साप्ताहिक राशिफल (14 अक्टूबर से 20 अक्टूबर)

जानें इस सप्ताह कौनसी राशि वालों को मिलेगी सफलता। इसके साथ ही जानें की आपको जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में कैसे फलों की प्राप्ति होने वाली है। 14 अक्टूबर से 20 अक्टूबर का हमारा यह राशिफल आपको इस सप्ताह को फलदायक बनाने की जानकारी भी देगा।


हर सप्ताह की तरह इस सप्ताह भी एस्ट्रोसेज आपके लिये लेकर आया है आपका राशिफल। इस राशिफल को हमारे ज्योतिषियों द्वारा ग्रह और नक्षत्रों की चाल को देखकर और उनके गुणों के अनुसार बनाया गया है। इसके साथ ही इस राशिफल में आप इस सप्ताह की महत्वपूर्ण तिथियों के बारे में भी जान सकते हैं। हमारे इस राशिफल को पढ़ने के बाद आप इस सप्ताह कामों को कैसे नियोजित करना है उसकी सूचि भी बना सकते हैं। याद रखिये जितना आप जीवन में समय के हिसाब से चलेंगे उतनी ही आपके जीवन में कम परेशानियां आएंगी और हमारा यही मकसद है कि आप हमारे राशिफल की मदद से होने वाली अनहोनियों को लेकर पहले से ही सचेत हो जाएं। हमारे इस साप्ताहिक राशिफल में आप अपने पारिवरिक, स्वास्थ्य, दांपत्य, करियर और प्रेम जीवन के बारे में विस्तार से जान सकते हैं।


सप्ताह का हिन्दू पंचांग एवं ज्योतिषीय तथ्य


हिन्दू पंचांग के अनुसार, अक्टूबर के इस सप्ताह की शुरुआत कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होगी और सप्ताह का अंत कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि से होगा। वहीं इस सप्ताह में चंद्र देव मीन राशि से मेष, वृषभ और मिथुन राशि गोचर करेंगे। इसके साथ ही सर्य देव भी इस माह अपनी राशि परिवर्तन करेंगे। इस सप्ताह 17 अक्टूबर को संकष्टी चतुर्थी का व्रत भी रखा जाएगा। इस दिन व्रत रखने वालों को जीवन में आ रहे कष्टों से मुक्ति मिलती है। वहीं 18 अक्टूबर को तुला संक्राति है इस दिन सर्य देव कन्या राशि से तुला राशि में गोचर करेंगे। 

शेयर बाज़ार में इस सप्ताह


इस माह के तीसरे के शेयर बाज़ार को देखें तो, सोमवार, 14 अक्टूबर को शेयर बाज़ार में स्थितियाँ अच्छी रहने के संकेत मिलते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद 15 अक्टूबर को यानी मंगलवार को भी बाज़ार अच्छा ही रहेगा। इसके बाद धीरे-धीरे बुधवार, 16 अक्टूबर को बाज़ार कुछ समांतर सा रह सकता है। 17 अक्टूबर, गुरूवार को बाज़ार में अच्छी ख़ासी उतार-चढ़ाव भरी स्थिति बनेगी। ये रुख अगले दिन 18 अक्टूबर तक ऐसा ही रहेगा। व बुधवार में कुछ उतार-चढ़ाव के साथ आगे की ओर बढ़ता दिखेगा। ऐसे में अगर इस पूरे सप्ताह की बात करें तो इस पूरे ही सप्ताह सरकारी ऊर्जा, एफ. एम. सी. जी., तकनीकी, ज़मीन-जायदाद, इस्पात, रसायन और सेवा क्षेत्रों में स्थिति अच्छी रहेगी। जबकि चीनी, मनोरंजन, वाहन व निवेश क्षेत्रों पर बाज़ार का दवाब बनेगा। हालांकि बैंकिंग, सीमेंट और और फार्मास्युटिकल्स से जुड़े सभी क्षेत्रों में परिणाम मिले-जुले रह सकते हैं। 


किन ग्रहों की इस सप्ताह बदलेगी चाल 


इस सप्ताह चंद्र देव मीन से मेष, वृषभ और उसके बाद मिथुन राशि में गोचर करेंगे इसके अलावा इस सप्ताह सूर्य देव भी राशि परिवर्तन करेंगे। सूर्य का गोचर इस सप्ताह कन्या राशि से तुला राशि में होगा जिसके फलस्वरुप सभी राशियों पर इस गोचर का प्रभाव पड़ेगा। सूर्य देव को पिता, राजकीय काम और नेतृत्व का कारक ग्रह माना जाता है इसलिये इस सप्ताह सरकारी क्षेत्र में काम करने वालों को कुछ परिवर्तनों का सामना करना पड़ सकता है वहीं आपके पिता को कुछ बदलाव महसूस हो सकते हैं क्योंकि वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के राशि परिवर्तन को बहुत महत्वपूर्ण घटना के रुप में देखा जाता है। 

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जन्मदिन विशेष 


अक्टूबर के इस सप्ताह में बॉलीवुड के कुछ जाने-माने कलाकारों का जन्मदिन मनाया जाता है। इन कलाकारों में सबसे पहला नाम आता है ओम पुरी का जिनका जन्मदिन 18 अक्टूबर को आता है, हालांकि ओम पूरी हमारे बीच अब नहीं रहे लेकिन उनके अभिनय के लोग आज भी मुरीद हैं। इसके अलावा देओल परिवार के दो दिग्गजों का जन्मदिन भी इसी सप्ताह में आता है, हेमा मालिनी का जन्म दिन 16 अक्टूबर और सनी देओल का जन्मदिन 19 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस सप्ताह संजय कपूर का जन्मदिन 17 अक्टूबर को मनाया जाएगा। दिवंगत अभिनेता को हम श्रद्धांजलि देते हैं और बाकी सारे कलाकारों को हमारी ओर से जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। तो आइये अब जानते हैं कि सभी 12 राशियों के लिये यह सप्ताह कैसा रहने वाला है। 

यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष


सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा के 12वें भाव में होने से आपको आपके ख़र्चों में वृद्धि होने की संभावना है। इस समय यदि आप अपने ख़र्च पर लगाम नहीं कसी तो आगे चलकर आपको आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। आप इस समय कार्य के सिलसिले...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- यह सप्ताह प्रेम संबंध के लिए सामान्य रहेगा। प्रियतम और आपके बीच की बात को लेकर तू-तू मैं-मैं हो सकती है। इसके साथ कुछ अन्य भी जटिल परिस्थितियाँ सामने आ सकती हैं। हालाँकि अच्छी बात ये है कि आप दोनों अपनी आपसी समझदारी के साथ मामलों...आगे पढ़ें

वृषभ


सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा आपकी राशि से 11वें भाव में स्थित होगा। इस दौरान आपको कार्य क्षेत्र में आपको अच्छे फल मिलेंगे। ग्रह नक्षत्र इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि इस समय आपका प्रमोशन हो सकता है या फिर आपकी सैलरी बढ़ सकती है। इस ख़बर ...आगे पढ़ें 

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए यह सप्ताह उम्मीदों भरा है। शुभ ग्रह नक्षत्रों के कारण प्रेम के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ निर्मित होंगी और प्रेम आप भाग्यशाली भी बनेंगे। आप अपने प्रियतम के साथ जीवन के कुछ सुखद पल बिताएंगे। इस समय, आप अपने प्रियतम ...आगे पढ़ें

मिथुन


इस सप्ताह चंद्रमा आपकी राशि से दसवें, ग्यारहवें, बारहवें और लग्न भावों में गोचर करेगा। आपके लिए सप्ताह की शुरुआत थोड़ी धीमी हो सकती है। कार्य स्थल पर आप बेचैनी महसूस कर सकते हैं। साथ ही यहाँ आप ऊर्जा और प्रेरणा की कमी का अनुभव...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधों के लिए, यह सप्ताह बहुत अच्छा नहीं है। व्यक्तिगत परेशानियों के कारण, आप अपने साथी को पर्याप्त समय नहीं दे पाएंगे और यह आप दोनों के बीच दूरी पैदा कर सकता है। इस प्रकार, ऐसी स्थिति में एक साथ बैठकर समाधान की तलाश करना ही बेहतर है। वहीं, विवाहित...आगे पढ़ें

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कर्क 


इस सप्ताह चंद्रमा आपकी राशि से नवम, दशम, एकादश और द्वादश भावों में रहेगा। जबकि सूर्य ग्रह आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर करेगा। यानि इस सप्ताह आपके ऊपर इन दो ग्रहों का प्रभाव देखने को मिलेगा। सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा के नवम भाव में होने से आपको ...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल 

प्रेम संबंधों के लिए यह सप्ताह बेहतरीन साबित होगा। अपने प्रिय के साथ रोमांस करने के कई अवसर मिलेंगे और आप उनके साथ किसी ट्रिप पर जाने की भी योजना ...आगे पढ़ें

सिंह 


इस सप्ताह चंद्रमा आपकी राशि से आठवें, नौवें, दसवें और ग्यारहवें भावों में स्थित होगा। साथ ही इस सप्ताह सूर्य का गोचर भी आपके तीसरे भाव में हो रहा है। सप्ताह की शुरुआत में आपको थोड़ी बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ख़ासकर वित्तीय ...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल 

प्रेम से जुड़े मामलों के लिए यह सप्ताह औसत रह सकता है। निजी जीवन चल रही समस्या आपके प्रेम जीवन में बाधा डाल सकती है। इस समय आप ...आगे पढ़ें

कन्या 


इस सप्ताह चंद्रमा आपकी राशि से सातवें, आठवें, नौवें और दसवें भावों गोचर करेगा। इसके साथ ही सूर्य का गोचर भी इस सप्ताह आपके दूसरे भाव में हो रहा है। राशिफल के अनुसार सप्ताह की शुरूआत व्यवसाय से जुड़े जातकों को अच्छा मुनाफा होगा। इस समय चंद्रमा की सप्तम भाव में उपस्थिति आपके व्यापार के लिए अनुकूल परिस्थितियों को ...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल 

प्रेम संबंधों के लिए यह सप्ताह अधिक लाभकारी नहीं है। आपके घर के निजी मसले आपके प्रेम जीवन पर बुरा असर डाल सकते हैं। कोशिश करें कि निजी मसले रिश्ते के बीच न आएं तो बेहतर रहेगा। प्यार के रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए अपने साथी के...आगे पढ़ें

तुला 


इस सप्ताह चंद्रमा आपके छठे, सातवें, आठवें और नौवें भावों में गोचर संचरण करेगा। साथ ही सूर्य का गोचर आपकी राशि में हो रहा है और यह आपके लग्न भाव में स्थित होगा। सप्ताह की शुरुआत में आपके ख़र्चे बढ़ेंगे। लिहाज़ा धन की बचत पर ध्यान दें। यदि आप घर से दूर ...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल 

