साप्ताहिक राशिफल (21 से 27 अक्टूबर, 2019)

जानें इस सप्ताह क्या कहते हैं आपके सितारे। अपने भविष्य को सुधारने के लिये पढ़ें हमारा यह साप्ताहिक राशिफल। जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में इस महीने आपको कैसे फल मिलने वाले हैं और किन बातों को लेकर आपको सावधान रहने की जरुरत हैं इसके बारे में भी आपको हमारे राशिफल में बताया जायेगा।


एस्ट्रोसेज के सभी पाठकों को नमस्कार! आज हम आपके लिये लेकर आये हैं 21 से 27 अक्टूबर का साप्ताहिक राशिफल हमारे इस राशिफल में कई महत्वपूर्ण बातें आपको मिलेंगी। हमारे ज्योतिषियों द्वारा हर राशि के लिये कोई न कोई उपाय इस हफ्ते के लिये बताया गया है जिसको करने से आप जीवन में कई परेशानियों से बच सकते हैं। जैसा कि सभी जानते हैं धन जीवन की बहुत बड़ी जरुरत है इसलिये ग्रह नक्षत्रों की चाल को देखते हुए हमारे इस राशिफल में यह भी बताया जायेगा कि आपको आर्थिक पक्ष को सुधारने के लिये क्या करना चाहिये। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों के लिये भी हमारा यह राशिफल काफी उपयोगी साबित हो सकता है क्योंकि उनको अपने करियर क्षेत्र में किन बातों का ध्यान रखना चाहिये और किस तरह अपने करियर को और अच्छा बनाना चाहिये इसके बारे में भी आपको हमारे राशिफल में मिलेगा। तो यदि आप इस हफ्ते को और भी उम्दा बनाना चाहते हैं तो आपको हमारा यह ब्लॉग अवश्य पढ़ना चाहिये। 

इस सप्ताह का हिन्दू पंचांग एवं ज्योतिषीय तथ्य


हिन्दू पंचांग के अनुसार अक्टूबर के इस सप्ताह की शुरुआत कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि से होगी और सप्ताह का अंत कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के साथ होगा। वहीं इस सप्ताह में चंद्र देव कर्क राशि से सिंह, कन्या और तुला राशि में गोचर करेंगे। इसके अलावा इस सप्ताह 24 तारीख को रमा एकादशी, 25 को धनतेरस और प्रदोष व्रत और 26 तारीख को मासिक शिवरात्रि जैसे शुभ दिन हैं। 

सप्ताह में कौन से ग्रह बदलेंगे चाल 


चंद्र ग्रह का गोचर इस सप्ताह कर्क राशि से सिंह, कन्या और तुला राशि में होगा। इसके साथ ही बुद्धि का कारक ग्रह बुध इस सप्ताह अपनी चाल बदलेगा और वृश्चिक राशि में गोचर करेगा। बुध ग्रह को नवग्रहों में युवराज की उपाधि प्राप्त है और यह आपकी बुद्धि के साथ-साथ आपकी वाणी और त्वचा के कारक भी हैं। अर्थात इनके गोचर के कारण कम्यूनिकेशन के क्षेत्र से जुड़े लोगों को फायदा और नुकसान हो सकता है। 

प्रदोष व्रत 2019 की तिथि व व्रत विधि: यहाँ क्लिक कर पढ़ें

शेयर बाज़ार में इस सप्ताह


इस माह के चौथे सप्ताह के शेयर बाज़ार को देखें तो, सोमवार, 21 अक्टूबर को शेयर बाज़ार पर दबाव रहने के संकेत मिलते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद 22 व 23 अक्टूबर को यानी मंगलवार व बुधवार को भी बाज़ार में दबाव बना रहेगा। फिर धीरे-धीरे गुरूवार, 24 अक्टूबर को बाज़ार में मंदी के संकेत बनते नज़र आएँगे। ऐसे में अगर इस पूरे सप्ताह की बात करें तो इस पूरे ही सप्ताह चीनी, मनोरंजन, वाहन, बैंकिंग व निवेश क्षेत्रों में मंदी रहेगी। जबकि तकनीकी, ज़मीन-जायदाद, सीमेंट, रसायन, फार्मास्युटिकल्स, सरकारी, ऊर्जा, एफ. एम. सी. जी., आदि क्षेत्रों में स्थिति ठीक-ठाक रह सकती है। 


जन्मदिन विशेष 


अक्टूबर के इस सप्ताह में बॉलीवुड के जाने-माने कलाकार शम्मी कपूर का जन्मदिन 21 अक्टूबर को मनाया जायेगा। इसके साथ ही अपनी डायलॉग डिलवरी और हांस्य चरित्रों से लोगों को हंसाने वाले दिग्गज कलाकार कादर खान का जन्मदिन भी 22 अक्टूबर को मनाया जाएगा। यह दोनों ही कलाकार भले ही हमारे बीच न हों लेकिन इनकी आदाकारी के लोग आज भी दिवाने हैं। इसके अलावा मालाइका अरोरा का जन्मदिन 23 अक्टूबर और रविना टंडन का जन्मदिन 26 अक्टूबर को मनाया जायेगा। तो आइये अब बात करते हैं इस सप्ताह कैसा रहेगा सभी 12 राशियों का भविष्य। 

यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष 


सप्ताह की शुरुआत में चंद्र देव का गोचर आपके चतुर्थ भाव में होगा, जिसके कारण आप अपनी माता के प्रति स्नेह महसूस करेंगे और उनकी ओर से भी आपको प्रेम और स्नेह की प्राप्ति होगी। इस दौरान आप अपने घरेलू जीवन में आनंद लेंगे और घरेलू कामकाज ...आगे पढ़ें

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प्रेम राशिफल

यदि इस सप्ताह के दौरान प्रेम संबंध के बारे में बात की जाए, तो पंचम भाव का स्वामी सूर्य आपके सातवें भाव में नीच राशि में विराजमान है, जिसकी वजह से प्रेम जीवन में अपनापन तो बरकरार रहेगा, लेकिन आपका प्रियतम किसी बात पर आप से तकरार करने..आगे पढ़ें

वृषभ


आपके लिए इस सप्ताह चंद्र देव का गोचर तीसरे भाव में होगा, जिसके परिणाम स्वरूप आप भाई-बहनों के साथ समय बिताएंगे और उनका ध्यान रखेंगे। छोटी मनोरंजक और आनंददायक यात्राएं होंगी, जिनसे आपको धन लाभ भी होगा। इसके बाद चंद्र देव आप ...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

प्रेम संबंधों के मामले में यह सप्ताह हल्की-फुल्की बातों के साथ अनुकूल ही बीतेगा। पंचम भाव में मंगल की स्थिति आपके प्रियतम को थोड़ा गुस्सैल बनाएगी, जिसकी वजह से वह छोटी-छोटी बातों पर जल्दी गुस्सा होंगे, लेकिन आप अपने प्यार से उन्हें मना भी...आगे पढ़ें

मिथुन


इस हफ्ते की शुरुआत में चंद्र देव आपके दूसरे भाव में गोचर करेंगे, जिससे आपको चारों ओर से अच्छे समाचारों की प्राप्ति होगी। परिवार में सुख शांति आएगी और आपसी सद्भाव में वृद्धि होगी, जिसकी वजह से आपका मन परिवार में खूब लगेगा और आप खुश रहेंगे। मानसिक तनाव से मुक्ति भी मिलेगी। इसके बाद चंद्रमा...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

प्रेम संबंधों के लिए सप्ताह पर दृष्टि डालें, तो पंचम भाव में शुक्र आपकी राशि में खूब प्रेम बरसाएगा और आपके रिश्ते में रोमांस भरे पल आएँगे। जैसे ही चंद्रमा इस भाव में आएगा आप प्यार के सागर में गहराई तक डूब जाएंगे तथा आप और आपका प्रियतम ...आगे पढ़ें

कर्क


आपकी राशि के स्वामी चंद्र देव सप्ताह की शुरुआत में आपकी ही राशि में मौजूद रहेंगे, जिसकी वजह से आप काफी मज़बूती से हर काम कर पाएंगे और आपका मन भी प्रसन्न रहेगा। आप अपने निकटतम लोगों के प्रति भावुक रहेंगे और उनकी परवाह करेंगे। इससे आपका दांपत्य जीवन भी बेहतरीन समय से गुजरेगा। आपके दांपत्य जीवन में खुशी...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

इस सप्ताह के दौरान प्रेम संबंधों में अच्छे परिणामों की प्राप्ति होगी, क्योंकि बुध और गुरु पंचम भाव में विराजमान होने से आपके प्यार में पवित्रता आएगी और एक दूसरे को सोचने और समझने की गहराई से परख होगी। इससे आपका रिश्ता और भी मजबूत होगा तथा...आगे पढ़ें

सिंह 


आपकी राशि के लिए चंद्र देव बारहवें भाव में सप्ताह की शुरुआत में मौजूद रहेंगे, जिससे आपको मानसिक तनाव हो सकता है और ख़र्चों में बढ़ोतरी का सामना भी करना पड़ेगा। सुदूर यात्रा के योग भी बन सकते हैं और अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक होगा। बदलते मौसम के कारण सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार जैसी समस्याएं...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

प्रेम संबंधित मामलों के लिए यह सप्ताह बहुत ही सोच समझ कर चलने वाला है, क्योंकि पंचम भाव में केतु और शनि की उपस्थिति पूरी तरह से आपके प्रेम जीवन को नष्ट करने के लिए आतुर है। ऐसे में छोटी से छोटी बात भी आपके रिश्ते में तनाव और टकराव बढ़ा...आगे पढ़ें

कन्या 


सप्ताह की शुरुआत आपके लिए बेहतरीन अवसर लेकर आएगी क्योंकि चंद्र देव सबसे पहले आपके ग्यारहवें भाव में विराजमान रहेंगे, जिससे आपकी लंबे समय से अटकी हुई परियोजनाएं पूरी होंगी और धन लाभ होगा। साथ ही साथ आपका अपने वरिष्ठ अधिकारियों से मेलजोल बढ़ेगा और उनके कारण कार्य क्षेत्र में भी तरक्की मिलेगी। इसके बाद चंद्र देव...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

