गुरू बृहस्पति ने वृश्चिक में चली अपनी वक्री चाल!

देवगुरू की वक्री चाल से बरसेगा पैसा अपार! जानिये वृश्चिक राशि में वक्री बृहस्पति देव किन राशि वालों के लिए खोलने जा रहे हैं कुबेर का खजाना। 


बृहस्पति अन्य ग्रहों में से सबसे बड़े और शुभ फल देने वाले ग्रह माने जाते हैं। इसके साथ ही बृहस्पति देव आशावाद के प्रतीक होते हैं। बृहस्पति को ज्ञान, कर्म, धन, पुत्र और विवाह का कारक माना गया है। जिसके चलते ही गुरु खासतौर पर वैवाहिक और दांपत्य जीवन पर अपना विशेष प्रभाव रखते हैं। 

कुंडली में गुरु की स्थिति का प्रभाव 


वैदिक ज्योतिष के अनुसार ये देखा है कि यदि किसी की कुंडली में बृहस्पति बलवान होते हैं तो अन्य ग्रहों की स्थिति ठीक नहीं होने पर भी जातक को कोई कष्ट या हानि नहीं होती है। बृहस्पति के कुंडली में बलवान होने पर जातक का परिवार, समाज और हर क्षेत्र में सकारात्मक प्रभाव रहता है। इसी लिए कहा जाता है कि यदि किसी कुंडली में बृहस्पति मजबूत हो तो ऐसा व्यक्ति एक अच्छा मंत्री सलाहकार बनने में सक्षम होता है। उस व्यक्ति को धन, संतान और वैभव की कोई कमी नहीं रहती। वहीं कुंडली में गुरु ग्रह के अशुभ प्रभाव से दम्पत्ति को संतान प्राप्ति में बाधा, पेट से संबंधित कोई समस्या और मोटापा आदि परेशानी हो सकती है। इसी लिए बृहस्पति के अशुभ प्रभाव से पीड़ित जातकों को बृहस्पति ग्रह शांति के उपाय करने की सलाह दी जाती रही हैं। बृहस्पति ग्रह शांति के उपाय करने से जातक को शुभ फल की प्राप्ति होती है और अशुभ प्रभाव दूर होते हैं। बृहस्पति को कुंडली में मजबूत स्थिति देने के लिए और उनकी कृपा प्राप्ति के लिए पुखराज रत्न पहनने अथवा बृहस्पति यंत्र धारण करना भी शुभ माना जाता है। 

बृहस्पति गोचर का समय 


अब यही देव गुरु बृहस्पति 24 अप्रैल के दिन बुधवार को 02:41 बजे वक्री अवस्था में एक बार पुनः धनु से वृश्चिक राशि में वापिस लौट रहे हैं। इसके बाद ये वृश्चिक राशि में रहते हुए 11 अगस्त को मार्गी हो जाएंगे और 5 नवंबर दिन मंगलवार को 00:03 बजे पुनः धनु राशि में आ जाएंगे। 17 दिसंबर 2019 से 11 जनवरी 2020 के बीच गुरु बृहस्पति अस्त हो जाएंगे। इस तरह आने वाले इस पूरे ही वर्ष बृहस्पति अपनी गति में लगातार उतार-चढ़ाव करते हुए प्रत्येक जन मानस पर इसका विशेष परिवर्तन दिखाएँगे।

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गुरु की दिशा परिवर्तन से होगा ये बड़ा बदलाव 


ज्योतिष विशेषज्ञों अनुसार गुरु जिस राशि (धनु) से अपनी वक्री चाल चल रहे हैं। वहाँ धनु राशि में पहले से ही मौजूद कर्म फल दाता शनि अप्रैल से 17 सितंबर तक मौजूद हैं। ऐसे में धनु राशि में शनि और गुरु की युति अशुभ फलकारी थी जो अब लाभदायक हो जायेगी। ऐसे में गुरु के शनि का साथ छोड़कर जानें से मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, कुंभ व मीन राशि वाले जातकों को अपार धन का लाभ होगा। इसके अलावा नौकरी व व्यापार में उथल-पुथल देखी जायेगी। बृहस्पति की वक्री चाल का समस्त राशियों पर भी ख़ास असर दिखाई देगा। चलिए अब आपकी राशि पर क्या होगा बृहस्पति के गोचर का प्रभाव, जानने के लिए पढ़ते हैं यह लेख:-

“एस्ट्रोसेज के द्वारा आईपीएल 2019 का विशेष कवरेज


यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि।

मेष


गुरु के इस गोचर का प्रभाव खासतौर से आपके कार्यक्षेत्र पर पड़ने वाला है, गुरु के विशेष प्रभाव से कार्यक्षेत्र में तरक्की की संभावना बन रही है। इस गोचर के दौरान कार्यक्षेत्र में आपकी छवि और प्रभाव में भी विशेष वृद्धि होने वाली है। इस दौरान...आगे पढ़ें

वृषभ


गुरु गोचर के दौरान बृहस्पति आपकी राशि से आठवें भाव में विराजमान होंगें। इसके परिणामस्वरूप आपको स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से दो-चार होना पड़ सकता है। खासतौर से पेट से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न हो सकती है। इस गोचर के दौरान ना चाहते हुए भी आपको किसी...आगे पढ़ें

मिथुन


गुरु गोचर के दौरान बृहस्पति आपकी राशि से सातवें भाव में स्थित होंगें। गुरु गोचर के परिणामस्वरूप आप अपने जीवनसाथी के साथ आनंदमय पल व्यतीत कर पाएंगे। साथ ही यदि आप दोनों के बीच काफी समय से कोई मतभेद चला आ रहा है तो, गुरु के मंगलमय प्रभाव से वो भी दूर हो सकता है। इस दौरान...आगे पढ़ें

कर्क


आपकी राशि में गुरु के छठें भाव में विराजमान होने से इसका प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर विपरीत रूप से पड़ सकता है। किसी प्रकार का मानसिक तनाव इस दौरान आपको परेशान कर सकता है, लिहाजा आपको सलाह दी जाती है कि किसी भी कठिन परिस्थिति में धैर्य और संयम बरक़रार रखें। इस दौरान...आगे पढ़ें

सिंह


गुरु गोचर के दौरान आप नए लोगों के संपर्क में आएँगे जिससे आपको विशेष लाभ प्राप्त होगा। गोचर के इस काल में आप सेवा और परोपकार के कार्यों में विशेष रुचि ले सकते हैं। संभव है कि किसी धार्मिक संस्था से जुड़कर समाज कल्याण में अपना सहयोग दें। इस दौरान कार्यक्षेत्र और व्यापार में...आगे पढ़ें

कन्या


गुरु के गोचर काल के दौरान आपको खासतौर से अपने करीबी रिश्तेदारों और दोस्तों से सतर्क रहने की आवश्यकता है, किसी प्रकार का आघात पहुँच सकता है। गुरु ग्रह विशेष रूप से दर्शन और धर्म के कारक माने जाते हैं, परिणामस्वरूप इस दौरान आपकी रुचि आध्यात्मिक और धार्मिक कार्यों के प्रति बढ़ सकती है। कुल मिलाकर देखा जाए तो...आगे पढ़ें

तुला


बृहस्पति देव का आपकी राशि के तीसरे भाव में स्थापित होना आपके लिए अच्छा नहीं है। गोचर की इस अवधि के दौरान आपका स्थान परिवर्तन हो सकता है। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन की वजह से या किसी अन्य कारण से दूसरी जगह शिफ्ट होना पड़ सकता है। इस गोचर काल के दौरान आपके ऊपर...आगे पढ़ें

वृश्चिक


इस गोचर के दौरान गुरु का आपकी राशि के दूसरे भाव में विराजमान होना आपके लिए शुभ संकेत दे रहा है। गुरु गोचर के प्रभाव से आपको धन लाभ होगा और आप पैसों की अधिक बचत करने में सफल होंगें। गोचर के इस काल में आपको भरपूर पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा, आपके परिवार के सदस्यआगे पढ़ें

धनु


गुरु गोचर के दौरान बृहस्पति देव आपकी राशि से पहले भाव यानि की लग्न भाव में स्थित होंगें। जिस कारण इस गोचर का प्रभाव आपको नकारात्मक फल दे सकता है। इस दौरान धन हानि की संभावना बन रही है, खर्चे बढ़ सकते हैं जिससे मन उदास रहेगा। इस गोचर काल के दौरान किसी अनजान के साथ...आगे पढ़ें

मकर


गोचर के इस काल में आप अपने निजी और कामकाज के सिलसिले में लंबी यात्रा पर जा सकते हैं। गुरु गोचर की इस अवधि में आपका धन धार्मिक प्रयोजनों पर ज्यादा खर्च हो सकता है। असल में गुरु ग्रह को दर्शन और धर्म का कारक माना जाता है, इसलिए इस दौरान आपकी रुचि...आगे पढ़ें

कुंभ


गोचर की इस अवधि के दौरान आपका स्वास्थ्य काफी बेहतर रहेगा। यदि आप काफी लंबे समय से बीमार थे तो गोचर की इस अवधि के दौरान आपको स्वास्थ्य लाभ हो सकता है। इस दौरान भाग्य आपका भरपूर साथ देगा जिससे आप नयी सफलता और उपलब्धि को प्राप्त कर सकते हैं...आगे पढ़ें 

मीन


गुरु गोचर के दौरान स्वास्थ्य संबंधी परेशानी आपको हो सकती है। आर्थिक दृष्टिकोण से गुरु गोचर आपके लिए फलदायी साबित होगा। इस दौरान आपको धन लाभ होने की संभावना है। अचानक ही किसी स्रोत से धन लाभ हो सकता है, लेकिन अपने...आगे पढ़ें

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साप्ताहिक राशिफल ( 22 से 28 अप्रैल 2019)

किन राशि वालों को मिलेंगी इस हफ्ते खुशियाँ अपार! पढ़ें साप्ताहिक राशिफल में और जानें अपने जीवन से जुड़ी हर भविष्यवाणियाँ।


अप्रैल माह के आखिरी सप्ताह की शुरुआत आज से हो चुकी है। अप्रैल का ये आखिरी सप्ताह सभी 12 राशियों के जातकों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आने वाला है क्योंकि इस सप्ताह चन्द्रमा के गोचर के अलावा शुभ ग्रह गुरु बृहस्पति का वक्री वृश्चिक राशि में हो रहा है। इसके साथ ही इस सप्ताह संकष्टी चतुर्थी भी घटित हो रही है, जिस दिन व्रत रखने का विधान है। ऐसे में इस कारण से भी ये सप्ताह बेहद ख़ास हो जाता है। वहीं ग्रहों-सितारों की इस सप्ताह की चाल को देखें तो इससे ज्ञात होता है कि ये सप्ताह जातकों के दांपत्य जीवन के लिए भी बेहद अच्छा रहने वाला है, क्योंकि संतान और ज्ञान के कारक गुरु बृहस्पति देव इसी सप्ताह अपनी वक्री चाल आरम्भ करने वाले हैं। अतः ग्रह- नक्षत्रों की ये बदली चाल कई मायनों में जातकों पर शुभ प्रभाव डालने वाली है। 

वक्री देव बृहस्पति का वृश्चिक राशि में गोचर- यहाँ क्लिक कर पढ़ें

इस सप्ताह का हिन्दू पंचाग 


हिन्दू पंचांग पर नज़र डालें तो इस सप्ताह की शुरुआत तृतीया तिथि, कृष्ण पक्ष और अनुराधा नक्षत्र के साथ होगी। ऐसे में इस दौरान चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेंगें। इसके साथ ही इस सप्ताह का अंत नवमी तिथि, कृष्ण पक्ष और धनिष्ठा नक्षत्र के साथ होगा। जिस दौरान चंद्र देव 15:45:25 बजे तक मकर में और फिर कुम्भ राशि में प्रस्थान कर जाएंगे। 

इस सप्ताह कैसी होगी ग्रहों की चाल ? 