प्रेम संबंधों से जुड़े मामलों के लिए यह सप्ताह ज्यादा अनुकूल नहीं है। इस सप्ताह आपके व्यक्तिगत में अहंकार वृद्धि से आपके और आपके प्रिय के बीच झड़पें हो सकती हैं। इस प्रकार, आपको सलाह दी जाती है कि आप अपने व्यवहार पर एक नज़र ...आगे पढ़ें

वृश्चिक


इस सप्ताह चंद्रमा आपके पांचवें, छठे, सातवें और आठवें भावों में गोचर करेगा। सप्ताह की शुरुआत शानदार होगी। पंचम भाव का चंद्रमा आपकी खुशी में योगदान देगा। नौकरी के साथ-साथ व्यवसाय में समृद्धि आएगी। संतान सफलता के नए आयाम छुएगी। चूंकि पांचवें भाव का ज्ञान और शिक्षा के साथ संबंध है, इसलिए छात्र अपने शैक्षणिक ...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल 

यह सप्ताह प्रेम संबंधों के लिए मिलेजुले परिणाम लेकर आएगा। किसी खास वजह से प्रिय आपसे परेशान रह सकता है। साथी को मनाने के लिए आप उन्हें लंच या मूवी दिखाने का प्लान करें। विवाहित जातकों के दांपत्य जीवन में खुशी मौजूद ...आगे पढ़ें

धनु 


इस सप्ताह चंद्रमा आपकी राशि से चौथे, पांचवें, छठे और सातवें भावों में अपनी उपस्थिति दर्ज करेगा। सप्ताह की शुरुआत में माता जी का स्वास्थ्य अस्थिर रह सकता है। ऐसी स्थिति में उनकी उचित देखभाल करें और जरुरत पड़ने पर चिकित्सक की सलाह लें। घर में परिवार के सभी सदस्य सामूहिक रूप से घर का काम निपटाएंगे। इससे घर में एकता...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

इस सप्ताह आपकी लव लाइफ़ में ताजगी बनी रहेगी। आपके रिश्ते में गहराई आएगी और लव पार्टनर आपकी भावनाओं और विचारों की कद्र करेगा। दोनों के बीच प्यार वाली तकरार भी देखने को मिलेगी। जहां तक शादीशुदा जातकों का ...आगे पढ़ें

मकर 


इस सप्ताह चंद्रमा आपके तीसरे, चौथे, पांचवें और छठे भाव में उपस्थित होगा। साथ ही, सूर्य का गोचर भी आपके दसवें यानि कर्म भाव में होगा। सप्ताह की शुरुआत तीसरे भाव का चंद्रमा आपको छोटी दूरी की यात्रा करा सकता है। यद्यपि यह यात्रा थोड़ी थकाऊ होगी, लेकिन आप इसके कारण मुनाफा पाने में भी सफल होंगे। इसी समय, आपकी साहसी और पराक्रमी क्षमता बढ़ेगी और सबसे आगे रहेगी। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में छोटे भाई-बहनों का ...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

यह सप्ताह प्रेम संबंधित मामलों के लिए अनुकूल है। आपको अपने प्रिय के साथ प्यार और रोमांस करने का पूरा समय मिलेगा। हालाँकि, आपका साथी आपके प्यार की परीक्षा ले सकता है। इसके लिए तैयार रहें। सप्ताह का शुरुआती भाग औसत ...आगे पढ़ें

कुंभ 


इस सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा आपके दूसरे भाव में स्थित होगा जिसके कारण भाग्य इस समय आपका पक्ष लेगा। पारिवारिक जीवन खुशहाल रहेगा। आपके परिवार में किसी तरह का कार्यक्रम का आयोजन हो सकता है, जिसमें आपको शानदार व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए अवसर प्राप्त होगा। इसी अवधि में कुछ धन-दौलत संचित ...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल 

प्रेम संबंधी मामलों के लिए इस सप्ताह के सामान्य रहने की उम्मीद है। आप अपने प्रियजन के कारण किसी प्रकार का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। वैवाहिक जीवन ...आगे पढ़ें

मीन


इस सप्ताह चंद्रमा का गोचर आपके पहले, दूसरे, तीसरे और चौथे भावों में होगा। इसके साथ ही इस सप्ताह सूर्य का गोचर आपके अष्टम भाव में भी होगा। सप्ताह की शुरुआत आपके लिए सकारात्मक रहेगी क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के पहले भाव में गोचर कर रहा है। इस समय, आप स्वकेन्द्रित होकर सोचेंगे। लेकिन मन की स्थिति खुश ...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल 

प्रेम प्रसंग के दृष्टिकोण से यह सप्ताह आपके लिए अधिक लाभकारी नहीं है। लिहाज़ा आपको अपने दिल के अरमानों को शांत रखना होगा। निजी समस्याएं आपको लव पार्टनर...आगे पढ़ें

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शरद पूर्णिमा जानें इस दिन का महत्व, तिथि और मुहूर्त

हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का बहुत बड़ा महत्व है। ऐसा माना जाता है कि शरद पूर्णिमा की रात को चाँद की किरणों में औषधीय गुण होते हैं और चंद्रमा की किरणें स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होती हैं। वैसे तो हर माह आने वाली पूर्णिमा खास होती है लेकिन ऐसा माना जाता है कि शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा अपनी 16 कलाएं दिखाता है और इस दिन चंद्रमा की किरणों से अमृत बरसता है। इसके साथ ही शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा से जो रोशनी निकलती है वह बाकी पूर्णिमो की तुलना में ज्यादा चमकदार होती है।



शरद पूर्णिमा का मुहूर्त


शरद पूर्णिमा
अक्टूबर 13 2019 को 00:39 से पूर्णिमा आरम्भ
अक्टूबर 14 2019 को 02:40 पर पूर्णिमा समाप्त

हिंदू पंचांग के अनुसार साल 2019 में शरद पूर्णिमा 19 अक्टूबर को पड़ेगी। आपको बता दें कि हिंदू पंचांग के अनुसार पूर्णिमा के दिन महीना समाप्त होता है। ऐसा माना जाता है कि शरद पूर्णिमा की रात को ही भगवान श्री कृष्ण ने वृंदावन में प्रेम और नृत्य के संगम महा-रास को रचा था। यही वजह है कि व्रज क्षेत्र के लोग इस पूर्णिमा को रस पूर्णिमा के नाम से भी पुकारते हैं। ज्योतिषियों की मानी जाए तो शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की किरणें इतनी लाभदायक होती हैं कि इनसे कई रोगों का इलाज भी संभव है। इस दिन लोगों द्वारा गाय के दूध की खीर बनायी जाती है और उसे चांदनी में रखा जाता है। मान्यता यह है कि खीर को चांदनी में रखने से उसमें औषधिय गुण आ जाते हैं।
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शरद पूर्णिमा व्रत एवं पूजा विधि


शरद पूर्णिमा के दिन लोगों के द्वारा पूर्णिमा व्रत रखा जाता है। इसके साथ ही आध्यात्मिक मार्ग पर चलने वाले लोग भी इस दिन का महत्वपूर्ण मानते हैं और इस दिन ध्यान और साधना करते हैं। शरद पूर्णिमा के दिन हिंदु धर्म के लोग माता लक्ष्मी और चंद्रमा को पूजते हैं। माता लक्ष्मी की पूजा से पूर्व उनकी तस्वीर या मूर्ति को गंगाजल से नहलाया जाता है उसके बाद लाल कपड़े पर उनकी मूर्ति को स्थापित किया जाता है। इसके बाद धूप, दीप जलाकर माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है और उसके बाद पुष्प उन्हें अर्पित किये जाते हैं। 

माता लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करना भी इस दिन शुभ माना जाता है। भक्तों को इस दिन ब्राह्मणों को खीर का भोजन करवाया जाना चाहिये। यदि आपने उपवास रखा है तो इस दिन चंद्रमा के दर्शन करने और चंद्रमा को अर्घ्य गेने के बाद ही उपवास खोलना चाहिये। पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करना भी शुभ माना जाता है इसलिये यदि आपका निवास स्थान किसी पवित्र नदी के आस पास है तो आपको नदी में स्नान अवश्य करना चाहिये।

शरद पूर्णिमा का महत्व


हर महीने आने वाली पूर्णिमा तिथि का ही हिंदु धर्म में बड़ा महत्व होता है लेकिन शरद पूर्णिमा को सभी 12 पूर्णिमाओं में सबसे खास माना जाता है। इस दिन उपवास रखने का बड़ा महत्व है। ऐसा माना जाता जिन विवाहित महिलाओं को संतान की प्राप्ति नहीं हो रही वो यदि इस दिन उपवास रखें तो उन्हें संतान की प्राप्ति हो सकती है। वहीं कुंवारी कन्याएं यदि इस दिन व्रत रखें तो उन्हें सुयोग्य वर मिलता है। शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा की किरणों से तेज बरसता है और इससे आपकी आध्यात्मिक और शारीरिक शक्ति बढ़ती है। आध्यात्मिक मार्ग पर चलने वाले पूर्णिमा की रात को कठोर साधना करते हैं और अपनी शक्तियों को बढ़ाते हैं। 

शरद पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है वाल्मीकि जयंती


अश्विन मास की पूर्णिमा तिथि को ही रामायण जैसे महाकाव्य की रचना करने वाले महर्षि वाल्मीकि जी का जन्म हुआ था। इसलिए प्रति वर्ष शरद पूर्णिमा तिथि को वाल्मीकि जयंती मनायी जाती है। 

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महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनावों का लेखा जोखा

भारत के 2 राज्यों हरियाणा और महाराष्ट्र में अक्टूबर 2019 में विधानसभा चुनावों का शंखनाद हो चुका है। इलेक्शन कमीशन द्वारा जारी किए गए विवरण के अनुसार महाराष्ट्र और हरियाणा के लोग 21 अक्टूबर को 14 वीं विधानसभा के लिए वोट डालेंगे और उसके 3 दिन बाद अर्थात 24 अक्टूबर 2019 को मत-गणना होगी और शाम तक साफ हो जाएगा कि इन दोनों राज्यों में कौन सी पार्टी सत्ता पर काबिज होगी और किसे हार का मुंह देखना पड़ेगा। 


मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के अनुसार 288 सदस्यों वाली महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 9 नवंबर को समाप्त हो रहा है और 90 सदस्यों वाली हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल 2 नवंबर को समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में दोनों ही राज्यों में चुनाव तय समय पर होंगे।


2014 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था और भारतीय जनता पार्टी अपने सहयोगी दल शिवसेना के साथ सत्ता में आई थी और भारतीय जनता पार्टी के देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री बने। इस वर्ष महाराष्ट्र में कांग्रेस ने शरद पवार के नेतृत्व वाली नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी यानि कि एन सी पी से गठजोड़ किया है। ग़ौरतलब है कि शरद पवार पर ईडी का शिकंजा कसता जा रहा है। 

