साप्ताहिक राशिफल (19 से 25 अगस्त 2019)

जाने सितारों की चाल के माध्यम से 19 से 25 अगस्त का राशि भविष्य। इसके साथ ही पढ़ें कि सितारों की चाल का आपके जीवन के विभिन्न आयामों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। नौकरी, बिज़नेस, हेल्थ, परिवार और प्रेम जीवन में क्या-क्या बदलाव आएँगे। साप्ताहिक राशिफल के माध्यम से जानें इस सप्ताह की विशेष भविष्यवाणी। 

 

नमस्कार, एस्ट्रोसेज लेकर आया है 19 से लेकर 25 अगस्त की समय अवधि का साप्ताहिक राशिफल, जिसमें आपके जीवन से जुड़ी सभी बातों के बारे में महत्वपूर्ण एवं सटीक भविष्यवाणियां की गई हैं। इस राशिफल की सबसे अच्छी बात यह है कि इसको जानने के लिए आपको कोई धन खर्च करने की आवश्यकता नहीं है और आप इसके माध्यम से सभी जानकारियों को समय रहते जान सकते हैं तथा अपने आने वाले सप्ताह के प्रत्येक दिन के बारे में पढ़ सकते हैं। यदि आप शेयर बाजार में निवेश करना चाहते हैं, तो उससे संबंधित जानकारियाँ भी आपको मिल सकती हैं और इसके अतिरिक्त आपके स्वास्थ्य पर अथवा आपके पारिवारिक और पेशेवर जीवन पर ग्रहों की स्थिति का क्या प्रभाव रहने वाला है, इसके बारे में जानने के लिए आप इस ब्लॉग को अवश्य पढ़ें। हम आशा करते हैं कि साप्ताहिक राशिफल पर आधारित यह ब्लॉग आपके लिए काफी उपयोगी साबित होगा।

इस सप्ताह का हिन्दू पंचांग एवं ज्योतिषीय तथ्य


हिन्दू पंचांग के अनुसार, सप्ताह की शुरुआत कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि से होगी और सप्ताह का अंत कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि के साथ होगा। वहीं इस सप्ताह में चंद्र देव मीन राशि से होते हुए मिथुन राशि तक अपनी गोचरीय अवस्था जारी रखेंगे। इसके अलावा यदि इस सप्ताह के दौरान आने वाले तीज त्योहारों की बात की जाए तो 19 अगस्त को संकष्टी चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा और उसके बाद 24 अगस्त को भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण जी का जन्म उत्सव जन्माष्टमी के रूप में सारे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा।

इस सप्ताह किन ग्रहों की बदलेगी चाल?


वैदिक ज्योतिष के अनुसार इस सप्ताह के दौरान ग्रह और नक्षत्र की स्थिति बारे में विचार करने पर यह पता चलता है कि चंद्रमा का गोचर सप्ताह की शुरुआत में मीन राशि से प्रारंभ होकर मेष राशि, वृषभ राशि और मिथुन राशि में होगा। इस सप्ताह कुछ राशि वालों को विशेष परिणामों की प्राप्ति हो सकती है और कुछ ऐसी राशि के जातक होंगे जिन्हें इस दौरान अपने स्वास्थ्य का विशेष रूप से ध्यान देना होगा। आपकी राशि के लिए कैसा प्रभाव रहेगा, यह जानने के लिए आप इस ब्लॉग को पूरा पढ़ें और जानें क्या कहता है साप्ताहिक राशिफल 19 से 25 अगस्त आपकी राशि के बारे में।

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शेयर बाज़ार में इस सप्ताह क्या होगा


इस सप्ताह की शुरुआत में 19 अगस्त को शेयर बाज़ार पर तेजडियों का प्रभाव रहेगा और वे मेटल, स्टील, पेट्रोलियम और अफोर्डेबल हाउसिंग से जुड़ी कंपनियों के शेयर खरीदने में रूचि रखेंगे। अगले दिन 20 अगस्त को टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, बियरिंग्स और टायर सेक्टर के शेयर खरीदने में लोगों का रुझान रहेगा और मंदड़ियों की वजह से बाजार गिरावट के साथ बंद हो सकता है। 21 अगस्त को ट्रैवल सेक्टर से जुड़ी कंपनियों और ऑटोमोबाइल सेक्टर में ट्रेडिंग का अच्छा समय देखने को मिलेगा और फुटवियर, फार्मा, लेदर और ट्रैवल से जुड़े शेयर अदृश्य रूप से सकारात्मकता की ओर आगे बढ़ेंगे। 22 अगस्त को फिर से तेजडियों का प्रभाव देखने को मिलेगा और एफएमसीजी तथा ज्वेलरी और घड़ियाँ, परफ्यूम आदि से जुड़े शेयर खरीदने में रुचि दिखेगी। इसके पश्चात 23 अगस्त को बाजार दोपहर के समय नीचे जाएगा और एक्सपोर्ट, तंबाकू, इंश्योरेंस और कॉफी आदि से जुड़े कंपनी के शेयरों में बिकवाली देखने को मिल सकती है।


जन्मदिन विशेष


इस सप्ताह चर्चित हस्तिओं में 20 अगस्त को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी की जन्म तिथि है। इसी दिन बॉलीवुड के जानेमाने अभिनेता रणदीप हुड्डा अपने जन्मदिन मनाएंगे और भारतीय उद्यमी और इंफोसिस के सह संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति का जन्मदिन भी 20 अगस्त को ही मनाया जाता है। इसी सप्ताह 22 अगस्त को दक्षिण भारतीय अभिनेता चिरंजीवी अपना जन्मदिन सेलिब्रेट करेंगे। इसके बाद 23 अगस्त को हिंदी फिल्म जगत की जानी-मानी अदाकारा सायरा बानो अपना जन्मदिन मनाएंगी और टीवी एक्ट्रेस और मॉडल गौहर खान का जन्मदिन भी इसी तारीख को होगा। सप्ताह के अंत में भारतीय फिल्मों और टीवी एक्ट्रेस अदिति शर्मा अपना जन्मदिन सेलिब्रेट करेंगे। जानें इन हस्तियों के लिए कैसा रहेगा आने वाला समय और क्या कहती है उनकी कुंडली। हमारी ओर से इन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएँ। चलिए अब जानते हैं इस सप्ताह का राशिफल:-


यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष


मेष राशि के जातकों को इस सप्ताह की शुरुआत में थोड़ा संभल कर चलना होगा क्योंकि उस समय चंद्र देव आपकी राशि के बारहवें भाव में गोचर करेंगे। जिससे आपको घर से दूर यात्रा पर जाना पड़ सकता है, जिसके दौरान आपको शारीरिक और मानसिक रूप से कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस समय खर्चे तो आपके बढ़े हुए होंगे ही, साथ ही साथ धार्मिक क्रियाकलापों में...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेमी युगल के लिए यह सप्ताह उतार-चढ़ाव से भरा रहेगा ठीक उसी तरह जिस तरह धूप और छांव होती है। पंचम भाव में उपस्थित शुक्र के कारण एक ओर तो आपके रिश्ते में प्यार बढ़ेगा और दूसरी ओर आप दोनों के बीच एक दूसरे के प्रति आकर्षण की भी वृद्धि होगी जिससे आप अंतरंग संबंधों में आगे बढ़ेंगे और इसी भाव में उपस्थित मंगल आपकी इस गतिविधि को...आगे पढ़ें

वृषभ


आपकी राशि के लिए यह सप्ताह कुछ सौगातें लेकर आया है जो इस सप्ताह के शुरुआत में आपको मिल सकती हैं। चंद्रमा के ग्यारहवें भाव में गोचर के कारण आपकी अपने भाई-बहनों से खूब अच्छी जमेगी और आपको इससे विशुद्ध आर्थिक लाभ होगा। आप अपने दोस्तों के साथ किसी पार्टी आदि में भी शिरकत कर सकते हैं जिससे आपका मन प्रसन्न रहेगा। संतान के लिए भी...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- यदि प्रेमी युगल की बात की जाए तो उनके लिए सप्ताह मिले जुले परिणाम लेकर आएगा। तीसरे भाव में बुध की उपस्थिति जहां आप के प्रेम संबंध में अच्छी-अच्छी बातें कराएगी और उससे आपका प्यार परवान चढ़ेगा। तो वही अष्टम भाव से शनि की दृष्टि पंचम भाव में पड़ने के कारण आपके प्यार की परीक्षा भी होगी। यदि आप अपने प्रेम में सच्चे हैं तो आपको कोई कठिनाई...आगे पढ़ें


मिथुन


जहां एक ओर आपके काम की प्रशंसा होगी वहीं दूसरी ओर उनके पारिवारिक जीवन में भी सुख-शांति का माहौल रहेगा। यदि आप कोई व्यापार करते हैं तो इस दौरान अपने व्यापार को विस्तार देने के लिए उसमें पूँजी निवेश कर सकते हैं। आपके बिज़नेस में आपके कुटुंबीजनों का भी पूरा सहयोग आपको प्राप्त होगा। चंद्रमा का गोचर 11वें स्थान पर होने से आपकी...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम करने वाले जातकों के लिए यह सप्ताह उतार-चढ़ाव से भरा रहने वाला है लेकिन एक बात पक्की है कि आपको प्यार के मामले में किसी प्रकार की शिकायत नहीं होगी। आपके प्रियतम से आपके संबंध प्रगाढ़ होंगे और दोनों साथ में किसी यात्रा पर जा सकते हैं जिसे आप रोमांटिक डेट का रूप भी दे सकते हैं। बेहतर होगा कि अपने प्रियतम को उनकी पसंद की कोई ...आगे पढ़ें

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कर्क


कर्क राशि वाले जातकों के लिए सप्ताह की शुरुआत भाग्य वृद्धि के साथ होगी क्योंकि चंद्रमा आपके नवम भाव में विराजमान हैं। इसलिए इस समय आनंद देने वाली सुदूर यात्रा हो सकती है जिसमें आपको कोई आर्थिक लाभ भी प्राप्त हो सकता है। अपने पिता और गुरुजनों के प्रति आप सम्मान का भाव रखेंगे और उनके द्वारा आपको अच्छी सलाह मिलेगी जो भविष्य में भी आपके काम आएगी। इस दौरान उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रयास करने वाले लोगों को सफलता मिलने के योग बन रहे हैं इसलिए यदि आप भी उच्च शिक्षा हासिल करना चाहते ...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- यदि आप पहले से ही किसी प्रेम संबंध में हैं तो इस दौरान अपने प्रियतम से अपने मन की कोई बात ना छुपाए और अपना दिल उनके सामने खोल कर रख दें। यदि आप किसी को प्रपोज करना चाहते हैं तो उसके लिए भी समय अनुकूल है लेकिन एक बात को याद रखें इसके लिए सच का साथ पकड़े, झूठ बोल कर कोई काम ना करें। पंचम भाव में बृहस्पति की स्थिति...आगे पढ़ें

सिंह


एक ओर तो आपको शारीरिक और मानसिक कष्ट हो सकते हैं, वहीं दूसरी ओर आपको अध्यात्म से संबंधित कुछ अच्छे अनुभव होंगे। आपको किसी अनचाही यात्रा पर जाना पड़ सकता है, जिसकी वजह से आपके बजट पर भी असर पड़ेगा। लेकिन उसके पश्चात जैसे ही चंद्र देव आपके नवम भाव में प्रवेश करेंगे इस स्थिति में अचानक से बदलाव आएगा और आपकी आर्थिक स्थिति भी पूर्व की भांति अनुकूल हो जाएगी। किसी विदेश...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- यह समझ लीजिए कि इस सप्ताह आपका प्रेम जीवन एक आग का दरिया ही है जो आपको पार करना है क्योंकि पंचम भाव में शनि और केतु की जो स्थिति बन रही है वह किसी भी रिश्ते को तोड़ने का दम रखती है। इसलिए आपको बहुत सोच समझ कर ही अपने प्रेम जीवन को संभालना चाहिए। अपने प्रियतम को नाराज़ किसी भी कीमत पर ना होने दें ...आगे पढ़ें