इस सप्ताह चन्द्रमा का गोचर वृश्चिक, धनु, मकर और कुम्भ इन चार राशियों में होगा। ये राशियाँ काल पुरुष कुंडली में क्रमशः आठवें, नौवें, दसवें और एकादश भावों को दर्शाती हैं। इस सप्ताह के मध्य में यानि 24 अप्रैल, बुधवार को गुरु बृहस्पति देव धनु से वृश्चिक राशि में वक्री कर रहे हैं। जिसका न्यूनतम प्रभाव भी हर राशि पर देखने को मिलेगा। ज्योतिष में गुरु की वक्री चाल को एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में देखा जाता रहा है। दरअसल शनि, राहु, केतु और बृहस्पति ऐसे ग्रह हैं जिनकी गोचरीय अवधि अन्य ग्रहों की तुलना में अधिक होती है। इसलिए जब-जब ये ग्रह अपना स्थान परिवर्तन करते हैं इसका व्यापक प्रभाव मानव जीवन पर साफ़ तौर से देखने को मिलता है। गुरु यानि बृहस्पति की गोचरीय अवधि लगभग 13 महीने की होती है यानि गुरु एक राशि में करीब 1 साल 1 महीने तक संचरण करता है। इसे धनु और मीन राशि स्वामित्व प्राप्त होता है। इन बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए ही वैदिक ज्योतिष में व्यक्ति को गुरु यानि बृहस्पति के बुरे प्रभाव से बचने के लिए पुखराज, या पाँच मुखी रुद्राक्ष धारण करने की सलाह दी जाती है। तो आइए जानते हैं कि आपकी राशि के लिए ये सप्ताह कैसा रहने वाला है:- 

गुरु यंत्र से बनाए अपने बृहस्पति देव को मजबूत

जन्मदिन विशेष


इसके साथ ही इस हफ्ते क्रिकेट, बॉलीवुड और लेखन जगत से कई दिग्गज हस्तियों के जन्मदिन हैं। इनमें फिल्म निर्माता बोनी कपूर, मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर प्रसिद्ध उपन्यास और कहानीकार चेतन भगत, अभिनेता वरुण धवन और मशहूर गायक अरजीत सिंह के नाम भी शामिल है। इन सभी शख्सियतों ने अपने हुनर से दुनिया में नाम कमाया है। ऐसे में एस्ट्रोसेज की ओर से इन सभी को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएँ।


यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। जानें चंद्र राशि कैल्कुलेटर से अपनी चंद्र राशि

मेष


इस सप्ताह, चंद्रमा आपकी राशि के आठवें, नौवें और दसवें भाव में गोचर करेगा। इसी कारण इस सप्ताह आपके लिए सावधानी बरतना बेहद आवश्यक है, क्योंकि आप किसी दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं। दूसरी तरफ इस सप्ताह के दौरान आपके लिए आर्थिक लाभ की संभावना नजर आ रही है। किसी को दिया उधार वापस मिल सकता है और इसके प्रभाव से आपको...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम जीवन के लिए ये सप्ताह सामान्य रहने वाला है। जो जातक प्रेम में है उन्हें इस दौरान उतार चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। आपको अपने पार्टनर की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह से तैयार रहना चाहिए। आपके प्यार की नाव...आगे पढ़ें

वृषभ


इस हफ्ते चंद्रमा आपकी राशि से सातवें, आठवें और नवम भाव में गोचर करेगा। चंद्रमा की उपस्थिति आपके और आपके जीवनसाथी के बीच मतभेद की स्थिति उत्पन्न कर सकती है। इस दौरान आपके बिज़नेस पार्टनर के बीच भी दूरियाँ आ सकती है, इसलिए किसी भी नतीजे पर पहुँचने से पहले भली-भाँति सोच विचार कर लें। सप्ताह के मध्य में...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम जीवन के लिहाज से यह सप्ताह ख़ासा उल्लेखनीय साबित होगा। इस दौरान आप अपने जीवनसाथी के साथ कुछ खुशनुमा पल व्यतीत कर पाएंगे जिससे आपके रिश्ते में मधुरता आएगी। जहाँ तक शादीशुदा जातकों का सवाल है...आगे पढ़ें

मिथुन


इस हफ्ते चंद्रमा की उपस्थिति आपके मन में उदासीनता का भाव ला सकती है। इस दौरान चल रहीं परियोजनाओं में आपको हार का सामना करना पड़ सकता है। यह समय आपके लिए अनुकूल नहीं है, यही कारण है कि आपको किसी के साथ शत्रुता नहीं करनी चाहिए। शांत रहें, और...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- शादीशुदा जातकों के लिए यह सप्ताह अनुकूल रहने वाला है, आपको अपने हर कार्य में जीवनसाथी का भरपूर साथ मिलेगा। समग्र अनुमानों के अनुसार हम यह कह सकते हैं कि इस हफ्ते आपकी शादीशुदा जिंदगी अच्छी बीतेगी...आगे पढ़ें

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कर्क


इस सप्ताह के शुरुआत में, चंद्रमा आपकी राशि से पंचम भाव में स्थापित होंगे जिससे आपको संतान की ओर से कोई अच्छी खबर मिल सकती है। इस दौरान आपके बच्चे अपने क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करेंगे और भीड़ से अलग खड़े नजर आएंगे। यह सप्ताह आपके लिए भी अच्छी खबर लेकर आ सकता है। इस दौरान आपको...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम जीवन के लिहाज से यह हफ्ता आपके लिए ख़ास रहेगा। इस दौरान आप प्यार और रोमांस का अनुभव करेंगे। आप अपने निरंतर प्रयासों से अपने प्रिय को प्रसन्न बनाये रखेंगे। रिश्ते पर मजबूती से पकड़ बनाए रखें क्योंकि...आगे पढ़ें

सिंह


इस सप्ताह चंद्रमा का गोचर होने के फलस्वरूप इस राशि के जो छात्र काफी समय से परीक्षा के परिणाम का इंतज़ार कर रहे थे, उन्हें इस दौरान अच्छा परिणाम प्राप्त हो सकता है। इस हफ्ते के दौरान आपके जीवन में धार्मिक पहलुओं का महत्व काफी बढ़ जाएगा क्योंकि आपको धार्मिक पहलुओं का अवलोकन करने का अवसर प्राप्त होगा। इस दौरान धार्मिक कार्यों पर आपके...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- इस सप्ताह रिश्ते की मजबूती के लिए उठाये गए कदमों की जीवनसाथी आपकी प्रशंसा करेगा। विवाहित जातकों के लिए भी यह सप्ताह काफी सराहनीय सिद्ध होगा। आप अपने सास-ससुर को खुश रखने में सफल रहेंगे और...आगे पढ़ें

कन्या


इस सप्ताह चंद्र ग्रह का आपकी राशि से तीसरे, चौथे और पाँचवें भाव में गोचर होगा। इस दौरान आपको अपनी रुचियों और गतिविधियों में अचनाक ही बदलाव देखने को मिल सकता है। आपकी रुचि जिन गतिविधियों में थी उन्हें इस दौरान आपको रद्द करना होगा...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- इस सप्ताह आप अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक छुट्टी पर जा सकते हैं। इस ट्रिप के दौरान आप दोनों के बीच आत्मीयता और स्नेह के भाव में वृद्धि होगी। अपने साथी से अपनी दिल की बातें ज़रूर कहें, क्योंकि...आगे पढ़ें

तुला


इस सप्ताह के अंतर्गत, चंद्रमा की उपस्थिति आपके दूसरे, तीसरे और चौथे भाव में होगी। इसलिए वित्तीय संसाधनों की प्राप्ति के कारण आपका बचत अनुपात इस सप्ताह बढ़ेगा जो कि काफी लंबे समय से अटका हुआ है। ऐसा कहा जा सकता है कि आर्थिक रूप से आपके लिए यह सप्ताह काफी फलदायी साबित होगा...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम प्रसंग के लिए यह सप्ताह अनुकूल रहेगा। इस दौरान आप अपने प्रेमी को अपने परिवार से मिलवा सकते हैं। इस मुलाकात का आपको सकारात्मक परिणाम प्राप्त होगा, दोनों एक दूसरे के साथ का आनंद उठाएंगे...आगे पढ़ें

वृश्चिक


इस सप्ताह चंद्रमा के गोचर से आर्थिक स्तर पर आपको अपने परिवार के सदस्यों का भरपूर साथ मिलेगा। उनकी सहायता आपको वहाँ भी मिल सकती है जहाँ आप खुद को कमजोर महसूस करते हों। परिवार के सदस्यों से मिलने वाली इस सहायता के बदले आपको उन्हें...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- शादीशुदा जातकों के लिए भी यह सप्ताह सामान्य रहने वाला है। इस दौरान आपको अपने जीवनसाथी की बातों को सुनना चाहिए, क्योंकि इसका लाभ आपको व्यावहारिक जीवन में मिलने के साथ ही आपके रिश्ते को...आगे पढ़ें

