में उलझा सा दिखाई दे सकता है जिससे आप दोनों में दूरियाँ आने की संभावना है। इसलिए जब भी समय...आगे पढ़ें

मकर


इस वक़्त आपके ख़र्चों में अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिलेगी। इस वक़्त आपको अपने विरोधी पक्ष से सावधान रहना होगा क्योंकि वो आपको परेशान कर सकते हैं। हालांकि विदेशी संपर्कों से व्यापारियों को अपने व्यापार में अच्छा लाभ मिलेगा। इसके बाद जब चंद्र देव आपकी ही राशि में यानि आपके लग्न भाव में गोचर कर जाएंगे तो आपका मानसिक तनाव थोड़ा कम हो सकता है। आपको अपने दांपत्य जीवन में खुशी की अनुभूति होगी। शत्रु पक्ष ...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधों के लिए ये सप्ताह देखा जाए तो पूर्व की तरह ही सामान्य रहेगा। हालांकि शुक्र की नवम भाव में स्थिति और बृहस्पति ग्रह की दृष्टि आपके प्रेम संबंधों में उतार-चढ़ाव की स्थिति उत्पन्न कर सकती है। इस दौरान किसी कारण वश आपका प्रिय आपसे कुछ समय के लिए...आगे पढ़ें

कुंभ


सप्ताह की शुरुआत में जिस वक़्त चंद्र देव आपकी राशि से एकादश भाव में होगा उस वक़्त आपको अपनी आमदनी में वृद्धि महसूस होगी। इस वक़्त आपको अपने प्रयासों में कोई कमी नहीं लानी होगी तभी सफलता मिलेगी। हालांकि ये समय आपको बड़े भाई-बहनों से किसी भी तरह का विवाद नहीं करना होगा अन्यथा वो विवाद झगड़े का रूप ले सकता है। साथ ही कार्य स्थल पर भी आपको अपने वरिष्ठ अधिकारियों से...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए ये सप्ताह कुछ अनुकूल रहने की उम्मीद है। बुध और शुक्र की आपकी राशि के अष्टम भाव में युति होने से आपके प्रेम जीवन को ईश्वर की कृपा प्राप्त होगी। जिससे आप प्रेमी संग खट्टे-मीठे पलों के साथ अपना प्रेम संबंध आगे बढ़ाते हुए नज़र आएंगे। वहीं शादीशुदा...आगे पढ़ें

मीन


आपकी कई महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति होगी। चंद्र का गोचर द्वादश भाव में होने से आपको किसी यात्रा पर ख़ास तौर से यदि आप शिक्षा के लिए विदेश जाने की योजना बना रहे थे तो इस समय वहां जाने का मौका मिल सकता है। जिसके चलते इसी संदर्भ में आपके खर्चें होंगे। हालांकि इस दौरान आपके खर्चे नियंत्रण में रहेंगे और आप अपने विरोधियों पर...आगे पढ़ें 

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए ये सप्ताह बिल्कुल भी अनुकूल नहीं कहा जा सकता। क्योंकि आप पर कई पाप ग्रहों का प्रभाव साफ़ तौर से होने से आपके और आपके प्रेमी के बीच ग़लतफहमी के कारण रिश्ता खराब हो सकता है इसलिए इस समय बेहतर होगा कि जितना मुमकिन...आगे पढ़ें

रत्न, यंत्र समेत समस्त ज्योतिषीय समाधान के लिए विजिट करें: एस्ट्रोसेज ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर
Read More »

महालक्ष्मी व्रत आज, जानें इस व्रत को रखने से कैसे फल प्राप्त होते हैं

हिंदू धर्म में माता लक्ष्मी को समृद्धि की देवी के रुप में जाना जाता है। लक्ष्मी माता भगवान विष्णु की पत्नी हैं और भक्तों के दुख हरने वाली हैं। हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोग लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्त करने के लिये उनकी पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं। खासकर भाद्रपद की शुक्ल अष्टमी से शुरु होने वाले महालक्ष्मी व्रत का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है। साल 2019 में भाद्रपद की शुक्ल अष्टमी 6 सितंंबर को पड़ेगी और इसी दिन से महालक्ष्मी व्रत आरंभ होगा। इस व्रत से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त करने के लिये हमारा यह लेख पढ़ें।