कन्या


व्यापार में सफलता मिलेगी और किसी पार्टनर-शिप के लिए प्रयास कर सकते हैं। इसके बाद चंद्र देव जब आपके अष्टम भाव में प्रवेश करेंगे तो वह समय मानसिक चिंताओं में वृद्धि करने का होगा और उसके साथ साथ आपकी आमदनी में भी गिरावट आ सकती है। आपके वरिष्ठ अधिकारियों से आपके संबंध बिगड़ सकते हैं जिसका ख़ामियाज़ा आपको अपने कार्य स्थल पर भी भुगतना पड़ सकता है इसलिए इस दौरान काफी संभलकर रहें और कोई भी ऐसा कार्य न करें जिसके लिए आपको बाद में...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेमी युगल के लिए यह सप्ताह मीठी यादों से भरा रहने वाला है। पंचम भाव पर पड़ रही बुध की दृष्टि के कारण आपके बीच आपसी संवाद मजबूत होगा और एक दूसरे से प्यार भरी मीठी मीठी बातें करेंगे। इसके परिणाम स्वरूप दोनों के बीच की दूरियाँ कम होंगी और एक दूसरे को बेहतर समझ पाएंगे। इसी वजह से आपका प्रेम जीवन खिल उठेगा। आप दोनों अपने दोस्तों से एक दूसरे को...आगे पढ़ें

तुला


तुला राशि के लोगों के लिए चंद्रमा इस सप्ताह की शुरुआत में छठे भाव में विराजमान होगा जिसके परिणाम स्वरूप आपकी नौकरी में समय अनुकूल रहेगा और आप अपने शत्रु एवं विरोधियों पर हावी रहेंगे, वे चाह कर भी आपका कुछ भी बिगाड़ नहीं पाएंगे। हालांकि आपके धन का अपव्यय होगा जिसकी वजह से आप तनाव में रहेंगे। इसके पश्चात चंद्र देव का गोचर आपके सप्तम भाव में होगा जिसके बाद दांपत्य जीवन में स्थितियाँ मजबूत होंगी और आपका...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- यदि बात की जाए आपके प्रेम जीवन की तो इस दौरान पंचम भाव पर शुक्र सूर्य और मंगल का संयुक्त प्रभाव पड़ेगा और साथ ही साथ तीसरे भाव से शनि की तीसरी दृष्टि भी पंचम भाव को देखेगी। इतने सारे ग्रहों के प्रभाव के कारण प्रेम जीवन हिचकोले खाता हुआ नजर आएगा। जहां एक ओर शुक्र की दृष्टि प्रेम जीवन में रोमांस बढ़ाएगी और मंगल उसे तीव्रता देगा वहीं...आगे पढ़ें

वृश्चिक


सप्ताह की शुरुआत में चंद्र देव आप के पांचवें भाव में उपस्थित होंगे। पंचम भाव हमारी शिक्षा और संतान और प्रेम का भाव है इसलिए चंद्र देव का गोचर इस भाव में होने से जहां एक ओर आपके रिश्तों में स्नेह की भावना बढ़ेगी, वहीं संतान के लिए समय काफी अच्छा रहेगा। आपकी संतान आपके प्रति समर्पित रहेगी और आपकी आज्ञाकारी होगी और यह सब कुछ आपको बहुत खुशी देगा। शिक्षा के क्षेत्र में भी आपको अच्छे परिणामों की प्राप्ति होगी और यदि आप उच्च शिक्षा हेतु प्रयास कर रहे हैं तो इस दौरान आपको सफलता मिलने के ...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए यह सप्ताह अच्छा रहेगा। हालांकि मंगल की पंचम भाव पर दृष्टि होने के कारण बीच-बीच में कुछ तनाव के पल तो आएँगे लेकिन बृहस्पति की दृष्टि अमृत समान होने के कारण सभी समस्याओं का समाधान कर देगी और आपका प्रेम जीवन खूबसूरत हो जाएगा। इस दौरान आप अपने प्रियतम से विवाह के बारे में भी बात कर सकते हैं और संभव है कि उनका जवाब हां में आए। आपका संगी आपको बहुत चाहता है यह...आगे पढ़ें

धनु


आपके लिए चंद्र देव का गोचर चतुर्थ भाव में सप्ताह की शुरुआत में होगा जिस पर मंगल देव की दृष्टि है, इस कारण प्रॉपर्टी खरीदने के प्रबल योग बनेंगे और यदि आप इस मामले में पहले से ही कोशिश कर रहे हैं तो आपकी कोई डील फाइनल हो सकती है। परिवार के लोग दिल खोलकर ख़ुशियों का स्वागत करेंगे और माता-पिता का स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। आपको अपने घर पर समय बिताना काफी सुकून देगा और साथ में मानसिक रूप से तरोताजा बनायेगा। इसका सीधा...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम के मामले में यह सप्ताह काफी अनुकूल रहेगा क्योंकि पंचम भाव का स्वामी मंगल पंचम से पंचम अर्थात नवम भाव में शुक्र के साथ उपस्थित है। ऐसे में जैसे ही चंद्र का गोचर आपके पंचम भाव में होगा, संभावना जागेगी कि आप अपने प्रियतम को साथ लेकर किसी रोमांटिक यात्रा पर जाएंगे और कुछ अच्छा समय बिताएंगे। एक दूसरे के साथ यह समय बिताना आपके प्रेम जीवन को महकाएगा और आपके बीच अंतरंग रिश्तों को मजबूत करेगा। आपका स्वास्थ्य ...आगे पढ़ें

मकर


यदि आप मकर राशि के अंतर्गत आते हैं तो सप्ताह की शुरुआत में तीसरे भाव में उपस्थित चंद्रमा आपको किसी यात्रा पर ले जा सकता है। एकादश भाव में बैठे बृहस्पति की दृष्टि तृतीय भाव पर होने से आपके भाई बहनों के लिए सप्ताह अनुकूल रहेगा और यात्रा के दौरान भी आपको अनेक अच्छे अनुभव प्राप्त होंगे और आपके लिए सफलता का मार्ग खुलेगा। हालांकि आप इस दौरान कुछ आलसी हो सकते हैं जिसकी वजह...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- अष्टम भाव में शुक्र और मंगल की युति आपको वासनात्मक विचारों में उलझाएगी और आपके अंतरंग संबंधों में वृद्धि होगी, लेकिन ध्यान रखें कि अत्यधिक संलिप्तता आपको शारीरिक रोग भी दे सकती है। इसके अतिरिक्त अष्टम भाव में उपस्थित सूर्य के कारण आपका कोई पुराना...आगे पढ़ें

कुंभ


सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा आपके दूसरे भाव में रहेगा, जिसे धन भाव भी कहा जाता है। इस वजह से आपको धन प्राप्ति के योग बनेंगे और आपके कुटुंब में बृहस्पति की दृष्टि दूसरे भाव पर होने के कारण कोई शुभ कार्य संपन्न हो सकता है। घर में रिश्तेदारों का आना जाना होगा जिससे परिवार में उत्साह कोई जैसे वातावरण रहेगा और सभी प्रसन्न दिखेंगे। इसके बाद चंद्र देव आपके तीसरे भाव में गोचर करेंगे जिसके परिणाम स्वरूप भाई-बहनों के साथ मिलकर कोई व्यापार आरंभ करने का विचार कर सकते हैं और इसी संबंध में कोई यात्रा...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेमी युगल के दृष्टिकोण से देखें तो यह सप्ताह अधिक अनुकूल दिखाई नहीं देता। पंचम भाव में शनि का प्रभाव रिश्ते में परेशानियों का कारण बन सकता है लेकिन यहां अनुकूल बात यह है कि राहु आपके पंचम भाव में विराजमान हैं जो किसी न किसी युक्ति से आपको आपके काम में सफल बनाएँगे। इस दौरान आपकी सहज बुद्धि तीव्र होगी जिसकी वजह से आप अपने प्रियतम को किसी भी तरह मना ही लेंगे। आपको केवल एक बात का ध्यान रखना है कि प्यार...आगे पढ़ें

मीन


मीन राशि वालों के लिए सप्ताह की शुरुआत में चंद्र देव लग्न में अर्थात आपके प्रथम भाव में विराजमान होंगे। इसके परिणाम स्वरूप आप शिक्षा के क्षेत्र में अच्छी सफलता प्राप्त करेंगे और आपका पढ़ाई में भी खूब मन लगेगा। इस समय आप जो कुछ भी पढ़ेंगे, वह सहज ही आपको याद हो जाएगा। परिवार के बड़े लोगों के प्रति आप सम्मान का भाव रखेंगे और आपका मन काफी प्रसन्न रहेगा। दांपत्य जीवन में भी सुख रहेगा और जीवन साथी के लिए यह समय काफी...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए सप्ताह अनुकूल रहने की ओर इशारा कर रहा है। पंचम भाव में उपस्थित बुध के कारण आपका अपने प्रियतम से इस पूरे ही सप्ताह अनेक बातों को लेकर डिस्कशन होगा, जिससे एक दूसरे की मन की बातें और विचार एक दूसरे को समझाएंगे और आप एक दूसरे को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे। यह न केवल आपके रिश्ते को मज़बूती देगा बल्कि एक-दूसरे ...आगे पढ़ें

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सूर्य का सिंह राशि में हुआ गोचर, जानें प्रभाव।

सूर्य ने किया सिंह राशि में गोचर! ग्रहों के राजा का गोचर लेकर आएगा ये बड़े बदलाव। पढ़ें सूर्य के सिंह राशि में हुए गोचर का प्रभाव।



जगत की आत्मा कहा जाने वाला सूर्य समस्त नवग्रहों का राजा है। सूर्य का ही प्रकाश है जो समय के अनुसार सभी प्राणियों को जीवन देता है और उनका पालन-पोषण करता है इसलिए सूर्य देव को साक्षात सूर्यनारायण भी कहा जाता है। क्योंकि भगवान श्री नारायण को ही समस्त संसार का पालनहार कहा जाता है। चंद्र आदि ग्रह भी सूर्य से ही ऊर्जा लेकर प्रकाशित होते हैं। सूर्य की इस अत्यंत अनुकंपा के लिए ही ज्योतिष शास्त्र में भी सूर्य को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्य को जगत की आत्मा और पिता का कारक माना जाता है। सरकार और आरोग्य दोनों ही सूर्य के कार्यक्षेत्र हैं इसलिए यदि सरकारी नौकरी पाना हो या उच्च पद की आकांक्षा हो अथवा आपको स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं आ रही हों तो उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति के लिए सूर्य देव को प्रसन्न करना अत्यंत आवश्यक है। जन्म कुंडली में यदि सूर्य देव की स्थिति कमजोर हो तो उसको मजबूत करने के लिए माणिक्य रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है। माणिक रत्न धारण करने से सूर्य मजबूत होता है और आपको अपनी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति करने में सफलता प्राप्त हो जाती है।

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सूर्य देव और जन्म कुंडली


समस्त जगत के पालनहार जगत की आत्मा सूर्यदेव ही है इसलिए जब भी किसी जातक की जन्म कुंडली का विचार किया जाता है तो सर्वप्रथम सूर्य की स्थिति और उसका बल देखा जाता है। सूर्य को पूर्व दिशा पर आधिपत्य प्राप्त है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्य देव सिंह राशि के स्वामी हैं जो कि काल पुरुष की कुंडली में पंचम भाव में विराजमान है।

सूर्य मेष राशि में 10 अंशों पर पूर्ण उच्च अवस्था में माने जाते हैं और उसे ठीक 180 अंश आगे अर्थात तुला राशि में 10 अंशों पर पूर्ण नीच अवस्था में माने जाते हैं। विभिन्न प्रकार की ऋतुएँ सूर्य की गति पर ही आधारित होती हैं। सूर्य के निकट आने पर विशेष अंशात्मक दूरी पर कोई भी ग्रह अस्त हो जाता है अर्थात् उसका प्रभाव सूर्य के अधीन हो जाता है।

जब भी किसी जातक की जन्मकुंडली का अध्ययन किया जाता है तो सूर्य को विशेष रूप से देखा जाता है क्योंकि सूर्य व्यक्ति का यश अर्थात उसकी कीर्ति के बारे में भी बताता है। व्यक्ति में कितना आत्मविश्वास भरा है और समाज में उसे कितना सम्मान मिलेगा इसकी स्थिति भी सूर्य से ही पता चलती है। अन्य ग्रहों के साथ सूर्य का संबंध भी महत्वपूर्ण होता है क्योंकि उसका पूरा प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है। ज्योतिष में फल कथन करने से पूर्व सूर्य किस राशि में है इस बारे में भी विचार किया जाता है।

यदि कुंडली में सूर्य अशुभ प्रभाव में हो या कमजोर अवस्था में हो तो उसको सूर्य यंत्र की सहायता से मजबूत किया जा सकता है। क्योंकि रविवार सूर्य का दिन माना जाता है इसलिए रविवार के दिन प्रातः 8:00 बजे से पूर्व सूर्य यंत्र की विधिवत पूजा करके उसको अपने घर के मंदिर में अथवा पूर्व दिशा में स्थापित करना और प्रतिदिन उसकी आराधना करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है और सूर्य संबंधित सभी अच्छे फलों की प्राप्ति होती।

यदि आपका सूर्य अनुकूल अवस्था में है, तो आपको अपने पिता का पूर्ण सुख मिलता है और आपके पिता भी जीवन में यश प्राप्त करते हैं। इसके साथ ही आपको भी अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है और आप किसी उच्च पद पर प्रतिष्ठित होते हैं।


कुंडली में सूर्य को मजबूत करने के उपाय- यहाँ क्लिक कर पढ़ें!