प्रेम संबंधित मामलों के लिए यह सप्ताह सामान्य रहने की ओर इंगित कर रहा है। पंचम भाव पर किसी भी ग्रह का प्रतिकूल प्रभाव ना होने के कारण आप अपने प्रेम जीवन में अच्छा...आगे पढ़ें

तुला


तुला राशि के जातकों के लिए सप्ताह की शुरुआत में चंद्र देव आपके दशम भाव में विराजमान होंगे जिसकी वजह से कार्य क्षेत्र पर आप आगे बढ़कर कार्य करेंगे और आपको सराहना भी प्राप्त होगी आप के वरिष्ठ अधिकारी भी आपसे प्रसन्न दिखेंगे जिसका फल आपको अवश्य प्राप्त होगा इसी समय में पारिवारिक जीवन...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

यह सप्ताह प्रेमी युगल के लिए मिश्रित परिणाम लेकर आएगा। सप्ताह के शुरुआती दिन प्रेम जीवन के लिए अनुकूल रहेंगे और एक दूसरे के साथ आपको समय बिताने का भी मौका मिलेगा लेकिन बाद के दिनों में आपसी तनाव की वजह से आप कुछ समय के ...आगे पढ़ें

वृश्चिक 


सप्ताह की शुरुआत में जैसे ही चंद्र देव नवम भाव में जाएंगे आपका मन प्रसन्नता से खिल उठेगा और आपको लंबी दूरी की यात्रा पर जाने का मौका मिलेगा। इससे जहां एक ओर आपको कोई शारीरिक तंदुरुस्ती का एहसास होगा वहीं दूसरी ओर कार्यों में सफलता मिलने से आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी। चंद्रमा का गोचर दशम भाव में होने से...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

प्रेम संबंधों की बात की जाए तो मंगल की पंचम भाव पर पड़ रही दृष्टि के कारण प्रेम संबंधों में कहासुनी होने की संभावना रहेगी जिसकी वजह से बार-बार आपको अपने प्रियतम के गुस्से का सामना करना पड़ेगा, लेकिन दूसरी...आगे पढ़ें

धनु 


धनु राशि के जातकों के लिए सप्ताह का पहला दिन दांपत्य जीवन में कुछ तनाव लेकर आ सकता है लेकिन उसके बाद की स्थिति आपके पक्ष में होंगी और ससुराल पक्ष के लोगों से मिलने जुलने का मौका मिलेगा जिससे पुराने गिले-शिकवे दूर होंगे। हालांकि दूसरी ओर आपका मन किसी अनजाने भय से परेशान रहेगा। इसके बाद चंद्र देव का गोचर...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

साप्ताहिक राशिफल के अनुसार यह हफ्ता प्रेम संबंध के मामले में मिलाजुला परिणाम देने वाला साबित होगा। पंचम भाव पर शुक्र और सूर्य की स्थिति प्यार के मामले में जहां एक ओर अधिक घनिष्ठता देगी वहीं दूसरी ओर हल्की-फुल्की नोक झोंक...आगे पढ़ें

मकर


इस सप्ताह के पहले दिन चंद्रमा आपके सप्तम भाव में विराजमान रहेगा जिससे दांपत्य जीवन में प्रेम की भावना प्रस्फुटित होगी और आपका अपने जीवनसाथी के प्रति नज़रिया बहुत स्नेह से भरा रहेगा। कुल मिलाकर आपका दांपत्य जीवन बेहतरीन समय से गुजरेगा। इंपोर्ट एक्सपोर्ट और विदेशी व्यापार करने वालों को इस दौरान अच्छे समाचार...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

इस हफ्ते आपके प्रेम संबंध काफी अनुकूल रहेंगे और आपका प्रियतम भी आपसे प्रसन्न रहने वाला है। पंचम भाव पर बृहस्पति के प्रभाव के कारण आपके प्रेम जीवन की थोड़ी परीक्षा ज़रूर होगी और यदि प्यार सच्चा है तो आपका प्यार परवान चढ़ेगा। यदि आप...आगे पढ़ें

कुंभ 


कुंभ राशि के लिए इस हफ्ते की शुरुआत चंद्र के छठे भाव में होने से थोड़ी सी कठिन होने वाली है क्योंकि वे अपने कुछ विरोधियों से परेशान रहेंगे और दूसरी ओर उनके खर्चे भी अधिक रहने वाले हैं। मानसिक तनाव में वृद्धि तो होगी ही साथ ही स्वास्थ्य भी थोड़ा कमजोर है सकता है। चंद्रमा का गोचर सप्तम भाव में होने के बाद व्यापारिक...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

यदि सप्ताह के लिए प्रेम संबंध की बात की जाए तो यह कहना गलत नहीं होगा कि यह सप्ताह प्रेमी युगल के लिए मिला जुला परिणाम देने वाला साबित होगा। पंचम भाव में उपस्थित राहू जहां एक ओर आपको हद से आगे बढ़ने वाला बनाएगा वही शनि और केतु की दृष्टि पंचम भाव पर होने से प्रेम संबंधों में तकरार बढ़ेगी। लेकिन पंचम भाव के स्वामी...आगे पढ़ें

मीन 


मीन राशि के लोगों के लिए सप्ताह की शुरुआत में चंद्र का गोचर पंचम भाव में होने से संतान के प्रति आपका स्नेह बढ़ेगा और आप उनके प्रति अधिक गंभीर होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में एकाग्रता बढ़ेगी और विद्यार्थियों को अच्छे परिणामों की प्राप्ति होगी। इसके अतिरिक्त जो लोग कोई कलात्मक कार्य करते हैं, उन्हें उसके माध्यम से अच्छा...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

प्रेम संबंधों के मामले में यह सप्ताह अच्छा रहने की उम्मीद है क्योंकि सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा अपनी ही राशि में पंचम भाव में होने से आपको काफी इमोशनल और भावुक बना सकता है। लेकिन साथ ही साथ आप अपने प्रियतम के प्रति पूर्ण रूप से...आगे पढ़ें
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अहोई अष्टमी आज, जानें पूजा मुहूर्त एवं व्रत विधि

संतान की दीर्घायु के लिए इस विधि से रखें अहोई अष्टमी व्रत। जानें अहोई अष्टमी की पूजा से जुड़े नियम।



अहोई अष्टमी का व्रत कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आता है। इस दिन अहोई माता की पूजा होती है और चूंकि यह व्रत अष्टमी तिथि को आता है इसलिये इसे अहोई अष्टमी कहा जाता है। इस दिन हिंदू धर्म को मानने वाले लोग अहोई माता की पूजा करते हैं। माना जाता है कि इस दिन यदि पूरी श्रद्धा से माता की पूजा की जाए तो संतान को दीर्घायु और बुद्धि प्राप्त होती है। इस दिन यदि कोई जातक व्रत रखता है तो उसे तारों के दर्शन के बाद ही भोजन करना चाहिये। इस दिन विवाहित महिलाओं द्वारा संतान की प्राप्ति के लिये भी व्रत रखा जाता है। साल 2019 में अहोई अष्टमी का व्रत 21 अक्टूबर को रखा जाएगा। 


अहोई अष्टमी पूजा मुहूर्त


पूजा मुहूर्तसायं 05:46 से 07:02 बजे तक
सायंकालीन तारों का उदय06:10 बजे
चंद्रोदय11:46 बजे


अहोई अष्टमी- व्रत एवं पूजा विधि


इस दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान ध्यान करना चाहिये। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करनी चाहिये। अगर घर में गंगाजल है तो गंगाजल से पूरे घर पर छिड़काव करना चाहिये। इसके बाद शुद्व मन से माता अहोई के व्रत का संकल्प लेना चाहिये। इस दिन माता पार्वती की आराधना की जाती है। माता की पूजा से पहले उनके सामने मूली, सिंघाड़ा, चावल की कटोरी आदि रखने चाहिये और इसके बाद अहोई माता की व्रत कथा का पाठ करना चाहिये। यह कथा घर के सब लोग एक साथ बैठकर सुनें तो शुभ होता है। सुबह की पूजा के दौरान एक लौटे में पानी भरकर उसके ऊपर करवा रखा जाता है। इसमें वही करवा इस्तेमाल होना चाहिये जो करवा चौथ के दिन इस्तेमाल किया जा चुका हो। माता अहोई की पूजा में चांदी की अहोई बनाने की परंपरा भी है, अहोई को स्याहु और साही भी कहा जाता है। शाम माता अहोई की पूजा के बाद आपको अपनी संतान के उज्जवल भविष्य की कामना करनी चाहिये। 


अहोई अष्टमी के दिन क्या न करें


अहोई अष्टमी का व्रत संतान प्राप्ति के लिए किया जाता है। इसलिए इस दिन जो जातक को व्रत रखता है उसे गलती से भी जीव जंतुओं की हत्या करने से बचना चाहिए। इस दिन मिट्टी को खोदना भी नहीं चाहिए क्योंकि मिट्टी में छोटे छोटे जीव जंतु होते हैं और भूलवश आप किसी की हत्या कर सकते हैं। इसके साथ ही अहोई अष्टमी के दिन घर में मांसाहारी भोजन नहीं बनाना चाहिए बल्कि अहोई अष्टमी की व्रत से 1 दिन पहले भी तामसिक भोजन करने से बचना चाहिए। अहोई अष्टमी की व्रत को निर्जल रखा जाता है इसलिए इस दिन पानी भी नहीं है। लड़ाई झगड़ा करने से बचें और घर में यदि छोटे बच्चे हैं तो उनको डांटे ना। अहोई अष्टमी की रात को यदि आप तारों को अर्घ्य देते हैं तो आपको तांबे के लोटे से हरगिज़ नहीं देना चाहिए चांदी या पीतल का लोटा इस्तेमाल करना चाहिए।
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सूर्य का तुला राशि में गोचर, जानें प्रभाव