यदि हरियाणा की बात की जाए तो वहां भी भारतीय जनता पार्टी ने पिछली बार सरकार बनाई थी और कांग्रेस और ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व वाली आईएनएलडी को घेरने का पूरा प्रयास किया। वर्तमान समय में बीजेपी के मनोहर लाल खट्टर हरियाणा के मुख्यमंत्री हैं। पंजाब के चुनावों में बीजेपी का साथ देने वाली प्रकाश सिंह बादल की अकाली दल ने अपने दम पर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। 

इस बार के विधान सभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी एक प्रबल दावेदार के रूप में तैयार हैं और विपक्ष विभिन्न प्रकार के खेमों में बंटा हुआ नजर आ रहा है। इन चुनावों में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी अपने हाथ आजमाने की बात कह चुकी है। ऐसे में मुकाबला काफी दिलचस्प होगा क्योंकि जहां बीजेपी की साख दाँव पर होगी और वह सभी सीटों को कब्ज़ाने का प्रयास करेगी वहीं विभिन्न भागों में बँटा हुआ विपक्ष क्या एकजुट होकर उसे चुनौती दे पाएगा। 

इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए हमने यह जानने का प्रयास किया कि आगामी विधानसभा चुनावों में किस पार्टी के सिर जीत का सेहरा सजेगा और किसे हार का मुंह देखना पड़ेगा। इसके लिए हमने वैदिक ज्योतिष का सहारा लिया है और ग्रहों और नक्षत्रों के आधार पर कुछ बातें काफी दिलचस्प तरीके से हमारे सामने आई हैं, जिन्हें हम यहां व्यक्त करने जा रहे हैं:

अक्टूबर के महीने में ग्रहों का गोचर


4 अक्टूबर को शुक्र तुला राशि में प्रवेश करेगा जोकि इसकी अपनी राशि है और इसके बाद 18 अक्टूबर को सूर्य भी तुला राशि में ही प्रवेश करेगा। बुध महीने की शुरूआत से ही इस राशि में विराजमान रहेगा और 23 अक्टूबर को वृश्चिक राशि में प्रवेश कर जाएगा। इसी राशि में शुक्र का गोचर 28 अक्टूबर को होगा। 

आइए अब वैदिक ज्योतिष के अनुसार मुख्य पार्टियों भाजपा और कांग्रेस की कुंडलियों का अध्ययन करते हैं और डालते हैं ग्रहों के प्रभाव पर एक नजर:

भारतीय जनता पार्टी 

(6-4-1980: 11:40:00: नई दिल्ली)


(बीजेपी की कुंडली)

मुख्य बिंदु


  • बीजेपी की लग्न राशि मिथुन है और चंद्र राशि वृश्चिक है। 
  • मंगल, बृहस्पति और शनि तीनों मुख्य ग्रह वक्री हैं। 
  • कुंडली के तीसरे भाव में अर्थात सिंह राशि में राहु, मंगल, बृहस्पति और शनि की युति है।
  • शनि की साढ़ेसाती अंतिम दौर में चल रही है। 
  • लग्नेश बुध और केतु की युति नवम भाव में है। 

चुनाव के दौरान ग्रह दशा:


विधानसभा चुनाव अक्टूबर 2019 के दौरान बीजेपी की कुंडली में:

  • चंद्र-मंगल-चंद्र की दशा 9 अक्टूबर2019 तक रहेगी। 
  • इसके बाद चंद्र-राहु - राहु की दशा शुरू होगी जो 1 जनवरी 2020 तक चलेगी। 

चुनाव के दौरान ग्रहों का गोचर:


विधानसभा चुनाव अक्टूबर 2019 के दौरान बीजेपी की कुंडली में:

  • शनि का गोचर जन्मकालीन चंद्र से दूसरे भाव में होगा।
  • गुरु बृहस्पति जन्म कालीन चंद्र राशि में ही स्थित होंगे और दूसरे भाव की ओर अग्रसर होंगे। 
  • राहु जन्म कालीन चंद्रमा से अष्टम भाव में होगा। 
  • मंगल महाराज चंद्र राशि से ग्यारहवें भाव में विराजमान रहकर अपना प्रभाव देंगे। 

विधान सभा चुनावों में बीजेपी का प्रदर्शन एवं स्थिति


जिस समय महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव होंगे और उनकी गिनती होगी, उस समय बीजेपी की कुंडली में चंद्रमा की महादशा में राहु की अंतर्दशा चल रही होगी। चंद्रमा ज्येष्ठा नक्षत्र में है जो कि गंड मूल नक्षत्र है लेकिन लग्न का स्वामी बुध है जो नवम भाव में बैठकर राजयोग बना रहा है और चंद्रमा उसी चतुर्थ भाव और लग्न के स्वामी बुध के नक्षत्र में है। राहु मघा नक्षत्र में विराजमान हैं जो कि केतु का नक्षत्र है जो कि पुनः नवम भाव में बैठकर राज योग बना रहा है। हालांकि राहु शनि मंगल और बृहस्पति के साथ बैठकर प्रभावित हो रहा है।

ऐसी स्थिति में कहा जा सकता है कि यह चुनाव बीजेपी को सत्ता प्राप्ति में सफलता तो दिला सकते हैं। और उनकी सहयोगी पार्टी शिवसेना जहां एक ओर खुले तौर पर उनका साथ देगी वहीं दूसरी ओर अपनी कुछ ऐसी माँगें भी रख सकती है जिससे बीजेपी को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। चंद्र राशि से दूसरे भाव में गोचर कर रहा शनि और चंद्र राशि में बैठे गुरु बृहस्पति महाराज ऐसी स्थितियां बना रहे हैं जो सत्ता में वापसी की ओर तो संकेत कर रही हैं लेकिन फिर भी कुछ स्थितियों में सावधान रहने की आवश्यकता होगी। ऐसी संभावना है कि भारतीय जनता पार्टी सहयोगी दलों के साथ मिलकर अपनी सरकार बना ले, लेकिन मतदान प्रतिशत में कमी हो सकती है तथा कुछ सीटें पहले के मुकाबले हाथ से निकल सकती हैं। 

कांग्रेस

(02-01-1978: 11:59:00: नई दिल्ली)


(कांग्रेस की कुंडली)

मुख्य बिंदु 


  • कांग्रेस की लग्न राशि मीन और चंद्र राशि कन्या है। 
  • शनि, बृहस्पति और मंगल तीनों मुख्य ग्रह वक्री हैं।
  • शुक्र अस्त होकर दशम भाव में सूर्य के साथ धनु राशि में स्थित है। 
  • मंगल कर्क राशि (नीच) में पंचम भाव में है।
  • राहु - चंद्र की युति सप्तम भाव में है।

चुनाव के दौरान ग्रह दशा


विधानसभा चुनाव अक्टूबर 2019 के दौरान कांग्रेस की कुंडली में:

  • बृहस्पति की महादशा में शनि की अंतर्दशा और शुक्र की प्रत्यंतर दशा चल रही होगी जो कि 1 जनवरी 2020 तक रहेगी। 

चुनाव के दौरान ग्रहों का गोचर:


विधानसभा चुनाव अक्टूबर 2019 के दौरान बीजेपी की कुंडली में:

  • शनि का गोचर जन्मकालीन चंद्रमा से चतुर्थ भाव में होगा और यह गोचर जन्म कालीन सूर्य और शुक्र के ऊपर होगा।
  • गुरु बृहस्पति का गोचर जन्म कालीन चंद्र राशि से तीसरे भाव से होगा और वो चौथे भाव की ओर आगे बढ़ रहे होंगे। 
  • राहु जन्म कालीन चंद्रमा से दशम भाव में होगा और जन्म कालीन बृहस्पति के ऊपर का। 
  • मंगल महाराज चंद्र राशि के ही भाव में विराजमान रहकर अपना प्रभाव देंगे। 


विधान सभा चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन एवं स्थिति


महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस पार्टी बृहस्पति की महादशा, शनि की अंतर्दशा और शुक्र की प्रत्यंतर दशा से गुज़र रही होगी। बृहस्पति कुंडली के लग्न और दशम भाव के स्वामी होकर चतुर्थ भाव में विराजमान हैं और दशम भाव को पूर्ण दृष्टि से देख रहें हैं। शनि देव भी ग्यारहवें और बारहवें भाव के स्वामी होकर छठे भाव में बैठे हैं तथा शुक्र महाराज तीसरे और आठवें भाव के स्वामी होकर दशम भाव में विराजमान हैं। देव गुरु बृहस्पति मंगल के नक्षत्र में है जो कि कुंडली में नवम भाव का स्वामी होकर पंचम भाव में नीच राशि में विराजमान है और शनि महाराज केतु के नक्षत्र में है जो कि लग्न में है तथा शुक्र देव अस्त अवस्था में केतु के ही नक्षत्र में विराजमान हैं। 

शनि का गोचर जन्म राशि से चतुर्थ भाव में होने के कारण ऐसी संभावना बन रही है कि कांग्रेस अपनी जोड़-तोड़ की नीति का कुछ लाभ उठाने में अवश्य ही सफल हो सकती है, हालांकि सरकार बनाने में उनकी सफलता की संभावना कम ही दिखाई देती है। पार्टी को अंतरकलह का सामना करना पड़ सकता है और अपने ही कुछ नेता पार्टी बदल कर दूसरी पार्टी में शामिल भी हो सकते हैं। जिस प्रकार कांग्रेस ने शरद पवार की एनसीपी से तालमेल बिठाने का प्रयास किया है उससे कुछेक स्थानों पर उन्हें लाभ हो सकता है लेकिन सत्ता प्राप्ति से दूरी रहने की संभावना अधिक दिखाई देती है। 

क्या कहती है देवेंद्र फडणवीस की कुंडली?


महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और बीजेपी-शिव सेना के मुख्य दावेदार देवेंद्र फडणवीस के लिए विधानसभा चुनाव में कई चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं। सीटों के बँटवारे के लिए शिवसेना से तालमेल बिठाना इनके लिए सबसे पहली चुनौती होगी। 

(22-07-1970: 6:00: नागपुर)


(देवेंद्र फडणवीस की कुंडली)


मुख्य बिंदु 


  • इनकी लग्न राशि कर्क और चंद्र राशि कुम्भ है। 
  • लग्न में मंगल अपनी नीच राशि में अस्त अवस्था में सूर्य और बुध के साथ बैठा है।
  • शुक्र और केतु की युति द्वितीय भाव में है। 
  • देव गुरु बृहस्पति चतुर्थ राशि में विराजमान हैं। 
  • राहु और चंद्र की युति अष्टम भाव में है। 
  • शनि अपनी नीच राशि मेष में दशम भाव में मौजूद हैं। 

चुनाव के दौरान ग्रह दशा


विधानसभा चुनाव अक्टूबर 2019 के दौरान देवेंद्र फडणवीस की कुंडली में:

  • अक्टूबर के महीने में बुध-बृहस्पति-राहु की दशा चल रही होगी जो 12 अक्टूबर तक चलेगी। 
  • इसके बाद बुध-शनि-शनि की दशा प्रारंभ होगी जो 15 मार्च 2020 तक प्रभावी रहेगी। 

चुनाव के दौरान ग्रहों का गोचर:


विधानसभा चुनाव अक्टूबर 2019 के दौरान बीजेपी की कुंडली में:

  • शनि देव जन्मकालीन चंद्र से एकादश भाव में स्थित रहेंगे। 
  • गुरु बृहस्पति जन्म कालीन चंद्र राशि से दशम भाव में स्थित होंगे और एकादश भाव की ओर बढ़ेंगे। 
  • राहु जन्म कालीन चंद्रमा से पंचम भाव में होगा। 
  • मंगल महाराज चंद्र राशि से अष्टम भाव में विराजमान रहेंगे। 

विधानसभा चुनावों के लिए कुंडली विश्लेषण:


श्री देवेंद्र फडणवीस की कुंडली में विधानसभा चुनावों के दौरान और जब चुनाव का परिणाम आएगा उस दौरान बुध की महादशा में शनि की अंतर्दशा शनि की प्रत्यंतर दशा चल रही होगी। इनकी कुंडली में शनि सप्तम और अष्टम भाव का स्वामी होकर दशम भाव में विराजमान है तथा बुध तृतीय और द्वादश भाव का स्वामी होकर लग्न में विराजमान है। जन्म कालीन चंद्र राशि कुंभ से शनि और बृहस्पति का गोचर इन के पक्ष में स्थिति का निर्माण कर रहा है। इन्हें निजी तौर पर अनेक प्रयास करने होंगे और साथ ही साथ अपनी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करना होगा। कुंडली में ग्रहों की दशा के आधार पर कहा जा सकता है कि आने वाली स्थितियां इनके पक्ष में रहेंगी और यह सत्ता बरकरार रख पाने में सफल हो सकते हैं। हालांकि सहयोगी दलों से कुछ समस्याएं बनी रहेंगी और आगामी समय में जब जनवरी में शनि का गोचर बदलेगा तो इनकी साढ़ेसाती की दशा प्रारंभ होगी जो इनके लिए मानसिक तनाव के साथ-साथ विरोधियों को भी जन्म देगी जो संभवत: उनके सहयोगी दलों से संबंधित हो सकते हैं। 

हरियाणा के वर्तमान मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की जन्म संबंधी पूरी जानकारी ना होने के कारण उनकी कुंडली पर चर्चा कर पाना संभव नहीं है लेकिन नाम के अनुसार सिंह राशि की कुंडली बनती है जिसमें पंचम भाव में शनि देव गोचर कर रहे हैं और चतुर्थ भाव में देव गुरु बृहस्पति। इससे ऐसा ज़रूर प्रतीत होता है कि काफी लोगों उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर नापसंद करते हों, लेकिन केंद्र में बीजेपी की सरकार होने का और केंद्र के निकट का राज्य होने का लाभ उन्हें अवश्य मिलेगा और वे सत्ता में वापस लौट सकते हैं। 

निष्कर्ष: उपरोक्त व्यक्तियों और पार्टियों की कुंडलियों के अतिरिक्त अन्य कुछ पार्टियों जिनमें आम आदमी पार्टी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना, तथा कुछ अन्य प्रमुख पार्टियों और दावेदारों पर ध्यान देते हुए यह निष्कर्ष के तौर पर कहा जा सकता है कि महाराष्ट्र और हरियाणा की वर्तमान सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी को विपक्ष के एकजुट ना रहने का अधिक लाभ हो सकता है और वे सत्ता में वापसी कर सकते हैं लेकिन उन्हें कुछ सीटों का नुकसान होने की संभावना रहेगी तथा कुछ परंपरागत सीटें भी उनके हाथ से निकल सकती हैं। उनके वोट प्रतिशत में कमी आने की संभावना हो सकती है हालांकि हरियाणा में विशेष रूप से केंद्र की बीजेपी सरकार का प्रभाव चुनावों में देखने को मिलेगा और हाल ही में भारत की पाकिस्तान के प्रति नीतियों को ध्यान में रखते हुए भी यह कहा जा सकता है कि भारतीय जनता पार्टी सत्ता में वापसी कर सकती है, लेकिन कुछ सीटों का नुकसान उठाना पड़ेगा। कुछ सीटों पर असामान्य रूप से सत्ताधारी पार्टी को हार का सामना करना पड़ सकता है। इसके विपरीत शरद पवार की मुश्किलें अभी और बढ़ सकती हैं तथा कांग्रेस को भी अपनी कमजोर रणनीति की वजह से कोई खास लाभ होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है।
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#HappyBirthday10thOctober 10 अक्टूबर को जन्मे लोगों को लेकर एस्ट्रोसेज का विशेष खुलासा

बॉलीवुड अभिनेत्री रेखा और रकुल प्रीत सिंह इस बात से खुश हो सकती हैं कि उनके जन्मदिन के दिन देश में सबसे ज्यादा लोग पैदा होते हैं। यानी दस अक्टूबर को। देश की सबसे बड़ी ज्योतिषीय वेबसाइट एस्ट्रोसेजडॉटकॉम की एस्ट्रोलैब ने यह नया तथ्य जारी किया है। 


एस्ट्रोसेज के संस्थापक पुनीत पांडे ने कहा, एस्ट्रोसेजडॉटकॉम देश की सबसे बड़ी ज्योतिषीय साइट है, जिस पर अभी तक तीन करोड़ से ज्यादा लोगों ने अलग अलग सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए अपने जन्म संबंधी डाटा दर्ज कराया है, और इन्हीं डाटा के विश्लेषण के बाद हमने यह निष्कर्ष निकाला है कि दस अक्टूबर को देश में सबसे ज्यादा लोग जन्म लेते हैं।

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डाटा को विश्लेषण करने की प्रक्रिया के बारे में बताते हुए एस्ट्रोलैब में कार्यरत सॉफ्टवेयर इंजीनियर मोहित गर्ग ने बताया, "एस्ट्रोलैब में हमनें 2 करोड़ 81 लाख 76 हजार 320 लोगों के जन्म तारीख के डाटा का विश्लेषण किया। ये वो डाटा था, जो लोगों ने जन्म कुंडली बनाने या शादी के लिए कुंडली मिलान वगैरह के लिए दर्ज कराया था। इन आंकड़ों के विश्लेषण के बाद हमने पाया कि 1,40,091 लोग दस अक्टूबर को पैदा हुए, जबकि उसके बाद 15 अगस्त को 1,28,958 लोग। करीब तीन करोड़ का सैंपल बहुत बड़ा होता है, और इस आधार पर कहा जा सकता है कि 10 अक्टूबर को सबसे ज्यादा लोग देश में पैदा होते हैं।"

एस्ट्रोसेज डॉट कॉम पर ज्योतिष संबंधी तमाम सुविधाएँ निशुल्क उपलब्ध हैं। पुनीत पांडे ने बताया, ये आंकड़ा बीते दस साल में दर्ज हुए लोगों के डाटा का है। जन्मपत्री बनाते वक्त अमूमन लोग अपना सही जन्म तारीख और समय डालते हैं। और दस अक्टूबर को सबसे ज्यादा लोगों ने अपनी जन्म की तारीख बताया है।

रिसर्च के मुताबिक, दस अक्टूबर को सबसे ज्यादा, और फिर 15 अगस्त को दूसरे नंबर पर लोगों ने जन्म की तारीख बताया तो उसके बाद 11 नवंबर, 8 अगस्त, 9 सितंबर, 2 अक्टूबर, 7 जुलाई और फिर 28 अगस्त का नंबर आता है।


आइए अब जानते हैं कि कैसे होते हैं 10 अक्टूबर को जन्म लेने वाले लोग?


10 अक्टूबर को प्रतिवर्ष सूर्य कन्या राशि में स्थित होता है और नवमांश में कर्क राशि में स्थित होता है। काल पुरुष की कुंडली में सूर्य पंचम भाव का स्वामी है जो कि संतानोत्पत्ति को दर्शाता है और कर्क राशि चतुर्थ भाव की राशि है जो जीवन में सुख लेकर आती है। एस्ट्रोगुरु मृगांक के अनुसार कन्या राशि में सूर्य की स्थिति मौसम में परिवर्तन का कारण बनती है और सूर्य की प्रचंडता में कमी आकर मौसम खुशगवार बनता है। अक्टूबर में जन्म लेने वाले जातकों को जीवन में संघर्ष औरों के मुकाबले थोड़ा कम करना पड़ता है और वह सभी लोगों के प्यारे होते हैं। 10 अक्टूबर को जन्म लेने वाले लोगों का मूलांक एक होता है जिसका स्वामी भी सूर्य होता है जो जीवन में उन्हें उच्च अभिलाषाओं के साथ उच्च प्रगतिशाली बनाता है और वे जीवन में अच्छे मुकाम तक पहुंचते हैं। इस दौरान प्रकृति भी सामंजस्य में रहती है और न अधिक सर्दी होती है ना अधिक गर्मी, जिसकी वजह से मौसम भी बच्चों को बीमारियों से अधिक परेशान नहीं करता और वे शीघ्र ही उन्नति को प्राप्त होते हैं। 

वैदिक ज्योतिष के अनुसार 10 अक्टूबर को जन्म लेने वाले लोगों का वैदिक सन साइन अर्थात वैदिक सूर्य राशि कन्या होती है और यहां स्थित सूर्य जीवनदायी माना जाता है। सूर्य अपने मित्र चंद्रमा के नक्षत्र हस्त में होता है तथा बुध की राशि में स्थित होता है, ऐसे में व्यक्ति भावुक होने के साथ-साथ कर्मठ कर्मशील और बुद्धिमान भी होता है। ऐसे जातकों को जीवन में अनेक सुविधाएँ भी मिलती हैं और जीवन में आगे बढ़ने के अनेक अवसर प्राप्त होते हैं और वे अपनी छवि को बहुत जल्दी लोगों के मन पर छोड़ देते हैं। 10 अक्टूबर को पैदा होने वाले जातक जिस क्षेत्र में भी काम करते हैं, उन्हें उस क्षेत्र में अपने सहयोगियों की तुलना में अधिक लोकप्रियता मिलती है। इस दिन पैदा होने वाले जातकों के जन्म के साथ ही उनके माता-पिता को कोई लाभ भी प्राप्त होता है। 