गोचर काल का समय


समस्त संसार को प्रकाश देने वाले सूर्य देव शनिवार 17 अगस्त 2019 को दोपहर 12:47 बजे कर्क राशि से सिंह राशि में प्रवेश कर चुके हैं, जो कि इनकी स्वराशि है और यहां यह अधिक अनुकूल रहेंगे। सिंह राशि में ये 17 सितंबर 2019, मंगलवार 12:43 बजे तक स्थित रहेंगे। अब क्योंकि सूर्य देव अपनी ही राशि में उपस्थित होंगे तो अधिक अनुकूलता से अपने प्रभाव समस्त राशियों पर दिखाएँगे। हालांकि जिनकी कुंडली में सूर्य अनुकूल है उन्हें अनुकूल और जिनकी कुंडली में प्रतिकूल है उन्हें प्रतिकूल परिणामों की प्राप्ति हो सकती है लेकिन सभी 12 राशियों पर सूर्य देव के सिंह राशि के गोचर का प्रभाव किसी ना किसी रूप में अवश्य पड़ेगा और सभी राशियां से प्रभावित होंगी। तो आईये जानते हैं कि सूर्य देव के सिंह राशि में होने वाले इस गोचर से विभिन्न राशियों का क्या भविष्य जुड़ा है और क्या होगा इन विभिन्न राशियों पर सूर्य देव के गोचर का प्रभाव:-

सूर्य मंगल योग से नौकरी में पदोन्नति के योग


17 अगस्त को सूर्य देव कर्क राशि से निकलकर अपनी राशि सिंह में प्रवेश किया है, जहां वे मंगल और शुक्र के साथ युति करते करेंगे। सूर्य और शुक्र में शत्रुता है लेकिन शुक्र और मंगल में घनिष्ठ मित्रता है। इसी कारण सूर्य मंगल की युति आपको कार्यक्षेत्र में अत्यधिक आनंद देगी और आपकी पदोन्नति की संभावनाओं को बढ़ाएगी, हालांकि शुक्र की उपस्थिति यह बताइगी कि आपको महिलाओं के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए तथा ऑफिस में किसी भी प्रकार की गप्पबाजी और व्यर्थ की बातों से दूर रहना ही आपके लिए बेहतर होगा। जो लोग सरकारी नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में लगे हैं उन्हें इस दौरान सफलता मिलने की संभावना प्रबल होगी।

देश में महिलाओं के साथ घटनाओं में वृद्धि


जहां एक और सूर्य मंगल दोनों अग्नि तत्व ग्रह हैं वहां शुक्र एक जल तत्व ग्रह है तथा शुक्र को स्त्री ग्रह के रूप में भी मान्यता प्राप्त है। यही वजह है कि सूर्य के सिंह राशि में गोचर होने के कारण देशभर में महिलाओं के साथ होने वाली घटनाओं में वृद्धि होने की संभावना रहेगी।

सूर्य मंगल का गोचर देश में समस्याओं को बढ़ाएगा


सूर्य गर्म ग्रह है और मंगल भी। ग्रहों की सेना में सूर्य को राजा की पदवी प्राप्त है तो मंगल को सेनापति की, और जहां यह दोनों स्थित हो वहां क्षेत्रों की खैर नहीं होगी। इसलिए जहां एक ओर हमारा देश इस दौरान अपने विरोधियों को मात देने में कामयाब होगा और घुसपैठियों और आतंकवादियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएंगे। हालाँकि देश भर में आगजनी, और दुर्घटनाओं आदि की वृद्धि होने की भी संभावनाएँ हैं।
चंद्र ग्रहण 2019 की दिनांक और उसके सूतक का समय: यहाँ क्लिक कर पढ़ें

आइये अब जानते हैं सभी राशियों पर कैसा होगा सूर्य के इस गोचर का असर:-

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यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष


सूर्य के सिंह राशि में गोचर के दौरान ये आपकी राशि से पांचवें भाव में विराजमान होंगें। गोचर की ये अवधि आपके लिए कार्यक्षेत्र में तरक्की ला सकती है। इस दौरान नौकरी की तलाश करने वाले लोगों को विशेष रूप से नयी नौकरी मिल सकती है। कार्यक्षेत्र में आपको अपने सहयोगियों का भरपूर सहयोग मिलेगा और आप अपनी मंज़िल को पाने में कामयाब रहेंगे। वहीं दूसरी तरफ यदि आप किसी व्यवसाय से जुड़े हैं तो इस दौरान...आगे पढ़ें

वृषभ


गोचर की इस अवधि के दौरान आपके परिवार का माहौल थोड़ा अशांत रह सकता है। इसके अलावा परिवार के सदस्यों के बीच किसी बात को लेकर मतभेद की स्थिति बन सकती है। हालाँकि इस दौरान आपकी माता जी की सेहत में काफी सुधार देखने को मिलेगा जिससे मन को थोड़ी शांति मिलेगी। बात करें कार्यक्षेत्र की तो, सूर्य के...आगे पढ़ें

मिथुन


सूर्य के सिंह राशि में गोचर के दौरान ये आपकी राशि से तीसरे भाव में स्थित होंगें। इस गोचर के फलस्वरूप आपके काम करने की क्षमता में वृद्धि होगी और आप हर परिस्थिति का मुक़ाबला करने के लिए खुद को पूरी तरह से सक्षम पाएंगे। गोचर की इस अवधि के दौरान विशेष सफलता प्राप्त करने के लिए आपको कठिन मेहनत करने की आवश्यकता होगी। इस दौरान जहाँ...आगे पढ़ें



कर्क


पारिवारिक स्तर पर देखें तो सूर्य के इस गोचर के दौरान, परिवार के किसी सदस्य के साथ आपका वैचारिक मतभेद हो सकता है। बहरहाल गोचर काल की ये अवधि पारिवारिक रूप से आपके लिए तनावपूर्ण रहेगी। आर्थिक दृष्टिकोण से सूर्य का ये गोचर आपके लिए फलदायी साबित हो सकता है। इस दौरान आपको किसी अनजान स्रोत से आर्थिक लाभ मिल सकता है। इसके साथ ही इस गोचर काल में आप पैसों की बचत करने में भी सफल रहेंगे जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यदि आप सरकारी पेशे से जुड़े हैं तो इस समय आपको खासतौर...आगे पढ़ें

सिंह


चूँकि सूर्य का गोचर आपकी ही राशि में हो रहा है लिहाजा ये आपकी राशि से प्रथम भाव में या लग्न भाव में स्थित होंगें। सूर्य का ये गोचर आपके लिए विशेष रूप से फलदायी साबित होगा। सबसे पहले बात करें सामाजिक जीवन की तो, सामाजिक स्तर पर आपके मान सम्मान में वृद्धि होगी और आप लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र होंगें। इस गोचरकाल की अवधि में ...आगे पढ़ें

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कन्या


आर्थिक रूप से देखें तो इस गोचर के दौरान आपके ख़र्चों में वृद्धि हो सकती है, लिहाजा इस दौरान आपको विशेष रूप से उन चीजों पर ही खर्च करना चाहिए जिसकी आपकी जरुरत हो। पैसों का बचत ना करने से आप आने वाले दिनों में आर्थिक तंगी के शिकार हो सकते हैं। इस गोचर काल के दौरान कन्या राशि के जातकों को...आगे पढ़ें

तुला


सूर्य के सिंह राशि में गोचर के दौरान ये आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में स्थित होंगें। गोचर की ये अवधि आपके लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकती है। इस दौरान आपकी सरकारी क्षेत्र में कार्यरत लोगों से ख़ासा लाभ मिलने की संभावना बन रही है। उनके साथ आपके अच्छे संबंध स्थापित हो सकते हैं, लिहाजा इस समय लोगों के साथ घुलने-मिलने में भी आपको अपना समय देना चाहिये। इस गोचर काल के दौरान समाज में आपके मान सम्मान में भी वृद्धि होगी और आप ...आगे पढ़ें

सूर्य देव को मजबूत व प्रबल करने के लिए आज ही स्थापित करें सूर्य यंत्र

वृश्चिक


इस अवधि में आपको अपने काम में ख़ासा आनंद की अनुभूति होगी और कार्यक्षेत्र में आपके काम की सराहना होगी। हालाँकि इस दौरान काम की अधिकता होने की वजह से आपको निजी जीवन में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। बहरहाल परिवार के सदस्य आपको इस बात के लिए ताने दे सकते हैं कि आप उनके साथ ...आगे पढ़ें

धनु


इस गोचर अवधि में सूर्य आपकी राशि से नवम भाव में स्थित होंगें। सूर्य का ये गोचर धनु राशि के जातकों के लिए सामाजिक रूप से काफी लाभदायक साबित होने वाला है। लिहाजा गोचर की इस अवधि में समाज में आपकी छवि काफी अच्छी बनेगी और आपके मान सम्मान में वृद्धि होगी। इसके साथ ही इस दौरान समाज के कुछ बेहद प्रभावशाली लोगों के संपर्क में भी आने का अवसर आपको मिल सकता है। इस गोचर काल के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों में आपकी रुचि ज्यादा होगी और आप ...आगे पढ़ें

मकर


सूर्य के सिंह राशि में गोचर के दौरान ये आपकी राशि से आठवें भाव में स्थित होंगें। गोचर की इस अवधि के दौरान आपके स्वास्थ्य में विशेष रूप से कुछ गिरावट आ सकती है। लिहाजा इस दौरान आपको अपनी सेहत का विशेष ख़्याल रखने की आवश्यकता होगी। इस गोचरकाल के दौरान आप किसी दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं, इसलिए इस समय आपको ख़ास...आगे पढ़ें

कुंभ


स्वास्थ्य के लिहाज से देखें तो इस दौरान आप अपनी सेहत को लेकर परेशान हो सकते हैं। बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए गोचर की इस अवधि के दौरान आपको अपना खान पान अच्छा रखने के साथ ही एक हेल्दी रूटीन भी अपनाना चाहिए। कार्यक्षेत्र की बात करें तो आपके लिए सूर्य के गोचर का ये समय विशेष रूप से लाभदायक साबित होगा। इस दौरान आपकी पदोन्नति के साथ ही आय में भी बढ़ोत्तरी हो सकती है। यदि आप काफी वक़्त से नौकरी बदलने की सोच रहें हैं तो ...आगे पढ़ें

मीन


इस दौरान सूर्य आपकी राशि से छठे भाव में विराजमान होंगें। इस गोचर काल में आप अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने में सफल रहेंगे। सूर्य के इस गोचर का नकारात्मक प्रभाव आपके वैवाहिक जीवन पर देखा जा सकता है। इस दौरान आप अपने जीवनसाथी के व्यवहार में थोड़ी आक्रामकता देख सकते हैं। बात करें आर्थिक जीवन की तो, आपको इस दौरान...आगे पढ़ें

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शुक्र का सिंह राशि में गोचर, बदल जाएगी आपकी ज़िंदगी

सिंह राशि में शुक्र का होगा मंगल से योग। जानें शुक्र का सिंह राशि में गोचर करने से आपकी राशि पर क्या विशेष प्रभाव पड़ेगा।