शास्त्रों के अनुसार महालक्ष्मी व्रत सभी मनोकामनाओं को पूरा करने वाला बताया गया है। इसके साथ ही जीवन में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिये भी लोग महालक्ष्मी व्रत रखते हैं। यह व्रत 16 दिनों तक चलता है। हालांकि आप यदि 16 दिन व्रत रखने में समर्थ नहीं हैं तो केवल तीन दिनों (पहले, आठवें और सोलहवें दिन) का व्रत भी रख सकते हैं। हालांकि व्रत चाहे कितने भी दिनों का हो अपने तन औऱ मन को सभी सोलह दिनों तक आपको शुद्ध बनाये रखना चाहिये। महालक्ष्मी के व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करें तो आपके लिये अति उत्तम रहेगा। 

साल 2019 में महालक्ष्मी व्रत


महालक्ष्मी व्रत आरंभशुक्ल अष्टमी, भाद्रपद मास 6 सितंबर
महालक्ष्मी व्रत समाप्ति कृष्ण अष्टमी, अश्विन मास 22 सितंबर

महालक्ष्मी व्रत विधि


  • माता महालक्ष्मी के व्रत के दिन आपको उठते ही कुछ देर माता का ध्यान करना चाहिये। इसके बाद आपको स्नानआदि से निवृत होकर अपने घर और पूजा स्थल को भी साफ करना चाहिये।
  • इसके बाद महालक्ष्मी व्रत का संकल्प लेना चाहिये और माता से प्रार्थना करनी चाहिये कि मेरा यह व्रत सफल हो औऱ इसमें कोई विघ्न न आए।
  • यदि आपने सोलह दिनों या तीन दिनों का महालक्ष्मी व्रत लिया है तो हर दिन सुबह शाम आपको माता की पूजा करनी चाहिये।
  • व्रत के सोलह दिनों तक घर की साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।
  • सोलहवें दिन जब व्रत पूरा हो जाए तो उस दिन लाल रंग के वस्त्र से एक मंडप बनाकर उसमें मॉं लक्ष्मी की प्रतिमा रखनी चाहिये।
  • माता के पूजन के लिये फल, फूल, मिठाई, मेवा, कुमकुम आदि पूजा स्थल पर रखें।
  • पूजा के दौरान माता को 16 बार सूत चढ़ाई जानी चाहिये और नीचे दिये गये मंत्र का उच्चारण करना चाहिये। इस मंत्र का सारांश यह है कि, हे माता लक्ष्मी आप मेरे द्वारा लिये गये इस व्रत से संतुष्ट हों।
क्षीरोदार्णवसम्भूता लक्ष्मीश्चन्द्र सहोदरा। 
व्रतोनानेत सन्तुष्टा भवताद्विष्णुबल्लभा।।
  • इसके बाद माता लक्ष्मी को पंचामृत से स्नान करवाएं और षोडशोपचार पूजा करें। यदि आपकी सामर्थ्य है तो इस दिन आपको चार ब्राह्माणों को भोजन अवश्य करवाना चाहिये।
  • महालक्ष्मी के व्रत के दिन एक बात का ध्यान जरुर रखना चाहिये कि आप फल, दूध और मिठाई के अलावा कुछ भी न खाएं।


महालक्ष्मी व्रत कथा

महालक्ष्मी व्रत से जुड़ी एक कथा हमारे पुराणों में मिलती है। इस कथा के अनुसार एक गांव में एक गरीब ब्राह्मण निवास करता था जो भगवान विष्णु का भक्त था। एक बार उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उसे दर्शन दिये और उससे वरदान मांगने को कहा। भगवान की बात को सुनने के बाद ब्राह्मण ने लक्ष्मी जी का निवास घर में होने की कामना रखी। ब्राह्मण की इच्छा को सुनने के बाद विष्णु भगवान ने कहा कि तुम्हारे गांव के मंदिर के पास एक महिला उपले थापती है वही देवी लक्ष्मी हैं उस स्त्री यानि देवी लक्ष्मी को अपने घर आने का आमंत्रण दो।

