शुक्र का वृश्चिक राशि में हुआ गोचर, जानें प्रभाव

शुक्र के गोचर से इन 6 राशियों को होगा तगड़ा मुनाफ़ा! पढ़ें वृश्चिक राशि में शुक्र के हुए स्थान परिवर्तन का ज्योतिषीय प्रभाव।


वृश्चिक राशि में शुक्र के गोचर का सभी राशियों के जातक पर इसका सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही रूपों में प्रभाव पड़ेगा। हालाँकि इसके प्रभावों को जानने से पूर्व हमें शुक्र ग्रह से संबंधित आधारभूत जानकारी को जानना अति आवश्यक है। 


वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह के सकारात्मक फल से व्यक्ति का वैवाहिक जीवन सुखी होता है। व्यक्ति के अंदर किसी कलात्मक गुण का विकास होता है। व्यक्ति सुंदर काया का होता है। उसके व्यक्तित्व में एक आकर्षण का भाव होता है जो दूसरे लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

शुक्र ग्रह वृषभ और तुला राशि का मालिक है। मीन शुक्र ग्रह की उच्च और कन्या इसकी नीच राशि है। बुध और शनि ग्रह से शुक्र मित्रता है और गुरु इसका शत्रु ग्रह है। वहीं नक्षत्रों में शुक्र ग्रह भरणी, पूर्वाषाढ़ा और पूर्वा फाल्गुनी पर अपना स्वामित्व रखता है। 

यदि किसी जातक की जन्म कुंडली में शुक्र ग्रह पीड़ित या कमजोर हो तो उस जातक को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जैसे कि जातक के वैवाहिक जीवन में समस्याएँ आती हैं, जातक का जीवन दरिद्रता में बीतता है। ऐसी स्थिति से बचने और शुक्र ग्रह को मजबूत बनाने के लिए जातकों को शुक्र ग्रह की शांति से जुड़े उपाय करने चाहिए।

गोचर की समयावधि


शुक्र ग्रह 28 अक्टूबर 2019, सोमवार को प्रातः 08:12 बजे वृश्चिक राशि में गोचर करेगा और 21 नवंबर 2019, बृहस्पतिवार को दोपहर 12:04 बजे तक इसी राशि में स्थित रहेगा। शुक्र के वृश्चिक राशि में होने वाले इस गोचर का असर सभी राशियों पर देखने को मिलेगा। आईये जानते हैं शुक्र के इस गोचर का ज्योतिषीय प्रभाव विभिन्न राशि के जातकों पर किस प्रकार से पड़ने वाला है।

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यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष राशि


इस गोचर के दौरान शुक्र का प्रवेश आपकी राशि के आठवें भाव में होगा। बहरहाल इस गोचर के दौरान विपरीत लिंग के लोगों के साथ आपकी मित्रता में प्रगाढ़ता आएगी। नए लोगों के साथ होने वाली इस मित्रता को आप बखूबी आनंद उठा पाएंगे। इस दौरान भोग विलासिता की चीजों में आपकी रुचि बढ़ेगी और आप भौतिक सुख से जुड़ी चीजों को खरीदने पर ज्यादा धन खर्च कर सकते हैं।…...आगे पढ़ें


वृषभ राशि


आपकी राशि से शुक्र सातवें भाव में विराजमान होंगें। शुक्र के इस गोचरकाल में विपरीत लिंग के लोगों के साथ आपका मतभेद हो सकता है। यदि आप विवाहित हैं तो जीवनसाथी के साथ भी वाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।…...आगे पढ़ें

मिथुन राशि


शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर के दौरान ये आपकी राशि से छठे भाव में स्थित होंगें। इस गोचरीय अवधि के दौरान आपको कुछ स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। यदि इस दौरान आपने सेहत पर ध्यान नहीं दिया तो आगे जाकर ये आपके लिए और भी बड़ी मुसीबत पैदा कर सकता है।…...आगे पढ़ें

कर्क राशि


इस गोचर के दौरान शुक्र आपकी राशि से पांचवें भाव में विराजमान होंगें। शुक्र का ये गोचर आपके जीवन में विशेष ख़ुशियों की सौगातें लेकर आ सकता है। पारिवारिक स्तर पर देखें तो, इस गोचरकाल में आप परिवार के सदस्यों के साथ खुशनुमा पल व्यतीत कर पाएंगे।…...आगे पढ़ें

सिंह राशि


गोचर की इस अवधि में शुक्र आपकी राशि से चौथे भाव में स्थित होंगें। शुक्र के इस गोचर के दौरान पारिवारिक और निजी जीवन में आप ख़ुशियों का अनुभव कर सकते हैं। इस दौरान आप दोस्तों और पारिवारिक लोगों के साथ बहार घूमने जाने का प्लान बना सकते हैं।…...आगे पढ़ें

कन्या राशि


कन्या राशि में शुक्र का गोचर तीसरे भाव में होगा। शुक्र का ये गोचर आपके लिए खासतौर से आर्थिक और सामाजिक दृष्टिकोण से विशेष फलदायी साबित हो सकता है। इस दौरान जहाँ एक तरफ आपको विभिन्न स्रोतों से लाभ की प्राप्ति होगी, वहीं दूसरी तरफ समाज में आपके मान मर्यादा में भी वृद्धि होगी।…...आगे पढ़ें

तुला राशि


इस गोचर के दौरान शुक्र आपकी राशि से दूसरे भाव में विराजमान होंगें। इस गोचर का विशेष प्रभाव आपके आर्थिक जीवन पर देखने को मिल सकता है। आर्थिक रूप से देखें तो इस गोचर के दौरान आप पहले से ज्यादा धन अर्जित कर पाएंगे और उसका संचय भी विशेष तौर पर करने में सफल रहेंगे।…...आगे पढ़ें

वृश्चिक राशि


चूँकि शुक्र का गोचर आपकी ही राशि में हो रहा है इसलिए शुक्र आपकी राशि से प्रथम या लग्न भाव में स्थापित होंगें। इस गोचरकाल के दौरान आप विशेष रूप से विभिन्न भौतिक सुखों का लाभ उठा पाएंगे। यदि आप किसी विशेष बिज़नेस से जुड़े हैं तो इस गोचरकाल में किसी विदेशी स्रोत से आपको फायदा मिल सकता है।…...आगे पढ़ें

धनु राशि


इस गोचर के दौरान शुक्र आपकी राशि से बारहवें भाव में स्थित होंगें। शुक्र के इस गोचरकाल में आपके अंदर कुछ ऐसे परिवर्तन आएँगे जिससे आपका रुझान काम वासना की तरफ ज्यादा रहेगा। इस क्रिया के दौरान आपको सुख की प्राप्ति तो ज़रूर होगी लेकिन भविष्य के लिहाज से सोच समझकर कर ही कोई कदम उठाना हितकर रहेगा।…...आगे पढ़ें