सबसे चमकीला ग्रह में शुक्र का नाम सर्वप्रथम आता है। शुक्र वैसे तो सभी सुख संसाधनों का मुख्य ग्रह है लेकिन विशेष रूप से प्रेम संबंध, भौतिक सुख सुविधाओं और अंतरंग संबंधों का प्रदाता ग्रह है। जिस प्रकार बृहस्पति को देव गुरु का दर्जा प्राप्त है उसी प्रकार शुक्र को दैत्य गुरु का। वैदिक ज्योतिष के अनुसार शुक्र ग्रह को बृहस्पति ग्रह के अनुसार ही शुभ ग्रह का दर्जा दिया गया है और यही वजह है कि शुक्र की उत्तम स्थिति व्यक्ति को सभी सुख संसाधनों से संपन्न बनाती है और व्यक्ति को विभिन्न प्रकार की विद्याओं में भी पारंगत बनाती है। 

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शुक्र ग्रह का कुंडली पर प्रभाव


वैदिक ज्योतिष के अनुसार शुक्र ग्रह एक स्त्री तत्व प्रधान ग्रह है, जो खूबसूरती और आकर्षण देता है। यदि व्यक्ति का शुक्र प्रबल है तो व्यक्ति को जीवन में किसी भी प्रकार के सुख की कमी नहीं होती और वह सदैव सुखी रहता है। क्योंकि शुक्र ग्रह विवाह, स्त्री, प्रमाद, भोग, विलास, साज सज्जा, कलात्मक कार्य, अभिनय, साहित्य, आदि का मुख्य कारक ग्रह है। इसके विपरीत यदि शुक्र किसी की कुंडली में अशुभ स्थिति में बैठा है या कमजोर है तो व्यक्ति को धन और भौतिक सुखों का अभाव रहता है। इसके अतिरिक्त उसके जीवन में प्रेम की कमी होती है। 

शुक्र से प्रभावित जातक अच्छा भोजन करने वाला और स्वयं को बेहतर दिखाने के प्रयास करने वाला होता है। ऐसे जातकों को बनना सवरना, अच्छे कपड़े पहनना, मनपसंद और स्वादिष्ट भोजन करना, मनोरंजन करना, फिल्म देखना, आदि कामों में बहुत आनंद आता है। ऐसे व्यक्ति का स्वभाविक रूप से झुकाव गैजेट जैसे कि मोबाइल, टैब, लैपटॉप, तथा गाड़ियों, घड़ियों, और चश्मों के प्रति सहज रूप से पाया जाता है। यदि आप शुक्र ग्रह को मजबूत बनाना चाहते हैं तो आपको अधिक से अधिक गुलाबी और चमकदार सफेद रंग का प्रयोग करना चाहिए। 

यदि आपकी कुंडली में शुक्र ग्रह अनुकूल परिणाम नहीं दे रहा है और आपको अनेक प्रकार की समस्याएं प्रताड़ित कर रही हैं तो शुक्र ग्रह की शांति हेतु कारगर उपाय करने चाहिएँ। क्योंकि जीवन में शुक्र ग्रह का मजबूत होना आवश्यक है अन्यथा व्यक्ति को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। शुक्र की कमजोरी अथवा शुभता के कारण व्यक्ति को यौन रोग होने की भी संभावना रहती है तथा दांपत्य जीवन में सुख की कमी का सामना करना पड़ सकता है। 


शुक्र एक शुभ ग्रह होने के साथ-साथ सभी ग्रहों में से बुध और शनि ग्रह को अपना मित्र मानता है लेकिन सूर्य व चंद्रमा उसके शत्रु हैं। यह एक राशि में लगभग पौन महीने अर्थात लगभग 23 दिन तक गोचर करता है। भोर का तारा कहा जाने वाला शुक्र ग्रह 16 अगस्त 2019, शुक्रवार को रात्रि 20:23 बजे सिंह राशि में प्रवेश करेगा जो कि सूर्य की राशि है और इस राशि से 10 सितम्बर 2019, मंगलवार को प्रातः 01:24 बजे निकल कर कन्या राशि में प्रवेश कर जाएगा। 

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इस लेख के माध्यम से हम ये जानेंगे कि आपकी राशि पर शुक्र के इस गोचर का क्या प्रभाव होगा। लेकिन उससे पहले आइये जानते हैं शुक्र का ये गोचर देश भर में क्या बड़े बदलाव लेकर आया है। 

आम लोगों पर शुक्र के गोचर का होगा प्रभाव 


क्योंकि 16 अगस्त को शुक्र का यह गोचर सिंह राशि में हो रहा है जहां पर मंगल ग्रह पहले से ही विराजमान है, ऐसे में शुक्र अपने शत्रु सूर्य की राशि में मंगल के साथ युति करेगा जो कि एक पुरुष तत्व प्रधान ग्रह है। ऐसे में शुक्र का यह गोचर प्रेम जीवन में विशेष प्रभाव देगा। लोगों के अंतरंग संबंधों में वृद्धि होगी और इस वजह से कुछ लोगों को समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। 

देश पर शुक्र के इस गोचर का प्रभाव:


क्योंकि शुक्र सिंह राशि में प्रवेश कर रहा है जो कि भारत की कुंडली के अनुसार स्वतंत्र भारत की राशि कर्क से दूसरे भाव की राशि है। ऐसे में संभावना है कि यह देश की आर्थिक स्थिति के लिए अनुकूल साबित होगा और आर्थिक स्तर पर भारत को अनेक लाभ होने की संभावना बनेगी। हालांकि इस दौरान देश में महिलाओं के प्रति अत्याचारों में वृद्धि हो सकती है जिसके लिए शासन व्यवस्था को और दुरुस्त करने की आवश्यकता पड़ेगी। 

बाज़ार पर शुक्र के इस गोचर का असर:


शुक्र के इस गोचर से ग्लैमर और मीडिया से संबंधित लोगों को उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ साथ केमिकल्स, कॉस्मेटिक, सजावटी सामान आदि के दामों में वृद्धि होने की प्रबल संभावना होगी। शेयर बाजार की बात करें तो रुई, चाँदी, श्रृंगार का सामान, सौंदर्य प्रसाधन, बारदाना, कपास, वस्त्र, हीरा, चीनी, रेशम, अरहर, सिल्क, सजावटी सामान, टैक्सटाइल शेयर, सोना तथा दवाएँ, आदि से संबंधित शेयरों में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनेगी। 

संतान जन्म में आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए पढ़ें: संतान प्राप्ति के उपाय

आइये अब पढ़ते हैं सभी 12 राशियों पर कैसा रहने वाला है शुक्र के इस गोचर का प्रभाव:- 


यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष


शुक्र आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर करेगा। कुंडली में इस भाव को संतान भाव के नाम से भी जाना जाता है। इस भाव से रोमांस, संतान, रचनात्मकता, बौद्धिक क्षमता, शिक्षा एवं नए अवसरों को देखा जाता है। शुक्र का यह गोचर आपके प्रेम संबंधों में मिठास लाएगा। रिश्तों में प्यार के बढ़ने से निजी संबंध मज़बूत होंगे। अगर आप सिंगल हैं तो...आगे पढ़ें

वृषभ


शुक्र के गोचर से आप अपने निजी जीवन से प्रसन्न रहेंगे। घर-परिवार में ख़ुशियाँ आएँगी। अगर आप जॉब के कारण घर से दूर रहते हैं तो परिजनों के साथ समय बिताने का मौ़क़ा मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में भी परिस्थितियाँ आपके अनुकूल होंगी। इस अवधि में आपकी आर्थिक...आगे पढ़ें

मिथुन


शुक्र आपकी राशि से तृतीय भाव में जाएगा। कुंडली में तीसरे घर को सहज भाव कहा जाता है। इस भाव से व्यक्ति के साहस, इच्छा शक्ति, छोटे भाई, जिज्ञासा, जुनून, ऊर्जा, जोश और उत्साह को देखा जाता है। इस गोचर के प्रभाव से आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। आप निडरता से अपनी बातों को रखेंगे। साथ ही आपके...आगे पढ़ें


पढ़ेँ: वर्ष 2019 में विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन के शुभ मुहूर्त

कर्क


शुक्र का गोचर आपके आर्थिक पहलू को और भी मजबूत स्थिति में लाएगा। आर्थिक पक्ष को लेकर कोई रुकी हुई योजना पुनः प्रारंभ हो सकती है। प्रॉपर्टी से भी फायदा संभव है। संवाद शैली में सुधार आएगा और आप दूसरों को अपनी बातों से आकर्षित कर पाएंगे। घर-परिवार में कोई समारोह हो सकता है या फिर...आगे पढ़ें

सिंह


शुक्र ग्रह आपकी ही राशि में गोचर करेगा जो प्रथम भाव में स्थित होगा। ज्योतिष में लग्न भाव को तनु भाव कहा जाता है। इस दौरान आप अपने अच्छे कार्यों के लिए जाने जाएंगे। बीते समय में किए गए संघर्षों का लाभ इस दौरान प्राप्त होगा। शुक्र के प्रभाव से आपके व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा जिससे आपके प्रति ...आगे पढ़ें

कन्या


विदेश गमन के योग बन रहे हैं। करियर में नए अवसर के लिए आप विदेश की ओर भी अपना रुख़ कर सकते हैं। लंबी दूरी की यात्रा संभव है। यह यात्रा आपके लिए लाभकारी सिद्धि हो सकती है। पिकनिक या कहीं बाहर घूमने जाने का प्लान बन सकता है। जीवन साथी की सेहत...आगे पढ़ें

पढ़ें राशि रत्न से जुड़ी हर अहम बात ज्योतिषीय तथ्य

तुला


शुक्र आपकी राशि से एकादश भाव में स्थित होगा। कुंडली में एकादश भाव को आमदनी का भाव कहा जाता है। इस भाव से आय, जीवन में प्राप्त होने वाली सभी प्रकार की उपलब्धियाँ, मित्र, बड़े भाई-बहन आदि को देखा जाता है। इस दौरान आपके जीवन में खुशहाली व समृद्धि आएगी। आप जो भी करेंगे उसमें सफलता मिलेगी। दिल की कोई मुराद...आगे पढ़ें

वृश्चिक


शुक्र आपकी राशि से दशम भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में दशम भाव करियर, पिता की स्थिति, रुतबा, राजनीति एवं जीवन के लक्ष्यों की व्याख्या करता है। इसे कर्म भाव भी कहा जाता है। शुक्र के कर्म भाव में गोचर से आपको कार्य क्षेत्र में ज़बरदस्त लाभ होगा। आपके कार्य क्षेत्र का दायरा बढ़ेगा। करियर में तरक्की होगी। ऑफिस में आपको नई...आगे पढ़ें

जानें 17 अगस्त को सूर्य के सिंह राशि में गोचर का प्रभाव: यहाँ क्लिक करें

धनु


गोचर के दौरान आपको अच्छे फलों की प्राप्ति होगी। भाग्य का साथ आपको कई क्षेत्रों में सफल परिणाम दिलाएगा। छात्रों को गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त होगा। उनके आशीर्वाद से आप अपनी पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। आप अपने सिद्धांतों को आगे रखेंगे और उन्हीं के अनुसार...आगे पढ़ें

मकर


शुक्र आपकी राशि से अष्टम भाव में स्थित होगा। वैदिक ज्योतिष में कुंडली के अष्टम भाव को आयुर्भाव कहा जाता है। इस भाव से जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव, अचानक से होने वाली घटनाएँ, आयु, रहस्य, शोध आदि को देखा जाता है। गोचर के प्रभाव से आपका मन भौतिक सुखों के प्रति अधिक लगेगा। मन में वासनात्मक विचार ...आगे पढ़ें

कुंभ


शुक्र का शुभ प्रभाव आपके वैवाहिक जीवन को मधुर बनाएगा। जीवनसाथी और आपके बीच सामंजस्य की स्थिति बनेगी। जीवनसाथी आपकी भावनाओं की कद्र करेगा, साथ ही आप दोनों के बीच प्रेम भी बढ़ेगा। निजी जीवन में सकारात्मकता आएगी। वहीं प्रेम जीवन में भी आप अपने लव पार्टनर के प्रति अधिक ...आगे पढ़ें

मीन


शुक्र आपकी राशि से षष्टम भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में इस भाव को शत्रु भाव कहा जाता है। इस भाव से विरोधियों, रोग, पीड़ा, जॉब, कम्पीटीशन, रोग प्रतिरोधक क्षमता, शादी-विवाह में अलगाव एवं क़ानूनी विवादों को देखा जाता है। चूंकि शुक्र एक अच्छा ग्रह है और अच्छे ग्रह छठे, आठवें और द्वादश भाव में अच्छे फल नहीं देते हैं। इस दौरान आपको...आगे पढ़ें

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15 अगस्त: भारत का स्वतंत्रता दिवस

15 अगस्त को हर देशवासी मनायेगा भारत का स्वतंत्रता दिवस ! भारत की कुंडली से जानें क्या होगा देश का भविष्य? भारत की आजादी की 73वीं वर्षगांठ के इस पावन अवसर पर हमारा यह लेख बताएगा देश के आने वाले कल की स्थिति और ज्योतिषीय भविष्यवाणी!