धनु


इस हफ्ते चंद्रमा का गोचर आपकी राशि से बारहवें, पहले और दूसरे भाव में होगा। जिस कारण अचानक ही आपकी जिंदगी में कोई बड़ा बदलाव आ सकता है। आपका कुंठित और घमंडी स्वभाव आपके प्रियजनों के साथ रिश्ते को प्रभावित कर सकता है। किसी भी तरह के मतभेद से बचने के लिए वाणी में मधुरता बनाए रखें। इस सप्ताह के अंत में ...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम जीवन के लिए यह सप्ताह ख़ासा अनुकूल साबित होगा। इस दौरान आपका पार्टनर किसी चिकित्सीय स्थिति का शिकार हो सकता है जिस वजह से आप पूरे सप्ताह चिंतित हो सकते हैं। इस दौरान अपने पार्टनर के प्रति धैर्यपूर्ण बर्ताव रखें क्योंकि...आगे पढ़ें


मकर


चंद्रमा की उपस्थिति से इस सप्ताह आपको स्वास्थ्य हानि हो सकती है और आप अचानक ही हॉस्पिटल में भर्ती हो सकते हैं। इस दौरान वाहन चलाते वक़्त भी सावधानी बरतें क्योंकि आप किसी दुर्घटना के शिकार भी हो सकते हैं। इन चीजों में आपके आर्थिक संसाधन अधिक खर्च हो सकते हैं...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- इस सप्ताह आप अपने दोस्तों द्वारा आयोजित किसी पार्टी का भी हिस्सा बन सकते हैं। आपके आर्थिक लाभ का रास्ता आपके पार्टनर से होकर ही गुजरता है। प्रेम में पड़े सभी जातकों के लिए यह सप्ताह ख़ासा अनुकूल रहेगा। हालाँकि...आगे पढ़ें

कुंभ


इस सप्ताह चंद्रमा का गोचर आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में होगा, जो कि लाभ का कारक माना जाता है। इस दौरान आपको लंबे समय से फंसा हुआ पैसा वापस मिल सकता है। साथ ही आपके किसी वित्तीय समझौते को भी हरी झंडी मिल सकती है, इसलिए...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्यार में पड़े जातकों के लिए यह सप्ताह खासतौर से बेहद अच्छा साबित होने वाला है। इस दौरान आप अपने पार्टनर के साथ जीवन के कुछ खूबसूरत पलों का आनंद उठा पाएंगे। आप दोनों के बीच...आगे पढ़ें

मीन


इस सप्ताह चंद्रमा के गोचर के फलस्वरूप, आपके जीवन में किसी नये व्यक्ति की एंट्री होगी जिससे आपका दोस्ताना संबंध बन सकता है। यह व्यक्ति आपको आर्थिक रूप से लाभ प्रदान कर सकता है। अंतः यह सप्ताह मीन राशि के जातकों के लिए विशेष उल्लेखनीय साबित होगा...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- इस हफ्ते आपको सकारात्मक लाभ मिल सकता है यदि आप अपने रिश्ते की मंजूरी के लिए माता पिता से अनुमति चाहते हैं, तो इस स्थिति में भी आपको अनुकूल परिणाम मिलेगा। विवाहित जातकों के लिए भी...आगे पढ़ें

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आज हनुमान जयंती पर जानें पूजा विधि व शुभ मुहूर्त!

अपनी राशि अनुसार जानें हनुमान जयंती के महाउपाय जिसे करने से बजरंगबली दिलाएंगे आपको हर दुःख से निजात ।


हनुमान जी की आराधना के लिए हनुमान जयंती यानी आज का दिन बेहद शुभ माना जाता है। क्योंकि शास्त्रों अनुसार आज के दिन ही पवन पुत्र हनुमान जी का जन्म हुआ था। सनातन धर्म में राम भक्त हनुमान को भगवान शिव का 11वाँ रुद्र अवतार बताया गया है। जिनका अवतार रामभक्ति और भगवान श्री राम के कार्यों को सिद्ध करने के लिए हुआ था। वैदिक ज्योतिष की मानें तो भगवान हनुमान बाल ब्रह्मचारी थे, जिन्होंने बचपन से लेकर अपना संपूर्ण जीवन राम भक्ति और भगवान श्री राम के चरणों में समर्पित कर दिया था। इसी लिए जो भी भक्त सच्चे दिन से बजरंगबली की आराधना करता है न केवन अंजनी पुत्र बल्कि स्वयं भगवान राम भी उन सभी भक्तों के समस्त दुःख-दर्द पलभर में दूर कर देते हैं। 

हनुमान जयंती का महत्व


समस्त भारत हनुमान जयंती को एक विशेष पर्व के रूप में मनाता है। हालांकि ये अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तिथि पर मनाया जाता है। जैसे उत्तर भारत में हनुमान जयंती हर वर्ष चैत्र मास में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। तो वहीं दक्षिण भारत में हनुमान जयंती कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनानी शुभ मानी जाती है। पौराणिक ग्रंथों में इन दोनों ही तिथियों का उल्लेख आपको मिल जाएगा। गौरतलब है कि एक तिथि को हनुमान जी के जन्मदिवस के रुप में तो दूसरी तिथि को उनके विजय अभिनंदन महोत्सव के रुप में मनाया जाता है। 

भगवान हनुमान की अपार कृपा पाने के लिए स्थापित करें: हनुमान यंत्र


चैत्र शुक्ल पूर्णिमा तिथि का समय


प्रारंभ
समापन
अप्रैल 18, 2019 को 19:27:43 से पूर्णिमा प्रारंभ
अप्रैल 19, 2019 को 16:43:31 पर पूर्णिमा समाप्त

नोट: उपरोक्त समय नई दिल्ली के लिए प्रभावी है। अपने शहर के अनुसार पूर्णिमा तिथि का मुहूर्त जानने के लिए यहाँ क्लिक करें: हनुमान जयंती 2019

व्रत एवं पूजा विधि से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें


हिन्दू धर्म के अनुसार महावीर हनुमान की भक्ति करने से व्यक्ति के जीवन में न केवल सुख और समृद्धि का वास होता है बल्कि उसके समस्त दुःखों का नाश भी होता है। लेकिन शास्त्रों में हनुमान जी की पूजा के कुछ महत्वपूर्ण नियम बताए गया हैं, जिनका पालन हर व्यक्ति को अवश्य करना चाहिए। आइये जानते हैं उन नियमों के बारे में:-

हनुमान जयंती के दिन बजरंग बली को चोला चढ़ाना और हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है।
जो भी भक्त हनुमान जयंती पर व्रत रखते हैं उन्हें विशेषतौर पर इस दिन नमक का सेवन नहीं करना चाहिए।
इस दिन हनुमान जी का स्मरण करते हुए पूर्ण ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करने से लाभ मिलता है।
इस दिन हनुमान जी की पूजा करते वक़्त काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए। अगर मुमकिन हो तो इस दिन लाल रंग या पीले रंग के कपड़े पहनकर ही पूजा करें।


हनुमान चालीसा के महाउपाय 


समस्त देवों में से हनुमान जी एक ऐसे देवता माने गए हैं जो अपने भक्तों की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। चूंकि भगवान विष्णु के अवतार श्री राम भक्त हनुमान स्वं भगवान शिव के अंश हैं। जो त्रेतायुग में पृथ्वी पर भगवान राम धर्म की स्थापना करने के बाद बैकुंठ चले गये थे, लेकिन जाने से पहले ही हनुमान जी अमर होने का वरदान प्राप्त कर चुके थे। इसलिए ही माना जाता है कि आज भी हनुमान जी जीवित हैं और वो आज भी अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। इसलिए हनुमान चालीसा की एक चौपाई में कहा गया है कि….

“और देवता चित्त ना धरई

हनुमत सेई सर्व सुख करई”

आज अपने इस लेख के माध्यम से हम आपको बताने जा रहे है हनुमान जंयती के मौके पर केसरी नंदन को प्रसन्न करने के राशि अनुसार महाउपाय और टोटके। जिन्हे करने से आपको अपने जीवन में हर तरह की मुसीबत से छुटकारा मिलेगा और अपार धन व समृद्धि आएगी…

मेष


मंगल देव इस राशि के स्वामी होते है। इसीलिए यदि जातक मंगल से संबंधित केसरी सिंदूर यदि हनुमान जी को अर्पित करते हैं तो उन्हें मनोवांछित मनोकामना की प्राप्ति होती है। 

वृषभ


वृषभ राशि के स्वामी शुक्र हैं। इसीलिए मनोकामना पूर्ति के लिए नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करना आपके लिए शुभ रहेगा। 

मिथुन


इस राशि के स्वामी बुध देव हैं। इस हनुमान जयंती बजरंगबली की आराधना करते हुए गाय को चना और गुड़ खिलाना लाभदायक रहेगा।

कर्क


चंद्रमा इस राशि के स्वामी हैं और चंद्रमा का संबंध सीधा भगवान शिव से भी है। इसलिए इस हनुमान जयंती रुद्रावतार श्री हनुमान जी को शिवपुराण व लाल चोला अर्पित करें। 

सिंह


सूर्य देव को सिंह राशि का स्वामित्व प्राप्त है। साथ ही सूर्य को श्री हनुमान जी के गुरु की भी उपाधि मिली हुई है। इसलिए इस दिन श्री आदित्यहृदयस्तोत्र का पाठ कर गरीबों को भोजन खिलाना आपके लिए शुभ रहेगा। 

कन्या


इस राशि के स्वामी है बुध देव। 108 बार श्री हनुमान चालीसा का पाठ करना लिए शुभ सिद्ध होगा। 

समस्त संकटों से मुक्ति के लिए हनुमान जयंती पर धारण करें: हनुमान कवच

तुला


इस राशि के स्वामी शुक्र देव हैं। शुभ परिणाम पाने के लिए माता-पिता की सेवा करें और रामचरित मानस के बाल काण्ड का पाठ करें।

वृश्चिक


मंगल को इस राशि का स्वामी माना जाता है। “ऊँ हनुमन्ते नमः” इस मंत्र का 108 बार जाप करना आपके लिए विशेष फलदायक होगा।

धनु


इस राशि का स्वामी गुरु बृहस्पति होते हैं। “श्री सीता राम” के नाम की पाँच माला का जाप करें और मंदिर में श्री रामचरितमानस का दान करें।

मकर


शनि देव इस राशि के स्वामी होते हैं। शनि के प्रकोप से बचने के लिए पीपल के पेड़ पर सरसों के तेल का दीपक जलाएँ व श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें।

कुंभ


इस राशि का स्वामी भी शनि देव को माना जाता है। इस राशि के लोग यदि राम नाम की माला हनुमान जी को पहनाएँ व रामचरितमानस के अरण्यकांड का पाठ करें, तो लाभ मिलता है।

मीन


इस राशि के स्वामी होते हैं गुरु बृहस्पति। हनुमान जयंती के दिन बजरंगबली को चोला चढ़ाएं व “ऊँ हनुमन्ते नमः” मंत्र की एक माला का जाप करें।

एस्ट्रोसेज की ओर से सभी पाठकों को हनुमान जयंती की शुभकामनाएँ!