मकर राशि


इस गोचरकाल के दौरान शुक्र आपकी राशि के ग्यारहवें भाव में स्थापित होंगें। शुक्र के इस गोचर का प्रभाव विशेष रूप से आपके आर्थिक जीवन पर पड़ेगा। बहरहाल इस गोचर के दौरान आर्थिक रूप से आपको विभिन्न स्रोतों से लाभ मिलेगा।…...आगे पढ़ें

कुंभ राशि


इस गोचर के दौरान शुक्र आपकी राशि से दसवें भाव में स्थापित होंगें। इस गोचर का विपरीत प्रभाव आपके कार्यक्षेत्र पर पड़ सकता है। इस दौरान कार्यस्थल पर आप व्यर्थ के मतभेद का हिस्सा बन सकते हैं या किसी सहकर्मी के साथ आपकी लड़ाई हो सकती है। इसमें आपका वक़्त और समय दोनों बर्बाद होगा।…...आगे पढ़ें

मीन राशि


इस गोचरीय अवधि के दौरान शुक्र आपकी राशि से नवम भाव में विराजमान होंगें। इस गोचर का खास असर आपके आर्थिक जीवन पर देखने को मिल सकता है। गोचर की इस अवधि काल में आपको आर्थिक तौर पर विभिन्न क्षेत्रों से लाभ मिलने की संभावना है।…...आगे पढ़ें
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आज भाई दूज पर इस शुभ मुहूर्त में करें भाई को तिलक !

भाई दूज के दिन इस पूजा विधि से पाएँ अपने भाई की लंबी उम्र। साथी ही जानें इससे जुड़ी पौराणिक कथा। 


भाई-बहने के पवित्र रिश्ते को औऱ भी मजबूत बनाने के लिये भाई दूज का पर्व मनाया जाता है। वर्ष 2019 में भाई दूज का पर्व 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन भाई-बहन एक दूसरे से मिलते हैं और बहनें अपने भाईयों को तिलक लगाकर उनकी सुख-समृद्धि औऱ लंबी आयु की मन्नत मांगती हैं। भाई भी इस मौके पर अपनी बहनों को उपहार स्वरुप कुछ देते हैं।

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भाई दूज 2019 का मुहूर्त 


हिंदू पंचांग के अनुसार भाई दूज का पर्व शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है और इसे भारत के अलग-अलग राज्यों में भाई टीका या भ्रातृ द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है।

भाई दूज का शुभ मुहूर्त
भाई दूज तिलक का समय13:11:34 से 15:25:13 तक
अवधि2 घंटे 13 मिनट

नोट: उपयुक्त मुहूर्त केवल नई दिल्ली के लिए प्रभावी होगा। अपने शहर का मुहूर्त जानने के लिए पढ़ें भाई दूज मुहूर्त 2019. 

मान्यता है कि शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को यमराज अपनी बहन यमुना के बुलाये पर उनके घर भोजन पर पधारे थे, इसलिये इस दिन यमराज की पूजा भी की जाती है और यही वजह है कि इस दिन को यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। 

भाई दूज के रीति रिवाज 


भारतीय धरती पर वैसे तो कई त्योहार मनाये जाते हैं फिर भी भाई दूज का त्योहार अपने आप में एक अलग स्थान रखता है। जिस तरह से हर त्योहार को मनाने की भारत में अलग रीति है उसी तरह भाई दूज का त्योहार भी रीति रिवजों के अनुसार ही मनाया जाता है। इस त्योहार के रीति रिवाज नीचे दिये गये हैं।

  1. अन्य त्योहारों की तरह भाई दूज के त्योहार पर भी भारतीय घरों में चहल-पहल होती है। इस दिन भाई-बहनें सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करती हैं। 
  2. इसके बाद बहनें भाईयों को तिलक लगाकर उनकी आरती उतारती हैं। पूजा की थाली में फूल, मिठाई, कुमकुम इत्यादि होने चाहिये। 
  3. भाईयों को तिलक करने के लिये चावल और कुमकुम के मिश्रण का तिलक बनाया जाना चाहिये और शुभ मुहुर्त पर भाईयों को यह तिलक लगाया जाना चाहिये। 
  4. तिलक लगाने के बाद बहनों को मिठाई से भाई का मुंह मीठा करना चाहिये वहीं भाईयों को बहन को उपहार दिये जाने चाहिये।
  5. इस दिन भाई बहनों को अपनी भावनाओं का आदान-प्रदान करके एक दूसरे के प्रति स्नेह का भाव रखना चाहिये। 


भाई दूज से जुड़ी पौराणिक कथा


भाई दूज के पवित्र त्योहार को पौराणिक काल से मनाया जा रहा है इसका सबूत इस कथा से मिलता है। यह कथा कृष्ण और नरकासुर राक्षस के संबंध में है। ऐसा माना जाता है कि नरकासुर नाम के एक राक्षस ने अपने आतंक से लोगों को परेशान कर दिया था। राक्षस के आतंक से परेशान लोगों को बचाने के लिेये भगवान श्रीकृष्ण ने इस राक्षस को सबक सिखाया और और नरकासुर का वध कर डाला। ऐसी मान्यता है कि शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भगवान श्रीकृष्ण नरकासुर को मारकर द्वारिका वापस लौटे थे। भगवान कृष्ण का स्वागत करते हुए उनकी बहन सुभद्रा ने उन्हें फल और मिठाई खिलाकर उनका स्वागत किया था और घर को भाई के स्वागत में दीयों से सजाया था। सुभद्रा ने अपने भाई के मस्तक पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र की कामना की थी। कहते हैं कि इसी दिन से भाई दूज का त्योहार मनाया जाना शुरु हुआ था. 

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साप्ताहिक राशिफल (28 अक्टूबर से 3 नवंबर 2019)

जानें इस सप्ताह क्या कहते हैं आपके सितारे। साथ ही पढ़ें गोवर्धन की पूजा का मुहूर्त।


हर बार की तरह एस्ट्रोसेज फिर से आपके सामने साप्ताहिक राशिफल लेकर आया है। इस सप्ताह की शुरुआत अक्टूबर की 28 तारीख से होगी और अंत नवंबर की 3 तारीख को होगा। साप्ताहिक राशिफल में आपके जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के बारे में तो जानकारी देंगे ही इसके साथ ही इस सप्ताह होने वाले शुक्र ग्रह के प्रभाव के बारे में भी हम आपको बताएंगे। आपको बता दें कि हमारा यह राशिफल ज्योतिष के जानकारों द्वारा ग्रह-नक्षत्रों की चाल को देखकर बनाया गया है जिसके चलते इसकी भविष्यवाणियां आपको सटीक लगेंगी। हमारे इस राशिफल में आप जीवन में आने वाली परेशानियों से बचने के लिये उपाय भी पाएंगे। तो आगे बढ़ें और पढ़ें अपना राशिफल। 