इस प्रकार हम कह सकते हैं कि 10 अक्टूबर का दिन काफी महत्वपूर्ण होता है और इस दिन जन्मे जातक कुछ विशेष होते हैं। यदि आपका जन्म भी 10 अक्टूबर को हुआ है, तो आप उन लोगों में से हैं जो काफी स्पेशल हैं और सबसे बड़ी बात कि देश में इस दिन सबसे अधिक लोग पैदा होते हैं और आप भी उनमें शामिल हैं। निस्संदेह इस बात को लेकर आप काफी गर्व महसूस कर सकते हैं। हमारी ओर से आपको भावी जीवन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।
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डाउनलोड करें एस्ट्रोसेज ई-पत्रिका मुफ्त

अब उठाए आनंद ज्योतिष के नंबर-1 पोर्टल एस्ट्रोसेज की पहली ई-पत्रिका के बीटा संस्करण का, जिसमें आप पढ़ सकते हैं हमारे विशेषज्ञ ज्योतिषों द्वारा लिखे गए कई दिलचस्प लेख और ब्लॉग वो भी बिलकुल मुफ्त।


पिछले पंद्रह वर्षों से अधिक समय से आपकी ऑनलाइन साथी रही एस्ट्रोसेजडॉटकॉम ने अब एक नया प्रयोग किया है। एस्ट्रोसेजडॉटकॉम ने एक नयी ई-पत्रिका की शुरुआत की है, जिसका नाम है ‘एस्ट्रोसेज पत्रिका’ । प्रयोगात्मक अंक के रुप में मैगज़ीन आप लोगों के बीच में है। ज्योतिष का बृहद संसार कई विषयों पर विश्लेषण की मांग करता है। एस्ट्रोसेजडॉटकॉम के माध्यम से सदैव यह कोशिश की गईहै कि ज्योतिष प्रेमियों को न सिर्फ उन्नत सॉफ्टवेयर मिलें बल्कि गुणवत्तापूर्ण आलेख भी मिलें। अनेक पाठक प्राय: कई विश्लेषणात्मक आलेखों को एक साथ पाने की गुज़ारिश करते हैं। इसी कोशिश के तहत ‘एस्ट्रोसेज पत्रिका’ का बीटा अंक प्रकाशित किया गया है, जो पूरी तरह नि:शुल्क है। आपकी प्रतिक्रियाओं के बाद हम इसके भविष्य का निर्धारण करेंगे। आप हमें magazine@ojassoft.com पर अपनी प्रतिक्रियाएँ भेज सकते हैं।

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विजयदशमी आज, जानें मुहूर्त और पूजा विधि

दशहरा के दिन ज़रूर करें ये कार्य और पाएँ भगवान राम का आशीर्वाद।

वर्ष 2019 में दशहरा 8 अक्टूबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। भारत के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस त्योहार के दिन का महत्व इसलिये भी है क्योंकि इस दिन को रावण पर श्रीराम की विजय के रुप में मनाया जाता है और इसके साथ ही माँ दूर्गा ने इसी दिन महिषासुर का वध करके अपने भक्तों के प्राण बचाये थे। यह त्योहार अश्विन मास की दशमी तिथि को मनाया जाता है इसलिये इस विजयदशमी या दशहरा भी कहा जाता है। 




साल 2019 में कब मनाया जाएगा दशहरा


विजय मुहूर्त14:05:40 से 14:52:29 तक
अवधि0 घंटे 46 मिनट
अपराह्न मुहूर्त13:18:52 से 15:39:18 तक

नोट- यह विजयदशमी मुहूर्त नई दिल्ली, भारत के लिए प्रभावी है। 

अंग्रजी कैलेंडर के अनुसार इस साल दशहरा 8 अक्टूबर को मनाया जाना है वहीं हिंदू पंचांग की मानें तो दशहरा, अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को अपराह्न के दौरान मनाया जाता है। यह काल सूर्य के उदय होने के बाद दसवें मुहूर्त से बारहवें मुहूर्त तक होती है। यदि दो दिन तक दशमी तिथि चलती है और अपराह्नकाल को दूसरे दिन व्याप्त करती है तो विजयादशमी दूसरे दिन मनाई जाती है। इसके उलट यदि दशमी तिथि दो दिन के अपराह्न काल में हो तो दशहरे का त्योहार पहले दिन ही मनाया जाना चाहिये। 

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दशहरा पूजा 


दशहरा पर्व पूरे भारत वर्ष में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन रावण के पुतले को जलाने की भी प्रथा है। रावण को जलाकर लोग अपने अंदर की बुराईयों को मिटाने का भी प्रयास करते हैं। इस दिन की गई पूजा से भक्तों को विशेष फलों की प्राप्ति होती है। नीचे आप पढ़ेंगे कि इस दिन किसी तरह पूजा करनी चाहिये। 


  • इस दिन अपने तन और मन को स्वच्छ करने के लिये आपको स्नान-ध्यान करना चाहिये। 
  • इसके बाद निवास स्थान की पूर्वोत्तर दिशा में कोई शुभ स्थान देखकर उसे चिन्हित करना चाहिये औऱ उसके बाद उसे जल आदि से स्वच्छ करना चाहिये। इस स्थान पर आपको कमल की आठ पंखुड़ियां बनानी चाहिये। 
  • उसके बाद देवी अपराजिता की पूजा पूरे परिवार के साथ भी की जा सकती है और अकेले भी। 
  • जहां आपने कमल की पंखुड़ियों को चक्र बनाया है वहां फूल चढाकर आपको नीचे दिये मंत्र का उच्चारण करके देवी अपराजिता का आह्वान करना चाहिये। 
मंत्र- अपराजिताय नमः
  • इसके पश्चात बांयी ओर मां विजया और दायीं ओर मां जया का आह्वान करते हुये नीचे दिये गये मंत्रों का क्रमश: उच्चारण किया जाना चाहिये। 

मंत्र- उमायै नमः, क्रियाशक्त्यै नमः 

  • इसके बाद श्रद्वापूर्वक पूजा की जानी चाहिये। 
  • पूजा की समाप्ति के बाद अपनी मनोकामना मांगे और माता को नमन करें। 

दशहरा संबंधित अन्य जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें- दशहरा 2019

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साप्ताहिक राशिफल (7 अक्टूबर - 13 अक्टूबर 2019)

अक्टूबर का दूसरा सप्ताह आपके लिये कैसा रहेगा? क्या आपके जीवन में इस दौरान कोई परिवर्तन आएगा और यदि परिवर्तन आएगा तो वह किस तरह का होगा? इन सवालों का जवाब आपको हमारे इस साप्ताहिक राशिफल की मदद से मिल जाएगा।


एस्ट्रोसेज अपने पाठकों को ध्यान में रखते हुए हर सप्ताह सारी राशियों के भविष्य के बारे में साप्ताहिक राशिफल के जरिये जानकारी देता है। आज हम आपको अक्टूबर महीने के दूसरे सप्ताह यानि 7 से 13 अक्टूबर के बारे में बताएंगे। राशिफल में हम आपको बताएंगे कि इस सप्ताह आपको क्या काम करने चाहिये और किन कामों को करने से बचना चाहिये। आपको बता दें कि यह सप्ताहिक राशिफल ग्रह-नक्षत्रों की चाल और उनसे आपके जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों की गणना करके बनाया गया है। आपके जीवन में क्या बुरा हो सकता है और आपको इससे कैसे बचना चाहिये यह आप हमारे साप्ताहिक राशिफल को पढ़कर समझ सकते हैं। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो आप भविष्य में होने वाली बातों को लेकर पहले से ही सतर्क हो सकते हैं। इसके साथ ही आप हमारे इस राशिफल की मदद से जरुरी उपायों के बारे में भी जान सकते हैं हम यह भी आपको बताते हैं कि सप्ताह में भाग्य आपका कितना साथ देगा। हमारे राशिफल में आपको अपने प्रेम जीवन, पारिवारिक जीवन, स्वास्थ्य और करियर की भी जानकारी मिलगी इस जानकारी की मदद से आप जीवन को सरल बना सकते हैं। तो आईये अब विस्तार से जानते हैं कि सभी 12 राशियों के जातकों के लिये अक्टूबर का यह दूसरा सप्ताह कैसा रहने वाला है और किन राशि वालों को इस सप्ताह अच्छे फल मिलेंगे और किन राशि वालों को मेहनत करनी पड़ेगी। 


इस सप्ताह का हिन्दू पंचांग एवं ज्योतिषीय तथ्य


हिन्दू पंचांग के अनुसार, सप्ताह की शुरुआत शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि से होगी और सप्ताह का अंत शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के साथ होगा। वहीं इस सप्ताह में चंद्र देव मकर राशि से होते हुए कुंभ और मीन राशि में गोचर करेंगे। इसके साथ ही इस सप्ताह सोमवार को शरद नवरात्रि पारणा की जाएगी। मंगलवार अक्टूबर 2019 को दुर्गा विसर्जन और दशहरे का त्योहार मनाया जाएगा। 9 अक्टूबर बुधवार के दिन पापाकुंशा एकादशी मनाएयी जाएगी और सप्ताह के अंत में अश्विन पूर्णिमा व्रत रखा जाएगा। 

शेयर बाज़ार में इस सप्ताह


इस माह के दूसरे सप्ताह के शेयर बाज़ार को देखें तो, सोमवार, 7 अक्टूबर को शेयर बाज़ार में मंदी के संकेत मिलते दिखाई दे रहे हैं। हालाँकि इसके बाद बाज़ार 8 व 9 अक्टूबर को यानी मंगलवार व बुधवार में कुछ उतार-चढ़ाव के साथ आगे की ओर बढ़ता दिखेगा। इसके बाद 10 अक्टूबर को इसमें तेजी दिखाई देगी, जिससे निवेशकों को फायदा मिल सकता है। फिर 11 अक्टूबर को शेयर बाज़ार में तेजी की पूर्ति विदेशी कंपनियों के प्रभाव से अच्छी बनेगी। ऐसे में अगर इस पूरे सप्ताह की बात करें तो इस पूरे ही सप्ताह तकनीकी, ज़मीन-जायदाद, इस्पात, सरकारी ऊर्जा, रसायन, एफ. एम. सी. जी. और सेवा क्षेत्रों में तेजी रहेगी। जबकि बैंकिंग, सीमेंट, फार्मास्युटिकल्स से जुड़े सभी क्षेत्रों उतार-चढ़ाव रहेगा। साथ ही चीनी, मनोरंजन, वाहन व निवेश क्षेत्रों पर भी दबाव रहने की संभावना अधिक है। 