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शुक्र का मीन में गोचर, करेगा कई जातकों की काया पलट!

गुरु की राशि में शुक्र के जानें से जातकों के जीवन पर कैसा पड़ेगा असर! जानें शुक्र के मीन राशि में गोचर के ज्योतिषीय प्रभाव से।


शुक्र ग्रह जिसे अंग्रेजी में वीनस यानि सुंदरता का देवता कहा जाता है। इसे ज्योतिष शास्त्र में स्त्री ग्रह भी माना गया है। शुक्र देव वृषभ व तुला राशि के स्वामी होते हैं। जिन्हें दैत्यगुरु की उपाधि भी प्राप्त है। शुक्र ही व्यक्ति की कुंडली में विवाह और संतान आदि के योग बनाते हैं। इसीलिए इन्हें लाभ का कारक भी माना गया है। जातक के जीवन में सुख-समृद्धि शुक्र देव के शुभ प्रभाव से ही आती है। ये जातक में कला के प्रति आकर्षण पैदा कर उसमें कलात्मकता का विकास करते हैं। 

शुक्र का प्रभाव 


हर जातक की कुंडली में शुक्र के कमजोर या मजबूत होने से उसके जीवन पर कई प्रभाव देखने को मिलते हैं। जहाँ शुक्र मीन राशि में उच्च के होते हैं तो वहीं कन्या राशि में इन्हें नीच का माना गया है। शुक्र अकेले ऐसे ग्रह हैं जो सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद आकाश में अपनी एक अनोखी चमकदार पहचान रखते हैं। ग्रहों की बात करें तो शनि, बुध व केतु इनके मित्र ग्रह तो वहीं सूर्य, चंद्रमा व राहू से ये शत्रुता रखते हैं। इसके अलावा मंगल व बृहस्पति ग्रह के साथ इनका संबंध सामान्य ही रहता है। 

वैदिक ज्योतिष में शुक्र को ही भोर का तारा कहा गया है। इसीलिए शुक्र का राशि या अपना स्थान परिवर्तन करना ज्योतिष शास्त्र के नज़रिये से एक अहम घटना के रूप में देखा जाता रहा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए आज हम अपने इस लेख में शुक्र ग्रह के एक विशेष गोचर के बारे में आपको जानकारी तो देंगे ही साथ ही आप यह भी जान पायेंगें कि सुंदरता का कारक शुक्र इस बार अपना कब राशि परिवर्तन करेगा और आपकी राशि पर शुक्र के इस गोचर का क्या प्रभाव रहेगा?

गोचर से बदलेगा देश का मिज़ाज 


भारतीय ज्योतिष की मानें तो शुक्र देव यश और वैभव के दाता हैं, ऐसे में जाहिर है इसका जातक के साथ-साथ हमारे देश पर भी ख़ासा प्रभाव पड़ेगा। विशेषज्ञों अनुसार जब भी शुक्र देव गुरू की राशि मीन में प्रवेश करते हैं तो इसके प्रभाव से मौसम में अचानक से परिवर्तन देखने को मिलता है। जिससे लोगों को मौसमी बीमारियों जैसे एलर्जी और इन्फेक्शन होने की सम्भावना बढ़ जाती है। इस दौरान लोगों की ऊर्जा पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता नजर आता है। इसी लिए जातकों को शुक्र यंत्र स्थापित करने की सलाह दी जाती है। 

गोचर काल का समय 


एस्ट्रोसेज के विद्वान ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार चूँकि हमारे जीवन में शुक्र का सबसे ज्यादा असर वैवाहिक एवं दांपत्य संबंधों के साथ-साथ घर की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ता है और यही शुक्र ग्रह एक बार फिर अपनी उच्च राशि यानी मीन में 16 अप्रैल 2019, मंगलवार को प्रातः 00:55 बजे गोचर करेगा और 10 मई 2019, शुक्रवार सायं 18:57 बजे तक इसी राशि में स्थित रहेगा। इसी लिए शुक्र के इस गोचर से तक़रीबन हर राशि प्रभावित होने वाली है। ऐसे में आइये जानते हैं कि विभिन्न राशि वाले लोगों पर क्या होगा इस गोचर का प्रभाव, शुक्र आपकी कुंडली में किस भाव में करेगा गोचर, साथ ही शुक्र की शुभ स्थिति के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये और अशुभ फलों से बचने के लिये आपको क्या करने होंगे उपाय:-


यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष


शुक्र ग्रह का गोचर आपके द्वादश भाव में हो रहा है। इसके चलते पारिवारिक जीवन में आपको अच्छे फल मिलेंगे। घर के लोगों के बीच सामंजस्य बना रहेगा। आपका आत्मबल इस दौरान बहुत ऊँचा होगा और आपके विरोधी परास्त होंगे। लेकिन सामाजिक जीवन के लिहाज से...आगे पढ़ें

वृषभ


शुक्र का गोचर आपके एकादश भाव में होने से ये गोचर आपके लिए शुभ साबित होगा। आर्थिक पक्ष इस समय मजबूत होगा और धन की बचत कर पाने में भी आप सक्षम होंगे। सामाजिक स्तर पर आपका प्रभाव बढ़ेगा। इस दौरान कुछ प्रभावशाली लोगों से आपकी मुलाक़ात हो सकती है, जिनसे मिलकर आपको...आगे पढ़ें

मिथुन


गोचर काल के दौरान कुछ अच्छे अनुभवों से आपके चेहरे पर हंसी आ सकती है। वहीं कुछ बुरे अनुभव आपको उदास कर सकते हैं। नौकरीपेशा से जुड़े लोग कार्यक्षेत्र में ज्यादा मेलजोल करने से इस दौरान बचेंगे और अपने में खोए रहेंगे। आपको ऐसा महसूस हो सकता है कि जितनी मेहनत आप करते हैं उसके अनुसार...आगे पढ़ें

शुक्र के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए ज़रूर करें: शुक्र ग्रह की शांति के उपाय

कर्क


शुक्र का गोचर आपके धर्म भाव यानि कि आपके नवम भाव में होगा। इस गोचर के चलते कुछ जातकों की आमदनी में वृद्धि हो सकती है और कुछ लोगों को प्रमोशन भी मिल सकता है। भाग्य का साथ मिलने से जीवन की कई परेशानियाँ इस दौरान दूर हो सकती हैं। पारिवारिक जीवन में...आगे पढ़ें

सिंह


शुक्र का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में होगा। इस गोचर के दौरान कार्यक्षेत्र में आपको उतार-चढ़ावों का सामना करना पड़ सकता है। किसी वरिष्ठ अधिकारी से मतभेद होने की संभावना है इसलिए जितना हो सके कार्यस्थल पर होने वाली राजनीति से खुद को दूर रखें। निजी जीवन में कुछ समस्याएं आ सकती हैं इसीलिए...आगे पढ़ें

कन्या


इस गोचर के दौरान आपको अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना होगा नहीं तो जीवनसाथी के साथ तकरार हो सकती है। हालांकि नोकझोक के बाद जब आपको वास्तविक स्थिति का पता चलेगा तो आप उनको मनाने के लिए कई तरह के स्वांग रच सकते हैं। पारिवारिक जीवन में...आगे पढ़ें

तुला


मीन राशि में शुक्र के गोचर के दौरान तुला राशि के जातकों को जीवन के कई क्षेत्रों में अच्छे फल मिलेंगे। शादीशुदा लोगों के जीवन में मनमुटाव की स्थिति बन सकती है लेकिन यदि आप अपने जीवनसाथी के मनोभावों को समझने में कामयाब रहेंगे तो सारी मुश्किलें दूर हो जाएंगी। इस गोचर के दौरान...आगे पढ़ें

वृश्चिक


शुक्र देव का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में हो रहा है। यह गोचर प्रेम संबंधों के लिए बहुत अनुकूल है। इस दौरान अपने प्रियतम के प्रति आप झुकाव महसूस करेंगे, और अपने संगी के साथ आपके रिश्तों में गर्माहट आएगी। अगर आप अपने प्रेमी से विवाह करने की सोच रहे हैं तो इस समय...आगे पढ़ें

शुक्र से शुभ फल पाने के लिए धारण करें: ओपल रत्न

धनु


शुक्र ग्रह का गोचर आपकी राशि से चतुर्थ भाव में है। इस दौरान आपको अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पारिवारिक जीवन में इस समय आपको कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। आपको ऐसा महसूस हो सकता है कि आपकी बातों को...आगे पढ़ें

मकर


यह गोचर आपके लिए शुभ फलदायी रहेगा। खासकर इस राशि के वो लोग जो नौकरीपेशा से जुड़े हैं उन्हें कार्यक्षेत्र में उनके प्रयासों के लिए सराहना मिलेगी। आपका बॉस आपसे खुश होगा और सहकर्मियों के सामने आपकी तारीफों के पुल बांध सकता है। अगर नौकरी बदलने का सोच रहे हैं तो...आगे पढ़ें

कुंभ


शुक्र के गोचर के दौरान आपके घर में मांगलिक कार्य होने की पूरी संभावना है क्योंकि शुक्र का गोचर आपकी राशि से द्वितीय भाव में हो रहा है। इस भाव से आपकी वाणी के बारे में भी विचार किया जाता है। इस गोचर के चलते आपकी वाणी में मिठास रहेगी और सामाजिक स्तर पर आप अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे...आगे पढ़ें

मीन


शुक्र आपके लग्न में स्थित होंगे। शुक्र के इस गोचर के चलते आप खुद को ऊर्जावान महसूस करेंगे। यह अवधि आपको प्रेम का अच्छा अनुभव कराएगी और आप अपने प्रेमी के साथ अच्छा वक्त बिता पाएंगे। जो लोग प्रेम संबंधों में पड़े हैं उनके लिए यह समय...आगे पढ़ें

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साप्ताहिक राशिफल (15 अप्रैल से 21 अप्रैल 2019)

21 अप्रैल तक इन 6 राशि वालों को होगा “लाभ ही लाभ”! जानें साप्ताहिक राशिफल में क्या कहते हैं आपके सितारे।

अप्रैल माह का तीसरा सप्ताह आज से प्रारंभ हो चुका है। भारतीय पंचांग के अनुसार यह सप्ताह चैत्र शुक्र पक्ष की एकादशी से प्रारंभ हुआ है और वैशाख माह के कृष्ण की द्वितीय तिथि को समाप्त होगा। इस सप्ताह चंद्र देव सिंह, कन्या, तुला और वृश्चिक राशि में गोचर करेंगे और मघा, पूर्वाफाल्गुनी, उत्तराफाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा और अनुराधा नक्षत्रों में स्थित होंगे। इसके अलावा इस सप्ताह 16 तारीख़ को शुक्र ग्रह का गोचर मीन राशि में होगा।