इस सप्ताह का हिन्दू पंचांग एवं ज्योतिषीय तथ्य


हिन्दू पंचांग के अनुसार, सप्ताह की शुरुआत कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि से होगी और सप्ताह का अंत शुक्ल पक्ष की सप्तमि तिथि के साथ होगा। वहीं इस सप्ताह में चंद्र देव तुला राशि से होते हुए मकर राशि तक अपनी गोचरीय अवस्था जारी रखेंगे। इसके साथ ही इस सप्ताह शुक्र देव का गोचर वृश्चिक राशि में होने वाला है। इस गोचर के प्रभावों को जानने के लिये नीचे पढ़ें। 


इस सप्ताह होने वाले गोचर 


इस सप्ताह चंद्रमा का गोचर तुला राशि में होगा और उसके बाद वृश्चिक, धनु और मकर राशि में चंद्र देव गोचर करेंगे। इसके अलावा शुक्र का गोचर 28 अक्टूबर को मंगल की राशि में यानि वृश्चिक राशि में होने जा रहा है। यह गोचर पूरे देश के लिहाज से देखा जाए तो काफी अच्छा रहेगा। इससे देश की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आएंगे। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में भी इस दौरान कुछ अच्छे परिवर्तन हो सकते हैं। देश को इस दौरान कर्ज से भी मुक्ति मिलेगी यानि देश के आर्थिक हालात इस समय अच्छे होंगे। 

प्रदोष व्रत 2019 की तिथि व व्रत विधि: यहाँ क्लिक कर पढ़ें

आज देशभर में की जाएगी गोवर्धन पूजा 


गोवर्धन पूजा हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस त्योहार को दीपावली के अगले दिन मनाया जाता है। साल 2019 में 28 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा का त्योहार मनाया जाएगा। भारत में कई स्थानों पर गोवर्धन पूजा के ही दिन अन्नकूट का उत्सव भी मनाया जाता है। अन्नकूट यानि कई अन्नों का मिश्रण। गोवर्धन पूजा का संबंध धन और अन्न से है। भारतीय शास्त्रों के अनुसार इस दिन इन्द्र, अग्नि और वरुण देवता की पूजा करना शुभ होता है। गोवर्धन पूजा के दिन लोगों के द्वारा गाय-बैल की पूजा भी की जाती है। गोवर्धन पूजा के दिन भगवान कृष्ण की भी पूजा की जाती है। इस दिन भारत के कई कृष्ण मंदिरों में भक्तों के द्वारा भंडारे किये जाते हैं…गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें!

शेयर बाज़ार में इस सप्ताह


इस सप्ताह शेयर बाज़ार की स्थितियों पर नज़र डालें तो, सोमवार, 28 अक्टूबर को शेयर बाज़ार में मंदी का संकेत मिलता दिखाई दे रहा है। इसके बाद 29 व 30 अक्टूबर को यानी मंगलवार व बुधवार को भी बाज़ार में मंदी ही रहेगी। हालांकि गुरूवार, 31 अक्टूबर को भी बाज़ार में कुछ ख़ास संकेत दिखाई नहीं दे रहे हैं। ऐसे में अगर इस पूरे सप्ताह की बात करें तो इस पूरे ही सप्ताह चीनी, मनोरंजन, वाहन, बैंकिंग व निवेश क्षेत्रों में मंदी रह सकती हैं। जबकि एफ. एम. सी. जी., सरकारी, ऊर्जा, तकनीकी क्षेत्रों में स्थिति मिली जुली रहेगी। इसके अलावा रसायन, ज़मीन-जायदाद, इस्पात, सीमेंट व फार्मास्युटिकल्स क्षेत्रों की स्थितियाँ कुछ बेहतर रहने की उम्मीद है। 


जन्मदिन विशेष 


इस सप्ताह में भारतीय खेल जगत के जाने माने बॉक्सिंग खिलाड़ी विजेंद्र का जन्मदिन 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इसके साथ ही बॉलीवुड अभिनेत्री रीमा सेन का जन्मदिन भी इसी दिन मनाया जायेगा। इसके साथ ही बॉलीवुड की चहेती एश्वर्या राय बच्चन का जन्मदिन भी इस सप्ताह 1 नवंबर को मनाया जायेगा। बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान का जन्म दिन भी इसी हफ्ते 2 नवंबर को मनाया जाना है। वहीं संगीत जगत के जाने माने चेहरे अन्नु मलिक का जन्म दिन सप्ताह के अंतिम दिन यानि 3 नवंबर को मनाया जायेगा, यह कहना गलत नहीं होगा कि इस सप्ताह बॉलीवुड में पार्टियों का दौर जारी रहेगा। खैर इन सभी को हमारी ओर से जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। चलिये अब विस्तार से जानते हैं कि यह सप्ताह आपके लिये कैसा रहेगा। 

यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष


सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा के सातवें भाव में होने के कारण आप अपने घरेलू कार्य में व्यस्त रहेंगे। इस समय परिजनों के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। हालांकि किसी समस्या के कारण आपको मानसिक तनाव की शिकायत रह सकती है। हालाँकि तनाव से बचने का प्रयास करें। हालाँकि व्यापार के नज़रिए से देखें तो सप्ताह बढ़िया दिखाई दे रहा है। इसके बाद चंद्रमा आपकी कुंडली...आगे पढ़ें



प्रेमफल 

यह सप्ताह प्रेम जीवन के लिए बहुत ज्यादा अनुकूल नहीं है। हालाँकि पंचम भाव में शनि की दृष्टि से प्रेम जीवन में परेशानियाँ पैदा हो सकती हैं। हालाँकि इस सप्ताह प्रेम संबंधों में थोड़े बहुत सुधार...आगे पढ़ें

वृषभ


सप्ताह की शुरुआत में कार्य क्षेत्र में आप अच्छा कार्य करेंगे। आपके प्रयासों में भी वृद्धि होगी। दरअसल चंद्रमा इस समय आपके छठे भाव में होगा। इसके कारण आपको क़ानूनी मामलों में भी जीत हासिल होगी और शत्रुओं पर आपका भय कायम रहेगा। जहाँ तक आर्थिक पक्ष का सवाल है तो इसमें आपको निराशा हासिल हो सकती है। क्योंकि इस समय आपके ख़र्चों में वृद्धि होगी। आप बैंक से...आगे पढ़ें

प्रेमफल

यह सप्ताह प्रेम संबंधों के लिए अनुकूल नहीं है। आपके पंचम भाव में बैठ मंगल रिश्ते में समस्या पैदा करेगा। प्रियतम और आपके बीच छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा हो...आगे पढ़ें

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मिथुन


इस सप्ताह की शुरुआत में आपके लिए कई तरह से लाभ प्राप्ति के योग बन रहे हैं। इस समय चंद्रमा आपकी राशि से पंचम भाव में होगा। संतान अपने कार्य क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करेगी। उनके अच्छे प्रदर्शन से आप गर्व महसूस करेंगे। वहीं छात्रों के लिए यह समय अनुकूल होगा। अध्ययन में उन्हें सफलता...आगे पढ़ें

प्रेमफल 

यह सप्ताह रिलेशनशिप के लिए चुनौतियों से भरा है। लव पार्टनर के साथ विवाद हो सकता है। किसी बात को लेकर पार्टनर आपके ऊपर गुस्सा कर सकता है। इसलिए ऐसा कोई भी कार्य न करें जिससे कि पार्टनर आपसे नाराज...आगे पढ़ें