भगवान विष्णु के बताये अनुसार उस ब्राह्मण ने वैसा ही किया। वह उपल थापने वाली स्त्री यानि देवी लक्ष्मी के पास गया और उन्हें घर आने का निमंत्रण दिया। उसकी बातों को सुनकर देवी लक्ष्मी समझ गयीं कि यह काम भगवान विष्णु का है। इसके बाद उन्होंने ब्राह्मण से कहा कि तुम 16 दिनों तक महालक्ष्मी का व्रत रखो और 16 वें दिन रात के समय चंद्रमा को अर्घ्य दो ऐसा करने से तुम्हारी मनोकामना पूरी होगी। ब्राह्मण ने देवी की बातों को सुनकर विधि-विधान से महालक्ष्मी का व्रत रखा और 16 वें दिन लक्ष्मी जी ने अपना वचन निभाया। तब से महालक्ष्मी का व्रत भारत के लोगों द्वारा रखा जाने लगा। 

महालक्ष्मी व्रत का फल


माता महालक्ष्मी को उल्लास और विनोद की देवी भी माना जाता है। अगर आप विधि-विधान औऱ स्वच्छ मन से इस व्रत को रखते हैं तो माता महालक्ष्मी की कृपा आप पर अवश्य बरसती है। आपका व्रत यदि सफल होता है तो आपके जीवन में धन से जुड़ी परेशानियां दूर हो जाती हैं और सामाजिक स्तर पर आप अच्छे फल प्राप्त कर पाते हैं। आपको बस यह ध्यान रखने की जरुरत है कि आपके द्वारा महालक्ष्मी व्रत के दौरान कोई भी अनुचित काम न हो। व्रत के दौरान आपको अपने तन और मन को पवित्र रखना चाहिये।
Read More »

शिक्षक दिवस स्पेशल: इस तरीके से दिखाएं अपने करियर को सही राह

भारत का शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाया जाएगा। इस दिन अपने शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें और हम से जाने की किस तरीके से आप अपने करियर को सही राह पर ले जा सकते हैं। इस विशेष दिन पर हमारा यह लेख बताएगा देश के आने वाले कल की स्थिति और ज्योतिषीय भविष्यवाणी !



शिक्षक जिसे गुरु भी कहा जाता है उसका अर्थ है ज्ञान देने वाला अर्थात शिक्षा देने वाला। गुरु जिन दो शब्दों से मिलकर बना है, उनका अर्थ है, अंधेरे से बाहर लाने वाला। अर्थात अज्ञानता के अंधेरे से बाहर निकालकर ज्ञान के प्रकाश में लाकर जीवन को आलोकित करने वाला गुरु है। गुरु की महिमा को शास्त्रों में भी स्थान दिया गया है इस संबंध में यह श्लोक जगत में प्रसिद्ध है:

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरः, 
गुरु साक्षात परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः। 

गुरु ही ब्रह्मा गुरु ही विष्णु है और गुरु ही महेश्वर हैं वास्तव में गुरु ही साक्षात परम ब्रह्म है इसलिए हम गुरुदेव को नमन करते हैं। यही वजह है कि गुरु को ईश्वर से भी बड़ा दर्जा दिया गया है। कबीर दास जी ने भी गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा है कि:

गुरू गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पांय।
बलिहारी गुरू अपने गोविन्द दियो बताय।।

इस प्रकार जीवन में गुरु का महत्व सबसे अधिक माना जाता है क्योंकि वह हमारे जीवन को सही मार्ग पर ले कर आता है और हमें इस योग्य बनाता है कि हमारा चरित्र विकसित हो और हम जीवन में अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के योग्य बन सकें। यूं तो गुरु का धन्यवाद करने के लिए कोई विशेष दिन नहीं होता लेकिन भारत में 5 सितंबर को प्रतिवर्ष शिक्षक दिवस अर्थात टीचर्स डे के रूप में मनाया जाता है। इसकी क्या वजह है, यह अब आपको बताते हैं: 

शिक्षक दिवस मनाने का कारण


हमारे देश भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था। वे शिक्षा को बहुत महत्व देते थे। इन पदों को सुशोभित करने से पहले वह एक शिक्षक थे और अपनी इस पद को वह सबसे बड़ा मानते थे। क्योंकि शिक्षक का कार्य समाज का निर्माण करना है। उनके अनुसार देश में शिक्षकों का मानचित्र सबसे अधिक अच्छा होना आवश्यक है क्योंकि भावी पीढ़ी का निर्माण उन्हीं के कंधों पर होता है। वे एक महान दार्शनिक और लेखक भी थे। वे भारतीय संस्कृति के संवाहक होने के साथ-साथ दर्शन शास्त्री और प्रख्यात शिक्षाविद् भी थे। 