बॉलीवुड जगत में क्या होगा ख़ास


वहीं इस हफ़्ते बुधवार, 17 अप्रैल को बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने के लिए धर्मा प्रोडक्शन्स, नाडियाडवाला ग्रैंडसन इंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी फिल्म ‘कलंक’ रिलीज़ होगी। फिल्म में संजय दत्त, माधुरी दीक्षित, वरुण धवन, आलिया भट्ट, सोनाक्षी सिन्हा और आदित्य रॉय कपूर जैसे बड़े कलाकार हैं। यह एक पीरियड ड्रामा फिल्म है जिसे अभिषेक वर्मन ने डायरेक्ट किया है। फिल्म अभी से अपने सेट और गानों को लेकर चर्चा में है।

राजनीति का हाल 


इसके अलावा इस सप्ताह 18 अप्रैल को लोकसभा चुनाव 2019 के तहत दूसरे चरण का मतदान होना है। चुनाव के दूसरे चरण में 13 राज्यों की 97 लोकसभा सीटों में मतदान होगा। भारत लोकतंत्र का यह महा त्यौहार इस वर्ष कुल सात चरणों में संपन्न होगा। इसके तहत कुल 543 लोकसभा सीटों पर मतदान होगा। अंतिम चरण 19 मई को है और 23 मई को मतगणना होगी।

जन्मदिन विशेष 


ये सप्ताह कई मायनों में खास रहने वाला है, खासतौर पर दुनियाभर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए। क्योंकि 15 अप्रैल से IPL 2019 के मुकाबले में रंगारंग मनोरंजन दिखने की उम्मीद है। आईपीएल सीज़न 12 से जुड़ी ज्योतिषीय कवरेज और हर मैच की भविष्यवाणी आप एस्ट्रोसेज पर पा सकते हैं। वहीं इस हफ्ते देश के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी का जन्मदिन है। मुकेश अंबानी का जन्म 19 अप्रैल साल 1957 को अदन (यमन) में हुआ था। इस हफ़्ते की 19 तारीख को वे अपना 62वाँ जन्मदिन मनाएंगे। वहीं बॉलीवुड अभिनेत्री लारा दत्ता का बर्थडे 16 अप्रैल को तो, साथ ही अभिनेता अरशद वारसी का जन्मदिन 19 अप्रैल को पड़ रहा है। 

तो चलिए अब जानते हैं इस सप्ताह का राशिफल:-


यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष


इस सप्ताह चन्द्रमा आपके पंचम, षष्ठम, सप्तम और अष्टम भाव में संचरण करेंगे। इसलिए इस राशि के छात्रों को अच्छे परिणाम मिलेंगे। खासकर जो छात्र उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं उनके लिए यह गोचर शुभ फलदायी होगा। आपके मातृ प्रेम में इस दौरान वृद्धि होगी। सुख-सुविधाओं को पाने की चाह आपके अंदर इस दौरान...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए ये सप्ताह सामान्य से अच्छा रहेगा। पंचमेश सूर्य की लग्न में स्थिति आपके प्रियतम को आपके प्रति विश्वासपात्र बनाएगी और वह आपके प्रति आकर्षित रहेंगे। जो लोग सच्चे प्रेम की तलाश में हैं उन्हें...आगे पढ़ें

वृषभ


इस सप्ताह शुक्र का गोचर आपके एकादश भाव में होगा। इसके अलावा सप्ताह की शुरुआत में चंद्रदेव का गोचर आपके चतुर्थ भाव में होगा जिससे आपके परिवार में सुख-शांति का वास रहेगा। हालांकि माता के स्वास्थ्य में थोड़ी बहुत गिरावट आ सकती है इसलिए उनका ख्याल रखें...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए सप्ताह बेहद शानदार रहने वाला है। शुक्र और बुध की पंचम भाव पर दृष्टि आपके प्रेम जीवन को पूरी तरह से आपके पक्ष में मोड़ देगी। रोमांस के अवसर भी आएंगे और साथ में घूमने-फिरने का भी मौक़ा मिलेगा...आगे पढ़ें

मिथुन


आपके अंदर साहस और पराक्रम की अधिकता इस सप्ताह की शुरुआत में देखी जा सकती है क्योंकि चंद्रदेव का गोचर आपके तृतीय भाव में होगा। इस दौरान पारिवारिक जीवन में शांति का माहौल रहेगा और परिवार के लोगों के साथ अच्छा वक्त बिताएंगे। समाजिक स्तर पर सोच-समझकर बोलने की आपको सलाह दी जाती है...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए सप्ताह थोड़ा नाजुक रहेगा, पंचम भाव पर सूर्य की दृष्टि रिश्ते में तनाव बढ़ा सकती है। हालांकि तनाव के बीच आपका जीवनसाथी किसी भी काम में आपका हाथ बंटाने से पीछे नहीं हटेगा...आगे पढ़ें

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कर्क


इस सप्ताह की शुरुआत परिवार के लोगों के साथ हंसते खेलते शुरू होगी। सरकारी क्षेत्र से लाभ की भी संभावना है। साथ ही इस राशि के कुछ जातकों को छोटी दूरी की यात्रा करनी पड़ सकती है। आपके साहस में इस दौरान वृद्धि होगी और आप उन कामों को भी करने की कोशिश...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए सप्ताह सामान्य रहेगा। पंचमेश मंगल की पंचम भाव पर दृष्टि प्यार में अधीरता बढ़ाएगी। इस दौरान अपने प्रियतम पर किसी बात को लेकर ज़ोर ना डालें। शादीशुदा जातकों के लिए समय सामान्य रहेगा...आगे पढ़ें

सिंह


इस सप्ताह चन्द्रमा आपकी ही राशि में विराजमान होंगे। अर्थात आपके प्रथम भाव में होंगे और फिर द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ भाव में गोचर करेंगे। चंद्र का गोचर प्रथम भाव में होने से आपके अहम भाव में वृद्धि हो सकती है। इस दौरान आप दूसरों से पहले अपने बारे में सोचना पसंद करेंगे। समाजिक नज़रिये से देखा जाए तो यह समय अच्छा है...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए सप्ताह उतार-चढ़ाव से भरा रहेगा। गुरु-केतु-शनि की पंचम भाव में युति प्रेम संबंधों में अलगाव की स्थिति उत्पन्न कर सकती है। वहीं मंगल की पंचम भाव पर दृष्टि लड़ाई-झगड़े का कारण बन सकती है...आगे पढ़ें

कन्या


इस सप्ताह शुक्र का गोचर आपके सप्तम भाव में होगा। जिससे ख़र्चों में वृद्धि होगी, अप्रत्याशित यात्राएं संभव हैं, पिता को स्वास्थ्य कष्ट हो सकता है उनका ध्यान रखें। सुख-सुविधाओं की प्राप्ति से मन में प्रसन्नता रहेगी। वैवाहिक जीवन के लिहाज से भी..आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए सप्ताह अधिक अनुकूल नहीं है। अपनी चिंताओं के कारण प्रियतम को समय कम दे पाएंगे जिसकी वजह से आप दोनों के बीच दूरी आ सकती है। आपसी मुद्दों को आप पास बैठकर सुलझाएंगे तो आपके लिए...आगे पढ़ें


तुला


इस सप्ताह शुक्र का गोचर आपकी राशि के षष्टम भाव में होने से आपका कुछ शारीरिक कष्ट बढ़ सकते हैं जिनसे निपटने के लिए आपको संतुलित खान-पान पर ध्यान देने की जरुरत है। इस दौरान आपके ख़र्चों में भी वृद्धि हो सकती है। अप्रत्याशित यात्राएं करने से आपका मन खिन्न हो सकता है...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम सम्बन्धी मामलों के लिए ये सप्ताह सामान्य रहेगा। प्रेम के रिश्ते में अपनापन बढ़ेगा। अपने रिश्ते में किसी तीसरे को हस्तक्षेप ना करने दें नहीं तो रिश्ते में दूरियाँ बढ़ सकती हैं। शादीशुदा जातकों के जीवनसाथी के व्यवहार में...आगे पढ़ें

वृश्चिक


एकादश भाव में चंद्रमा के गोचर से कारोबारियों को लाभ होगा और लंबे समय से जो योजनाएं अटकी हुई थीं वो अब पूरी हो सकती हैं। छात्रों के लिए भी यह समय अच्छा है और अपने बड़े भाई-बहनों से पढ़ाई के क्षेत्र में आपको सहयोग मिलेगा। सप्ताह के मध्य में चंद्रमा का गोचर आपके द्वादश भाव में होगा जिसके कारण आपके...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए यह सप्ताह ज़बरदस्त रहेगा, रोमांस के कई अवसर आएँगे। साथ में घूमने-फिरने या मूवी देखने का प्लान भी बन सकता है। आप अपने संगी के प्रति और आपका संगी आपके प्रति आकर्षण महसूस करेगा...आगे पढ़ें

धनु


इस सप्ताह आप घर के लोगों के साथ अच्छा समय बिता पाएंगे। घर के छोटे सदस्य आपकी संगति को पसंद करेंगे और अपने मन की बातें आपके साथ शेयर करेंगे। माता-पिता का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा इसलिए आपके चेहरे पर भी मुस्कान बनी रहेगी। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों के लिए भी यह समय अच्छा है...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए सप्ताह सामान्य रहेगा। आपके प्यार को भाग्य का साथ मिलेगा और वो जातक जो लंबे समय से प्रेम में पड़े हैं वो शादी के बंधन में बंध सकते हैं। प्रेमी के साथ आपसी अहम के टकराव को रोकने की जरुरत है...आगे पढ़ें

मकर


इस सप्ताह चन्द्रमा आपके अष्टम, नवम, दशम और एकादश भाव में गोचर करेंगे। इस दौरान आपको अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना होगा, अन्यथा परेशानी में पड़ सकते हैं। बेवजह की चिंताओं को इस दौरान खुद पर हावी न होने दें। यह समय आपके लिए थोड़ा कठिन हो सकता है लेकिन आपको...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए सप्ताह अनुकूल नहीं है। पंचम भाव में मंगल की उपस्थिति प्रेम जीवन में कलेश उत्पन्न कर सकती है। ऐसे में सावधानी से रहें अगर किसी बात को लेकर प्रेमी के साथ अनबन हुई है तो शांति के साथ...आगे पढ़ें

कुंभ


इस भाव में चंद्रमा के गोचर से आपकी कारोबारी साझेदारी में सुधार आएगा और इससे आपके व्यापार में सकारात्मक बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं। समाज में आपकी ख्याति इस दौरान बढ़ेगी। स्वास्थ्य बहुत अच्छा नहीं रहेगा इसलिए इस ओर ध्यान दें, अन्यथा...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए सप्ताह अनुकूल रहेगा। कुछ नए विचार मन में आएँगे और इन विचारों को अपने प्रेमी के साथ शेयर करके आप भविष्य की योजनाएं बनाएँगे। इस राशि के कुछ जातक अपने प्रियतम को परिवार वालों से मिलवा सकते हैं...आगे पढ़ें

मीन


शुक्र का गोचर प्रथम भाव में होने से मन में उल्लास और उत्साह बना रहेगा। हर काम में इस दौरान आप बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होगा। आपके प्रति लोगों के मन में आकर्षण इस समय देखने को मिलेगा। आपके दोस्त आपसे सलाह लेने के लिए इस दौरान आपके करीब आ सकते हैं...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए सप्ताह अच्छा रहेगा, हालांकि काम में व्यस्तता के चलते प्रियतम को ज्यादा समय देने में आप समर्थ नहीं होंगे। शुक्र बुध की युति लग्न में होने से खुशी और उमंग की स्थिति मन में बनी रहेगी। शादीशुदा जातकों के लिए समय...आगे पढ़ें

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कल सूर्य देव करेंगे मेष में गोचर, आप पर कैसा होगा असर?