सूर्य के गोचर से इन 5 राशियों के जातक रहें सावधान! पढ़ें 18 अक्टूबर को होने वाले तुला राशि में सूर्य ग्रह के गोचर का ज्योतिषीय प्रभाव।


ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रह


सूर्य का नाम लेते ही मन में ऊर्जा, प्रकाश, और तेज का भाव आने लगता है। सूर्य के इन्हीं गुणों के कारण ज्योतिष में इसे सभी ग्रहों से श्रेष्ठ माना गया है। सूर्य ग्रह नवग्रहों में प्रधान है। यदि जन्म कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत या बली हो तो यह व्यक्ति को राजसी गुणों से भर देता है। यह व्यक्ति के अंदर नेतृत्व एवं प्रशासनिक क्षमता को विकसित करता है।

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सूर्य प्रबल जातकों का लोग समाज में अनुसरण करते हैं। एक राजा की तरह समाज में उसे मान-सम्मान और अधिकार प्राप्त होते हैं। वैदिक ज्योतिष सूर्य को सिंह राशि का स्वामित्व प्राप्त है। इसलिए सिंह राशि के जातकों पर सूर्य का प्रभाव स्पष्ट रूप में देखने को मिलता है। 

सूर्य एक राशि में एक माह तक रहता है। यानि दूसरे शब्दों में हम इसे ये कह सकते हैं कि सूर्य के गोचर की अवधि तकरीबन एक माह की होती है। सूर्य की उच्च राशि मेष है और तुला इसकी नीच राशि है। यानि इस गोचर के दौरान सूर्य अपनी नीच राशि में प्रवेश करेगा। यहाँ ध्यान देने वाली ये बात है कि कोई भी ग्रह अपनी नीच राशि में पीड़ित अवस्था में होता है। 

गोचर की समयावधि


सूर्य देव अब 18 अक्टूबर 2019, शुक्रवार 00:41 बजे कन्या से तुला राशि में गोचर करेगा और 17 नवंबर 2019, रविवार 00:30 बजे तक इसी राशि में स्थित रहेगा। सूर्य के इस राशि परिवर्तन का प्रभाव सभी राशियों पर होगा। आईये इस राशिफल के माध्यम से डालते हैं उन प्रभावों पर एक नज़र..

मेष


सूर्य देव का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में होने जा रहा है। इस भाव को विवाह भाव भी कहा जाता है। इस भाव में सूर्य के गोचर के चलते आपके वैवाहिक जीवन में कुछ परेशानियां आ सकती हैं। इसके साथ ही पारिवारिक स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं कही जा सकती अपने भाई-बहनों के साथ किसी बात को लेकर आपकी कहासुनी हो सकती है।……..आगे पढ़ें


वृषभ


सूर्य देव का गोचर आपकी राशि से षष्ठम भाव में होगा। काल पुरुष की कुंडली में यह भाव कन्या राशि का होता है और इससे आपके शत्रुओं, आपको होने वाली बीमारियों, कानूनी लड़ाई आदि के बारे में विचार किया जाता है। इस गोचर के दौरान आपको अच्छे फल मिलने की पूरी उम्मीद है……..आगे पढ़ें

मिथुन


सूर्य का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में होगा। यह भाव संतान भाव भी कहलाता है और इससे विद्या और ज्ञान के बारे में भी विचार किया जाता है। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों के लिए यह गोचर शुभ रहेगा। यदि आप लंबे समय से किसी संस्था से जुड़े हैं तो इस समय आपकी पदोन्नति हो सकती है।……..आगे पढ़ें

कर्क


सूर्य के तुला राशि में गोचर के दौरान आपका चतुर्थ भाव सक्रिय अवस्था में रहेगा। इस भाव को सुख भाव भी कहा जाता है और इससे हम आपकी चल-अचल संपत्ति, माता, और समाज में आपकी स्थिति के बारे में विचार करते हैं।……..आगे पढ़ें

सिंह


सूर्य देव आपकी राशि से तृतीय भाव में गोचर करेंगे। काल पुरुष की कुंडली में यह भाव मिथुन राशि का होता है और इससे आपके साहस, पराक्रम, छोटे भाई-बहनों और आपके सामर्थ्य के बारे में विचार किया जाता है। इस दौरान आप खुद को ऊर्जावन महसूस करेंगे और हर काम को पूरी रचनात्मकता के साथ पूरा करने की कोशिश करेंगे।……..आगे पढ़ें

कन्या


सूर्य ग्रह का गोचर आपकी राशि से द्वितीय भाव में होने से आपकी वाणी में इस दौरान कर्कशता आ सकती है। आपके बात करने का तरीका आपके कुछ करीबियों को आपसे दूर कर सकता है इसलिए आपको इस गोचर के दौरान सोच-समझकर बात करने की सलाह दी जाती है।……..आगे पढ़ें

तुला


सूर्य देव का संचरण आपकी राशि से प्रथम भाव या आपके लग्न भाव में होगा। काल पुरुष की कुंडली में यह स्थान मेष राशि का होता है और इससे आपके स्वभाव, स्वास्थ्य और आत्मज्ञान के बारे में विचार किया जाता है। यह गोचर आपको स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानियां दे सकता है।……..आगे पढ़ें

वृश्चिक


सूर्य का गोचर आपकी राशि से द्वादश भा में होगा। इस भाव से हम आपके खर्च, हानि और मोक्ष के बारे में विचार करते हैं। इस राशि के कारोबारियों को इस गोचर के दौरान काम के संबंध में विदेश यात्रा या कोई लंबी दूरी की यात्रा करनी पड़ सकती है।…..आगे पढ़ें

धनु


सूर्य का आपकी राशि से एकादश भाव में संचरण होगा। एकादश भाव को लाभ भाव भी कहा जाता है और इससे हम जीवन में मिलने वाली उपलब्धियों, बड़े भाई बहनों आदि के बारे में विचार करते हैं। इस भाव में सूर्य के गोचर के दौरान आपको अच्छे फल मिलने की पूरी उम्मीद है।……..आगे पढ़ें

मकर


सूर्य देव का गोचर आपकी राशि से दशम भाव में होगा। काल पुरुष की कुंडली में यह भाव मकर राशि का होता है। इस भाव को कर्म भाव भी कहा जाता है और इससे आपके कर्म, आपके पिता और समाज में आपकी स्थिति के बारे में विचार किया जाता है।……..आगे पढ़ें

कुंभ


कुंभ राशि के जातकों के लिए सूर्य का गोचर उनकी राशि से नवम भाव में होगा। काल पुरुष की कुंडली में यह भाव धनु राशि का होता है और इससे आपके भाग्य, लंबी दूरी की यात्राओं और गुरु या गुरुतुल्य लोगों के बारे में विचार किया जाता है। सूर्य के इस गोचर के दौरान आपके पिता के स्वास्थ्य में गिरावट आने की संभावना है।……..आगे पढ़ें

मीन


सूर्य का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में हो रहा है। इस भाव को आयु भाव भी कहा जाता है और इससे हम जीवन में आने वाले उतार-चढ़ावों और अचानक होने वाली घटनाओं के बारे में विचार करते हैं। इस गोचरीय काल में आप अपने लक्ष्य से भटक सकते हैं और लक्ष्य को हासिल करने में आपको परेशानियां भी आ सकती हैं।……..आगे पढ़ें
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करवा चौथ 2019: जानें चंद्रोदय का समय, पूजा मुहूर्त एवं व्रत विधि

इस समय निकलेगा आज चाँद, जानें करवा चौथ में कैसे रखें व्रत और किस विधि से करें पूजा।


करवा चौथ का पर्व विवाहित हिन्दू महिलाओं का सबसे खास त्यौहार है। इस अवसर पर अपने पति की दीर्घायु और अपने दापंत्य जीवन के ख़ुशहाल के लिए निर्जल व्रत रखती हैं। हिन्दू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का पर्व कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। भारत में यह पर्व मुख्य रूप से देश के उत्तरी राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा, उत्तर, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि राज्यों में धूमधाम के साथ मनाया जाता है। करवा चौथ के दिन महिलाएँ व्रत से जुड़ी कथा सुनती हैं और रात में सोलह शृंगार करके चंद्रमा को देखकर तथा अपने पति की पूजा करके ही व्रत पूरा करती हैं। इस दौरान पति अपनी पत्नी को जल पिलाता है और उसके बाद हल्का भोजन ग्रहण किया जाता है।

जानें अपने शहर के अनुसार चंद्रमा के निकलने का समय: आज का चंद्रोदय


करवा चौथ पूजा मुहूर्त


करवा चौथ पूजा मुहूर्त17:50:03 से 18:58:47
समयावधि1 घंटा 8 मिनट
चंद्रोदय का समय20:15:59


नोट: ऊपर दिया गया समय नई दिल्ली (भारत) के लिए है। आप अपने शहर के अनुसार करवा चौथ का शुभ मुहूर्त यहाँ जान सकते हैं : करवा चौथ का शुभ मुहूर्त

करवा चौथ का महत्व


करवा चौथ में दो शब्द हैं। पहला शब्द करवा है, जिसका अर्थ होता है कि मिट्टी से बना बर्तन। जबकि चौथ से आशय चतुर्थी तिथि से है। मान्यता है कि करवा का प्रयोग जीवन में सुख-समृद्धि को दर्शाता है। इस व्रत का विवाहित महिलाओं को बेसब्री से इंतज़ार रहता है, ताकि वे पूरे विधि विधान के साथ अपने जीवनसाथी के सुखी जीवन की कामना कर सकें। करवा चौथ पति-पत्नी के बीच एक प्रेम और विश्वास से परिपूर्ण अटूट बंधन को दर्शाता है।


मेहंदी


मेेहंदी को भाग्य का प्रतीक माना जाता है। भारत में ऐसी मान्यता है कि यदि किसी लड़की के हाथों में मेहंदी का रंग गहराई से चढ़ता है तो उसका पति अथवा प्रेमी उसे उतना ही प्रेम करता है। एक अन्य मान्यता के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि हाथों में मेंहदी का गाढ़ा रंग पति की दीर्घायु और उसके स्वस्थ्य जीवन को दर्शाता है। हाथों में मेहंदी रचाने की परंपरा महिलाओं के शृंगार का हिस्सा है। इससे उनकी सुंदरता में चार चाँद लग जाते हैं।