कर्क 


इस सप्ताह की शुरुआत अच्छी होगी। आप अपने परिजनों के साथ समय व्यतीत करेंगे, उनका साथ पाकर आपको आनंद आएगा। माता जी का आशीर्वाद प्राप्त होगा और उनकी सेहत भी दुरुस्त रहेगी। वहीं कार्य क्षेत्र में भी आप अच्छा करेंगे और आपको इसका ईनाम भी मिलेगा। आपके कार्य की प्रशंसा होगी। वहीं चंद्रमा जब आपके पंचम भाव में गोचर करेगा...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल 

इस सप्ताह आपका प्रेम जीवन मधुर रहेगा। यदि प्रियतम के साथ किसी तरह का मनमुटाव है तो वह दूर होगा और दोनों के बीच के रिश्ते सामान्य होंगे। शुक्र की पंचम भाव में उपस्थिति से रिश्ते में रोमांस का स्वाद घुलेगा और लव पार्टनर के साथ...आगे पढ़ें

सिंह


यह सप्ताह सिंह राशि के जातकों के लिए मिला-जुला रह सकता है। सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा आपकी राशि से तृतीय भाव में गोचर करेगा। इस दौरान आपके छोटे भाई बहनों को किसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस समय आपको अकारण किसी यात्रा करनी पड़ सकी है। हालाँकि यात्रा के समय भी आपको मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है। हालाँकि...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल 

यह सप्ताह प्रेम संबंधों के लिए मिला जुला रह सकता है। इस सप्ताह आप अपने प्रियतम से मुलाकात करना चाहेंगे, लेकिन इसके लिए समय निकालना...आगे पढ़ें


कन्या


इस सप्ताह चंद्रमा आपकी राशि से दूसरे, तीसरे, चौथे और पाँचवें भावों में गोचर करेगा। इसके साथ ही शुक्र का गोचर भी आपकी राशि से तीसरे भाव में हो रहा है। सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा के दूसरे भाव में होने से आप धन संचय करने में कामयाब होंगे। हालाँकि इस समय परिवार में उतार-चढ़ाव की परिस्थितियाँ आएंगी, जिसके लिए आपको तैयार रहना होगा। अच्छी बात...आगे पढ़ें

प्रेमफल

यह सप्ताह आपके प्रेम संबंधों के लिए अच्छा बीतेगा। प्रियतम के साथ आपकी नज़दीकियाँ बढ़ेंगी। उनके साथ समय बिताने का भी भरपूर मौक़ा मिलेगा। यदि आप लव पार्टनर आपका सहकर्मी है तो और भी शानदार अवसरों का निर्माणके...आगे पढ़ें

तुला


इस सप्ताह की शुरुआत में आप मानसिक रूप से प्रसन्न रहेंगे। आपकी सेहत भी बढ़िया रहेगी और आप अपने काम पर भी ध्यान देंगे। वहीं लोग आपकी पर्सनालिटी की ओर भी आकर्षित होंगे। आपके चेहरे का तेज लोगों को प्रभावित करेगा। इस दौरान आप दूसरों से अपने छोटे मोटे कार्य को आसानी से निकाल पाने में सफल होंगे। जब चंद्रमा आपके पहले भाव को छोड़कर...आगे पढ़ें

प्रेमफल

प्रेम संबंध के लिए यह सप्ताह आपके लिए थोड़ा नाजुक है। इस सप्ताह आपका प्यार आपकी परीक्षा ले सकता है। प्रियतम और आपके बीच का रिश्ता अन्य दिनों की अपेक्षा इतना अच्छा शायद न रहे। दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर भी नोक-झोक हो सकती है। साथी आपसे नाराज़ हो...आगे पढ़ें

वृश्चिक


सप्ताह की शुरुआत में आपके ख़र्चों में अधिक वृद्धि होने की संभावना है। ऐसा इसलिए संभव है क्योंकि चंद्रमा इस समय आपके व्यय यानि 12वें भाव में होगा। इस अवधि में विदेश यात्रा के योग भी बन रहे हैं। आप अपने परिवार या किसी खास के साथ समुद्र तटीय पर्यटक स्थलों में घूमने जा सकते हैं। इस समय आप धन की बचत को लेकर आप ध्यान नहीं देंगे। शुक्र के गोचर...आगे पढ़ें

प्रेमफल

इस सप्ताह आपके प्यार की गाड़ी सपाट दौड़ेगी। आपका आकर्षक व्यक्तित्व उन्हें अपनी ओर खींचेगा। इस बीच आप भी साथी के साथ एकांत समय बिताना चाहेंगे। यदि आप दोनों आस-पास रहते हैं तो मिलने का समय भी मिलेगा। लेकिन...आगे पढ़ें

धनु


इस सप्ताह चंद्रमा आपके ग्यारहवें, बारहवें, पहले और दूसरे भावों में गोचर करेगा। वहीं इस हफ्ते शुक्र ग्रह भी अपनी राशि परिवर्तन कर रहा है और इस परिवर्तन के कारण शुक्र आपकी राशि से बारहवें भाव में गोचर करेगा। सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा आपके लाभ भाव अर्थात एकादश भाव में रहेगा। इस समय आपको अचानक से लाभ की प्राप्ति संभव है। इस अवधि में आप ऐसे...आगे पढ़ें

प्रेमफल 

इस सप्ताह प्रेम संबंध को मधुर बनाने के लिए आपको अधिक प्रयास करने होंगे। ख़ासकर आपको धैर्य रखना होगा। क्योंकि संभव है कि आप जो कुछ साथी से चाहते हैं आपको...आगे पढ़ें

मकर


इस सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा आपकी राशि से दशम भाव में गोचर करेगा। कुंडली में दसवाँ भाव कर्म का भाव कहलाता है। इस भाव में चंद्रमा का गोचर आपके कार्य क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लेकर आएगा। इस समय कार्य क्षेत्र में आपकी तरक्की होने की संभावना है। इस समय आप अपने कार्य को प्राथमिकता देंगे और आपका पूरा ध्यान भी अपने कार्य के प्रति लगेगा। ऑफिस में...आगे पढ़ें

प्रेमफल 

इस सप्ताह आपका प्रेम जीवन सुखद रहेगा। प्रियतम आपकी भावनाओं की कद्र करेगा और हर ज़रुरी काम में वह आपके साथ खड़ा होगा। उनके साथ आप अपने जीवन का की़मती...आगे पढ़ें

कुंभ


सप्ताह की शुरुआत में आपको कठिन समय का सामना करना पड़ सकता है। इस समय किसी यात्रा के भी योग बन रहे हैं। चंद्रमा के नवम भाव में होने से कार्य क्षेत्र में आप अधिक परिश्रम करेंगे और आपको उस परिश्रम का लाभ भी प्राप्त होगा। पिताजी को इस समय आर्थिक लाभ मिलेगा। उनके चेहरे की ख़ुशी पूरे परिवार में ख़ुशी की लहर बनकर दौड़ेगी। जब चंद्रमा आपके दशम भाव में गोचर...आगे पढ़ें