आय में वृद्धि और बनेगा सरकारी नौकरी का योग! पढ़ें सूर्य के स्थान परिवर्तन का आपकी राशि पर क्या पड़ेगा प्रभाव।


नवग्रहों का स्वामी और सृष्टि का जनक सूर्य कल 14 अप्रैल 2019, रविवार को स्थान परिवर्तन करते हुए मेष राशि में गोचर कर रहा है। हिन्दू धर्म में सूर्य देव को जगत पिता का दर्जा प्राप्त है। क्योंकि सूर्य के बिना पृथ्वी पर मानव जीवन का अस्तित्व संभव नहीं है। इसकी शक्ति से समस्त ग्रह चलायमान हैं। वैदिक ज्योतिष में सूर्य आत्मा, पिता, पूर्वज, उच्च सरकारी सेवा और राज शाही गौरव आदि का कारक कहा जाता है। कुंडली में सूर्य के शुभ प्रभाव से जातक को हर तरह की सेवाओं में उच्च पद की प्राप्ति होती है जिससे जातक वैभव शाली जीवन व्यतीत करता है। वहीं सूर्य का अशुभ प्रभाव न केवल व्यक्ति के मान-सम्मान में कमी लाता है बल्कि इससे पिता को कष्ट और नेत्र पीड़ा की संभावना भी रहती है।

वैदिक ज्योतिष में सूर्य को सिंह राशि का स्वामी माना गया है। वहीं नक्षत्रों में इसे कृतिका, उत्तरा-फाल्गुनी एवं उत्तरा षाढ़ा नक्षत्रों का स्वामित्व प्राप्त है। माना गया है कि सूर्य ग्रह जब अपना स्थान परिवर्तन करते हैं तो वह धार्मिक कार्यों के लिए बेहद ही शुभ अवधि होती है। इस दौरान लोग आत्म शांति के लिए धार्मिक कार्यों का आयोजन कराते हैं तथा सूर्य की उपासना करते हैं। विभिन्न राशियों में सूर्य की चाल के आधार पर ही हिन्दू पंचांग की गणना संभव है। तभी कई लोग सूर्य ग्रह की शांति के लिए माणिक्य रत्न भी धारण करते हैं। 

गोचर काल की अवधि


अब यही सृष्टि की आत्मा रूपी सूर्य देव कल, 14 अप्रैल 2019 रविवार को दोपहर 14:05 बजे अपनी उच्च राशि मेष में गोचर करेंगे। और ये यहाँ 15 मई 2019 तक इसी राशि में स्थित रहेंगे। सूर्य की चाल में हुए परिवर्तन का असर सभी राशियों पर देखने को मिलेगा। चूंकि सूर्य को सरकारी सेवा और सम्मान का कारक माना जाता है, इसलिए इस गोचर के दौरान सभी 12 राशियों के जातकों को अपने जीवन में कई परिवर्तन देखने को मिलेंगे। इसके साथ ही कल पंजाब और हरियाणा समेत देश-दुनिया के कई हिस्सों में बैसाखी और अंबेडकर जयंती का पर्व भी मनाया जा रहा है।
बैसाखी

बैसाखी, पंजाब प्रदेश का मुख्य त्यौहार है। इस पर्व को सिख समुदाय नए साल के रूप में मनाता है। भारतीय पंचांग के अनुसार बैसाखी पर्व प्रत्येक चैत्र मास में पड़ता है। साल 2019 में यह त्यौहार 14 अप्रैल को मनाया जा रहा है। इसे फसलों का त्यौहार भी कहा जाता है। क्योंकि इस समय खेतों में रबी की फसल पक कर तैयार हो जाती है। इसी ख़ुशी में पंजाब के किसान इस पर्व को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। यह पर्व सिख समुदाय की आस्था से भी जुड़ा है। भारतीय इतिहास के अनुसार सिखों के दसवें गुरू, गुरु गोबिन्द सिंह ने सन् 1699 में इसी दिन पवित्र खालसा पंथ की स्थापना की थी।

वैसाखी से जुड़े महत्व और पंरपरा को जानने के लिए क्लिक करें : बैसाखी पर्व

अंबेडकर जयंती


अंबेडकर जयंती प्रति वर्ष 14 अप्रैल को मनायी जाती है। भारतवासियों के लिए यह दिन इसलिए ख़ास होता है क्योंकि इसी दिन साल 1891 भारत के संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर का जन्म हुआ था। बाबा साहेब ने भारतीय संविधान का प्रारूप तैयार किया था। इसके अलावा उन्होंने अपनी अंतिम सांस तक भारत से छुआ-छूत, ऊँच-नीच जैसी हीन भावना के ख़िलाफ़ संघर्ष किया था। भारतीय समाज के लिये दिये गये उनके महान योगदान के लिये 1990 के अप्रैल महीने में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

आईये अब जानते हैं सभी 12 राशियों पर कल होने वाले सूर्य के गोचर का क्या प्रभाव पड़ेगा-


यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष


सूर्य का गोचर आपकी ही राशि में हो रहा है। इस दौरान आपको शीघ्र गुस्सा आ सकता है। ऐसे में अपने गुस्से को शांत करने का प्रयास करें अन्यथा आपका यह गुस्सा किसी झगड़े का कारण बन सकता है। ऐसे में ध्यान रखें कि...आगे पढ़ें

वृषभ


सूर्य का ये गोचर आपकी विदेश जाने की इच्छा को पूरा कर सकता है। इस दौरान आपके विदेश यात्रा पर जाने के योग हैं। वहीं जो जातक पहले ही विदेश में बसे या फिर जॉब के लिए गए हैं उनके करियर का ग्राफ़ ऊँचा होगा। सेहत के नज़रिए से...आगे पढ़ें

मिथुन


मिथुन राशि की कुंडली में सूर्य का गोचर एकादश भाव में होगा। इसीलिए इस अवधि में आपको आर्थिक लाभ मिलेगा। जिससे आपकी आमदनी में वृद्धि हो सकती है या फिर आय के स्रोतों में बढ़ोतरी संभव है। धन की बचत कर पाने में आप सफल होंगे। समाज में मान-सम्मान प्राप्त होगा और...आगे पढ़ें

भविष्य में कैसी होगी आपकी आर्थिक स्थिति, प्राप्त करें: आर्थिक रिपोर्ट 2018

कर्क


कर्क राशि के जातकों के जीवन पर सूर्य के गोचर का प्रभाव अनुकूल होगा। मुख्य रूप से आपको कार्य क्षेत्र में लाभकारी परिणामों की प्राप्ति होगी। कार्य के प्रति आपका मन लगेगा और आप अपने कार्य से सीनियर्स को प्रभावित करेंगे। सराहनीय कार्यों की वजह से...आगे पढ़ें

सिंह


गोचर के दौरान सिंह राशि के जातकों का समाज में सम्मान बढ़ेगा और लोग आपके पास सलाह मशवरा लेने के लिए आएँगे। वहीं आपको भाग्य का साथ मिलेगा और आप विभिन्न क्षेत्रों में सफलता का परचम लहराएंगे। किस्मत का साथ मिलने के कारण परिस्थितियाँ आपके अनुकूल हो जाएंगी...आगे पढ़ें

कन्या


सूर्य ग्रह आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर करेगा। सूर्य के गोचर से आपको शारीरिक समस्याएँ हो सकती हैं। आपको बुखार, सिर दर्द के अलावा अन्य बीमारियाँ का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में चिकित्सक की सलाह जरुर लें और...आगे पढ़ें

सूर्य से शुभ फल प्राप्त करने के लिए स्थापित करें: सूर्य यंत्र 

तुला


वैवाहिक जीवन से जुड़े जातकों को सूर्य के इस गोचर के दौरान थोड़ा संभल कर रहना होगा। इस दौरान जीवनसाथी के साथ तालमेल बनाकर चलना होगा। किसी बात को लेकर उनके साथ बहसबाज़ी भी संभव है लेकिन आपको फिर भी स्थिति को संभालना होगा। जीवनसाथी की मदद से भी...आगे पढ़ें

वृश्चिक


सूर्य आपकी चंद्र राशि से षष्टम भाव में गोचर करेगा। जिससे वृश्चिक राशि के जातकों के साहस में वृद्धि होगी और आप किसी भी चुनौती को सहर्ष स्वीकार करने से पीछे नहीं हटेंगे। आप अपने विरोधियों अथवा शत्रुओं को आसानी से पराजित कर सकते हैं। वे आपका सामना करने से...आगे पढ़ें

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धनु


धनु राशि के जातकों को सूर्य के इस गोचर के दौरान आर्थिक लाभ होगा। इस अवधि में आपकी आय में वृद्धि होगी और आय के साधन बढ़ेंगे। वहीं संतान की ओर से आपको ख़ुशियाँ मिलेंगी। संतान अपने कार्यक्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करेगी। शिक्षा में उनका सराहनीय प्रदर्शन...आगे पढ़ें