15 अगस्त का दिन समस्त भारतवासियों के लिए एक महान दिन है क्योंकि इसी दिन हमारे देश भारत को अंग्रेजों की दासता से मुक्ति मिली थी और इसी वजह से प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त को भारत का स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। इस दिन हर भारतवासी गर्व से राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लहराता है और स्वयं के भारतवासी होने पर गर्व महसूस करता है। इस बार 15 अगस्त 2019 को भारत की स्वतंत्रता की 73 वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी। प्रत्येक स्वतंत्रता दिवस पर हम यह अनुमान लगाते हैं कि बीते वर्षों में हमने क्या उपलब्धियां हासिल की हैं और कहां पर हमें अभी और ध्यान देने की आवश्यकता है।

बीते वर्षों में हमने अनेक क्षेत्रों में महान उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जिनमें परमाणु शक्ति संपन्न बनने से लेकर chandrayaan-2 तक का सफर भारत को ना केवल समस्त दुनिया में बल्कि विज्ञान के क्षेत्र में भी सबसे ऊपर लाकर खड़ा करने के लिए तैयार है। सूचना प्रौद्योगिकी के साथ ही साथ, इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी काफी हद तक सुधार हुआ है। स्वच्छ भारत अभियान, डिजिटल इंडिया, मनरेगा, सुकन्या और कन्या समृद्धि योजना जैसी अनेक ऐसी योजनाएं वर्तमान में चल रही हैं, जो देशवासियों के हित में कारगर साबित हुई हैं। 

इसके दूसरी ओर देखने पर तेजी से बढ़ती हुई जनसंख्या, स्वच्छ पेयजल की समस्या, भ्रष्टाचार, पर्यावरण असंतुलन, विभिन्न प्रकार के प्रदूषण, आर्थिक असमानता, सांप्रदायिकता आदि के क्षेत्र में हमें अभी काफी काम करने की आवश्यकता है। हम आशा करते हैं कि शीघ्र ही हमारा देश हर क्षेत्र में अग्रणी बनेगा और समस्त संसार का नेतृत्व करते हुए जगद्गुरु के पद पर आसीन होगा। चुनौतियाँ भी देश के सामने बराबर बनी रहेंगी लेकिन हमारी दृढ़ इच्छशक्ति के सामने सभी टिक नहीं पाएंगी। अनेक विदेशी देश भी भारत की एकता और अखंडता के सामने नतमस्तक होंगे।

15 अगस्त: भारत के स्वतंत्रता दिवस पर क्या कहती है भारत की कुंडली


किसी भी व्यक्ति अथवा देश का भविष्य जानने के लिए उसकी जन्म कुंडली का अध्ययन किया जाता है, क्योंकि मुख्य रूप से ग्रह स्थितियां भविष्य का निर्माण करने की ओर इशारा करती हैं। भारत की आजादी की 73 वीं वर्षगांठ पर हमने स्वतंत्र भारत की कुंडली बनाई और यह जानने का प्रयास किया कि आने वाला वर्ष किस प्रकार का भविष्य देशवासियों के लिए लेकर आया है:

15 अगस्त 1947 को मध्य रात्रि 12:00 बजे स्वतंत्र भारत की घोषणा हुई, इसलिए उसी समय को हमने देश की कुंडली माना है और उसी तिथि और समय के आधार पर निम्नलिखित कुंडली बन कर तैयार होती है: 


15 अगस्त को मिली स्वतंत्रता के बाद बनी भारत की कुंडली में कुछ मुख्य बातें दिखाई देती हैं, जो निम्नलिखित हैं:

  • भारत की कुंडली वृषभ लग्न की है और लग्नेश शुक्र तृतीय भाव में विराजमान हैं। 
  • कोई भी ग्रह वक्री अवस्था में नहीं है केवल शुक्र और शनि अस्त है। 
  • भारत की राशि कर्क है, जिसका स्वामी चंद्रमा कर्क राशि में पुष्य नक्षत्र में विराजमान है। 
  • वर्तमान में भारत देश पर चंद्रमा की महादशा और बृहस्पति की अंतर्दशा चल रही है। 
  • चंद्रमा तृतीय भाव का स्वामी होकर तृतीय भाव में विराजमान हैं और शनि के नक्षत्र में है, अर्थात शनि का फल भी देगा और शनि इस कुंडली के लिए योगकारक ग्रह है। ऐसे में कहा जा सकता है कि चंद्रमा की दशा भारत को अनेक ऊँचाइयों पर पहुंचाने का काम करेगी। 
  • बृहस्पति इस कुंडली में अष्टमेश और एकादशेश होकर सप्तम भाव में विराजमान है और अपने ही नक्षत्र विशाखा में स्थित है। साथ ही दशम भाव, द्वादश भाव और द्वितीय भाव पर दृष्टि देता है। 
  • उपरोक्त ग्रह स्थितियों से एक बात तो स्पष्ट है कि भारत को दुनिया में अग्रसर होने से कोई नहीं रोक सकता, हालांकि अनेक चुनौतियाँ आने वाली हैं।
  • इसके अतिरिक्त यदि वर्षफल कुंडली पर नजर डाली जाए, तो उसमें तुला लग्न उदित होता है और मुंथा अष्टम भाव में है। 
  • वर्ष लग्न कुंडली का स्वामी और मुंथा स्वामी दोनों शुक्र ही है, जो कि दशम भाव में स्थित है। 
  • दशम भाव में शत्रु राशि कर्क में सूर्य और बुध के साथ स्थित होकर सत्ता पक्ष के लिए चुनौतियाँ दिखा रहा है। 
  • अष्टम भाव की मुंथा भी अनेक विपरीत परिस्थितियों का निर्माण करती है। 
  • ऐसे में वर्तमान सरकार को अनेक प्रकार की विषम परिस्थितियों से गुजरना पड़ सकता है और कुछ स्थानों पर विरोध का सामना भी करना पड़ सकता है। 


शक्तिशाली बन कर उभरेगा भारत 


शनि अभी धनु राशि में वक्री अवस्था में हैं और चंद्र राशि से छठे भाव में हैं। दूसरी ओर बृहस्पति वृश्चिक राशि में है और चंद्र राशि से पंचम भाव में हैं तथा शनि से बारहवें स्थान पर हैं। यह स्थिति मजबूती से निर्णय लेने की ओर इशारा करती है। वक्री अवस्था में शनि देव चेष्टा बल से युक्त होकर और भी अधिक शक्तिशाली हो गए हैं। ऐसे में भारत अपने ऊपर आने वाली सभी समस्याओं और चुनौतियों का डटकर सामना करेगा और एक शक्तिशाली राष्ट्र बन कर विश्व पटल पर उभर कर सामने आने वाला है। 

युद्ध जैसी स्थिति निर्मित हो सकती है


18 सितंबर तक शनि देव वक्री रहेंगे और वे जहाँ भारत को मजबूती देंगे, वहीं दूसरी ओर भविष्य में युद्ध जैसी स्थिति का निर्माण भी कर सकते हैं, लेकिन विरोधी ताकतों का दमन पूरी ताकत के साथ किया जाएगा और यह स्थिति देश के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। 

भारत की आर्थिक स्थिति होगी मजबूत 


उपरोक्त ग्रह स्थिति यह इशारा करती है कि देश की सरकार विशेष रूप से कर प्रणाली पर काम करेगी और आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने की ओर हर संभव प्रयास किया जाएगा। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों का पूँजी आधार बढ़ाने पर भी अनेक नीतियाँ बनाई जाएंगी। हालाँकि विपक्ष की ओर से इसका पुरजोर विरोध भी किया जाएगा। 

बदले बदले होंगे राजनीतिक समीकरण


इस दौरान राजनीति के क्षेत्र में अधिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिनमें कुछ अपने विरोध करेंगे और कुछ पराये अपने साथ मिलकर सहयोग करने की बात करेंगे। विपक्ष और सत्ताधारी पक्ष की विचारधाराओं में जबरदस्त टकराव होगा। सितंबर तक राष्ट्र हित को प्राथमिकता देने के कार्यों में कुछ विलंब हो सकता है, लेकिन उसके बाद इसमें और तेजी आएगी। राष्ट्र नेताओं का बड़बोलापन अनेक प्रकार की समस्याओं को जन्म देने वाला हो सकता है। 

देश हित में होगी नई योजनाओं की घोषणा


चाहे कितनी भी विकट परिस्थितियां आ जाएँ, इस दौरान सत्ता पक्ष के द्वारा अनेक जन हितैषी योजनाओं की घोषणा की जाएगी और उनका विधिवत पालन कराने का भी प्रयास किया जाएगा। कुछ नई योजनाओं के लिए तैयारी चल रही है, ऐसा प्रतीत हो रहा है लेकिन कुछ कर योजनाएं जटिल भी होंगी जो कुछ समय के लिए परेशानी दे सकती हैं। 

स्वास्थ्य समस्याओं के लिए रहना होगा सजग 


काफी कुछ अच्छा होने के बाद भी इस बात का ध्यान रखना होगा कि इस वर्ष संक्रामक बीमारियों और अनेक रोगों की चपेट में आकर देशवासियों को कष्ट होने की संभावना रहेगी। इस वजह से सरकार का जोर स्वास्थ्य समस्याओं को बेहतर बनाने की ओर रहेगा, लेकिन फिर भी समस्याओं के कारण जनता अशांत रह सकती है। 

प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में ऊंची उड़ान


अगले वर्ष के प्रारंभ में शनि देव जब मकर राशि में प्रवेश करेंगे, तो वह समय देश को विदेशी व्यापार के लिए काफी अनुकूल साबित होगा और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी देश जमकर तरक्की करेगा। बृहस्पति भी धनु राशि में गोचर कर रहा होगा, जिसकी वजह से देश विरोधी तत्वों का जमकर मुकाबला किया जाएगा और कारगर योजनाओं पर अमल किया जाएगा। 

इस प्रकार हम कह सकते हैं कि देश तरक्की की राह पर आगे बढ़ेगा और विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर होगा। देश में युवा शक्ति को नए मौके मिलेंगे और देश में प्रौद्योगिकी का विकास पहले के मुकाबले अधिक होगा। स्वास्थ्य और शिक्षा से संबंधित नई योजनाएं कार्यान्वित होंगी जिनका लाभ समस्त देशवासियों को होगा। 

15 अगस्त को भारत के स्वतंत्रता दिवस की 73 वीं वर्षगांठ पर आइए हम सभी यह शपथ लें कि हम अपने देश को एक संपन्न और समृद्ध देश बनाएँगे और इसके लिए अपनी ओर से हर तरह का सकारात्मक प्रयास करेंगे। स्वच्छ भारत अभियान के द्वारा जहां देश को स्वच्छ बनाएँगे, वहीं कानून व्यवस्था का पालन करेंगे। तभी हमारा देश एक विकसित देश बनेगा। आप सभी को भारत के स्वतंत्रता दिवस की 73 वीं वर्षगांठ पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं !
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रक्षाबंधन 2019 का मुहूर्त एवं पूजा विधि

रक्षाबंधन हिंदू धर्म का एक बड़ा और महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है क्योंकि यह भाई बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक होता है। यही वजह है कि इस दिन का सभी भाई बहनों को बेसब्री से इंतजार होता है। आधुनिक समय में रक्षाबंधन का और भी अधिक महत्व बढ़ जाता है क्योंकि केवल हिंदू धर्म ही नहीं बल्कि अन्य धर्मों के लोग भी इसे मानने लगे हैं। देवी देवताओं के समय से चला आ रहा यह पर्व आज भाई बहन के हर रिश्ते की सार्थकता को और भी अधिक बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। आज इस ब्लॉग के माध्यम से हम जानेंगे कि वर्ष 2019 में रक्षाबंधन कब है, इसकी पूजा विधि क्या है, किस मुहूर्त में यह पर्व मनाना चाहिए और रक्षाबंधन का क्या महत्व है। 