जन्मदिन विशेष 


इस सप्ताह सदी के महानायक कहे जाने वाले बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन का जन्म दिन 11 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इसके साथ ही बॉलीवुड की जानीमानी अदाकारा रेखा का जन्मदिन 10 अक्टूबर को मनाया जाएगा। बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले टीनू आनंद का जन्म भी इस हफ्ते की 12 तारीख को मनाया जाएगा। वहीं दिवंगत अभिनेता अशोक कुमार का जन्म दिन भी इसी हफ्ते 13 तारीख को आएगा। हमारी ओर से इन सब को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। हमारे इस राशिफल की मदद से आप अपने भविष्य के साथ-साथ जान सकते हैं कि इन हस्तियों के लिये यह आने वाला सप्ताह कैसा रहने वाला है। तो आईये अब जानते हैं कैसा रहेगा यह सप्ताह आपके लिये। 

यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष 


इस सप्ताह चन्द्रमा शुरुआत में आपके दशम और फिर एकादश व द्वादश भाव में गोचर करेंगे, जिस चलते इस सप्ताह आपको इन्ही भाव के फलों की प्राप्ति होगी। सप्ताह की शुरुआत में चंद्र का गोचर दशम भाव में होने से कार्य स्थल पर उन्नति होगी क्योंकि कार्य क्षेत्र में आपको तरक्की मिलने की संभावना है।...आगे पढ़ें 

प्रेमफल: 

प्रेम संबंधित मामलों के लिए ये सप्ताह सामान्य ही रहने वाला है क्योंकि चंद्र देव की स्थिति इस ओर इशारा कर रही है कि आप प्रियतम संग इस समय प्रेम भरे पलों का आनंद तो लेंगे लेकिन बीच-बीच में..आगे पढें


वृषभ राशि


इस सप्ताह चन्द्रमा शुरुआत में आपके नवम भाव में फिर दशम और अंत में एकादश भाव में गोचर करेंगे, जिस चलते इस सप्ताह आपको इन्ही भाव के फलों की प्राप्ति होगी। सप्ताह की शुरुआत में चंद्र का गोचर नवम भाव में होने से आपके किसी सुदूर यात्रा पर...आगे पढ़ें 

प्रेम राशिफल 

प्रेम संबंधों के लिए ये सप्ताह थोड़ा तनाव पूर्ण रहने की उम्मीद है। क्योंकि आपके और आपके प्रियतम के बीच किसी कारण वश तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में आपको इस स्थिति का जल्द से जल्द निवारण निकलने की ज़रूरत होगी अन्यथा ...आगे पढ़ें 

मिथुन राशि


इस सप्ताह चन्द्रमा शुरुआत में आपके अष्टम भाव में फिर नवम और अंत में दशम भाव में गोचर करेंगे, जिस चलते इस सप्ताह आपको इन्ही भाव के फलों की प्राप्ति होगी। सप्ताह की शुरुआत में चंद्र का गोचर अष्टम भाव में होने से आपको कुछ हद तक न चाहते हुए भी मानसिक तनाव हो सकता है, जिससे आपको धन की...आगे पढ़ें 

प्रेम राशिफल 

प्रेम सम्बन्धी मामलों के लिए ये सप्ताह आपको कई क्षेत्रों में मिला-जुला परिणाम देने वाला है क्योंकि इस समय प्रियतम के साथ आपके संबंधों में जहाँ समय-समय पर अहम का टकराव देखने को मिलेगा तो वहीं आप दोनों के बीच के अंतरंग संबंधों में ...आगे पढ़ें 

कर्क राशि 


इस सप्ताह चन्द्रमा शुरुआत में आपके सप्तम भाव में फिर अष्टम और अंत में नवम भाव में गोचर करेंगे, जिस चलते इस सप्ताह आपको इन्ही भाव के फलों की प्राप्ति होगी। सप्ताह की शुरुआत में चंद्र का गोचर सप्तम भाव में होने से आपको अपने दांपत्य जीवन में खुशहाली की प्राप्ति होगी, जिससे आपका मन भी प्रसन्न दिखेगा। व्यापारियों को भी इस समय ...आगे पढ़ें 

प्रेमफल: 

प्रेम संबंधित मामलों के लिए ये सप्ताह कर्क राशि वालों के लिए मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। इस समय मन में चल रही अजीबो-गरीब हलचल आपको अन्य कामों में तो व्यस्त रखेगी ही साथ ही आपको अपने प्रियतम से कुछ समय के लिए मुमकिन है कि...आगे पढ़ें 

सिंह राशि


इस सप्ताह चन्द्रमा शुरुआत में आपके षष्ठम भाव में फिर सप्तम और अंत में अष्टम भाव में गोचर करेंगे, जिस चलते इस सप्ताह आपको इन्ही भाव के फलों की प्राप्ति होगी। सप्ताह की शुरुआत में चंद्र का गोचर आपकी राशि के षष्ठम भाव में होने से आपके किसी भी कारणवश...आगे पढ़ें 

प्रेमफल: 

प्रेम संबंधित मामलों के लिए ये सप्ताह कुछ हद तक चुनौती पूर्ण रहने की आशंका दिखा रहा है। क्योंकि इस सप्ताह योग बन रहा है कि आपके प्रियतम का स्वास्थ्य खराब हो जाए, जिससे उनका मन विचलित रहेगा और बीच-बीच में उनका चिढ़-चिढ़ापन उन्हें गुस्सा दिलाता रहेगा जिससे...आगे पढ़ें 

कन्या राशि


इस सप्ताह चन्द्रमा शुरुआत में आपके पंचम भाव में फिर षष्ठम और अंत में सप्तम भाव में गोचर करेंगे, जिस चलते इस सप्ताह आपको इन्ही भाव के फलों की प्राप्ति होगी। सप्ताह की शुरुआत में चंद्र का गोचर आपकी राशि के पंचम भाव में होने से आपके दांपत्य जीवन में परेशानी आ सकती है क्योंकि इससे आपकी संतान...आगे पढ़ें 

प्रेमफल: 

प्रेम संबंधित मामलों के लिए ये सप्ताह पहलेसे काफी ज्यादा अनुकूल रहेगा क्योंकि चंद्र की आपकी राशि में उपस्थिति प्रेमी संग आपके इस पवित्र रिश्ते को और भी मजबूत बनाने का काम करेगी। हालांकि बीच-बीच में सूर्यदेव भी आपकी...आगे पढ़ें 

तुला राशि


इस सप्ताह चन्द्रमा शुरुआत में आपके चतुर्थ भाव में फिर पंचम और अंत में षष्ठम भाव में गोचर करेंगे, जिस चलते इस सप्ताह आपको इन्ही भाव के फलों की प्राप्ति होगी। सप्ताह की शुरुआत में चंद्र का गोचर आपकी राशि के चतुर्थ भाव में होने से आपके पारिवारिक जीवन में खुशहाली का वातावरण देखने...आगे पढ़ें 

प्रेमफल: 

प्रेम संबंधित की अगर बात की जाए तो ये सप्ताह इन मामलों के लिए अधिक अनुकूल नहीं देखा जाएगा क्योंकि आपकी कुंडली के विभिन्न भावों में कई पाप ग्रहों की दृष्टि आपके प्रेम संबंधों में तकरार की स्थिति उत्पन्न करती रहेगी, जिससे आपका ये रिश्ता...आगे पढ़ें 

वृश्चिक राशि


इस सप्ताह चन्द्रमा शुरुआत में आपके तृतीय भाव में फिर चतुर्थ और अंत में पंचम भाव में गोचर करेंगे, जिस चलते इस सप्ताह आपको इन्ही भाव के फलों की प्राप्ति होगी। सप्ताह की शुरुआत में चंद्र का गोचर आपकी राशि के तृतीय भाव में होने से आपको...आगे पढ़ें 

प्रेमफल: 

प्रेम संबंधित मामलों के लिए ये सप्ताह वृश्चिक राशि वालों के लिए थोड़े मिश्रित परिणाम ही लेकर आया है। क्योंकि इस समय आपके मन में पूर्व से चली आ रही कोई हलचल आपको अन्य कामों से तो भ्रमित करेगी ही साथ ही आपको अपने प्रियतम से कुछ समय के लिए दूर भी कर सकती है। इस समय आपको प्रेमी से...आगे पढ़ें 

धनु राशि


इस सप्ताह चन्द्रमा शुरुआत में आपके द्वितीय भाव में फिर तृतीय और अंत में चतुर्थ भाव में गोचर करेंगे, जिस चलते इस सप्ताह आपको इन्ही भाव के फलों की प्राप्ति होगी। सप्ताह की शुरुआत में चंद्र का गोचर आपकी राशि के द्वितीय भाव में होने से आपके लिए इस समय...आगे पढ़ें

प्रेमफल: 

प्रेम संबंधित मामलों के लिए समय अच्छा रहेगा क्योंकि आपको इस समय आपका प्यार एक अलग ही परवान चढ़ता नज़र आएगा जिससे आप प्रियतम पर अपने प्यार की बारिश करेंगे और इस बीच संभव है कि आप दोनों में अंतरंग संबंधों की बढ़ोतरी भी हो, लेकिन आपका ...आगे पढ़ें

मकर राशि


इस सप्ताह चन्द्रमा शुरुआत में आपके प्रथम यानी लग्न भाव में फिर द्वितीय और अंत में तृतीय भाव में गोचर करेंगे, जिस चलते इस सप्ताह आपको इन्ही भाव के फलों की प्राप्ति होगी। सप्ताह की शुरुआत में चंद्र आपकी राशि के लग्न यानी प्रथम भाव में विराजमान होंगे, जिसके चलते आपका मन खिला-खिला रहेगा और आप खुद...आगे पढ़ें 

प्रेमफल: 

प्रेम संबंधित मामलों के लिए ये सप्ताह सामान्य से कुछ कम अनुकूल रहेगा क्योंकि आशंका है कि इस समय आपका प्यार आपके प्रेमी के लिए बरकरार तो नज़र आएगा लेकिन बावजूद इसके किसी कारण वश आप उनपर क्रोधित हो सकते हैं। जिससे उनके न चाहते...आगे पढ़ें 

कुम्भ राशि


इस सप्ताह चन्द्रमा शुरुआत में आपके द्वादश भाव में फिरप्रथम यानी लग्न भाव में और अंत में द्वितीय भाव में गोचर करेंगे, जिस चलते इस सप्ताह आपको इन्ही भाव के फलों की प्राप्ति होगी। सप्ताह की शुरुआत में चंद्र आपकी राशि के द्वादश भाव में विराजमान होंगे, जिसके...आगे पढ़ें 

प्रेमफल:

प्रेम संबंधों के लिए ये सप्ताह अच्छा ही रहेगा और आप अपने प्रियतम संग अपने इस रिश्ते को एक नए मुकाम पर ले जाने के प्रयास करते दिखाई देंगे। जिसके लिए संभावना है कि आप अपने प्रेमी को अपने परिवार से मिलवाए। इससे आप दोनों को ...आगे पढ़ें 