सूर्य ग्रह से संबंधित दोषों को दूर करने के लिए करें: सूर्य की शांति के उपाय

मकर


गोचर के दौरान आपकी माता जी की सेहत में गिरावट नज़र आ सकती है। ऐसे में उनकी सेहत का ध्यान रखें और ज़रुरत पड़ने पर डॉक्टर से उनकी हेल्थ का चेकअप कराए। इस दौरान आपकी चल-अचल संपत्ति में वृद्धि होने की संभावना है। आप इस दौरान कोई वाहन या फिर नई प्रॉपर्टी...आगे पढ़ें

कुंभ


सूर्य आपकी राशि से तृतीय भाव में संचरण करेगा। इसका प्रभाव आपके स्वभाव पर पड़ेगा। इस दौरान आप स्वयं को निडर पाएंगे और बेहद बेबाकी से निर्णय लेंगे। साथ ही आपकी ऊर्जा में वृद्धि होगी और आप कठिन से कठिन कार्य को आसानी से कर गुजरेंगे। वैवाहिक जीवन में...आगे पढ़ें

मीन


सूर्य का गोचर आपकी भाषा में बदलाव लाएगा। इस दौरान आप दूसरों के प्रति कटु शब्दों का प्रयोग कर सकते हैं जिसके कारण लोग आपसे नाराज़ अथवा दुःखी हो सकते हैं। इसका प्रभाव मुख्य रूप से आपके रिश्तों पर देखने को मिल सकता है। इसलिए चाहें कम बोलें लेकिन मीठा बोलें। पारिवारिक जीवन में भी...आगे पढ़ें

उम्मीद है हमारे यह लेख आपको पसंद आया होगा। हम आपके मंगल भविष्य की कामना करते हैं।

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अष्टमी व राम नवमी पूजन मुहूर्त

अष्टमी व नवमी तिथि ने बनाया महा संयोग। जानें इस नवरात्रि कन्या पूजन कर कैसे करें माँ दुर्गा को प्रसन्न, साथ ही पढ़ें रामनवमी पर होने वाले धार्मिक कर्म और पूजा विधि!


इस वर्ष चैत्र नवरात्रि में शनिवार और रविवार यानि 13-14 अप्रैल 2019 को अष्टमी और नवमी पूजन की तिथि पड़ रही है, जिसका मतलब इस बार अष्टमी और नवमी दोनों ही शुभ दिनों के पूजन में थोड़ा संशय देखा जाएगा। दरअसल, इस वर्ष सप्तमी के साथ अष्टमी तिथि का मिलाप होने से अष्टमी और नवमी पर होने वाले सभी धार्मिक कर्म 13 और 14 अप्रैल 2019 को ही संपन्न किये जाएंगे।

नवरात्रि पर अष्टमी और नवमी का महत्व 


हिन्दू शास्त्रों अनुसार नवरात्रि पर अष्टमी और नवमी तिथि क्रमशः माता महागौरी और मॉं सिद्धिदात्री के पूजन के लिए शुभ मानी जाती हैं। इसी लिए जो भी भक्त माता महागौरी जो बेहद दयालु होती हैं उनका पूजन सही तरीके से मुहूर्त अनुसार करता है, तो माँ उस भक्त की हर मनोकामना को पूर्ण करती हैं। इसके साथ ही मॉं सिद्धिदात्री भी अपने सच्चे भक्तों को आध्यात्मिक सिद्धि प्रदान करती हैं और बुराइयों का नाश करके उन्हें आशीर्वाद के रूप में सदगुण प्रदान करती हैं। 

पढ़ें- माता महागौरी और मॉं सिद्धिदात्री की महिमा व मंत्र


अष्टमी और नवमी पूजन 


नवरात्रि पर अष्टमी और नवमी के पूजन का विशेष महत्व होता है। इन दिनों होने वाली मुख्य पूजा के साथ ही नवरात्रि का समापन होता है। ऐसे में अष्टमी और नवमी के पूजन का विधान अपनी-अपनी कुल परंपरा के अनुसार ही किया जाना अनिवार्य होता है, इसलिए हर परिवार में इन दोनों दिनों की पूजा अलग-अलग प्रकार से होती है। अतः इस दिन हमें अपनी कुल परंपरा को मानते व उसे आगे बढ़ाते हुए ही देवी गौरी की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। 

अष्टमी और नवमी कन्या पूजन विधि


अक्सर नवरात्रि पर अष्टमी और नवमी तिथि को लेकर लोगों में भ्रम देखा जाता है, जिसके चलते लोग पूजन को शुभ मुहूर्त पर नहीं संपन्न कर पाते हैं। इस वर्ष आपके इसी भ्रम पर पूर्ण विराम लगाते हुए हम अपने इस लेख में आपको अष्टमी और नवमी से जुड़ी हर जानकारी देंगे। हिन्दू पंचांग के अनुसार इस बार नवरात्रि अष्टमी, नवमी और दशमी तिथि में कुछ संशय की स्थिति बनती प्रतीत हो रही है, परंतु ज्योतिष विशेषज्ञों की मानें तो सप्तमी तिथि गुरूवार, 11 अप्रैल को सुबह 14:42:58 मिनट से शुक्रवार, 12 अप्रैल 13:24:50 तक होने के कारण उसके बाद अष्टमी तिथि लग गई है, जो कि शुक्रवार 12 अप्रैल को सुबह 13:24:51 मिनट से शुरू होगी और शनिवार, 13 अप्रैल की सुबह 11:42:36 मिनट तक रहेगी। उसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी। 

अष्टमी और नवमी मुहूर्त 


चूंकि सूर्योदय के समय अष्टमी तिथि है अतः महाष्टमी का व्रत शनिवार 13 अप्रैल को ही रखना उचित रहेगा। वहीं नवमी तिथि की बात करें तो नवमी तिथि भी शनिवार सुबह 11:42:37 से लग जाएगी, जो कि रविवार, 14 अप्रैल 09:36:46 बजे तक रहेगी। उसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी, जो कि दूसरे दिन तक रहेगी। ऐसे में जिन भक्तों ने नवरात्रि में 9 दिनों का उपवास किया है, वे रविवार सुबह 09:36:46 बजे के बाद पारणा कर सकते हैं।

नवरात्रि पारणा महत्व 


नवरात्रि पारणा, नौ दिनों के उपवास के संपूर्ण होने के बाद किया जाने वाला महत्वपूर्ण कर्म कांड है। यह नवमी अथवा दशमी तिथि को संपन्न किया जाता है। शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि नवरात्रि पारणा के पश्चात् ही व्रती को व्रत का फल प्राप्त होता है। मीमांसा के अनुसार पारणा दशमी को करना चाहिए, क्योंकि कई शास्त्रों में ऐसा वर्णन है कि नवमी को उपवास रखा जाता है, इसलिए इस दिन पारणा करना उचित नहीं है।

नवरात्रि पारणा का शुभ मुहूर्त

दिनांक
पारणा का शुभ समय
14 अप्रैल, 2019
09:36:46 के बाद से

नोट: चैत्र नवरात्रि पारणा का समय नई दिल्ली, भारत के लिए है जो कि 24 घंटे के प्रारूप में दिया गया है।

पारणा की क्रिया-विधि


यदि पंचांग में नवमी तिथि दो दिन पड़ रही हो, तब उस स्थिति में पहले दिन उपवास रखा जाता है और दूसरे दिन पारणा विधि संपन्न की जाती है। 
इस दिन कन्या पूजन का विधान है।
पूजा व विसर्जन के बाद ब्राह्मणों को फल, उपहार, वस्त्र, दान-दक्षिणा आदि (स्वेच्छानुसार) देना चाहिए।
इस दिन देवी दुर्गा की षोडषोपचार पूजा करके दशमी को विसर्जन किया जाना चाहिए। 


नवरात्रि पारणा के विषय में विस्तार से जानने के लिए क्लिक करें : नवरात्रि पारणा

नवरात्रि पर कन्या पूजन का महत्व


नवरात्रि पर कन्या पूजा का विशेष महत्व होता है। इसी लिए अष्टमी व नवमी पर विशेष रूप से कन्याओं की पूजा करने का विधान है। सनातन धर्म में इस ख़ास दिन 2 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक की आयु वाली छोटी कन्याओं को अपने घर बुलाकर उनका पूजन कर उन्हें भोजन व दक्षिणा दी जाती है। मान्यता है कि ये छोटी कन्याएँ मॉं दुर्गा का रूप होती हैं जिनका अष्टमी व नवमी पर लोग पूजन कर देवी गौरी को प्रसन्न करते हैं और पुण्य फलों की प्राप्ति हेतु उनसे आशीर्वाद पाते हैं। 

कैसे करें कन्‍या पूजन?


  • कन्‍या पूजन के दिन प्रातःकाल जल्दी उठकर स्‍नान करें और साफ़ कपड़े पहनकर भगवान श्री गणेश और देवी गौरी की पूजा करें। 
  • पूजन के लिए 2 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक की आयु वाली छोटी कन्याओं को देवी गौरी और एक बालक को बटुक भैरव के रूप में अपने घर आमंत्रित करें। मान्यता है कि बटुक भैरव को शक्ति पीठ में माता की सेवा हेतु वरदान प्राप्त है। इसी लिए भक्त शक्‍ति पीठ में माँ के दर्शन के बाद भैरव के दर्शन करना अनिवार्य होता है।
  • कन्‍या पूजन से पूर्व घर को साफ कर स्वच्छ करें और कन्‍या रूपी माताओं को स्‍वच्‍छ परिवेश में ही आमंत्रित करे। चूँकि कन्‍याओं को माता रानी का रूप माना जाता है। ऐसे में उनके घर आने पर माता रानी के जयकारे लगाना शुभ होता है। 
  • कन्‍याओं के घर आने पर उन्हें बैठने के लिए आसन दें।
  • फिर एक-एक कर सभी कन्‍याओं के पैर धोएं। 
  • अब उन्‍हें रोली, कुमकुम और अक्षत का टीका लगाकर उनके हाथ में मौली बाधें। 
  • अब सभी कन्‍याओं और बालक की आरती करें। 
  • आरती के बाद सभी कन्‍याओं को यथाशक्ति भोग लगाएं। गौरतलब है कि कन्‍या पूजन के दिन पूरी, चना और हलवा प्रसाद में बनाया जाता है। 
  • भोजन के बाद कन्‍याओं को भेंट और उपहार दें।
  • इसके बाद कन्‍याओं के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लें और उन्‍हें विदा करें।

रामनवमी


13 अप्रैल, शनिवार को भगवान राम के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में देशभर में रामनवमी का पर्व भी मनाया जाएगा। हिन्दू कैंलेडर के अनुसार प्रत्येक साल चैत्र मास की नवमी तिथि को राम नवमी के रूप में मनाया जाता है। हिन्दू धर्म में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम को भगवान विष्णु के 7वें अवतार के रूप में पूजा जाता था। इसी लिए रामनवमी के विशेष दिन भक्तगण रामायण का पाठ करते हैं।


एस्ट्रोसेज की ओर से सभी पाठकों को सुखद और सफल जीवन की शुभकामनाएँ!