रक्षाबंधन कब है




रक्षाबंधन का त्यौहार हिंदू पंचांग के अनुसार श्रावण महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन बहनों द्वारा भाई की कलाई पर राखी बांधी जाती है और उनकी दीर्घायु की कामना की जाती है। बदले में भाई भी अपनी बहन की रक्षा का वचन देता है। यदि आप जानना चाहते हैं कि वर्ष 2019 में रक्षाबंधन कब है, तो हम आपको बताना चाहेंगे कि इस वर्ष यह त्यौहार बृहस्पतिवार के दिन 15 अगस्त 2019 को मनाया जाएगा। इस दिन रात्रि 9:27 से पंचक प्रारंभ हो जाएंगे। रक्षाबंधन पर्व का मुहूर्त निम्नलिखित होगा:

रक्षाबंधन का मुहूर्त
राखी बांधने का मुहूर्त 05:49:54 से 18:01:02 तक
अवधि 12 घंटे 11 मिनट
रक्षा बंधन अपराह्न मुहूर्त 13:44:34 से 16:22:48 तक

नोट: यह मुहूर्त नई दिल्ली के लिए है। जानें अपने शहर में रक्षाबंधन का मुहूर्त


रक्षाबंधन का महत्व 


रक्षाबंधन भाई बहनों का पवित्र प्रेम प्रदर्शित करने वाला त्यौहार है। भगवान श्री राम के पिता महाराज दशरथ ने इस दिन श्रवण कुमार के पूजन की नींव रखी थी, इसी वजह से इस दिन श्रवण कुमार का पूजन भी किया जाता है। इस पर्व के महत्व को और अधिक जानने के लिए कुछ कथाएं प्रचलित हैं, जिनमें से माता महालक्ष्मी द्वारा दैत्य सम्राट महाराज बलि को राखी बांधने से भी इस पर्व का प्रचलन माना जाता है। इसके साथ ही इस दिन देव गुरु बृहस्पति तथा अन्य विद्वत ब्राह्मणों द्वारा रक्षा सूत्र का निर्माण करना और देवराज इंद्र की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधना और उसके बाद देवताओं की दैत्यों पर विजय से भी इस पर्व की महत्ता बढ़ जाती है। 

पांडवों की महारानी द्रौपदी ने भगवान श्रीकृष्ण के हाथ पर चोट लगने से बहते हुए रक्त को रोकने के लिए अपनी साड़ी का पल्लू फाड़कर उसका कपडा कृष्ण जी के हाथ पर बांध दिया था और इस पर भगवान श्री कृष्ण ने उन्हें रक्षा का वचन दिया था, जिसे उन्होंने बाद में दुःशासन द्वारा द्रौपदी के चीरहरण के समय निभाया भी। यही वजह है जो रक्षाबंधन का महत्व काफी हद तक बढ़ जाता है। 

ये सभी कथाएँ रक्षाबंधन के महत्व को काफी बढ़ा देती हैं और इस त्यौहार की पवित्रता पर प्रकाश डालती है। यह केवल धार्मिक त्योहार ही नहीं बल्कि मानसिक त्योहार भी है क्योंकि इस दिन भाई का अपनी बहन से मानसिक प्रेम भी बढ़ता है। वास्तव में भाई बहन का रिश्ता एक ऐसा पवित्र रिश्ता है, जो प्रेम को पूर्ण रुप से प्रदर्शित करता है। इसलिए हमें बढ़-चढ़कर इस त्यौहार को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाना चाहिए। 

रक्षाबंधन पर भद्रा काल


रक्षाबंधन पर राखी बांधते समय भद्रा का विशेष रूप से विचार किया जाता है, लेकिन इस बार रक्षाबंधन के दिन भद्रा का साया नहीं रहेगा और यही वजह है कि इस बार का रक्षाबंधन पर्व भद्रा से मुक्त होने के कारण पूरे दिन बहनों द्वारा अपने भाइयों की कलाई पर राखी बाँधी जा सकती है। 

रक्षाबंधन की पूजा विधि


  • रक्षाबंधन के दिन प्रातः काल स्नानादि से निवृत्त होकर नए अथवा स्वच्छ वस्त्र धारण करें। 
  • अपनी धार्मिक मान्यता के अनुसार प्रातः काल पूजा-अर्चना करें। 
  • कुछ स्थानों पर इस दिन श्रवण कुमार के चित्र बनाकर उनकी पूजा भी की जाती है। 
  • उसके उपरांत कुछ मान्यताओं के अनुसार इस दिन घर के अंदर की कुछ दीवारों और द्वार के दोनों ओर सीताराम लिख कर चित्र बनाए जाते हैं और उन पर पकवान अर्पित किए जाते हैं। 
  • इसके बाद एक थाली में रोली अथवा चंदन और चावल (अक्षत) ले लें। इसके अतिरिक्त भाई की कलाई पर बाँधने के लिए राखी और खिलने के लिए मिठाई भी अवश्य रखें। 
  • इसके बाद भाई को तिलक करें, चावल लगाएँ और फिर अपने भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधें। 
  • जिस समय आप अपने भाई की कलाई पर राखी बांधें, उस समय इस मंत्र का जाप करें: 

येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:। 

तेन त्वां अभिबन्धामि रक्षे मा चल मा चल। 

  • राखी बांधने के बाद अपने भाई की आरती उतारें और उन्हें अपने हाथ से मिठाई खिलाएँ। 
  • तदोपरांत भाई बहन को कोई तोहफा अथवा धन दे सकता है और अपनी बहन के चरण स्पर्श करें। 
  • मूल रूप से बहन द्वारा राखी बांधते समय भाई के जीवन में दीर्घायु की कामना की जाती है और भाई द्वारा बहन की रक्षा का वचन दिया जाता है। 
  • इस प्रकार भाई बहन का पर्व रक्षाबंधन हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। 

रक्षाबंधन के साथ अन्य त्योहार जमाएंगे रंग 


इस बार का रक्षाबंधन एक विशेष दिन 15 अगस्त को को मनाया जाएगा क्योंकि यह हमारे देश की आजादी की सालगिरह अर्थात स्वतंत्रता दिवस के रूप में भी मनाया जाएगा। इसके साथ इसी दिन वेद माता गायत्री जयंती, भगवान विष्णु के अवतार को समर्पित हयग्रीव जयंती, श्रावण पूर्णिमा व्रत, यजुर्वेद उपाकर्म तथा संस्कृत दिवस भी मनाया जाएगा। इस प्रकार इस बार का रक्षाबंधन का त्यौहार कई मायनों में विशेष रहेगा। देश के स्वतंत्रता दिवस पर बहनों द्वारा देश रक्षा में लगे विभिन्न सैनिकों को भी राखी ना भेजी जाएंगी जो उनके प्रति देश पर मर मिटने के जज्बे को सलाम करते हुए अपना प्रेम प्रदर्शित करता है। 

श्रावण पूर्णिमा व्रत


हिंदू पंचांग और हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि को काफी महत्व दिया जाता है क्योंकि इस दिन चंद्रमा पूरी कलाओं में होता है और पूर्णिमा का व्रत रखना एकादशी और प्रदोष व्रत के समान ही एक उत्तम फलदायी व्रत माना गया है। सावन के महीने में आने वाली पूर्णिमा को ही श्रावण पूर्णिमा या श्रावणी पूर्णिमा कहा जाता है। कजरी पूर्णिमा के रूप में उत्तर भारत और मध्य भारत के लोग भी इस दिन को काफी महत्व देते हैं। वर्ष 2019 में श्रावण पूर्णिमा व्रत बृहस्पतिवार के दिन 15 अगस्त 2019 को रखा जाएगा और इस व्रत का मुहूर्त निम्नलिखित है:

श्रावण पूर्णिमा व्रत मुहूर्त
पूर्णिमा तिथि आरम्भ14 अगस्त, 2019 को दोपहर 15:47:44 से
पूर्णिमा तिथि समाप्त15 अगस्त, 2019 को शाम 18:01:02 पर

विभिन्न धार्मिक ग्रंथों तथा रीति-रिवाजों के अनुसार श्रावण पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करना जप, तप और दान करने का विशेष रूप से महत्व है। कुछ राज्यों में इसे नराली या नारियल पूर्णिमा भी कहते हैं। कुछ लोग विशेष रूप से इसी दिन जनेऊ पूजन अर्थात यज्ञोपवीत पूजन और उपनयन संस्कार का कार्य भी करते हैं। यदि आपकी कुंडली में चंद्रमा की स्थिति अनुकूल ना हो तो आपको यह व्रत रखना चाहिए क्योंकि पूर्णिमा का व्रत रखना चंद्र दोष से मुक्ति दिलाने के लिए सर्वश्रेष्ठ उपाय है। एक पुत्र वाले दंपत्ति को पूर्णिमा का व्रत रखना उत्तम माना गया है। 

हम आशा करते हैं कि रक्षाबंधन और श्रावण पूर्णिमा व्रत पर हमारा यह लेख आपको पसंद आया होगा। हमारी ओर से आपके भावी जीवन हेतु हार्दिक शुभकामनाएं।
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साप्ताहिक राशिफल (12 से 18 अगस्त 2019)

जानें क्या कहती है इस सप्ताह सितारों की चाल और आपके व्यवसाय, पारिवारिक जीवन, नौकरी,प्रेम, वैवाहिक जीवन तथा स्वास्थ्य में क्या आएँगे बदलाव। पढ़ें 12 से 18 अगस्त का साप्ताहिक राशिफल और जानें इस सप्ताह की विशेष भविष्यवाणियाँ।


एस्ट्रोसेज एक बार फिर से उपस्थित है आपके लिए साप्ताहिक राशिफल लेकर। इसमें 12 से लेकर 18 अगस्त के बीच की घटनाओं को बताया गया है और ग्रह स्थितियों को ध्यान में रखते हुए क्या विशेष आपकी राशि के साथ हो सकता है, वह सब कुछ आपको बताने का प्रयास किया जाए। हम आशा करते हैं कि आपको यह राशिफल अपने साप्ताहिक कार्यक्रमों को सुनियोजित ढंग से सफल बनाने में सहायक साबित होगा। इस राशिफल के अंतर्गत आपको अगस्त महीने के इस सप्ताह से संबंधित सभी खास बातें ज्ञात हो पाएंगी और साथ ही आप जान पाएंगे कि इस सप्ताह आपके लिए भविष्यवाणियां क्या है। एस्ट्रोसेज द्वारा प्रस्तुत यह सबसे सटीक राशिफल है और आपको इसके लिए धन खर्च करने की भी आवश्यकता नहीं है। इस पूरे सप्ताह के दौरान आप अपने प्रेम जीवन, स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन, दांपत्य जीवन, करियर, आर्थिक स्थिति, आदि के बारे में हर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस राशिफल के द्वारा हमने आपको कुछ विशेष उपाय भी बताएं हैं और हम आशा करते हैं कि उन भाइयों को करके आप अपने जीवन में आने वाली समस्याओं से छुटकारा प्राप्त कर पाएंगे और अपने जीवन को सही मार्ग पर ले जा पाने में सफल साबित होंगे।

इस सप्ताह का हिन्दू पंचांग एवं ज्योतिषीय तथ्य


हिन्दू पंचांग के अनुसार, सप्ताह की शुरुआत शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि से होगी और सप्ताह का अंत कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि के साथ होगा। वहीं इस सप्ताह में चंद्र देव धनु राशि से होते हुए मीन राशि तक अपनी गोचरीय अवस्था जारी रखेंगे। इसके साथ ही शुक्र का गोचर सिंह राशि में होगा, तो सूर्य देव भी अपनी राशि सिंह में ही प्रवेश करेंगे। इसके अलावा इस सप्ताह सोमवार, 12 अगस्त को सोम प्रदोष व्रत (शुक्ल) के साथ साथ सावन के सोमवार का अंतिम व्रत भी रखा जाएगा।इसके बाद गुरुवार, 15 अगस्त को भाई-बहन के अटूट प्रेम को समर्पित रक्षाबंधन, श्रावण पूर्णिमा व्रत और भारतवर्ष का स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा। 17 अगस्त को सिंह संक्रांति और 18 अगस्त को कजरी तीज को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।.

इस सप्ताह किन ग्रहों की बदलेगी चाल?