चंद्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा


करवा चौथ की रात में जब चंद्रमा उदय होता है तो उसी व्रत रखने वाली शादीशुदा महिलाएँ पूजा की सजी हुई थाली के साथ छत पर आ जाती हैं। इस दौरान वे चंद्रमा की पूजा करती हैं। वे चंद्र देव को अर्घ्य देती हैं। करवा चौथ पर चंद्रमा की पूजा का बड़ा महत्व है। इस दिन चंद्रमा के दर्शन और पूजन के बाद महिलाएं व्रत तोड़कर अन्न-जल ग्रहण करती हैं। 

इस पूजन के दौरान पहले महिलाएँ छलनी से चंद्रमा के दर्शन करती हैं और फिर अपने पति को देखती हैं। इसके बाद पति के हाथों जल या मिठाई लेकर व्रत खोलती हैं। इस दिन चंद्रमा के साथ-साथ भगवान शिव एवं माँ पार्वती और भगवान कार्तिकेय की पूजा होती है। ऐसा कहा जाता है कि इनकी पूजा करने से दांपत्य जीवन ख़ुशहाल बना रहता है और जीवनभर सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

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करवा चौथ के नियम 


  • व्रत रखने वाली विवाहित स्त्री को प्रातः जल्दी उठना चाहिए।
  • चंद्रोदय से पूर्व भगवान गणेश, शिवजी एवं माँ पार्वती की आराधना करें।
  • पूजा के दौरान देवी-देवताओं की मूर्ति पूर्व दिशा में रखें जिससे कि पूजा के समय आपका मुख पूर्व की दिशा में हो।


करवा चौथ पूजा से जुड़े मंत्र


  • भगवान गणेश जी आराधना के लिए मंत्र 'ॐ गणेशाय नमः'
  • माँ पार्वती की आराधना के लिए मंत्र: 'ॐ शिवायै नमः
  • भगवान शिव की आराधना के लिए मंत्र 'ॐ नमः शिवाय
  • भगवान कार्तिकेय की आराधना का मंत्र 'ॐ षण्मुखाय नमः'
  • चंद्र देव की आराधना के लिए मंत्र 'ॐ सोमाय नमः

एस्ट्रोसेज की ओर से आपको करवा चौथ की हार्दिक शुभकामनाएँ!
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साप्ताहिक राशिफल (14 अक्टूबर से 20 अक्टूबर)

जानें इस सप्ताह कौनसी राशि वालों को मिलेगी सफलता। इसके साथ ही जानें की आपको जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में कैसे फलों की प्राप्ति होने वाली है। 14 अक्टूबर से 20 अक्टूबर का हमारा यह राशिफल आपको इस सप्ताह को फलदायक बनाने की जानकारी भी देगा।


हर सप्ताह की तरह इस सप्ताह भी एस्ट्रोसेज आपके लिये लेकर आया है आपका राशिफल। इस राशिफल को हमारे ज्योतिषियों द्वारा ग्रह और नक्षत्रों की चाल को देखकर और उनके गुणों के अनुसार बनाया गया है। इसके साथ ही इस राशिफल में आप इस सप्ताह की महत्वपूर्ण तिथियों के बारे में भी जान सकते हैं। हमारे इस राशिफल को पढ़ने के बाद आप इस सप्ताह कामों को कैसे नियोजित करना है उसकी सूचि भी बना सकते हैं। याद रखिये जितना आप जीवन में समय के हिसाब से चलेंगे उतनी ही आपके जीवन में कम परेशानियां आएंगी और हमारा यही मकसद है कि आप हमारे राशिफल की मदद से होने वाली अनहोनियों को लेकर पहले से ही सचेत हो जाएं। हमारे इस साप्ताहिक राशिफल में आप अपने पारिवरिक, स्वास्थ्य, दांपत्य, करियर और प्रेम जीवन के बारे में विस्तार से जान सकते हैं।


सप्ताह का हिन्दू पंचांग एवं ज्योतिषीय तथ्य


हिन्दू पंचांग के अनुसार, अक्टूबर के इस सप्ताह की शुरुआत कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होगी और सप्ताह का अंत कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि से होगा। वहीं इस सप्ताह में चंद्र देव मीन राशि से मेष, वृषभ और मिथुन राशि गोचर करेंगे। इसके साथ ही सर्य देव भी इस माह अपनी राशि परिवर्तन करेंगे। इस सप्ताह 17 अक्टूबर को संकष्टी चतुर्थी का व्रत भी रखा जाएगा। इस दिन व्रत रखने वालों को जीवन में आ रहे कष्टों से मुक्ति मिलती है। वहीं 18 अक्टूबर को तुला संक्राति है इस दिन सर्य देव कन्या राशि से तुला राशि में गोचर करेंगे। 

शेयर बाज़ार में इस सप्ताह


इस माह के तीसरे के शेयर बाज़ार को देखें तो, सोमवार, 14 अक्टूबर को शेयर बाज़ार में स्थितियाँ अच्छी रहने के संकेत मिलते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद 15 अक्टूबर को यानी मंगलवार को भी बाज़ार अच्छा ही रहेगा। इसके बाद धीरे-धीरे बुधवार, 16 अक्टूबर को बाज़ार कुछ समांतर सा रह सकता है। 17 अक्टूबर, गुरूवार को बाज़ार में अच्छी ख़ासी उतार-चढ़ाव भरी स्थिति बनेगी। ये रुख अगले दिन 18 अक्टूबर तक ऐसा ही रहेगा। व बुधवार में कुछ उतार-चढ़ाव के साथ आगे की ओर बढ़ता दिखेगा। ऐसे में अगर इस पूरे सप्ताह की बात करें तो इस पूरे ही सप्ताह सरकारी ऊर्जा, एफ. एम. सी. जी., तकनीकी, ज़मीन-जायदाद, इस्पात, रसायन और सेवा क्षेत्रों में स्थिति अच्छी रहेगी। जबकि चीनी, मनोरंजन, वाहन व निवेश क्षेत्रों पर बाज़ार का दवाब बनेगा। हालांकि बैंकिंग, सीमेंट और और फार्मास्युटिकल्स से जुड़े सभी क्षेत्रों में परिणाम मिले-जुले रह सकते हैं। 


किन ग्रहों की इस सप्ताह बदलेगी चाल 


इस सप्ताह चंद्र देव मीन से मेष, वृषभ और उसके बाद मिथुन राशि में गोचर करेंगे इसके अलावा इस सप्ताह सूर्य देव भी राशि परिवर्तन करेंगे। सूर्य का गोचर इस सप्ताह कन्या राशि से तुला राशि में होगा जिसके फलस्वरुप सभी राशियों पर इस गोचर का प्रभाव पड़ेगा। सूर्य देव को पिता, राजकीय काम और नेतृत्व का कारक ग्रह माना जाता है इसलिये इस सप्ताह सरकारी क्षेत्र में काम करने वालों को कुछ परिवर्तनों का सामना करना पड़ सकता है वहीं आपके पिता को कुछ बदलाव महसूस हो सकते हैं क्योंकि वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के राशि परिवर्तन को बहुत महत्वपूर्ण घटना के रुप में देखा जाता है। 

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जन्मदिन विशेष 


अक्टूबर के इस सप्ताह में बॉलीवुड के कुछ जाने-माने कलाकारों का जन्मदिन मनाया जाता है। इन कलाकारों में सबसे पहला नाम आता है ओम पुरी का जिनका जन्मदिन 18 अक्टूबर को आता है, हालांकि ओम पूरी हमारे बीच अब नहीं रहे लेकिन उनके अभिनय के लोग आज भी मुरीद हैं। इसके अलावा देओल परिवार के दो दिग्गजों का जन्मदिन भी इसी सप्ताह में आता है, हेमा मालिनी का जन्म दिन 16 अक्टूबर और सनी देओल का जन्मदिन 19 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस सप्ताह संजय कपूर का जन्मदिन 17 अक्टूबर को मनाया जाएगा। दिवंगत अभिनेता को हम श्रद्धांजलि देते हैं और बाकी सारे कलाकारों को हमारी ओर से जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। तो आइये अब जानते हैं कि सभी 12 राशियों के लिये यह सप्ताह कैसा रहने वाला है। 

यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष


सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा के 12वें भाव में होने से आपको आपके ख़र्चों में वृद्धि होने की संभावना है। इस समय यदि आप अपने ख़र्च पर लगाम नहीं कसी तो आगे चलकर आपको आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। आप इस समय कार्य के सिलसिले...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- यह सप्ताह प्रेम संबंध के लिए सामान्य रहेगा। प्रियतम और आपके बीच की बात को लेकर तू-तू मैं-मैं हो सकती है। इसके साथ कुछ अन्य भी जटिल परिस्थितियाँ सामने आ सकती हैं। हालाँकि अच्छी बात ये है कि आप दोनों अपनी आपसी समझदारी के साथ मामलों...आगे पढ़ें

वृषभ


सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा आपकी राशि से 11वें भाव में स्थित होगा। इस दौरान आपको कार्य क्षेत्र में आपको अच्छे फल मिलेंगे। ग्रह नक्षत्र इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि इस समय आपका प्रमोशन हो सकता है या फिर आपकी सैलरी बढ़ सकती है। इस ख़बर ...आगे पढ़ें 

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधित मामलों के लिए यह सप्ताह उम्मीदों भरा है। शुभ ग्रह नक्षत्रों के कारण प्रेम के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ निर्मित होंगी और प्रेम आप भाग्यशाली भी बनेंगे। आप अपने प्रियतम के साथ जीवन के कुछ सुखद पल बिताएंगे। इस समय, आप अपने प्रियतम ...आगे पढ़ें