मीन राशि


इस सप्ताह चन्द्रमा शुरुआत में आपके एकादश भाव में और फिर द्वादश भाव में होते हुए आपकी राशि के प्रथम यानी लग्न भाव में गोचर करेंगे, जिस चलते इस सप्ताह आपको इन्ही भाव के फलों की प्राप्ति होगी। सप्ताह की शुरुआत में चंद्र का गोचर आपकी राशि के एकादश भाव में होगा जिसके चलते आपको इस समय ...आगे पढ़ें 

प्रेमफल: 

प्रेम संबंधित मामलों के लिए ये सप्ताह अनुकूल नहीं दिखाई दे रहा है, क्योंकि सूर्य की दृष्टि और उसके साथ-साथ मित्र ग्रह चंद्र की युति आपके प्रेम संबंधों में अलगाव का सबसे बड़ा कारण बनेगी जिससे आप दोनों के बीच किसी तरह की कोई ग़लतफ़हमी विवाद का रुख ले सकती है। इसलिए इस दौरान विशेष तौर पर...आगे पढ़ें 

रत्न, यंत्र समेत समस्त ज्योतिषीय समाधान के लिए विजिट करें: एस्ट्रोसेज ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर
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मच गई धूम @बिग एस्ट्रो फेस्टिवल

चल रहा है 80% तक की छूट के साथ ‘बिग एस्ट्रो फेस्टिवल’। जहाँ एस्ट्रोसेज की हर सर्विस पर मिल रहे हैं आकर्षक ऑफर।
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शुक्र का तुला राशि में गोचर आज, जानें प्रभाव

शुक्र का स्वराशि में प्रवेश, इन राशियों के लिए है लाभकारी। पढ़ें तुला राशि में शुक्र के गोचर का प्रभाव।



शुक्र ग्रह सौंदर्य, कला, ऐश्वर्य और कामुक भावनाओं का कारक है। ज्योतिष विज्ञान ये कहता है कि जिस व्यक्ति की जन्म कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत अवस्था में होता है तो वह व्यक्ति सुंदर, आकर्षक, कामुक और किसी न किसी कला से निपुण होता है। वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को वृषभ और तुला राशि का अधिपति माना जाता है। मीन राशि में शुक्र उच्च का होता है, जबकि कन्या राशि में यह नीच का होता है। 

ग्रहों के साथ यदि शुक्र के संबंधों को देखा जाए तो यह बुध, शनि और राहु-केतु इसके मित्र हैं। वहीं गुरु बृहस्पति शुक्र का शत्रु ग्रह है। शुक्र अपने मित्र ग्रहों के साथ जब युति करता है तो यह बली अवस्था में होता है जबकि शत्रु बृहस्पति के साथ कमजोर हो जाता है। इसी प्रकार कोई भी ग्रह अपनी उच्च राशि में बली होता और नीच राशि में पीड़ित होता है।

शुक्र ग्रह के पीड़ित होने से जातकों के जीवन पर इसके नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। अगर कुंडली में शुक्र ग्रह पीड़ित है तो व्यक्ति को विवाह से संबंधित परेशानियाँ उठानी पड़ सकती हैं। इसके अलावा व्यक्ति के जीवन में ऐश्वर्य की कमी और शारीरिक व मानसिक कष्टों को सहना पड़ता है। अतः इससे बचने के लिए जातकों को शुक्र ग्रह की शांति के उपाय करने चाहिए। 

शुक्र ग्रह के गोचर की अवधि एक माह से कम लगभग 30 दिनों की होती है। क्योंकि शुक्र का गोचर अपनी स्वराशि (तुला) में हो रहा है। यहाँ ध्यान देने वाली बात ये है कि कोई भी ग्रह अपनी स्वराशि में शक्तिशाली होता है।

गोचर की समयावधि


शुक्र ग्रह 4 अक्टूबर 2019, शुक्रवार को प्रातः 04:56 बजे कन्या राशि से निकल कर तुला राशि में गोचर करेगा और 28 अक्टूबर 2019, सोमवार को प्रातः 08:12 बजे तक इसी राशि में स्थित रहेगा। शुक्र के तुला राशि में होने वाले इस गोचर का असर सभी बारह राशियों पर देखने को मिलेगा।

गोचर का देश-दुनिया पर प्रभाव


शुक्र के तुला राशि में गोचर से देश-दुनिया में कला क्षेत्र से जुड़े लोगों को तरक्की होगी। फिल्म निर्माण से लेकर फिल्म ड्रिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेज़ी देखने को मिल सकती है। इस समय कला क्षेत्र के जुड़े लोग बेबाकी से किसी सामाजिक मुद्दे पर अपनी राय रख सकते हैं। सौंदर्य प्रसाधन की मांग में वृद्धि होगी। एफएमसीजी कंपनियो में ब्यूटी प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनियों को फायदा होगा। शेयर बाज़ार में उनके शेयरों में भी वृद्धि होने की संभावना है।


आइए अब राशि के अनुसार जानते हैं शुक्र इस गोचर का प्रभाव…..

मेष राशि


इस गोचर के दौरान शुक्र आपकी राशि से सातवें भाव में स्थापित होंगें। शुक्र के इस गोचर का विशेष प्रभाव आपको कार्यक्षेत्र पर देखने को मिल सकता है। इस दौरान कार्यस्थल पर आपके ओहदे में वृद्धि होगी और आप अपने सहकर्मियों के बीच एक हीरो के रूप में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो पाएंगे।…..आगे पढ़ें

वृषभ राशि


इस गोचरीय अवधि के दौरान शुक्र आपकी राशि से छठे भाव में स्थित होंगें। इस गोचर के दौरान आपको विशेष रूप से अपनी सेहत का ख़ास ख्याल रखने की आवश्यकता पड़ सकती है। आपके लिए बेहतर होगा कि इस दौरान आप अपनी सेहत का खासतौर से ध्यान रखें और खान पान की आदतों में सुधार ज़रूर करें। …..आगे पढ़ें

मिथुन राशि


इस गोचर के दौरान शुक्र आपकी राशि से पांचवें भाव में स्थापित होंगें। आपके लिए शुक्र के गोचर की ये अवधि विशेष रूप से सकारात्मक प्रभाव देने वाला साबित हो सकती है। निजी स्तर पर इस दौरान आप अपने विरोधियों को पराजित करने में सफल होंगें। आर्थिक स्तर पर देखा जाए तो, इस गोचरकाल के दौरान आप अपने पुराने कर्जों को चुकाने में सफल रहेंगे। …..आगे पढ़ें

कर्क राशि


शुक्र के इस गोचर के दौरान ये आपकी राशि से चौथे भाव में विराजमान होंगें। शुक्र के इस गोचर काल में आपको जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। सबसे पहले यदि बात करें पारिवारिक जीवन की तो, इस दौरान परिवार में ख़ुशियों का माहौल रहेगा। परिवार के सदस्यों के साथ काफी समय के बाद आप कुछ पल सुकून के बिता पाएंगे। …..आगे पढ़ें

सिंह राशि


इस गोचर के दौरान शुक्र आपकी राशि से तीसरे भाव में स्थापित होंगें। आपके लिए गोचर की ये अवधि खासतौर से, आपकी साहस, इच्छाशक्ति और काम करने की क्षमता को और भी अधिक प्रबल बना सकती है। इस गोचरकाल में आप अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने में सफल रहेंगे और किसी को अपने ऊपर हावी नहीं होने देंगे। …..आगे पढ़ें

कन्या राशि


इस गोचरीय अवधि के दौरान शुक्र आपकी राशि से दूसरे भाव में विराजमान होंगें। शुक्र के इस गोचरकाल के दौरान आपको आर्थिक रूप से विशेष लाभ की प्राप्ति हो सकती है। इस दौरान आपको किसी विदेशी स्रोत से लाभ मिलने की पूरी संभावना है। …..आगे पढ़ें

तुला राशि


चूँकि शुक्र का गोचर आपकी ही राशि में हो रहा है, लिहाजा ये आपकी राशि से प्रथम भाव या लग्न भाव में स्थित होंगें। स्वास्थ्य के लिहाज से देखा जाए तो आपके लिए ये गोचर विशेष फलदायी साबित हो सकता है। इस दौरान अपनी सेहत पर ख़ासा ध्यान दें और किसी भी चीज की अति ना करें क्योंकि हर चीज की अति हमेशा नुक़सानदेह ही साबित होती है। …..आगे पढ़ें

वृश्चिक राशि


इस गोचर के दौरान शुक्र आपकी राशि से बारहवें भाव में विराजमान होंगें। गोचर की इस अवधि के दौरान आपको किसी विदेशी स्रोत से फायदा मिल सकता है। इसके साथ ही साथ इस दौरान आप अपने पसंदीदा जगह पर घूमने भी जा सकते हैं। …..आगे पढ़ें

धनु राशि


इस गोचरीय अवधि में शुक्र आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में स्थापित होंगें। शुक्र का ये गोचर आपके लिए आर्थिक रूप से खासतौर से लाभदायक साबित होगा। इस दौरान जीवन में सुख समृद्धि आएगी और आप विभिन्न भौतिक सुखों का भरपूर लाभ उठा पाएंगे। …..आगे पढ़ें

मकर राशि


इस गोचरीय अवधि में शुक्र आपकी राशि से दसवें भाव में स्थापित होंगें। गोचर की ये अवधि आपके लिए खासतौर से कार्यक्षेत्र में बाधा उत्पन्न कर सकती है। इस दौरान आप काम तो पूरी मेहनत के साथ करेंगे लेकिन उसमें आपको कुछ ख़ास लाभ नहीं मिलेगा। …..आगे पढ़ें

कुंभ राशि


शुक्र के तुला राशि में गोचर के दौरान ये आपकी राशि से नवम भाव में स्थित होंगें। शुक्र के इस गोचर के दौरान आपको जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से लाभ मिलने की पूरी संभावना है। इस दौरान आप परिवार या मित्रों के साथ किसी लंबी दूरी की यात्रा पर जा सकते हैं।…..आगे पढ़ें

मीन राशि


इस गोचर के दौरान शुक्र आपकी राशि से आठवें भाव में विराजमान होंगें। मीन राशि के जातकों को इस गोचर के दौरान अपनी यौन इच्छाओं पर काबू रखने की आवश्यकता होगी। हालाँकि गोचर की इस अवधि में आपको विशेष रूप से भौतिक सुखों की प्राप्ति हो सकती है। …..आगे पढ़ें
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अक्टूबर 2019 मासिक राशिफल

नवरात्रि के तीसरे व्रत के साथ हुआ अक्टूबर के महीने का शुभारंभ! पढ़ें अक्टूबर का मासिक राशिफल और जानें कैसा रहने वाला है आपकी राशि के लिए ये पूरा माह।