वैदिक ज्योतिष के अनुसार यदि सप्ताह के दौरान ग्रह और नक्षत्र की स्थिति का अवलोकन किया जाए तो पता चलता है कि सप्ताह 3 ग्रहों का विशेष रूप से गोचर होगा जिनमें सर्वप्रथम चंद्रमा का गोचर होगा जो सप्ताह की शुरुआत में धनु राशि में उपस्थित रहेंगे और उसके बाद मकर तथा कुंभ राशि में होते हुए मीन राशि में पहुंचेंगे। इसके साथ-साथ सुखों का कार्य कहा जाने वाला शुक्र ग्रह सिंह राशि में प्रवेश करेगा तथा ग्रहों का राजा सूर्य भी अपनी राशि सिंह में इस सप्ताह गोचर करने वाला है। इस सप्ताह सिंह राशि वाले लोगों को अनेक अच्छे परिणामों की प्राप्ति होगी और उनके करियर में भी उन्नति देखने को मिलेगी। विशेष रूप से बात की जाए तो यह सप्ताह सिंह राशि वालों के लिए काफी अनुकूल साबित होगा।

प्रदोष व्रत 2019 की तिथि व व्रत विधि: यहाँ क्लिक कर पढ़ें

शेयर बाज़ार में इस सप्ताह क्या होगा भाई


इस सप्ताह की शुरुआत में तेजड़ियों का प्रभाव देखने को मिलेगा। लेकिन इसके पश्चात मंदड़िये हावी हो जाएंगे। इस सप्ताह के दौरान इंश्योरेंस, पीएसयू, डिफेंस, गेहूँ, आदि से संबंधित सेक्टरों से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली हो सकती है और शेयर बाजार के सूचकांक में गिरावट होने का अंदेशा रहेगा। उसके बाद पेट्रोलियम, चावल, निर्यात और शिपिंग सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों को ख़रीदने में रूचि देखने को मिलेगी। सप्ताह के मध्य में इंट्राडे ट्रेडिंग करने वालों को हाउसिंग, रियल एस्टेट और ज्वेलरी से संबंधित कंपनियों में लाभ होगा। सप्ताह के अंतिम दिन शेयर बाज़ार दोपहर तक तेजड़ियों का जोर पावर सेक्टर, इलेक्ट्रिकल, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों को ख़रीदने में दिखाई देगा। सप्ताह के अंत में शेयर बाजार का सूचकांक का ग्राफ ऊपर जा सकता है।


जन्मदिन विशेष


इस सप्ताह चर्चित हस्तिओं में 14 अगस्त को जानी-मानी गायिका सुनिधि चौहान अपना जन्मदिन मनाएंगे तो उसके अगले दिन 15 अगस्त को राखी गुलज़ार का जन्मदिन होगा। 16 अगस्त को बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान पावर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल तथा बॉलीवुड निर्देशक डेविड धवन का जन्मदिन होगा। 17 अगस्त को हिंदी फिल्मों के अभिनेता सचिन पिलगांवकर का जन्मदिन मनाया जाता है, जानें इन हस्तियों के लिए कैसा रहेगा आने वाला समय और क्या कहती है उनकी कुंडली। हमारी ओर से इन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएँ। चलिए अब जानते हैं इस सप्ताह का राशिफल:-


यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष


चंद्रमा का गोचर नवम भाव में होने से इस सप्ताह आपको यात्रा के समय किसी प्रकार की कोई छोटी-बड़ी समस्या हो सकती है। इसके साथ ही ध्यान रहे, इस सप्ताह ऐसा कोई भी कार्य न करें जिससे कि आपके पिता जी को कोई भी मानसिक तनाव पहुँचे, क्योंकि इस समय उनकी सेहत...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए यह सप्ताह थोड़ा नाज़ुक है। क्योंकि इस समय आपका प्रियतम छोटी-छोटी बातों को लेकर आप से नाराज़ हो सकता है या फिर आप उनसे नाराज़ हो सकते हैं। ऐसे में अगर प्रेमी आपसे रूठ जाता है तो आप उसे कोई प्यारा सा तोहफ़ा देकर...आगे पढ़ें

वृषभ


इस समय आपकी सेहत पर भी किसी प्रकार का कोई नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे मानसिक तनाव होगा। ऐसे में ख़ुद को तनाव मुक्त रखने के लिए ध्यान और योग का सहारा लें। ये समय आपके पिता जी की सेहत के लिए भी ख़ासा अच्छा नज़र नहीं आ रहा है। इस समय आपका काम पर ध्यान देना अनिवार्य होगा अन्यथा कई योजनाएँ आपके अभाव में टल सकती हैं। चंद्रमा का गोचर नवम भाव में होने से आपको प्रयासों में...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए सप्ताह के बढ़िया रहने की पूरी उम्मीद है। क्योंकि सूर्य और शुक्र की चतुर्थ भाव में स्थिति आपके प्रेम संबंध में मिठास घोलने का काम करेगी। हालांकि इस दौरान आपका मन प्रेम से लिप्त हो जाएगा इस दौरान आपको अपनी मर्यादा को ध्यान में रखते हुए ही कोई...आगे पढ़ें

मिथुन


इस दौरान आपके जीवन साथी का स्वास्थ्य भी कमज़ोर रह सकता है। जिससे आप भी परेशान रहेंगे। व्यापारियों को व्यापार में नुकसान उठाना पड़ सकता है, इसलिए हर तरह के लेन-देन में सावधानी बरतना बेहतर होगा। इस समय आपका व्यवहार थोड़ा चिढ़-चिढ़ा हो सकता है जिससे आप ज्यादा गुस्सा करेंगे और साझेदार से भी झगड़ा होना संभव है। इसके बाद चंद्रमा का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में होगा जिस...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- यह सप्ताह प्रेम संबंधित मामलों के लिए अच्छा रहेगा। लिहाज़ा प्रेम के मामलों में आप थोड़ा दिल फेंक हो सकते हैं। इस समय आपका प्रेमी आपके प्रति समर्पित रहेगा लेकिन जाने अनजाने में दोनों के बीच किसी बात को लेकर कोई झगड़ा हो सकता है, इसलिए थोड़ा संभल कर ही आगे बढ़ें। वहीं शादीशुदा जातकों के जीवन में खुशहाली आएगी। परिवार की सुख-शांति...आगे पढ़ें


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कर्क


अपनी सेहत को लेकर आपका उदासीन रवैया आपकी परेशानी का सबब बनेगा। स्वास्थ्य के खराब होने की वजह से आपके कई काम अटक सकते हैं। इसके साथ ही कोर्ट कचहरी के मामलों में भी आपको सावधान रहने की जरुरत है। अपने विरोधियों के प्रति सचेत रहें वो आपके खिलाफ साज़िश रच सकते हैं। अगर मन में कोई दुविधा है तो अपने घर के...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधी मामलों के लिए इस सप्ताह के अच्छा रहने की पूरी उम्मीद है हालांकि सप्ताह के अंत में सूर्य के राशि परिवर्तन से आप दोनों के बीच कुछ गलतफहमियाँ आ सकती हैं। आपका अहम भाव आपके संगी को परेशान कर सकता है इस दौरान आपको अपनी बातों को करने से पहले...आगे पढ़ें

सिंह


इस हफ्ते चंद्र देव आपके पंचम, षष्ठम, सप्तम और अष्टम भाव में गोचर करेंगे। इसके साथ ही इस सप्ताह शुक्र का आपके प्रथम और सूर्य का भी आपके प्रथम भाव में गोचर होगा। सप्ताह की शुरुआत में आपके स्वास्थ्य को शारीरिक कष्ट उठाने पड़ सकते हैं जिसकी वजह से आप भी परेशान रहेंगे। हालांकि इस राशि के छात्रों के लिए यह समय अच्छा रहेगा और विदेश में जाकर शिक्षा अर्जित करने की सोच रहे छात्रों को अच्छे फलों की प्राप्ति हो सकती है। आर्थिक पक्ष...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- आप अपने प्रेमी को यह अहसास दिलाने की कोशिश करेंगे कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं, इसके लिए आप उनके साथ घूमने जा सकते हैं या उन्हें कोई तोहफा दे सकते हैं। आपकी नजदीकी आपके संगी को पसंद भी आएगी लेकिन ऐसा हो सकता है कि जिस तरह से आप उन्हें अपनी बातें ...आगे पढ़ें

कन्या


सप्ताह की शुरुआत में माता की खराब सेहत आपकी चिंताओं में वृद्धि कर सकती है। आपको इस समय उनका ख्याल रखने की जरुरत है। अगर आपको लगता है कि आपकी बातों से आपकी माता के स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव आ रहा है तो उनके साथ वक्त बिताएं। इस समय कामकाज की अधिकता कुछ लोगों को परेशान कर सकती है। इसलिए सप्ताह की शुरुआत में आपको बहुत सोच समझकर चलना होगा क्योंकि इस समय चंद्र...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- इस सप्ताह पंचम भाव में चंद्र के गोचर के दौरान आपके प्रेम संबंध सुधरेंगे। आप दोनों के बीच यदि किसी बात को लेकर मनमुटाव था तो वो भी इस समय दूर हो सकता है। प्रेम का सच्चा अहसास इस सप्ताह आप करेंगे। आपको यह बात समझ आ सकती है कि दूसरे से प्यार चाहना प्यार नहीं है बल्कि दूसरे को प्यार देना सच्चा प्यार है। आपका प्रेमी आपके व्यवहार को...आगे पढ़ें


तुला


इस समय कार्य क्षेत्र में आपको इधर की बातें उधर नहीं करनी चाहिए नहीं तो आप बेवजह खुद को किसी बुरी स्थिति में फंसा सकते हैं। मित्रों से भी इस दौरान आपकी कहासुनी होने की संभावना है। इसके बाद चंद्र का गोचर आपकी राशि से चतुर्थ भाव में होने से पारिवारिक जीवन में अच्छे फल मिलेंगे। आपकी माता का स्वास्थ्य इस समय अच्छा रहेगा जिसके कारण आपके चेहरे पर भी मुस्कान...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- इस राशि के जातकों को अपने दिल की बात अपने प्रेमी के सामने रखने में इस दौरान दिक्कतें आ सकती हैं हालांकि आपका प्रेमी बिना बातें सुनें भी आपके मनोभावों को जान सकता है। प्यार की डोर को मजबूत बनाए रखने के लिए आपको खुद में अच्छे परिवर्तन लाने की जरुरत है। इस राशि के जो ...आगे पढ़ें

वृश्चिक


भोजन के प्रति लापरवाही बरतना आपके अच्छे स्वास्थ्य को बिगाड़ सकता है इसलिए जितना हो सके संतुलित भोजन करने की कोशिश करें। पारिवारिक जीवन में किसी पुरानी बात को लेकर आप घर के लोगों से उलझ सकते हैं जिससे परिवार से आपकी दूरी बढ़ेगी। हालांकि वास्तविकता का पता चलने पर आप अपनी ग़लतियों को स्वीकार ...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- आपका संगी भी इस समय आपको खुश रखने की पूरी कोशिश करेगा। आप अपने प्यार को प्रदर्शित करने के लिए मौके ढूंढते नजर आएँगे। अगर आपका प्रेमी आपसे दूर रहता है तो इस समय आप उनसे मिलने का प्लान बना सकते हैं। शादीशुदा जातक ...आगे पढ़ें

धनु


इस समय आपको किसी चीज़ की चिंता सता सकती है। इस समय अपनी सेहत का ध्यान रखें और ज़रुरत से ज्यादा किसी चीज़ के बारे में अधिक विचार न करें। इस सप्ताह आपका रहस्यमय चीजों के प्रति रुझान बढ़ेगा। आप किसी रहस्यमय चीज़ को समझने के लिए उसके तह तक जाने का भी प्रयास कर सकते हैं। यदि आप किसी शोध में लगे हुए हैं तो आपको उसमें सफलता मिलेगी। वहीं चंद्रमा जब आपके द्वितीय...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- यह सप्ताह प्रेम संबंधों के लिए सामान्य से बेहतर है। सप्ताह की शुरुआत में आप प्रियतम से मिलने का प्लान बना सकते हैं। वहीं सप्ताहांत में आपको प्रियतम की किसी बात पर ग़ुस्सा आ सकता है। लेकिन इस समय आपको शांत रहना होगा। वहीं प्रेम की डोर को मज़बूत करने के लिए आप दोनों सप्ताहांत पर किसी प्यारी सी जगह पर मिल सकते हैं। वैवाहिक जीवन में इस...आगे पढ़ें