मिथुन


इस सप्ताह चंद्रमा आपकी राशि से दसवें, ग्यारहवें, बारहवें और लग्न भावों में गोचर करेगा। आपके लिए सप्ताह की शुरुआत थोड़ी धीमी हो सकती है। कार्य स्थल पर आप बेचैनी महसूस कर सकते हैं। साथ ही यहाँ आप ऊर्जा और प्रेरणा की कमी का अनुभव...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधों के लिए, यह सप्ताह बहुत अच्छा नहीं है। व्यक्तिगत परेशानियों के कारण, आप अपने साथी को पर्याप्त समय नहीं दे पाएंगे और यह आप दोनों के बीच दूरी पैदा कर सकता है। इस प्रकार, ऐसी स्थिति में एक साथ बैठकर समाधान की तलाश करना ही बेहतर है। वहीं, विवाहित...आगे पढ़ें

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कर्क 


इस सप्ताह चंद्रमा आपकी राशि से नवम, दशम, एकादश और द्वादश भावों में रहेगा। जबकि सूर्य ग्रह आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर करेगा। यानि इस सप्ताह आपके ऊपर इन दो ग्रहों का प्रभाव देखने को मिलेगा। सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा के नवम भाव में होने से आपको ...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल 

प्रेम संबंधों के लिए यह सप्ताह बेहतरीन साबित होगा। अपने प्रिय के साथ रोमांस करने के कई अवसर मिलेंगे और आप उनके साथ किसी ट्रिप पर जाने की भी योजना ...आगे पढ़ें

सिंह 


इस सप्ताह चंद्रमा आपकी राशि से आठवें, नौवें, दसवें और ग्यारहवें भावों में स्थित होगा। साथ ही इस सप्ताह सूर्य का गोचर भी आपके तीसरे भाव में हो रहा है। सप्ताह की शुरुआत में आपको थोड़ी बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ख़ासकर वित्तीय ...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल 

प्रेम से जुड़े मामलों के लिए यह सप्ताह औसत रह सकता है। निजी जीवन चल रही समस्या आपके प्रेम जीवन में बाधा डाल सकती है। इस समय आप ...आगे पढ़ें

कन्या 


इस सप्ताह चंद्रमा आपकी राशि से सातवें, आठवें, नौवें और दसवें भावों गोचर करेगा। इसके साथ ही सूर्य का गोचर भी इस सप्ताह आपके दूसरे भाव में हो रहा है। राशिफल के अनुसार सप्ताह की शुरूआत व्यवसाय से जुड़े जातकों को अच्छा मुनाफा होगा। इस समय चंद्रमा की सप्तम भाव में उपस्थिति आपके व्यापार के लिए अनुकूल परिस्थितियों को ...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल 

प्रेम संबंधों के लिए यह सप्ताह अधिक लाभकारी नहीं है। आपके घर के निजी मसले आपके प्रेम जीवन पर बुरा असर डाल सकते हैं। कोशिश करें कि निजी मसले रिश्ते के बीच न आएं तो बेहतर रहेगा। प्यार के रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए अपने साथी के...आगे पढ़ें

तुला 


इस सप्ताह चंद्रमा आपके छठे, सातवें, आठवें और नौवें भावों में गोचर संचरण करेगा। साथ ही सूर्य का गोचर आपकी राशि में हो रहा है और यह आपके लग्न भाव में स्थित होगा। सप्ताह की शुरुआत में आपके ख़र्चे बढ़ेंगे। लिहाज़ा धन की बचत पर ध्यान दें। यदि आप घर से दूर ...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल 

प्रेम संबंधों से जुड़े मामलों के लिए यह सप्ताह ज्यादा अनुकूल नहीं है। इस सप्ताह आपके व्यक्तिगत में अहंकार वृद्धि से आपके और आपके प्रिय के बीच झड़पें हो सकती हैं। इस प्रकार, आपको सलाह दी जाती है कि आप अपने व्यवहार पर एक नज़र ...आगे पढ़ें

वृश्चिक


इस सप्ताह चंद्रमा आपके पांचवें, छठे, सातवें और आठवें भावों में गोचर करेगा। सप्ताह की शुरुआत शानदार होगी। पंचम भाव का चंद्रमा आपकी खुशी में योगदान देगा। नौकरी के साथ-साथ व्यवसाय में समृद्धि आएगी। संतान सफलता के नए आयाम छुएगी। चूंकि पांचवें भाव का ज्ञान और शिक्षा के साथ संबंध है, इसलिए छात्र अपने शैक्षणिक ...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल 

यह सप्ताह प्रेम संबंधों के लिए मिलेजुले परिणाम लेकर आएगा। किसी खास वजह से प्रिय आपसे परेशान रह सकता है। साथी को मनाने के लिए आप उन्हें लंच या मूवी दिखाने का प्लान करें। विवाहित जातकों के दांपत्य जीवन में खुशी मौजूद ...आगे पढ़ें

धनु 


इस सप्ताह चंद्रमा आपकी राशि से चौथे, पांचवें, छठे और सातवें भावों में अपनी उपस्थिति दर्ज करेगा। सप्ताह की शुरुआत में माता जी का स्वास्थ्य अस्थिर रह सकता है। ऐसी स्थिति में उनकी उचित देखभाल करें और जरुरत पड़ने पर चिकित्सक की सलाह लें। घर में परिवार के सभी सदस्य सामूहिक रूप से घर का काम निपटाएंगे। इससे घर में एकता...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

इस सप्ताह आपकी लव लाइफ़ में ताजगी बनी रहेगी। आपके रिश्ते में गहराई आएगी और लव पार्टनर आपकी भावनाओं और विचारों की कद्र करेगा। दोनों के बीच प्यार वाली तकरार भी देखने को मिलेगी। जहां तक शादीशुदा जातकों का ...आगे पढ़ें

मकर 


इस सप्ताह चंद्रमा आपके तीसरे, चौथे, पांचवें और छठे भाव में उपस्थित होगा। साथ ही, सूर्य का गोचर भी आपके दसवें यानि कर्म भाव में होगा। सप्ताह की शुरुआत तीसरे भाव का चंद्रमा आपको छोटी दूरी की यात्रा करा सकता है। यद्यपि यह यात्रा थोड़ी थकाऊ होगी, लेकिन आप इसके कारण मुनाफा पाने में भी सफल होंगे। इसी समय, आपकी साहसी और पराक्रमी क्षमता बढ़ेगी और सबसे आगे रहेगी। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में छोटे भाई-बहनों का ...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

यह सप्ताह प्रेम संबंधित मामलों के लिए अनुकूल है। आपको अपने प्रिय के साथ प्यार और रोमांस करने का पूरा समय मिलेगा। हालाँकि, आपका साथी आपके प्यार की परीक्षा ले सकता है। इसके लिए तैयार रहें। सप्ताह का शुरुआती भाग औसत ...आगे पढ़ें

कुंभ 


इस सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा आपके दूसरे भाव में स्थित होगा जिसके कारण भाग्य इस समय आपका पक्ष लेगा। पारिवारिक जीवन खुशहाल रहेगा। आपके परिवार में किसी तरह का कार्यक्रम का आयोजन हो सकता है, जिसमें आपको शानदार व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए अवसर प्राप्त होगा। इसी अवधि में कुछ धन-दौलत संचित ...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल 

प्रेम संबंधी मामलों के लिए इस सप्ताह के सामान्य रहने की उम्मीद है। आप अपने प्रियजन के कारण किसी प्रकार का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। वैवाहिक जीवन ...आगे पढ़ें

मीन


इस सप्ताह चंद्रमा का गोचर आपके पहले, दूसरे, तीसरे और चौथे भावों में होगा। इसके साथ ही इस सप्ताह सूर्य का गोचर आपके अष्टम भाव में भी होगा। सप्ताह की शुरुआत आपके लिए सकारात्मक रहेगी क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के पहले भाव में गोचर कर रहा है। इस समय, आप स्वकेन्द्रित होकर सोचेंगे। लेकिन मन की स्थिति खुश ...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल 

प्रेम प्रसंग के दृष्टिकोण से यह सप्ताह आपके लिए अधिक लाभकारी नहीं है। लिहाज़ा आपको अपने दिल के अरमानों को शांत रखना होगा। निजी समस्याएं आपको लव पार्टनर...आगे पढ़ें

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शरद पूर्णिमा जानें इस दिन का महत्व, तिथि और मुहूर्त

हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का बहुत बड़ा महत्व है। ऐसा माना जाता है कि शरद पूर्णिमा की रात को चाँद की किरणों में औषधीय गुण होते हैं और चंद्रमा की किरणें स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होती हैं। वैसे तो हर माह आने वाली पूर्णिमा खास होती है लेकिन ऐसा माना जाता है कि शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा अपनी 16 कलाएं दिखाता है और इस दिन चंद्रमा की किरणों से अमृत बरसता है। इसके साथ ही शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा से जो रोशनी निकलती है वह बाकी पूर्णिमो की तुलना में ज्यादा चमकदार होती है।



शरद पूर्णिमा का मुहूर्त


शरद पूर्णिमा
अक्टूबर 13 2019 को 00:39 से पूर्णिमा आरम्भ
अक्टूबर 14 2019 को 02:40 पर पूर्णिमा समाप्त

हिंदू पंचांग के अनुसार साल 2019 में शरद पूर्णिमा 19 अक्टूबर को पड़ेगी। आपको बता दें कि हिंदू पंचांग के अनुसार पूर्णिमा के दिन महीना समाप्त होता है। ऐसा माना जाता है कि शरद पूर्णिमा की रात को ही भगवान श्री कृष्ण ने वृंदावन में प्रेम और नृत्य के संगम महा-रास को रचा था। यही वजह है कि व्रज क्षेत्र के लोग इस पूर्णिमा को रस पूर्णिमा के नाम से भी पुकारते हैं। ज्योतिषियों की मानी जाए तो शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की किरणें इतनी लाभदायक होती हैं कि इनसे कई रोगों का इलाज भी संभव है। इस दिन लोगों द्वारा गाय के दूध की खीर बनायी जाती है और उसे चांदनी में रखा जाता है। मान्यता यह है कि खीर को चांदनी में रखने से उसमें औषधिय गुण आ जाते हैं।
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शरद पूर्णिमा व्रत एवं पूजा विधि