उन्होंने आँध्र विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर तथा ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय में प्राध्यापक के पद को सुशोभित किया। उसके बाद कलकत्ता विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले जॉर्ज पंचम कॉलेज के प्रोफेसर बने और फिर काशी हिन्दू विश्‍वविद्यालय के चांसलर रहे। इसके उपरांत वे दिल्ली विश्‍वविद्यालय के चांसलर भी रहे। भारत की आज़ादी से पहले भी अंग्रेजों द्वारा उन्हें उनके ज्ञान और योग्यता के कारण ब्रिटिश साम्राज्य द्वारा "सर" की उपाधि प्रदान की गयी थी। सन 1954 में भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ॰ राजेंद्र प्रसाद जी ने उन्हें उनकी महान दार्शनिक क्षमता व शैक्षिक योग्यताओं एवं उपलब्धियों के लिये देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न प्रदान किया।

सन 1962 में जब वे देश के राष्ट्रपति बने तो उनके छात्र उनको सम्मान देने के लिए उनके जन्मदिन को राधाकृष्णन दिवस के रूप में मनाना चाहते थे लेकिन डॉ राधाकृष्णन ने उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया और कहा कि मुझे गौरव होगा यदि मेरे जन्मदिन को मेरे नाम की जगह शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए और शिक्षकों को सम्मान के रूप में इस दिवस को याद रखा जाए। तब से लेकर आज तक 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाने का चलन है जिस दिन सभी स्कूल कॉलेज में छात्र अपने शिक्षकों को थोड़ा गुरुओं को सम्मान स्वरूप टीचर डे मनाते हैं। 

भारत में शिक्षक दिवस का महत्व


भारत देश की संस्कृति बहुत पुरानी है और यहां पर शुरू से ही गुरुकुल की परंपरा रही है और गुरुओं का सम्मान किया जाता है। 5 सितम्बर के दिन विशेष रूप से शिक्षकों को सम्मान देने की परंपरा है। इस दिन सभी छात्र मिलकर शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं आप शिक्षक उनका धन्यवाद करते हैं। एक तरीके से भारत में शिक्षक दिवस के समारोह के रूप में मनाया जाता है। इस दिन शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच बेहतर सामंजस्य रहता है और विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं भी स्कूल कॉलेज स्तर पर आयोजित की जाती हैं। वास्तव में टीचर्स डे भारतीय संस्कृति को परिलक्षित करता है और जीवन में शिक्षकों की आवश्यकता और अपनी के महत्व पर प्रकाश डालता है।

सितंबर के महीने में अपने पितरों को करें प्रसन्न और जानें पितृ पक्ष में श्राद्ध और पिंडदान का महत्व एवं तर्पण की विधि: यहां क्लिक कर पढ़ें !


शिक्षक दिवस पर जानें उत्तम शिक्षा के योग 


वैदिक ज्योतिष के अंतर्गत व्यक्ति को जीवन को ग्रुप में और नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर अनेक प्रकार से प्रभाव मिलते हैं और ग्रहों की स्थिति के आधार पर कुछ ऐसे लोग हैं जिनके व्यक्ति को अच्छी शिक्षा मिलने की संभावना का पता चलता है। कुंडली के विभिन्न भाव शिक्षा और शिक्षकों के बारे में बताते हैं। जन्म कुंडली में चतुर्थ भाव और पंचम भाव शिक्षा तथा बुद्धि के बारे में बताते हैं। यदि इन भावों के स्वामी अनुकूल स्थिति में हो और मजबूत हो तथा जन्म कुंडली में इन भावों पर शुभ ग्रहों की दृष्टि हो तो व्यक्ति को अच्छी शिक्षा मिल सकती है। 

कुंडली का नवम भाव हमारे गुरु अर्थात टीचर के बारे में बताता है और नवम भाव से ही उच्च शिक्षा का भी पता चलता है। कुंडली में बृहस्पति ग्रह जहां हमारे ज्ञान को बताता है, वहीं बुध ग्रह बुद्धि को तथा शुक्र ग्रह कल्पनाशीलता को परिभाषित करता है। कुंडली का दूसरा भाव व्यक्ति की निपुणता का परिचायक होता है। यदि पंचम भाव का संबंध नवम भाव से हो तथा इनके स्वामी कुंडली के केंद्र अथवा त्रिकोण भावों में शुभ योगों में हों तो व्यक्ति को उत्तम शिक्षा की प्राप्ति होती है और उसकी गणना विद्वानों में होती है। इस प्रकार वैदिक ज्योतिष भी हमें शिक्षा की स्थिति के बारे में बताता है। 