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बुध का मीन राशि में गोचर कल, बनाएगा शुभ महायोग !

जानें बुध का ये गोचर कितनी बदलेगा आपकी किस्मत, साथ ही जानें बुध को मजबूत करने के कारगर उपाय ! 


सौरमंडल के नव ग्रहों में बुध ग्रह सूर्य का सबसे निकटवर्ती ग्रह है। आकार में छोटे होने के बावजूद वैदिक ज्योतिष में बुध को एक प्रभावशाली ग्रह माना जाता है। बुध ग्रह को हमारी तार्किक क्षमता, संवाद शैली, यात्रा, लेखन आदि का कारक माना जाता है। काल पुरुष की कुंडली में बुध ग्रह मिथुन और कन्या राशियों के स्वामी हैं। कन्या राशि में बुध देव अपने उच्च स्थान में विराजमान होते हैं जबकि मीन राशि में बुध नीच अवस्था में होते हैं। बुध ग्रह दिन और रात दोनों समय बली रहते हैं जबकि बाकी ग्रह दिन या रात एक ही समय बली होते हैं। 

कुंडली में बुध की स्थिति का प्रभाव 


बुध ग्रह के बारे में ख़ास बात यह है कि जिस भी ग्रह के साथ ये विराजमान होते हैं उसके अनुसार ही अपना फल देते हैं। अर्थात यदि कुंडली में बुध देव शुभ ग्रह के साथ स्थित हैं तो शुभ फल देंगे और क्रूर ग्रह के साथ होने पर यह फल भी क्रूर ग्रह के लक्षणों के अनुरूप ही देंगे। बुध के अच्छे प्रभावों से तार्किक क्षमता में वृद्धि होती है, इसके साथ ही गणितीय विषय पर भी उन लोगों की अच्छी पकड़ होती है जिनकी कुंडली में बुध अच्छी अवस्था में हो। वहीं अगर किसी कुंडली में बुध की स्थिति अच्छी नहीं है तो जातक को तर्क-वितर्क करने में परेशानी और त्वचा संबंधी विकार होने की संभवना रहती है। बुध के बुरे प्रभावों से बचने के लिए हरा पन्ना, चार मुखी रुद्राक्ष और हरे वस्त्र धारण करने चाहिए। 


बुध गोचर का समय


बुध ग्रह का गोचर कुंभ से मीन राशि में सोमवार 25 फरवरी 2019 को 8 बजकर 43 मिनट पर हुआ था। उसके बाद 5 मार्च 2019 को बुध देव वक्री हुए थे और 15 मार्च 2019 प्रातः 9 बजे कुंभ राशि में वापस लौट आये थे। 28 मार्च 2019 दिन बृहस्पतिवार से बुध देव ने मार्गी गति प्रारंभ की थी और अब 12 अप्रैल 2019 को यह फिर से मीन राशि में गोचर कर जाएंगे। जो इस स्थिति में अगले लगभग 15 दिनों तक रहेंगे, तो आइए अब हम आपको बताते हैं इस दौरान बुध के प्रभाव से आपके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा। 

चुनावी माहौल में दिखेगा बुध के राशि परिवर्तन का असर 


अप्रैल के महीने में चुनाव शुरू होने हैं। इन चुनावों से पहले हर पार्टी ने खुद को विरोधी दलों से बेहतर साबित करने के लिए कोशिशें की हैं। हालांकि बुध के इस गोचर से कई राजनेताओं को अपनी बातों को जनता तक पहुंचाने में कुछ दिक्कतें का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि बुध अपनी नीच राशि में गोचर कर रहे हैं। इसी लिए जनता के साथ साथ खुद अपने कार्यकर्ताओं तक बातों को सही तरीके से न कह पाने की स्थिति में कई पार्टियों में अंदरूनी फूट पड़ सकती है। हालांकि जब बुध देव दोबारा स्थान परिवर्तन करते हुए मीन से मेष राशि में प्रवेश करेंगे तो कई नेता अपनी संवाद शैली से जनता को प्रभावित करने में सफल होंगे।

बॉलीवुड पर बुध गोचर का असर 


बुध के इस गोचर का असर ग्लैमर इंडस्ट्री यानि बॉलीवुड पर भी देखने को मिलेगा। इस गोचर के चलते छोटे बजट की कुछ रचनात्मक या कल्ट फिल्मों को जनता से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिलेगी। क्योंकि ये देखा जाएगा कि निर्देशकों ने जिस सोच के साथ फिल्म बनाई होंगी दर्शक उस तरह कहानी समझ पाने में असमर्थ होंगे। हालांकि कुछ वक्त के बाद इन फिल्मों पर लोग गौर ज़रूर करेंगे और इनकी तारीफ़ भी करेंगे। 

आइए अब राशि अनुसार जानते हैं इस गोचर का आप पर क्या प्रभाव पड़ेगा। 


यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। जानें चंद्र राशि कैल्कुलेटर से अपनी चंद्र राशि

मेष


बुध ग्रह का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में होगा। ऐसे में गोचर की वजह से आपके ख़र्चों में वृद्धि हो सकती है। इस वक्त आपको अच्छा बजट प्लान बनाने की जरूरत है जिससे आप अपने अनचाहे ख़र्चों पर लगाम लगा सकें। इसके साथ ही इस दौरान निवेश करने से भी बचें क्योंकि….आगे पढ़ें

वृषभ


बुध का गोचर आपके एकादश भाव में होने से आपका आर्थिक पक्ष मजबूत होगा और नौकरी पेशा से जुड़े लोगों की आमदनी में वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही, आपको अपने सीनियर्स का भी इस दौरान सहयोग मिलेगा। जो लोग नए व्यवसाय को शुरू करने का विचार बना रहे हैं वो इस दौरान….आगे पढ़ें

मिथुन


आपके दशम भाव में बुध ग्रह के गोचर से आपके अंदर की कला बाहर आ सकती है, अगर आप लेखन या जनसंचार के क्षेत्र से जुड़े हैं तो यह समय आपके लिए शुभ फलदायी है। आपकी एकाग्रता इस दौरान गजब की होगी और आप हर काम को मन लगाकर करेंगे और इसीलिए आपको अच्छे नतीजे भी मिलेंगे….आगे पढ़ें

कर्क


बुध ग्रह आपकी राशि से नवम भाव में गोचर करेंगे। इसीलिए बुध का यह गोचर आपको लेखन और अभिनय की ओर जाने के लिए प्रेरित करेगा और आप इन कामों को करने के लिए अपना समय भी दे सकते हैं। कारोबारी वर्ग और छात्र/छात्राओं को इस दौरान विदेशों से….आगे पढ़ें



सिंह


बुध के गोचर के चलते आपकी स्थिति सामान्य रहेगी। इस दौरान आपके हालात बहुत बुरे नहीं होंगे लेकिन बहुत अच्छे भी नहीं नज़र आएंगे। आर्थिक पक्ष को मजबूत करने के प्रयास इस दौरान आपको करने होंगे। किसी को उधार देने से बचें नहीं तो दूसरे की आर्थिक स्थिति तो अच्छी हो जाएगी लेकिन….आगे पढ़ें

कन्या


बुध देव आपके विवाह भाव में गोचर करेंगे। इस चलते प्रेमियों के लिए तो यह समय अच्छा रहेगा ही साथ ही इस राशि के विवाहित जातक भी इस दौरान प्रेम में पूर्णता को प्राप्त करेंगे। आपका जीवनसाथी आपके हंसमुख चेहरे को देखकर इस समय ख़ुशी महसूस करेगा। बुध के इस गोचर के दौरान….आगे पढ़ें


तुला


बुध का गोचर आपके लिए सकारात्मक नहीं कहा जा सकता। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों को इस गोचर के दौरान मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। आप जो बात अपने सहकर्मियों को कहना चाहेंगे वो उसे उस तरह से नहीं समझ पाएंगे जैसे आप समझाना चाहते हैं इससे ग़लतफ़हमियाँ बढ़ सकती हैं। इस लिए आपको सलाह दी जाती है कि….आगे पढ़ें

वृश्चिक


आपकी राशि में बुध के पंचम भाव में गोचर के चलते इस राशि के छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में अच्छे परिणाम मिलेंगे। जिन लोगों का ध्यान पढ़ाई से बार-बार भटकता है वो योग ध्यान करके अपनी एकाग्रता को प्रबल कर सकते हैं। प्रेम जीवन के लिए यह गोचर बहुत अच्छा रहेगा। जो लोग प्रेम की नौकाओं में सवार हैं उन्हें इस दौरान….आगे पढ़ें

धनु


इस गोचर के दौरान आपको मनमाफिक फल मिलने की उम्मीद है। जो लोग लंबे समय से किराये के मकानों में रह रहे हैं वो अब अपना आशियां बना सकते हैं। इस राशि के कुछ लोग इस दौरान वाहन भी खरीद सकते हैं। आपके मन में शांति का भाव होगा और मन की यह शांति सिर्फ आप ही महसूस नहीं करेंगे बल्कि….आगे पढ़ें

मकर


बुध का गोचर आपकी राशि से तृतीय भाव में हो रहा है। इसीलिए बुध का यह गोचर आपके लिए बहुत लाभदायक रहेगा। लंबे समय से यदि किसी संस्था में कार्यरत हैं और नौकरी बदलने का विचार बना रहे हैं तो यह समय अच्छा है कोशिश करें सफलता मिलेगी। इस समय आपके जीवन में….आगे पढ़ें

कुंभ


बुध ग्रह जिन्हें लेखन और संचार का कारक ग्रह माना गया है वो आपकी राशि से द्वितीय भाव में गोचर कर रहे हैं। इस गोचर के चलते आपकी वाणी में मिठास घुली रहेगी। आप स्पष्टता से अपनी बातों को लोगों के सामने रख पाने में सक्षम होंगे और यही स्पष्टता लोगों को आपकी ओर खींचेगी। इस दौरान आपको….आगे पढ़ें

मीन 


बुध ग्रह आपके प्रथम भाव यानि कि आपकी ही राशि में गोचर करेंगे, इसे तनु भाव भी कहा जाता है। इस गोचर के चलते आपको पारिवारिक जीवन में अच्छे फल मिलेंगे। माता-पिता से भविष्य को लेकर बातें हो सकती हैं। अगर आप शादी योग्य हैं तो आपकी शादी की बातें….आगे पढ़ें

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