शरद पूर्णिमा के दिन लोगों के द्वारा पूर्णिमा व्रत रखा जाता है। इसके साथ ही आध्यात्मिक मार्ग पर चलने वाले लोग भी इस दिन का महत्वपूर्ण मानते हैं और इस दिन ध्यान और साधना करते हैं। शरद पूर्णिमा के दिन हिंदु धर्म के लोग माता लक्ष्मी और चंद्रमा को पूजते हैं। माता लक्ष्मी की पूजा से पूर्व उनकी तस्वीर या मूर्ति को गंगाजल से नहलाया जाता है उसके बाद लाल कपड़े पर उनकी मूर्ति को स्थापित किया जाता है। इसके बाद धूप, दीप जलाकर माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है और उसके बाद पुष्प उन्हें अर्पित किये जाते हैं। 

माता लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करना भी इस दिन शुभ माना जाता है। भक्तों को इस दिन ब्राह्मणों को खीर का भोजन करवाया जाना चाहिये। यदि आपने उपवास रखा है तो इस दिन चंद्रमा के दर्शन करने और चंद्रमा को अर्घ्य गेने के बाद ही उपवास खोलना चाहिये। पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करना भी शुभ माना जाता है इसलिये यदि आपका निवास स्थान किसी पवित्र नदी के आस पास है तो आपको नदी में स्नान अवश्य करना चाहिये।

शरद पूर्णिमा का महत्व


हर महीने आने वाली पूर्णिमा तिथि का ही हिंदु धर्म में बड़ा महत्व होता है लेकिन शरद पूर्णिमा को सभी 12 पूर्णिमाओं में सबसे खास माना जाता है। इस दिन उपवास रखने का बड़ा महत्व है। ऐसा माना जाता जिन विवाहित महिलाओं को संतान की प्राप्ति नहीं हो रही वो यदि इस दिन उपवास रखें तो उन्हें संतान की प्राप्ति हो सकती है। वहीं कुंवारी कन्याएं यदि इस दिन व्रत रखें तो उन्हें सुयोग्य वर मिलता है। शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा की किरणों से तेज बरसता है और इससे आपकी आध्यात्मिक और शारीरिक शक्ति बढ़ती है। आध्यात्मिक मार्ग पर चलने वाले पूर्णिमा की रात को कठोर साधना करते हैं और अपनी शक्तियों को बढ़ाते हैं। 

शरद पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है वाल्मीकि जयंती


अश्विन मास की पूर्णिमा तिथि को ही रामायण जैसे महाकाव्य की रचना करने वाले महर्षि वाल्मीकि जी का जन्म हुआ था। इसलिए प्रति वर्ष शरद पूर्णिमा तिथि को वाल्मीकि जयंती मनायी जाती है। 

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महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनावों का लेखा जोखा

भारत के 2 राज्यों हरियाणा और महाराष्ट्र में अक्टूबर 2019 में विधानसभा चुनावों का शंखनाद हो चुका है। इलेक्शन कमीशन द्वारा जारी किए गए विवरण के अनुसार महाराष्ट्र और हरियाणा के लोग 21 अक्टूबर को 14 वीं विधानसभा के लिए वोट डालेंगे और उसके 3 दिन बाद अर्थात 24 अक्टूबर 2019 को मत-गणना होगी और शाम तक साफ हो जाएगा कि इन दोनों राज्यों में कौन सी पार्टी सत्ता पर काबिज होगी और किसे हार का मुंह देखना पड़ेगा। 


मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के अनुसार 288 सदस्यों वाली महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 9 नवंबर को समाप्त हो रहा है और 90 सदस्यों वाली हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल 2 नवंबर को समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में दोनों ही राज्यों में चुनाव तय समय पर होंगे।


2014 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था और भारतीय जनता पार्टी अपने सहयोगी दल शिवसेना के साथ सत्ता में आई थी और भारतीय जनता पार्टी के देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री बने। इस वर्ष महाराष्ट्र में कांग्रेस ने शरद पवार के नेतृत्व वाली नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी यानि कि एन सी पी से गठजोड़ किया है। ग़ौरतलब है कि शरद पवार पर ईडी का शिकंजा कसता जा रहा है। 

यदि हरियाणा की बात की जाए तो वहां भी भारतीय जनता पार्टी ने पिछली बार सरकार बनाई थी और कांग्रेस और ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व वाली आईएनएलडी को घेरने का पूरा प्रयास किया। वर्तमान समय में बीजेपी के मनोहर लाल खट्टर हरियाणा के मुख्यमंत्री हैं। पंजाब के चुनावों में बीजेपी का साथ देने वाली प्रकाश सिंह बादल की अकाली दल ने अपने दम पर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। 

इस बार के विधान सभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी एक प्रबल दावेदार के रूप में तैयार हैं और विपक्ष विभिन्न प्रकार के खेमों में बंटा हुआ नजर आ रहा है। इन चुनावों में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी अपने हाथ आजमाने की बात कह चुकी है। ऐसे में मुकाबला काफी दिलचस्प होगा क्योंकि जहां बीजेपी की साख दाँव पर होगी और वह सभी सीटों को कब्ज़ाने का प्रयास करेगी वहीं विभिन्न भागों में बँटा हुआ विपक्ष क्या एकजुट होकर उसे चुनौती दे पाएगा। 

इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए हमने यह जानने का प्रयास किया कि आगामी विधानसभा चुनावों में किस पार्टी के सिर जीत का सेहरा सजेगा और किसे हार का मुंह देखना पड़ेगा। इसके लिए हमने वैदिक ज्योतिष का सहारा लिया है और ग्रहों और नक्षत्रों के आधार पर कुछ बातें काफी दिलचस्प तरीके से हमारे सामने आई हैं, जिन्हें हम यहां व्यक्त करने जा रहे हैं:

अक्टूबर के महीने में ग्रहों का गोचर


4 अक्टूबर को शुक्र तुला राशि में प्रवेश करेगा जोकि इसकी अपनी राशि है और इसके बाद 18 अक्टूबर को सूर्य भी तुला राशि में ही प्रवेश करेगा। बुध महीने की शुरूआत से ही इस राशि में विराजमान रहेगा और 23 अक्टूबर को वृश्चिक राशि में प्रवेश कर जाएगा। इसी राशि में शुक्र का गोचर 28 अक्टूबर को होगा। 

आइए अब वैदिक ज्योतिष के अनुसार मुख्य पार्टियों भाजपा और कांग्रेस की कुंडलियों का अध्ययन करते हैं और डालते हैं ग्रहों के प्रभाव पर एक नजर:

भारतीय जनता पार्टी 

(6-4-1980: 11:40:00: नई दिल्ली)


(बीजेपी की कुंडली)

मुख्य बिंदु


  • बीजेपी की लग्न राशि मिथुन है और चंद्र राशि वृश्चिक है। 
  • मंगल, बृहस्पति और शनि तीनों मुख्य ग्रह वक्री हैं। 
  • कुंडली के तीसरे भाव में अर्थात सिंह राशि में राहु, मंगल, बृहस्पति और शनि की युति है।
  • शनि की साढ़ेसाती अंतिम दौर में चल रही है। 
  • लग्नेश बुध और केतु की युति नवम भाव में है। 

चुनाव के दौरान ग्रह दशा:


विधानसभा चुनाव अक्टूबर 2019 के दौरान बीजेपी की कुंडली में:

  • चंद्र-मंगल-चंद्र की दशा 9 अक्टूबर2019 तक रहेगी। 
  • इसके बाद चंद्र-राहु - राहु की दशा शुरू होगी जो 1 जनवरी 2020 तक चलेगी। 

चुनाव के दौरान ग्रहों का गोचर:


विधानसभा चुनाव अक्टूबर 2019 के दौरान बीजेपी की कुंडली में:

  • शनि का गोचर जन्मकालीन चंद्र से दूसरे भाव में होगा।
  • गुरु बृहस्पति जन्म कालीन चंद्र राशि में ही स्थित होंगे और दूसरे भाव की ओर अग्रसर होंगे। 
  • राहु जन्म कालीन चंद्रमा से अष्टम भाव में होगा। 
  • मंगल महाराज चंद्र राशि से ग्यारहवें भाव में विराजमान रहकर अपना प्रभाव देंगे। 

विधान सभा चुनावों में बीजेपी का प्रदर्शन एवं स्थिति


जिस समय महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव होंगे और उनकी गिनती होगी, उस समय बीजेपी की कुंडली में चंद्रमा की महादशा में राहु की अंतर्दशा चल रही होगी। चंद्रमा ज्येष्ठा नक्षत्र में है जो कि गंड मूल नक्षत्र है लेकिन लग्न का स्वामी बुध है जो नवम भाव में बैठकर राजयोग बना रहा है और चंद्रमा उसी चतुर्थ भाव और लग्न के स्वामी बुध के नक्षत्र में है। राहु मघा नक्षत्र में विराजमान हैं जो कि केतु का नक्षत्र है जो कि पुनः नवम भाव में बैठकर राज योग बना रहा है। हालांकि राहु शनि मंगल और बृहस्पति के साथ बैठकर प्रभावित हो रहा है।

ऐसी स्थिति में कहा जा सकता है कि यह चुनाव बीजेपी को सत्ता प्राप्ति में सफलता तो दिला सकते हैं। और उनकी सहयोगी पार्टी शिवसेना जहां एक ओर खुले तौर पर उनका साथ देगी वहीं दूसरी ओर अपनी कुछ ऐसी माँगें भी रख सकती है जिससे बीजेपी को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। चंद्र राशि से दूसरे भाव में गोचर कर रहा शनि और चंद्र राशि में बैठे गुरु बृहस्पति महाराज ऐसी स्थितियां बना रहे हैं जो सत्ता में वापसी की ओर तो संकेत कर रही हैं लेकिन फिर भी कुछ स्थितियों में सावधान रहने की आवश्यकता होगी। ऐसी संभावना है कि भारतीय जनता पार्टी सहयोगी दलों के साथ मिलकर अपनी सरकार बना ले, लेकिन मतदान प्रतिशत में कमी हो सकती है तथा कुछ सीटें पहले के मुकाबले हाथ से निकल सकती हैं। 