इस तरीके से दिखाएं अपने करियर को सही राह


प्रत्येक विद्यार्थी और उनके माता-पिता का यह सपना होता है कि उनकी संतान भविष्य में एक अच्छा मुकाम हासिल करें और उसका करियर काफी उन्नति प्राप्त करें और इसके लिए वे अच्छी से अच्छी शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। कई बार ऐसी स्थितियां निर्मित होती हैं कि हम ऐसी शिक्षा प्राप्त कर लेते हैं जो भले ही हमारे ज्ञान की वृद्धि करती हो लेकिन हमारे करियर को सही दिशा में ले जा पाने में असमर्थ हो जाती है। ज्योतिष के नजरिए से देखने पर पता चलता है कि आप जो शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं क्या वह आपके व्यवसाय अथवा पेशे में योगदान देगी अथवा आप उससे अलग किसी अन्य क्षेत्र में काम करेंगे और आपका करियर किसी दूसरे क्षेत्र में बनेगा। इसलिए जानना अति आवश्यक हो जाता है कि हमें किस दिशा में अपनी शिक्षा प्राप्त करने चाहिए ताकि वह हमारे करियर को ऊपर उठाने में सहायक बने। सही समय पर प्राप्त की गई सही शिक्षा हमारे करियर को मजबूती देती है। 

एस्ट्रोसेज ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस उद्देश्य के साथ कि प्रत्येक विद्यार्थी को सही मार्गदर्शन मिल सके एक ऐसी रिपोर्ट का निर्माण किया है जो दुनिया की अनोखी रिपोर्ट है। इस रिपोर्ट में ज्योतिष और मनोविज्ञान को आधार बनाकर छात्र के व्यक्तित्व के विकास और उसके भावी करियर को ध्यान में रखते हुए उसको किस प्रकार के विषयों का चयन करना चाहिए, इस पर प्रकाश डाला है। जी हां यह बहुत बेहतरीन रिपोर्ट है और इसकी सहायता से बहुत छात्रों को करियर से संबंधित मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। इस रिपोर्ट का नाम है: कोग्निएस्ट्रो रिपोर्ट (Cogniastro Report)। 

हर एक माता-पिता के लिए और उनके पढ़ने वाले बच्चों के लिए यह रिपोर्ट काफी मददगार है क्योंकि यह आपके जीवन की उन समस्याओं पर से पर्दा उठाती है जो आपको सबसे ज्यादा परेशान करती हैं। यानि कि आपको किस दिशा में शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए ताकि आप सही दिशा में अपना करियर बना पाने में सफल हों। यदि आपका बच्चा कक्षा 10 का विद्यार्थी हैं और कक्षा 10 के बाद आप दुविधा में हैं कि आगे कौन से विषय लिए जाएं तो आपको कोग्निएस्ट्रो करियर परामर्श रिपोर्ट (ग्रेड 10 तक) का चयन करना चाहिए। इसमें आपकी सभी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया गया है और आपको बताया गया है कि कक्षा 10 के बाद आपके बच्चे की ग्रह स्थिति, उसकी रुचि, उसकी सोच और अन्य बातों को ध्यान में रखते हुए उसे किन विषयों का चयन करना चाहिए। 

इसके अतिरिक्त जो छात्र अपनी ग्रेजुएशन तक की शिक्षा पूर्ण कर चुके हैं और नौकरी की तलाश में हैं या फिर आप पहले से ही जॉब कर रहे हैं लेकिन उसको बदलना चाहते हैं तो आप हमारी करियर परामर्श रिपोर्ट का चयन कर सकते हैं क्योंकि यह आपके करियर की संभावनाओं को बताकर आपका पूर्ण मार्गदर्शन करेगी। 

हम आशा करते हैं कि किया शिक्षक दिवस आपके लिए शुभ हो और आपके जीवन में शिक्षा का कभी अंधेरा ना हो तथा आपके जीवन के समस्त समस्याओं को शिक्षा का उजाला दूर कर सकें। एस्ट्रोसेज की ओर से आप सभी को शिक्षक दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं !
Read More »