प्रेमफल

इस सप्ताह आपको प्रेम संबंधी मामलों में थोड़ा संभलकर चलना होगा। ख़ासकर आपको अपने क्रोध पर काबू रखने की आवश्यकता होगी। ध्यान रहे, आपकी कोई बात आपके प्रियतम के दिल को चोट पहुँचा सकती है। इसलिए सोच समझकर...आगे पढ़ें

मीन


इस सप्ताह की शुरुआत आपकी संतान के लिए अच्छी रहेगी। वह अपने कार्य क्षेत्र में कामयाबी हासिल करेगी। छात्रों के लिये सप्ताह की शुरुआत थोड़ी ठीक नहीं है। उन्हें पढ़ाई में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। पढ़ाई से भी ध्यान भटक सकता है। सेहत के नजरिए से देखें तो इस समय आपकी सेहत थोड़ी नाजुक रह सकती है। परंतु ध्यान रहे, इसके प्रति...आगे पढ़ें

प्रेमफल

इस सप्ताह आपका प्रेम जीवन अच्छा रहेगा। हालाँकि प्रियतम आपसे किसी प्रकार की डिमांड कर सकता है। यदि आप उनकी इस डिमांड को पूरा करने में सक्षम हों तो जरुर करें अन्यथा उन्हें प्यार से बताएँ कि फिलहाल आप उनकी ये मांग अभी पूरी नहीं कर पाएंगे। सप्ताह की...आगे पढ़ें
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आज मनाया जाएगा दिवाली और नरक चतुर्दशी का त्योहार

जानें दिवाली और नरक चतुर्दशी का शुभ मुहूर्त और पाएँ मां लक्ष्मी व श्री गणेश का आशीर्वाद।


साल 2019 में दीपावली का त्यौहार 27 अक्टूबर को मनाया जायेगा। दिवाली का त्योहार पूरे भारत में बड़े धूम धाम से मनाया जाता है। इस त्योहार का इंतजार हर किसी को रहता है। दिवाली की रात को चारों तरफ रोशनी बिखरी रहती है इसलिये इसे प्रकाशोत्सव भी कहा जाता है। इस त्यौहार को भगवान राम के अयोध्या वापस आने की खुशी में मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने घर में और घरों के बाहर घी के दीये जलाते हैं। दीपावली के त्योहार को सकारात्मकता का त्योहार भी माना जाता है क्योंकि इस दिन पूजा इत्यादि करके लोग अपने जीवन से नकारात्मकता को दूर करने की कोशिश करते हैं।

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दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त


लक्ष्मी पूजा मुहूर्त्त18:44:04 से 20:14:27 तक
अवधि1 घंटे 30 मिनट
प्रदोष काल17:40:34 से 20:14:27 तक
वृषभ काल18:44:04 से 20:39:54 तक

नोट: यह मुहूर्त नयी दिल्ली, भारत के लिये प्रभावी है। 


हिंदू पंचांग के अनुसार कब मनायी जाती है दीपावली 


दिवाली के त्योहार को अमावस्या के दिन मनाया जाता है यानि इस दिन चाँद आकाश में उदित नहीं होता। कार्तिक मासे की अमावस्या को प्रदोष काल के दौरान दीपावली का पर्व मनाया जाता है और इसी समय महालक्ष्मी पूजन भी किया जाता है। यदि दो दिनों तक अमावस्या की तिथि प्रदोष काल को स्पर्श नहीं करती है तो दिवाली दूसरे दिन मनायी जाती है। दिवाली मनाने को लेकर इसके अलावा और मत भी हैं लेकिन इस मत को सबसे ज्यादा माना जाता है।


दिवाली के दिन कैसे करें लक्ष्मी जी का पूजन 


हिंदू धर्म के मुख्य त्योहारों में से एक दिवाली के दिन माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इसके साथ ही भगवान गणेश और माता सरस्वती को भी इस दिन पूजा जाता है। इस दिन लोगों के द्वारा अपने घर और पूजा स्थल की सफाई की जाती है क्योंकि मान्यता है कि इस दिन माता लक्ष्मी धरती पर आती हैं। लक्ष्मी पूजा के समय आपको कुछ बातों का ख्याल रखना चाहिये जिनके बारे में नीचे बताया गया है। 


  • जैसा कि हर महत्वपूर्ण त्योहार के दिन स्नान ध्यान का अलग महत्व है उसी तरह दिवाली वाले दिन भी आपको सुबह उठकर स्नान ध्यान करना चाहिये। 
  • खुद की सफाई के बाद आपको अपने घर और पूजा स्थल को भी साफ करना चाहिये। 
  • इस दिन घर में गोमूत्र या गंगाजल का छिड़काव करें और घर को शुद्ध करें। 
  • सुबह के समय आप गायत्री मंत्र या ऊं नम: शिवाय का जाप करके मन को शुद्ध करें। 
  • इस दिन घर के द्वार पर रंगोली बनायें और वहां दीये रखें। 
  • पूजा स्थल की सफाई के बाद एक लाल कपड़ा बिछाकर वहां माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करें। 
  • इसके बाद दीपक जलाएं और दीप, मौली, जल, चावल, गुड़ इत्यादि भगवान को अर्पित करें। 
  • इस दिन पूजा के समय घर के सभी सदस्या अगर साथ रहें तो शुभ माना जाता है। 
  • पूजा की समाप्ति के बाद प्रसाद बांटें और अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करें। 


साल 2019 में दिवाली के दिन ही नरक चतुर्दशी का त्योहार भी मनाया जाएगा। यानि नरक चतुर्दशी भी इस साल 27 अक्टूबर को ही मनायी जाएगी। हिंदू धर्म को मानने वालों द्वारा इस दिन यमलोक के राजा यमराज की पूजा की जाती है। इस दिन यमराज की पूजा करने से मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है और अकाल मृत्यु भी नहीं होती।

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नरक चतुर्दशी के दिन पूजा



  • इस दिन की शुरुआत आपको तन और मन को स्वच्छ करने के साथ करनी चाहिये। 
  • स्नान-ध्यान करने के बाद शरीर पर तिल के तेल की मालिश करना भी इस दिन शुभ माना जाता है। 
  • इस दिन यमराज की पूजा की जाती है इसलिये दक्षिण दिशा की और मुख करके इस दिन पूजा की जानी चाहिये। 
  • यमराज को प्रसन्न करने के लिये इस रोज घर के मुख्य द्वार से बाहर दीया जलाया जाना चाहिये। 
  • यमराज के साथ-साथ भगवान कृष्ण को पूजने से इस दिन इंसान में अच्छे गुण आते हैं। 

नरक चतुर्दशी के की अर्धरात्रि में यानि की निशीथ काल के दौरान अपने घर को साफ करना चाहिये। इस दौरान घर में पड़े गैर जरुरी सामान को दूर कर देना चाहिये। 