कांग्रेस

(02-01-1978: 11:59:00: नई दिल्ली)


(कांग्रेस की कुंडली)

मुख्य बिंदु 


  • कांग्रेस की लग्न राशि मीन और चंद्र राशि कन्या है। 
  • शनि, बृहस्पति और मंगल तीनों मुख्य ग्रह वक्री हैं।
  • शुक्र अस्त होकर दशम भाव में सूर्य के साथ धनु राशि में स्थित है। 
  • मंगल कर्क राशि (नीच) में पंचम भाव में है।
  • राहु - चंद्र की युति सप्तम भाव में है।

चुनाव के दौरान ग्रह दशा


विधानसभा चुनाव अक्टूबर 2019 के दौरान कांग्रेस की कुंडली में:

  • बृहस्पति की महादशा में शनि की अंतर्दशा और शुक्र की प्रत्यंतर दशा चल रही होगी जो कि 1 जनवरी 2020 तक रहेगी। 

चुनाव के दौरान ग्रहों का गोचर:


विधानसभा चुनाव अक्टूबर 2019 के दौरान बीजेपी की कुंडली में:

  • शनि का गोचर जन्मकालीन चंद्रमा से चतुर्थ भाव में होगा और यह गोचर जन्म कालीन सूर्य और शुक्र के ऊपर होगा।
  • गुरु बृहस्पति का गोचर जन्म कालीन चंद्र राशि से तीसरे भाव से होगा और वो चौथे भाव की ओर आगे बढ़ रहे होंगे। 
  • राहु जन्म कालीन चंद्रमा से दशम भाव में होगा और जन्म कालीन बृहस्पति के ऊपर का। 
  • मंगल महाराज चंद्र राशि के ही भाव में विराजमान रहकर अपना प्रभाव देंगे। 


विधान सभा चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन एवं स्थिति


महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस पार्टी बृहस्पति की महादशा, शनि की अंतर्दशा और शुक्र की प्रत्यंतर दशा से गुज़र रही होगी। बृहस्पति कुंडली के लग्न और दशम भाव के स्वामी होकर चतुर्थ भाव में विराजमान हैं और दशम भाव को पूर्ण दृष्टि से देख रहें हैं। शनि देव भी ग्यारहवें और बारहवें भाव के स्वामी होकर छठे भाव में बैठे हैं तथा शुक्र महाराज तीसरे और आठवें भाव के स्वामी होकर दशम भाव में विराजमान हैं। देव गुरु बृहस्पति मंगल के नक्षत्र में है जो कि कुंडली में नवम भाव का स्वामी होकर पंचम भाव में नीच राशि में विराजमान है और शनि महाराज केतु के नक्षत्र में है जो कि लग्न में है तथा शुक्र देव अस्त अवस्था में केतु के ही नक्षत्र में विराजमान हैं। 

शनि का गोचर जन्म राशि से चतुर्थ भाव में होने के कारण ऐसी संभावना बन रही है कि कांग्रेस अपनी जोड़-तोड़ की नीति का कुछ लाभ उठाने में अवश्य ही सफल हो सकती है, हालांकि सरकार बनाने में उनकी सफलता की संभावना कम ही दिखाई देती है। पार्टी को अंतरकलह का सामना करना पड़ सकता है और अपने ही कुछ नेता पार्टी बदल कर दूसरी पार्टी में शामिल भी हो सकते हैं। जिस प्रकार कांग्रेस ने शरद पवार की एनसीपी से तालमेल बिठाने का प्रयास किया है उससे कुछेक स्थानों पर उन्हें लाभ हो सकता है लेकिन सत्ता प्राप्ति से दूरी रहने की संभावना अधिक दिखाई देती है। 

क्या कहती है देवेंद्र फडणवीस की कुंडली?


महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और बीजेपी-शिव सेना के मुख्य दावेदार देवेंद्र फडणवीस के लिए विधानसभा चुनाव में कई चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं। सीटों के बँटवारे के लिए शिवसेना से तालमेल बिठाना इनके लिए सबसे पहली चुनौती होगी। 

(22-07-1970: 6:00: नागपुर)


(देवेंद्र फडणवीस की कुंडली)


मुख्य बिंदु 


  • इनकी लग्न राशि कर्क और चंद्र राशि कुम्भ है। 
  • लग्न में मंगल अपनी नीच राशि में अस्त अवस्था में सूर्य और बुध के साथ बैठा है।
  • शुक्र और केतु की युति द्वितीय भाव में है। 
  • देव गुरु बृहस्पति चतुर्थ राशि में विराजमान हैं। 
  • राहु और चंद्र की युति अष्टम भाव में है। 
  • शनि अपनी नीच राशि मेष में दशम भाव में मौजूद हैं। 

चुनाव के दौरान ग्रह दशा


विधानसभा चुनाव अक्टूबर 2019 के दौरान देवेंद्र फडणवीस की कुंडली में:

  • अक्टूबर के महीने में बुध-बृहस्पति-राहु की दशा चल रही होगी जो 12 अक्टूबर तक चलेगी। 
  • इसके बाद बुध-शनि-शनि की दशा प्रारंभ होगी जो 15 मार्च 2020 तक प्रभावी रहेगी। 

चुनाव के दौरान ग्रहों का गोचर:


विधानसभा चुनाव अक्टूबर 2019 के दौरान बीजेपी की कुंडली में:

  • शनि देव जन्मकालीन चंद्र से एकादश भाव में स्थित रहेंगे। 
  • गुरु बृहस्पति जन्म कालीन चंद्र राशि से दशम भाव में स्थित होंगे और एकादश भाव की ओर बढ़ेंगे। 
  • राहु जन्म कालीन चंद्रमा से पंचम भाव में होगा। 
  • मंगल महाराज चंद्र राशि से अष्टम भाव में विराजमान रहेंगे। 

विधानसभा चुनावों के लिए कुंडली विश्लेषण:


श्री देवेंद्र फडणवीस की कुंडली में विधानसभा चुनावों के दौरान और जब चुनाव का परिणाम आएगा उस दौरान बुध की महादशा में शनि की अंतर्दशा शनि की प्रत्यंतर दशा चल रही होगी। इनकी कुंडली में शनि सप्तम और अष्टम भाव का स्वामी होकर दशम भाव में विराजमान है तथा बुध तृतीय और द्वादश भाव का स्वामी होकर लग्न में विराजमान है। जन्म कालीन चंद्र राशि कुंभ से शनि और बृहस्पति का गोचर इन के पक्ष में स्थिति का निर्माण कर रहा है। इन्हें निजी तौर पर अनेक प्रयास करने होंगे और साथ ही साथ अपनी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करना होगा। कुंडली में ग्रहों की दशा के आधार पर कहा जा सकता है कि आने वाली स्थितियां इनके पक्ष में रहेंगी और यह सत्ता बरकरार रख पाने में सफल हो सकते हैं। हालांकि सहयोगी दलों से कुछ समस्याएं बनी रहेंगी और आगामी समय में जब जनवरी में शनि का गोचर बदलेगा तो इनकी साढ़ेसाती की दशा प्रारंभ होगी जो इनके लिए मानसिक तनाव के साथ-साथ विरोधियों को भी जन्म देगी जो संभवत: उनके सहयोगी दलों से संबंधित हो सकते हैं। 

हरियाणा के वर्तमान मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की जन्म संबंधी पूरी जानकारी ना होने के कारण उनकी कुंडली पर चर्चा कर पाना संभव नहीं है लेकिन नाम के अनुसार सिंह राशि की कुंडली बनती है जिसमें पंचम भाव में शनि देव गोचर कर रहे हैं और चतुर्थ भाव में देव गुरु बृहस्पति। इससे ऐसा ज़रूर प्रतीत होता है कि काफी लोगों उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर नापसंद करते हों, लेकिन केंद्र में बीजेपी की सरकार होने का और केंद्र के निकट का राज्य होने का लाभ उन्हें अवश्य मिलेगा और वे सत्ता में वापस लौट सकते हैं। 

निष्कर्ष: उपरोक्त व्यक्तियों और पार्टियों की कुंडलियों के अतिरिक्त अन्य कुछ पार्टियों जिनमें आम आदमी पार्टी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना, तथा कुछ अन्य प्रमुख पार्टियों और दावेदारों पर ध्यान देते हुए यह निष्कर्ष के तौर पर कहा जा सकता है कि महाराष्ट्र और हरियाणा की वर्तमान सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी को विपक्ष के एकजुट ना रहने का अधिक लाभ हो सकता है और वे सत्ता में वापसी कर सकते हैं लेकिन उन्हें कुछ सीटों का नुकसान होने की संभावना रहेगी तथा कुछ परंपरागत सीटें भी उनके हाथ से निकल सकती हैं। उनके वोट प्रतिशत में कमी आने की संभावना हो सकती है हालांकि हरियाणा में विशेष रूप से केंद्र की बीजेपी सरकार का प्रभाव चुनावों में देखने को मिलेगा और हाल ही में भारत की पाकिस्तान के प्रति नीतियों को ध्यान में रखते हुए भी यह कहा जा सकता है कि भारतीय जनता पार्टी सत्ता में वापसी कर सकती है, लेकिन कुछ सीटों का नुकसान उठाना पड़ेगा। कुछ सीटों पर असामान्य रूप से सत्ताधारी पार्टी को हार का सामना करना पड़ सकता है। इसके विपरीत शरद पवार की मुश्किलें अभी और बढ़ सकती हैं तथा कांग्रेस को भी अपनी कमजोर रणनीति की वजह से कोई खास लाभ होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है।
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#HappyBirthday10thOctober 10 अक्टूबर को जन्मे लोगों को लेकर एस्ट्रोसेज का विशेष खुलासा