एस्ट्रोसेज अपने पाठकों को ज्योतिषीय गणनाओं की मदद से महत्वपूर्ण जानकारियाँ देता है। अक्टूबर 2019 के इस महीने को लेकर भी हम सारी राशियों के जातकों को ज़रूरी बातें बताएँगे। तो अगर आप सटीक जानकारियाँ प्राप्त करके अपने भविष्य को सुनहरा बनाना चाहते हैं तो हमारे इस विस्तृत राशिफल को अवश्य पढ़ें। हमारे इस राशिफल में जीवन के हर पक्ष के बारे में आपको जानकारी दी जाएगी। हम आपको बताएँगे कि आपका पारिवारिक जीवन कैसा रहेगा, करियर में आपको किस तरह की सावधानियां बरतनी हैं और अपने प्रेम जीवन को कैसे आगे बढ़ाना है। इस महीने के विस्तृत राशिफल को पढ़ने से पहले जानें इस माह की कुछ महत्वपूर्ण जानकारियाँ। 


नवरात्रि के तीसरे व्रत के साथ हुआ नए माह का शुभारंभ 


अक्टूबर महीने की शुरुआत शरद नवरात्रि 2019 के तीसरे व्रत के साथ हो रही है। यानी आज मंगलवार, 1अक्टूबर को नवरात्र का तीसरा व्रत रखा जाएगा। नवरात्रि के तीसरे दिन देवी दुर्गा के चंद्रघण्टा स्वरूप की पूजा करने का विधान है। जिसको लेकर माना जाता है कि जो भी जातक इस दिन मां चंद्रघण्टा की विधि-विधान अनुसार पूजा करता है उस जातक को मां की कृपा से जीवन में भरपूर साहस और वीरता की प्राप्ति होती है। साथ ही मां के आशीर्वाद से उसके जीवन के समस्त कष्ट और रोग दूर भी हो जाते हैं। यहाँ क्लिक कर पढ़ें मॉं चंद्रघटा की संपूर्ण पूजा विधि !

इस माह होने वाले गोचर 


अक्टूबर के महीने को हिन्दू पंचांग में अश्विन माह कहा जाता है। इस माह 4 अक्टूबर को शुक्र का तुला में, 18 अक्टूबर को सूर्य का तुला राशि में, 23 अक्टूबर को बुध का वृश्चिक में और 28 अक्टूबर को शुक्र का वृश्चिक राशि में गोचर होना है। इन चारों ग्रहों के गोचर से कई परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। इन परिवर्तनों की वजह से आपके जीवन पर भी प्रभाव पड़ सकता है और देश में भी कुछ परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। तो आइये जानते हैं इन सूर्य, शुक्र, और बुध के गोचर से देश में क्या बदलाव आ सकते हैं। 

शुक्र का तुला राशि में गोचर 


शुक्र ग्रह सौंदर्य, कला और आकर्षण का प्रतीक ग्रह माना जाता है। चूंकि शुक्र ग्रह का गोचर इस महीने तुला राशि में हो रहा है इसलिये इसे एक अच्छा संयोग माना जा रहा है। इस गोचर से कला के क्षेत्र से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है। देश में रचनात्मक कार्यों को बढ़ावा देने के प्रयास इस दौरान किये जा सकते हैं।

सूर्य का तुला राशि में गोचर


सूर्य ग्रह को नेतृत्व, सरकारी सेवाओं, आत्मा और पिता का कारक ग्रह माना जाता है। 18 अक्टूबर को सूर्य का गोचर तुला राशि में हो रहा है। इस दौरान भारतीय राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल सकता है। विपक्ष के हाथ में इस समय कोई मुद्दा लग सकता है और सरकार द्वार इस मुद्दे पर माकूल जवाब दिया जा सकता है। इसके साथ ही सरकारी सेवाओं में कार्यरत लोगों को भी इस समय अच्छे फल मिलने की पूरी उम्मीद है। 

बुध का वृश्चिक राशि मेें गोचर 


बुध ग्रह को तटस्थ ग्रह माना जाता है। यह जिस भी ग्रह के साथ होता है उसके अनुसार फल देता है। इस माह 23 अक्टूबर को बुध का गोचर वृश्चिक राशि में होगा, वृश्चिक राशि का स्वामी ग्रह मंगल है। इस गोचर के चलते बच्चों के विकास के लिये सरकार के द्वारा कोई नई नीति लागू की जा सकती है। वहीं देश के जन्म दर में भी वृद्धि हो सकती हैै। शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी ज्ञान पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। 

प्रदोष व्रत 2019 की तिथि व व्रत विधि: यहाँ क्लिक कर पढ़ें

शुक्र का वृश्चिक राशि में गोचर 


शुक्र का गोचर मंगल की राशि में यानि वृश्चिक राशि में हो रहा है इससे देश की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। शिक्षा के क्षत्रों में कुछ बदलाव देखने को इस दौरान मिल सकते हैं। देश का कर्ज भी इस समय कम हो सकता है। कई लोगों की इनकम में इस दौरान वृद्धि देखने को मिलेगी। कुल मिलाकर देखा जाए तो शुक्र का वृश्चिक राशि में गोचर बहुत अच्छा रहने वाला है।


आइये अब विस्तार से पढ़ते हैं अक्टूबर माह का मासिक राशिफल और जानते हैं सभी 12 राशियों के लिये कैसा रहेगा यह माह

यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष


इस माह में अति उत्साहित होकर किसी भी कार्य को करने में सक्षम होंगेI जिस किसी कार्य को करेंगे उस कार्य में आपको सफलता प्राप्त होने की संभावना हैI आप विपरीत परिस्थितियों में भी आप अपने आपको बेहतर महसूस कर सकते हैंI ऐसा हो......विस्तार से पढ़ें

वृषभ


आत्मविश्वास में कुछ कमी के कारण कार्य व्यवसाय या अन्य तरह के कार्यों में समस्या उत्पन्न हो सकती हैं जिससे समय रहते शुभ या कोई भी कार्य संपन्न नहीं हो पाते हैंI किसी भी कार्य को आत्मविश्वास के साथ करने से अच्छी सफलता प्राप्त हो सकती हैI इस माह में मानसिक अशांति तथा तनावपूर्ण स्थितियों का सामना करना पड़ सकता हैं, जिससे...विस्तार से पढ़ें

मिथुन


आप बुद्धिमान तथा समझदार व्यक्ति होते हैंI जो किसी भी कार्य को सूझ-बूझ के साथ ही करना पसंद करते हैंI इसी कारण इस माह भी आपको अच्छी कामयाबी प्राप्त होने की संभावना हैI किसी भी कार्य को करने से पहले उसकी...विस्तार से पढ़ें

कर्क 


आप अनावश्यक सोच के कारण तनाव में आ जाते हैंI जिसके कारण आपकी मानसिक अशांति बढ़ जाती है और कार्य करने की क्षमता कम होती चली जाती हैI पूर्व में डिप्रेशन में रहने के कारण आप किसी भी तरह की समस्याओं में उलझ कर रह जाते हैंI जिससे आपका...विस्तार से पढ़ें

सिंह 


आप महत्वाकांक्षी व्यक्ति होते हैंI प्रशासनिक क्षेत्र में आपकी पकड़ मजबूत होती हैंI आप जिस किसी कार्य को करते हैं पूर्ण ज़िम्मेदारी के साथ करते हैंI जिससे कामकाज के क्षेत्रों में अच्छी सफलता प्राप्त होने की संभावना बन पाती हैI इसलिए इस...विस्तार से पढ़ें

कन्या


आप अपने कार्य के प्रति जिम्मेदार रहने वाले व्यक्ति होते हैंI जो किसी कार्य को करने से पहले उसकी पूरी जांच पड़ताल करने के उपरांत ही उसे करने का प्रयत्न करते हैंI जिससे आपकी कार्यप्रणाली बेहतर होती है और इससे आपका वक्तव्य भी अच्छा रह पाता है। आप जिस किसी क्षेत्र में होते हैं उस क्षेत्र में बहुत अच्छी स्थिति...विस्तार से पढ़ें

तुला


आप एक बुद्धिजीवी व्यक्ति होते हैंI सबके साथ आपसी तालमेल मिलाकर चलने वाले होते हैंI अपना बैलेंस बनाकर आगे के कार्यों को बढ़ाने का प्रयत्न करते हैंI घर परिवार में सभी के साथ मिलकर किसी भी कार्य को करने वाले होते हैंI जिससे आपके कामकाज..विस्तार से पढ़ें

वृश्चिक 


आप साहसी तथा पराक्रमी व्यक्ति होते हैं जो किसी भी कार्य को उत्साह पूर्वक तब तक करते दिखाई देते हैं जब तक कि आपका कार्य पूरा न हो जाएI इसी गन के चलते और इस माह अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए आप अपने प्रयास जारी रखेंगे। आप जिद्दी स्वभाव के व्यक्ति होते हैं, जो जल्द ही उग्र स्वभाव में आ जाते हैं जिसके कारण...विस्तार से पढ़ें

धनु


आप दूसरों पर भरोसा कम करने वाले होते हैंI सदा कनफ्यूजन में रहने के कारण आपके कामकाज के क्षेत्रों पर बुरा असर पड़ता है तथा समय पर किसी भी कार्य की संपन्नता न होने से आपकी परेशानियां बढ़ती हैंI इसलिए आप इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस माह अपने आप पर और अपने सहकर्मियों पर भी भरोसा करने का प्रयत्न करेंI जिससे कामकाज...विस्तार से पढ़ें

मकर 


आप अपने कार्य के प्रति सचेत रहने वाले व्यक्ति होते हैंI इसलिए आपको अच्छी कामयाबी प्राप्त होने की संभावना हैI परंतु इस माह में भागदौड़ तथा तनावपूर्ण स्थितियों का सामना ज्यादा करना पड़ेगाI इसलिए आपको सूझ-बूझ के साथ किसी भी कार्य को करना चाहिएI घबराहट में या जल्दबाजी में किसी भी कार्य...विस्तार से पढ़ें

कुंभ


आप गंभीर प्रवृत्ति के व्यक्ति होते हैंI आपकी सोचने और समझने के साथ-साथ निर्णय लेने की क्षमता अच्छी होती हैI आप किसी भी कार्य को स्थिरता और गंभीरता पूर्वक करने का प्रयत्न करते हैंI इसलिए आपका कार्य सफल होने की संभावना अधिक रहती हैI जिस किसी कार्य को सोच समझकर नहीं करते उस कार्य में नुकसान...विस्तार से पढ़ें

मीन


आप विचलित रहने वाले व्यक्ति होते हैंI स्थिर होकर किसी भी कार्य को करना उचित या पूर्ण विश्वास के साथ किसी कार्य को करने में आप असहज महसूस करते हैंI आप स्वयं के निर्णय से किसी भी कार्य को करने में संतुष्टि महसूस करते हैंI जिससे आपके कामकाज..विस्तार से पढ़ें
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