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काली चौदस आज, जानें पूजा मुहूर्त एवं व्रत विधि

काली चौदस का पर्व दिवाली के एक दिन पहले यानि कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। आम बोल चाल की भाषा में इसे छोटी दिवाली भी कहते हैं। नरक चतुर्दशी, रूप चौदस, भी इस पर्व के प्रचलित नाम हैं। हिन्दू पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन लोग अभ्यंग स्नान करने के बाद यमराज की पूजा का विधान है। ऐसा करने से अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है। इस दिन संध्या के समय दीप जलाए जाते हैं। 



काली चौदस पूजा मुहूर्त


दिनाँककाली चौदस निशीथ पूजा का मुहूर्तकुल अवधि
26-27 अक्टूबर, 201923:39 से 24:31 बजे तक52 मिनट

अभ्यंग स्नान का शुभ मुहूर्त

दिनांक27 अक्टूबर, 2019
समय05:15:59 से 06:29:17 तक
अवधि1 घंटे 13 मिनट

ऊपर दिया गया समय नई दिल्ली (भारत) के लिए है। अपने शहर के अनुसार जानें - अभ्यंग स्नान का शुभ मुहूर्त एवं पूजा विधि

क्यों मनाया जाता है काली चौदस का पर्व


मान्यता के अनुसार, काली चौदस का पर्व भगवान विष्णु जी के नरकासुर नामक राक्षस पर विजय प्राप्त करने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस पर्व का संबंध माँ काली के पूजन से भी है। आज के दिन तांत्रिक विद्या सीखने और तांत्रिक क्रिया करने का विशेष दिन होता है। माँ काली को तांत्रिक विद्याओं की देवी माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि कोई साधक आज के दिन यदि माँ काली को प्रसन्न कर लेता है तो उसे अष्टसिद्धि प्राप्त होती है। काली चौदस के दिन माँ काली की आराधना से भक्तों के जीवन से शारीरिक और मानसिक परेशानियाँ समाप्त हो जाती हैं।

काली चौदस के दिन अभ्यंग स्नान का महत्व


नरक चतुर्दशी के दिन अभ्यंग स्नान का बड़ा महत्व होता है। ऐसा कहा जाता है कि यदि इस पावन दिन पर शुभ मुहूर्त के समय अभ्यंग स्नान किया जाए तो व्यक्ति को नर्क के भय से मुक्ति मिलती है। अभ्यंग स्नान से पहले शरीर पर तिल के तेल की मालिश की जाती है, इसके बाद अपामार्ग (चिरचिरा) की पत्तियाँ स्नान हेतु पानी में डाली जाती है और उसके बाद ही इससे स्नान किया जाता है। इसके साथ ही ऐसा करने से यमराज प्रसन्न होते हैं, जिससे व्यक्ति को अकाल मृत्यु से छुटकारा मिलता है और पापों से मुक्ति मिलती है। 

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काली चौदस की पूजन विधि


  • प्रात:काल सूर्य उदय से पहले स्नान करें। 
  • इस दौरान तिल के तेल से शरीर की मालिश करें।
  • उसके बाद अपामार्ग यानि चिरचिरा (औधषीय पौधा) को सिर के ऊपर से चारों ओर 3 बार घुमाएँ।
  • इससे पूर्व कार्तिक कृष्ण पक्ष की अहोई अष्टमी के दिन एक लोटे में पानी भरकर रखें।
  • काली चौदस के दिन इस लोटे का जल नहाने के पानी में मिलाएँ।
  • स्नान के बाद दक्षिण दिशा की ओर हाथ जोड़कर यमराज से प्रार्थना करें। 
  • इस दिन यमराज के निमित्त तेल का दीया घर के मुख्य द्वार से बाहर की ओर लगाएं।
  • शाम के समय सभी देवताओं की पूजन के बाद तेल के दीपक जलाकर घर की चौखट के दोनों ओर, घर के बाहर व कार्य स्थल के प्रवेश द्वार पर रख दें।
  • आज के दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करें।
  • इस दिन निशीथ काल (अर्धरात्रि का समय) में घर से बेकार के सामान फेंक देना चाहिए। इस परंपरा को दारिद्रय नि: सारण कहा जाता है।

काली चौदस (नरक चतुर्दशी) से जुड़ी पौराणिक कथा 


पौराणिक कथा के अनुसार नरकासुर नामक राक्षस ने अपनी शक्तियों से देवताओं और साधु संतों को आतंकित कर 16 हज़ार स्त्रियों को बंधक बना लिया था। नरकासुर के आतंक से परेशान होकर समस्त देवतागण एवं साधु-संत भगवान श्री कृष्ण की शरण में पहुँचे। तब श्री कृष्ण जी ने सभी को नरकासुर के आतंक से मुक्ति दिलाने का आश्वासन दिया। 

नरकासुर को स्त्री के हाथों से मरने का श्राप था इसलिए श्री कृष्ण जी ने अपनी पत्नी सत्यभामा की मदद से कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरकासुर का वध किया और उसकी क़ैद से 16 हज़ार स्त्रियों को आज़ाद कराया। बाद में ये सभी स्त्रियाँ भगवान श्री कृष्ण की पट रानियां कहलायीं। नरकासुर के वध के बाद लोगों ने कार्तिक मास की अमावस्या को अपने घरों में दीये जलाकर ख़ुशियाँ मनायीं और तभी से नरक चतुर्दशी और दीपावली का त्यौहार मनाया जाने लगा।
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आज धनतेरस पर ऐसे करें कुबेर देव को खुश।

जानें धनतेरस की पूजा का शुभ मुहूर्त और साथ ही पढ़ें इस दिन खरीदारी के वक़्त किन बातों का रखें विशेष ध्यान। 


धनतेरस का त्योहार आज यानी 25 अक्टूबर को मनाया जायेगा। इसी दिन से दीपावली की शुरुआत भी मानी जाती है। धनतेरस का दिन धन के देवता कुबेर, आरोग्य के देवता धन्वंतरी और माता लक्ष्मी को समर्पित माना जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी और कुबेर देव को प्रसन्न करने के लिये जातकों द्वारा पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन बाजारों में लोगों की भीड़ उमड़ती है। लोगों द्वारा इस दिन सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन इत्यादि खरीदे जाते हैं। हालांकि आधुनिक दौर में लोग इस दिन घर के जरुरी सामान भी अब खरीदने लगे हैं।


धनतेरस पूजा मुहूर्त 2019


धनतेरस मुहूर्त 19:10:19 से 20:15:35 तक
अवधि :1 घंटे 5 मिनट
प्रदोष काल17:42:20 से 20:15:35 तक
वृषभ काल :18:51:57 से 20:47:47 तक

नोट- ये धनतेरस मुहूर्त केवल नई दिल्ली के लिए प्रभावी होगा। अपने शहर का मुहूर्त जानने के लिए यहाँ पढ़ें।