मकर


इस संबंध में आप धन भी ख़र्च करेंगे। किसी कारण वश घर से दूर जाने के योग बन रहे हैं। इस समय अपनी सेहत का ध्यान रखें और अनिद्रा से बचने के लिए योग व ध्यान क्रिया को अपनाएँ। इस सप्ताह चंद्र देव आपके लग्न भाव में भी जाएंगे। इस समय चंद्र के प्रभाव से आपका मन प्रसन्न होगा। आपके स्वभाव में सकारात्मक भाव देखने को मिलेंगे। चंद्रमा के दूसरे भाव में होने से व्यापार से जुड़े जातकों को लाभ मिलने की संभावना है। चूँकि कुंडली का दूसरा...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- इस सप्ताह आपका प्रेम जीवन सुखमय रहेगा। प्रियतम से आपकी नजदीकियाँ बढ़ेंगी। ये नज़दीकियाँ आपके मन में वासनात्मक विचारों को पैदा कर सकती हैं। इस स्थिति में आपको अपने कामुक विचारों पर नियंत्रण रखना होगा। लव पार्टनर आपके विचारों की पूरी कद्र करेगा। इस समय यदि आप उन्हें अपने परिजनों से मिलवाना चाहते हैं तो आप यह कर सकते हैं। घर वालों...आगे पढ़ें

कुंभ


कुंभ राशि के जातकों को अपनी अभिलाषाओं की पूर्ति में समय लग सकता है। हालांकि आपकी आमदनी में वृद्धि होने के प्रबल आसार हैं। कार्य क्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों से किसी बात को लेकर बहस-बाज़ी हो सकती है। ऐसी स्थिति में ख़ुद को शांत रखें। चंद्र देव आपकी राशि से द्वादश भाव में जाएंगे। इस दौरान आपके किसी यात्रा पर जाने की संभावना है। इस यात्रा के कारण आपका ख़र्च बढ़ सकता है। इसके साथ ही यात्रा के दौरान...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रियतम और आप दोनों के बीच में किसी बात को लेकर असुरक्षा की भावना जागृत हो सकती है। इसके साथ छोटी-छोटी बातों में आपके बीच झगड़ा भी संभव है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए बहुत ही धैर्य रहकर कार्य करना होगा। यदि साथी को आपके ऊपर ...आगे पढ़ें

मीन


इस दौरान आपको अपने कार्य क्षेत्र में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। संभव है कि आप अपने कार्य को लेकर अधिक तनाव लें। लेकिन ऐसा करने से बचें। क्योंकि इसका प्रभाव आपकी सेहत पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। इस समय काम में भी आपका मन...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधों के लिए यह सप्ताह बहुत ज्यादा अनुकूल नहीं है। लिहाज़ा आपको प्रेम के मामलों में थोड़ा संभल कर चलना होगा। प्रियतम से किसी बात पर नाराज़गी हो सकती है या फिर उन्हें आपके ऊपर गुस्सा आ सकता है। ऐसी स्थिति में कड़वी भाषा का प्रयोग न करें। सप्ताह की शुरुआत में ...आगे पढ़ें

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श्रावण शुक्ल पुत्रदा एकादशी व्रत का मुहूर्त एवं पूजा विधि

श्रावण पुत्रदा एकादशी, जैसा कि नाम से ही विदित है श्रावण महीने में मनाई जाती है। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है, इसलिए एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा एवं उपासना की जाती है। सावन के महीने में आने के कारण ही यह एकादशी श्रावण एकादशी कहलाती है। पुत्रदा एकादशी होने से यह संतान देने वाली एकादशी भी मानी जाती है। इस प्रकार श्रावण शुक्ल पुत्रदा एकादशी जहां एक ओर पूरे विधि-विधान से पूजा करने के कारण और व्रत रखने के कारण आपकी सभी मनोवांछित इच्छाएं पूरी करती है, तो वहीं जो लोग संतान सुख से वंचित हैं, उन्हें उत्तम संतान भी प्रदान करती है। इस व्रत के द्वारा भगवान विष्णु की असीम अनुकंपा प्राप्त होती है और व्यक्ति मोक्ष का अधिकारी बन जाता है।


श्रावण पुत्रदा एकादशी कब है


श्रावण पुत्रदा एकादशी का व्रत हिंदू पंचांग के अनुसार सावन मास में शुक्ल पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। एकादशी तिथि का स्वामी विश्वेदेवा को माना जाता है, इसलिए इस दिन उनकी पूजा भी अवश्य करनी चाहिए। मुख्य रूप से यह व्रत विवाहित स्त्री-पुरुष द्वारा संतान प्राप्ति की इच्छा से भी किया जाता है। जो लोग सभी एकादशी का व्रत रखते हैं, उन्हें इस व्रत का भी पालन करना चाहिए। यदि आपके मन में यह विचार उत्पन्न होता है कि वर्ष 2019 में श्रावण पुत्रदा एकादशी कब है, तो हम आपको बताना चाहेंगे कि इस वर्ष यह व्रत रविवार 11 अगस्त 2019 को रखा जाएगा और उसकी पारणा अगले दिन 12 अगस्त को होगी। एकादशी तिथि शनिवार, 10 अगस्त, 2019 को प्रातः 10:10:31 से प्रारम्भ होगी और रविवार, 11 अगस्त, 2019 को प्रातः 10:54:19 तक रहेगी। सूर्योदय व्यापिनी होने के कारण श्रावण शुक्ल पुत्रदा एकादशी व्रत 11 अगस्त को रखा जाएगा और उसकी पारणा अगले दिन होगी। इस एकादशी व्रत की पारणा मुहूर्त निम्नलिखित है:

श्रावण पुत्रदा एकादशी व्रत (11 अगस्त 2019) का मुहूर्त
श्रावण पुत्रदा एकादशी पारणा मुहूर्त12 अगस्त 2019 की प्रातः 05:12:02 से 07:47:48 तक
अवधि2 घंटे 35 मिनट

नोट: यह मुहूर्त नई दिल्ली के लिए है। जानें अपने शहर में श्रावण पुत्रदा एकादशी व्रत का मुहूर्त


श्रावण शुक्ल पुत्रदा एकादशी का महत्व


भगवान विष्णु को प्रिय पुत्रदा एकादशी वर्ष में दो बार आती है। एक बार श्रावण मास में और दूसरी बार पौष मास में। उत्तर भारत में पौष मास की पुत्रदा एकादशी अधिक मनाई जाती है तो अन्य क्षेत्रों में श्रावण शुक्ल पुत्रदा एकादशी का अत्यंत महत्व है। इस श्रावण पुत्रदा एकादशी को पवित्रा एकादशी भी कहा जाता है और कुछ लोग इसे पवित्रोपना एकादशी भी कहते हैं।

पुराणों के अनुसार भूमि दान, अन्न दान, स्वर्ण दान, गोदान, कन्यादान या फिर ग्रहण काल में स्नान दान करने से जितना पुण्य प्राप्त होता है अथवा कठिन तपस्या, अश्वमेध यज्ञ और तीर्थ यात्रा से जो पुण्य होता है, उससे भी अधिक पुण्य एकादशी तिथि का व्रत रखने से प्राप्त होता है। सावन के महीने में आने वाली श्रावण शुक्ल पुत्रदा एकादशी को व्रत रखने और व्रत कथा सुनने मात्र से वाजपेय यज्ञ के समान फल की प्राप्ति होती है।

भविष्य पुराण के अनुसार एकादशी तिथि के स्वामी विश्वेदेवा होने के कारण इस दिन उनकी पूजा भी करनी चाहिए, जिसके परिणामस्वरूप व्यक्ति को संतान, धन, धान्य, पशु, वाहन और घर की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि श्रावण पुत्रदा एकादशी व्रत को बहुत महत्व दिया जाता है।


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श्रावण पुत्रदा एकादशी की पूजा विधि


श्रावण पुत्रदा एकादशी के दिन जो लोग व्रत रखना चाहते हैं, उन्हें पूरे विधि-विधान से और पूजा विधि को जानकर व्रत रखना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की कोई त्रुटि न रह जाए। आप निम्नलिखित विधि के द्वारा भी इस एकादशी के व्रत का पालन कर सकते हैं:

  • जो लोग श्रावण पुत्रदा एकादशी का व्रत रखना चाहते हैं, उन्हें एक दिन पूर्व अर्थात द्वादशी तिथि की संध्या को सूर्यास्त के बाद भोजन नहीं करना चाहिए। 
  • एकादशी तिथि के व्रत के दौरान स्वयं का चित्त और मन शांत रखना चाहिए और किसी के प्रति द्वेष, ईर्ष्या या बुरी भावना मन में नहीं लानी चाहिए। 
  • व्रत के दिन से लेकर पारणा के दिन तक संयमित जीवन व्यतीत करना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। 
  • प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में उठें और फिर स्नान करके नवीन अथवा स्वच्छ वस्त्र धारण करें तथा शुद्ध हो जाएँ। 
  • इसके बाद एक चौकी पर भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र रखें और उसके समक्ष देसी घी का दीपक जलाएं। 
  • दीपक जलाने के बाद श्रावण पुत्रदा एकादशी व्रत रखने का संकल्प लें। 
  • भगवान् श्री हरी विष्णु जी की पूजा से पहले गणेश जी की पूजा करें क्योंकि वे प्रथम पूज्य हैं। 
  • उनके बाद भगवान विष्णु की पंचोपचार व षोडशोपचार पूजा करें। 
  • उन्हें पुष्प, मौसमी फल, तुलसी पत्र तथा चंदन, आदि अर्पित करें। 
  • इसके बाद पुत्रदा एकादशी व्रत की कथा पढ़ें अथवा सुनें और दूसरों को सुनाएं। 
  • कथा समाप्त होने के बाद भगवान विष्णु की पूरे मन से प्रसन्नता पूर्वक आरती करें। 
  • ध्यान रखें आप को निराहार रहना है और अन्न को ग्रहण नहीं करना है, हालांकि आप फलाहार कर सकते हैं। 
  • शाम के समय दूध या दूध से बनी कोई वस्तु, खोया से बनी मिठाई, कुट्टू के आटे से बना भोजन करें। आप सेंधा नमक और काली मिर्च का प्रयोग कर सकते हैं, लेकिन भूल कर भी सादा नमक या काला नमक और लाल मिर्च का प्रयोग न करें। 
  • इस दिन श्री विष्णु सहस्रनाम स्त्रोत्र का पाठ करना अत्यंत ही फलदायक माना जाता है। 
  • एकादशी तिथि का व्रत रखने वाले लोगों को रात्रि में जागरण और भजन-कीर्तन करना चाहिए। 
  • इसके बाद अगले दिन सूर्योदय के उपरांत व्रत की पारणा की जाती है। 
  • ध्यान देने योग्य बात यह है कि हरि वासर (द्वादशी तिथि की पहली एक चौथाई अवधि है) के दौरान व्रत की पारणा ना करें। 
  • व्रत की पारणा करने के लिए सुबह का समय अत्यधिक अनुकूल होता है और इस बात का ध्यान रखें कि द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले ही व्रत की पारणा हो जानी चाहिए क्योंकि द्वादशी तिथि बीत जाने तक भी पारणा ना करने पर पाप मिलता है। 
  • यहां ध्यान देने योग्य बात यह है कि यदि द्वादशी तिथि सूर्योदय से पहले ही पूर्ण रूप से समाप्त हो जाए, तो एकादशी व्रत की पारणा सूर्योदय के बाद ही करनी चाहिए। 
  • एकादशी तिथि के बाद द्वादशी तिथि में ब्राह्मण को भोजन कराएं और उन्हें यथासंभव दक्षिणा दें। 

इस प्रकार पूरे विधि-विधान के अनुसार श्रावण शुक्ल पुत्रदा एकादशी का व्रत करने से सभी प्रकार की इच्छाओं की पूर्ति होती है और व्यक्ति जन्म जन्मांतर में किए गए पाप कर्मों से मुक्त हो जाता है। ऐसे विवाहित लोग जिनको संतान नहीं हुई है उन्हें पुत्रदा एकादशी का व्रत रखना चाहिए, इसके द्वारा उन्हें उत्तम संतान की प्राप्ति होगी। भले ही आप व्रत रखें अथवा न रखें, आपको एकादशी के दिन चावल नहीं खाने चाहियें।

हम आशा करते हैं कि श्रावण पुत्रदा एकादशी पर हमारा यह लेख आपको पसंद आया होगा और इस एकादशी से संबंधित जानकारी प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा। हमारी ओर से आपके भावी जीवन में समृद्धि हेतु हार्दिक शुभकामनाएं।
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