बॉलीवुड अभिनेत्री रेखा और रकुल प्रीत सिंह इस बात से खुश हो सकती हैं कि उनके जन्मदिन के दिन देश में सबसे ज्यादा लोग पैदा होते हैं। यानी दस अक्टूबर को। देश की सबसे बड़ी ज्योतिषीय वेबसाइट एस्ट्रोसेजडॉटकॉम की एस्ट्रोलैब ने यह नया तथ्य जारी किया है। 


एस्ट्रोसेज के संस्थापक पुनीत पांडे ने कहा, एस्ट्रोसेजडॉटकॉम देश की सबसे बड़ी ज्योतिषीय साइट है, जिस पर अभी तक तीन करोड़ से ज्यादा लोगों ने अलग अलग सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए अपने जन्म संबंधी डाटा दर्ज कराया है, और इन्हीं डाटा के विश्लेषण के बाद हमने यह निष्कर्ष निकाला है कि दस अक्टूबर को देश में सबसे ज्यादा लोग जन्म लेते हैं।

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डाटा को विश्लेषण करने की प्रक्रिया के बारे में बताते हुए एस्ट्रोलैब में कार्यरत सॉफ्टवेयर इंजीनियर मोहित गर्ग ने बताया, "एस्ट्रोलैब में हमनें 2 करोड़ 81 लाख 76 हजार 320 लोगों के जन्म तारीख के डाटा का विश्लेषण किया। ये वो डाटा था, जो लोगों ने जन्म कुंडली बनाने या शादी के लिए कुंडली मिलान वगैरह के लिए दर्ज कराया था। इन आंकड़ों के विश्लेषण के बाद हमने पाया कि 1,40,091 लोग दस अक्टूबर को पैदा हुए, जबकि उसके बाद 15 अगस्त को 1,28,958 लोग। करीब तीन करोड़ का सैंपल बहुत बड़ा होता है, और इस आधार पर कहा जा सकता है कि 10 अक्टूबर को सबसे ज्यादा लोग देश में पैदा होते हैं।"

एस्ट्रोसेज डॉट कॉम पर ज्योतिष संबंधी तमाम सुविधाएँ निशुल्क उपलब्ध हैं। पुनीत पांडे ने बताया, ये आंकड़ा बीते दस साल में दर्ज हुए लोगों के डाटा का है। जन्मपत्री बनाते वक्त अमूमन लोग अपना सही जन्म तारीख और समय डालते हैं। और दस अक्टूबर को सबसे ज्यादा लोगों ने अपनी जन्म की तारीख बताया है।

रिसर्च के मुताबिक, दस अक्टूबर को सबसे ज्यादा, और फिर 15 अगस्त को दूसरे नंबर पर लोगों ने जन्म की तारीख बताया तो उसके बाद 11 नवंबर, 8 अगस्त, 9 सितंबर, 2 अक्टूबर, 7 जुलाई और फिर 28 अगस्त का नंबर आता है।


आइए अब जानते हैं कि कैसे होते हैं 10 अक्टूबर को जन्म लेने वाले लोग?


10 अक्टूबर को प्रतिवर्ष सूर्य कन्या राशि में स्थित होता है और नवमांश में कर्क राशि में स्थित होता है। काल पुरुष की कुंडली में सूर्य पंचम भाव का स्वामी है जो कि संतानोत्पत्ति को दर्शाता है और कर्क राशि चतुर्थ भाव की राशि है जो जीवन में सुख लेकर आती है। एस्ट्रोगुरु मृगांक के अनुसार कन्या राशि में सूर्य की स्थिति मौसम में परिवर्तन का कारण बनती है और सूर्य की प्रचंडता में कमी आकर मौसम खुशगवार बनता है। अक्टूबर में जन्म लेने वाले जातकों को जीवन में संघर्ष औरों के मुकाबले थोड़ा कम करना पड़ता है और वह सभी लोगों के प्यारे होते हैं। 10 अक्टूबर को जन्म लेने वाले लोगों का मूलांक एक होता है जिसका स्वामी भी सूर्य होता है जो जीवन में उन्हें उच्च अभिलाषाओं के साथ उच्च प्रगतिशाली बनाता है और वे जीवन में अच्छे मुकाम तक पहुंचते हैं। इस दौरान प्रकृति भी सामंजस्य में रहती है और न अधिक सर्दी होती है ना अधिक गर्मी, जिसकी वजह से मौसम भी बच्चों को बीमारियों से अधिक परेशान नहीं करता और वे शीघ्र ही उन्नति को प्राप्त होते हैं। 

वैदिक ज्योतिष के अनुसार 10 अक्टूबर को जन्म लेने वाले लोगों का वैदिक सन साइन अर्थात वैदिक सूर्य राशि कन्या होती है और यहां स्थित सूर्य जीवनदायी माना जाता है। सूर्य अपने मित्र चंद्रमा के नक्षत्र हस्त में होता है तथा बुध की राशि में स्थित होता है, ऐसे में व्यक्ति भावुक होने के साथ-साथ कर्मठ कर्मशील और बुद्धिमान भी होता है। ऐसे जातकों को जीवन में अनेक सुविधाएँ भी मिलती हैं और जीवन में आगे बढ़ने के अनेक अवसर प्राप्त होते हैं और वे अपनी छवि को बहुत जल्दी लोगों के मन पर छोड़ देते हैं। 10 अक्टूबर को पैदा होने वाले जातक जिस क्षेत्र में भी काम करते हैं, उन्हें उस क्षेत्र में अपने सहयोगियों की तुलना में अधिक लोकप्रियता मिलती है। इस दिन पैदा होने वाले जातकों के जन्म के साथ ही उनके माता-पिता को कोई लाभ भी प्राप्त होता है। 

इस प्रकार हम कह सकते हैं कि 10 अक्टूबर का दिन काफी महत्वपूर्ण होता है और इस दिन जन्मे जातक कुछ विशेष होते हैं। यदि आपका जन्म भी 10 अक्टूबर को हुआ है, तो आप उन लोगों में से हैं जो काफी स्पेशल हैं और सबसे बड़ी बात कि देश में इस दिन सबसे अधिक लोग पैदा होते हैं और आप भी उनमें शामिल हैं। निस्संदेह इस बात को लेकर आप काफी गर्व महसूस कर सकते हैं। हमारी ओर से आपको भावी जीवन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।
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विजयदशमी आज, जानें मुहूर्त और पूजा विधि

दशहरा के दिन ज़रूर करें ये कार्य और पाएँ भगवान राम का आशीर्वाद।

वर्ष 2019 में दशहरा 8 अक्टूबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। भारत के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस त्योहार के दिन का महत्व इसलिये भी है क्योंकि इस दिन को रावण पर श्रीराम की विजय के रुप में मनाया जाता है और इसके साथ ही माँ दूर्गा ने इसी दिन महिषासुर का वध करके अपने भक्तों के प्राण बचाये थे। यह त्योहार अश्विन मास की दशमी तिथि को मनाया जाता है इसलिये इस विजयदशमी या दशहरा भी कहा जाता है। 




साल 2019 में कब मनाया जाएगा दशहरा


विजय मुहूर्त14:05:40 से 14:52:29 तक
अवधि0 घंटे 46 मिनट
अपराह्न मुहूर्त13:18:52 से 15:39:18 तक

नोट- यह विजयदशमी मुहूर्त नई दिल्ली, भारत के लिए प्रभावी है। 

अंग्रजी कैलेंडर के अनुसार इस साल दशहरा 8 अक्टूबर को मनाया जाना है वहीं हिंदू पंचांग की मानें तो दशहरा, अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को अपराह्न के दौरान मनाया जाता है। यह काल सूर्य के उदय होने के बाद दसवें मुहूर्त से बारहवें मुहूर्त तक होती है। यदि दो दिन तक दशमी तिथि चलती है और अपराह्नकाल को दूसरे दिन व्याप्त करती है तो विजयादशमी दूसरे दिन मनाई जाती है। इसके उलट यदि दशमी तिथि दो दिन के अपराह्न काल में हो तो दशहरे का त्योहार पहले दिन ही मनाया जाना चाहिये। 

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दशहरा पूजा 


दशहरा पर्व पूरे भारत वर्ष में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन रावण के पुतले को जलाने की भी प्रथा है। रावण को जलाकर लोग अपने अंदर की बुराईयों को मिटाने का भी प्रयास करते हैं। इस दिन की गई पूजा से भक्तों को विशेष फलों की प्राप्ति होती है। नीचे आप पढ़ेंगे कि इस दिन किसी तरह पूजा करनी चाहिये। 


  • इस दिन अपने तन और मन को स्वच्छ करने के लिये आपको स्नान-ध्यान करना चाहिये। 
  • इसके बाद निवास स्थान की पूर्वोत्तर दिशा में कोई शुभ स्थान देखकर उसे चिन्हित करना चाहिये औऱ उसके बाद उसे जल आदि से स्वच्छ करना चाहिये। इस स्थान पर आपको कमल की आठ पंखुड़ियां बनानी चाहिये। 
  • उसके बाद देवी अपराजिता की पूजा पूरे परिवार के साथ भी की जा सकती है और अकेले भी। 
  • जहां आपने कमल की पंखुड़ियों को चक्र बनाया है वहां फूल चढाकर आपको नीचे दिये मंत्र का उच्चारण करके देवी अपराजिता का आह्वान करना चाहिये। 
मंत्र- अपराजिताय नमः
  • इसके पश्चात बांयी ओर मां विजया और दायीं ओर मां जया का आह्वान करते हुये नीचे दिये गये मंत्रों का क्रमश: उच्चारण किया जाना चाहिये। 

मंत्र- उमायै नमः, क्रियाशक्त्यै नमः 

  • इसके बाद श्रद्वापूर्वक पूजा की जानी चाहिये। 
  • पूजा की समाप्ति के बाद अपनी मनोकामना मांगे और माता को नमन करें। 

दशहरा संबंधित अन्य जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें- दशहरा 2019

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