शास्त्रों के अनुसार धनतेरस के नियम 


हिंदू पंचांग के अनुसार धनतेरस का त्योहार कार्तिक माह में मनाया जाता है। हालांकि इसमें यह बात ध्यान देने योग्य है कि कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की उदयव्यापिनी त्रयोदशी को यानि त्रयोदशी तिथि यदि सूर्य उदय के साथ शुरु होती है तो धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। इसी दिन प्रदोष काल में लोगों द्वारा यमराज को दीपदान भी किया जाता है। 

"आइये जानते है नववर्ष 2020 में सभी राशि के जातकों का राशिफल कैसा होगा"

धनतेरस के दिन क्या खरीदें और क्या न खरीदें


  • इस दिन बर्तन खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। कुबेर देव को चांदी अति प्रिय है इसलिये इस दिन चांदी के बर्तन खरीदने चाहिये। 
  • चांदी के अलावा पीतल के बर्तन भी खरीदे जा सकते हैं। 
  • माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिये इस दिन यंत्र, कौड़ियां और धनिया खरीदना चाहिये। 
  • घर के जरुरत के सामान भी इस दिन खरीदे जा सकते हैं। 
  • धनतेरस के दिन गाड़ी खरीदना शुभ नहीं माना जाता। 
  • कांच का सामान खरीदने से भी इस दिन बचना चाहिये। 
  • इस दिन काले रंग की चीजों को खरीदने से परहेज करना चाहिये। 

धनतेरस के दिन इन बातों का रखें ध्यान 


हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोग धनतेरस के दिन माता लक्ष्मी, कुबेर देव और धन्वंतरी देव को पूजते हैं और कामना करते हैं कि उनके जीवन में शांति और समृद्धि और आरोग्य बना रहे। हालांकि इस दिन लालच वश भगवान की पूजा नहीं की जानी चाहिये। बल्कि आपके मन में यह भाव होना चाहिये कि आप धन से लोगों की सहायता करेंगे और समाज में भी अच्छाईयां फैलाएंगे। लक्ष्मी आपके घर में तभी प्रवेश करेगी जब आपके मन में किसी के प्रति द्वेष की भावना नहीं होगी और आपका मन साफ होगा। यदि आप किसी के प्रति गलत भावना रखते हैं तो लक्ष्मी प्राप्ति में आपको बाधाएं आ सकती हैं।


धनतेरस पूजा विधि 


  • धनतेरस के दिन सुबह स्नान इत्यादि करके आपको स्वच्छ वस्त्र पहनने चाहिये। इसके साथ ही आपको अपने घर की सफाई भी करनी चाहिये। 
  • इस दिन आरोग्य के देवता धन्वंतरि देव की पूजा षोडशोपचार से की जानी चाहिये। इसके साथ ही माता लक्ष्मी का ध्यान भी पूजा करते वक्त किया जाना चाहिये। 
  • परिवार के सब लोगों को पूजा में शामिल होना चाहिये और पूजा समाप्ति के बाद सबमें प्रसाद बांटा जाना चाहिये। 
  • शाम के वक्त घर के मुख्य़ द्वार पर दीये जलाने चाहिये। 
  • शाम के वक्त विधि विधान से माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिये।

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बुध का वृश्चिक में गोचर आज, जानें प्रभाव

बुध के राशि परिवर्तन से इन 4 राशियों को होगा फायदा! पढ़ें आज को होने वाले बुध के वृश्चिक राशि में गोचर का ज्योतिषीय प्रभाव।



आकाश मंडल में बुध ग्रह आकार में सबसे छोटा है। लेकिन इसकी चाल सभी ग्रहों की चाल से तेज है। इसलिए बुध ग्रह के गोचर की समयावधि भी सबसे कम है। यह एक राशि में लगभग 14 दिनों तक रहता है। बुध ग्रह को नवग्रहों में युवराज का दर्जा प्राप्त है। 

यह बुद्धि, तार्किक क्षमता, गणित, वाणी एवं हरे वर्ण का कारक है। 12 राशियों में से इसे मिथुन और कन्या राशि का स्वामित्व प्राप्त है। बुध कन्या में उच्च का और मीन में नीच का होता है। वहीं नक्षत्रों में अश्लेषा, रेवती और ज्येष्ठा नक्षत्रों का अधिपति है। 

बुध एक तटस्थ ग्रह है और अपनी तटस्था के कारण न तो यह ग्रह सौम्य और न ही क्रूर। बुध ग्रहों की संगति के अनुसार ही फल देता है। कहने का तात्पर्य ये है कि यह शुभ ग्रहों के साथ अच्छे और क्रूर ग्रहों के साथ समस्याकारक फल देता है।

यदि किसी जातक की कुंडली में जातक की जन्म कुंडली में बुध ग्रह मजबूत स्थिति में हो तो यह जातक को अच्छा वक्ता, गणितज्ञ, तेज-तर्रार, चालाक बनाता है। जबकि बुध के कमजोर या अस्त होने से जातक की कम्यूनिकेशन स्किल्स और गणित कमज़ोर होती है। जातक मंद बुद्धि का होता है। इसलिए बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए जातकों को बुध ग्रह की शांति के उपाय करने चाहिए।

बुध के वृश्चिक में गोचर की समयावधि

बुध देव 23 अक्टूबर 2019, बुधवार रात्रि 22:47 बजे वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे और 31 अक्टूबर 2019, बृहस्पतिवार को रात्रि 20:33 बजे वक्री हो जाएंगे। इस स्थिति में ये 7 नवंबर 2019, बृहस्पतिवार की शाम 16:04 बजे तक इसी राशि में स्थित रहेंगे। ऐसे में आइये जानते हैं बुध के इस गोचर का सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव होगा।

मेष


बुध आपकी राशि से अष्टम भाव में स्थित होंगे। कुंडली के अष्टम भाव को आयुर्भाव कहा जाता है। इस भाव से जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव, अचानक से होने वाली घटनाएँ, आयु, रहस्य, शोध आदि को देखा जाता है। गोचर के प्रभाव से आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।……..आगे पढ़ें


वृषभ


बुध आपकी राशि से सप्तम भाव में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष में कुंडली के सातवें भाव से व्यक्ति के वैवाहिक जीवन, जीवनसाथी एवं जीवन के अन्य क्षेत्रों में बनने वाले पार्टनर्स का विचार किया जाता है। इस समय विवाहित जातकों के वैवाहिक जीवन में ख़ुशियाँ आएँगी।……..आगे पढ़ें

मिथुन


बुध आपकी राशि से षष्ठम भाव में गोचर करेंगे। ज्योतिष में इस भाव को शत्रु भाव कहा जाता है। इस भाव से विरोधियों, रोग, पीड़ा, जॉब, कम्पीटीशन, रोग प्रतिरोधक क्षमता, शादी-विवाह में अलगाव एवं क़ानूनी विवादों को देखा जाता है। बुध का यह गोचर आपके लिए बहुत ज्यादा अनुकूल नहीं है।……..आगे पढ़ें

कर्क


बुध आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर करेंगे। कुंडली में इस भाव को संतान भाव के नाम से भी जाना जाता है। इस भाव से रोमांस, संतान, रचनात्मकता, बौद्धिक क्षमता, शिक्षा एवं नए अवसरों को देखा जाता है। इस दौरान संतान की सेहत पर ध्यान देना होगा।……..आगे पढ़ें

सिंह


बुध आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर कर रहे हैं। कुंडली के चौथे भाव को सुख भाव कहा जाता है। इस भाव से माता, जीवन में मिलने वाले सभी प्रकार के सुख, चल-अचल संपत्ति, लोकप्रियता एवं भावनाओं को देखा जाता है। गोचर के प्रभाव से आपके जीवन में खुशहाली व समृद्धि आएगी।……..आगे पढ़ें

कन्या


बुध आपकी राशि से तृतीय भाव में जाएंगे। कुंडली में तीसरे घर को सहज भाव कहा जाता है। इस भाव से व्यक्ति के साहस, इच्छा शक्ति, छोटे भाई-बहनों, जिज्ञासा, जुनून, ऊर्जा, जोश और उत्साह को देखा जाता है। गोचर के दौरान आपके साहस और आत्म-विश्वास में वृद्धि होगी।……..आगे पढ़ें

तुला


बुध आपकी राशि से द्वितीय भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में दूसरे भाव से व्यक्ति के परिवार, उसकी वाणी, प्रारंभिक शिक्षा एवं धन आदि का विचार किया जाता है। बुध का गोचर आपके आर्थिक पक्ष के लिए सकारात्मक रहने वाला है। इस दौरान आपको आर्थिक लाभ मिलने की प्रबल संभावना है।……..आगे पढ़ें

वृश्चिक


बुध ग्रह आपकी ही राशि में गोचर करेगा जो आपके प्रथम भाव अर्थात लग्न भाव में स्थित होगा। ज्योतिष में लग्न भाव को तनु भाव कहा जाता है। बुध का गोचर आपके स्वभाव पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इस दौरान आपको मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है।……..आगे पढ़ें

धनु


बुध आपकी राशि से द्वादश भाव में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष में यह भाव व्यय भाव कहलाता है। इस भाव से ख़र्चे, हानि, मोक्ष, विदेश यात्रा आदि को देखा जाता है। बुध का गोचर आपके आर्थिक पक्ष को सबसे अधिक प्रभावित कर सकता है। इस अवधि में आपके ख़र्चें बहुत बढ़ जाएंगे।……..आगे पढ़ें

मकर


बुध आपकी राशि से एकादश भाव में स्थित होगा। कुंडली में एकादश भाव को आमदनी का भाव कहा जाता है। इस भाव से आय, जीवन में प्राप्त होने वाली सभी प्रकार की उपलब्धियाँ, मित्र, बड़े भाई-बहनों आदि को देखा जाता है। बुध का गोचर आपके लिए विभिन्न क्षेत्रों में लाभकारी होगा।……..आगे पढ़ें

कुंभ


बुध आपकी राशि से दशम भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में दशम भाव करियर एवं प्रोफेशनल, पिता की स्थिति, रुतबा, राजनीति एवं जीवन के लक्ष्यों की व्याख्या करता है। इसे कर्म भाव भी कहा जाता है।……..आगे पढ़ें

मीन


बुध आपकी राशि से नवम भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में नवम भाव को भाग्य भाव कहते हैं। इस भाव से व्यक्ति के भाग्य, गुरु, धर्म, यात्रा, तीर्थ स्थल, सिद्धांतों का विचार किया जाता है। गोचर के दौरान आपका भाग्य चमक सकता है।……..आगे पढ़ें
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साप्ताहिक राशिफल (21 से 27 अक्टूबर, 2019)

जानें इस सप्ताह क्या कहते हैं आपके सितारे। अपने भविष्य को सुधारने के लिये पढ़ें हमारा यह साप्ताहिक राशिफल। जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में इस महीने आपको कैसे फल मिलने वाले हैं और किन बातों को लेकर आपको सावधान रहने की जरुरत हैं इसके बारे में भी आपको हमारे राशिफल में बताया जायेगा।


एस्ट्रोसेज के सभी पाठकों को नमस्कार! आज हम आपके लिये लेकर आये हैं 21 से 27 अक्टूबर का साप्ताहिक राशिफल हमारे इस राशिफल में कई महत्वपूर्ण बातें आपको मिलेंगी। हमारे ज्योतिषियों द्वारा हर राशि के लिये कोई न कोई उपाय इस हफ्ते के लिये बताया गया है जिसको करने से आप जीवन में कई परेशानियों से बच सकते हैं। जैसा कि सभी जानते हैं धन जीवन की बहुत बड़ी जरुरत है इसलिये ग्रह नक्षत्रों की चाल को देखते हुए हमारे इस राशिफल में यह भी बताया जायेगा कि आपको आर्थिक पक्ष को सुधारने के लिये क्या करना चाहिये। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों के लिये भी हमारा यह राशिफल काफी उपयोगी साबित हो सकता है क्योंकि उनको अपने करियर क्षेत्र में किन बातों का ध्यान रखना चाहिये और किस तरह अपने करियर को और अच्छा बनाना चाहिये इसके बारे में भी आपको हमारे राशिफल में मिलेगा। तो यदि आप इस हफ्ते को और भी उम्दा बनाना चाहते हैं तो आपको हमारा यह ब्लॉग अवश्य पढ़ना चाहिये। 

इस सप्ताह का हिन्दू पंचांग एवं ज्योतिषीय तथ्य


हिन्दू पंचांग के अनुसार अक्टूबर के इस सप्ताह की शुरुआत कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि से होगी और सप्ताह का अंत कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के साथ होगा। वहीं इस सप्ताह में चंद्र देव कर्क राशि से सिंह, कन्या और तुला राशि में गोचर करेंगे। इसके अलावा इस सप्ताह 24 तारीख को रमा एकादशी, 25 को धनतेरस और प्रदोष व्रत और 26 तारीख को मासिक शिवरात्रि जैसे शुभ दिन हैं। 

सप्ताह में कौन से ग्रह बदलेंगे चाल 


चंद्र ग्रह का गोचर इस सप्ताह कर्क राशि से सिंह, कन्या और तुला राशि में होगा। इसके साथ ही बुद्धि का कारक ग्रह बुध इस सप्ताह अपनी चाल बदलेगा और वृश्चिक राशि में गोचर करेगा। बुध ग्रह को नवग्रहों में युवराज की उपाधि प्राप्त है और यह आपकी बुद्धि के साथ-साथ आपकी वाणी और त्वचा के कारक भी हैं। अर्थात इनके गोचर के कारण कम्यूनिकेशन के क्षेत्र से जुड़े लोगों को फायदा और नुकसान हो सकता है। 

प्रदोष व्रत 2019 की तिथि व व्रत विधि: यहाँ क्लिक कर पढ़ें

शेयर बाज़ार में इस सप्ताह


इस माह के चौथे सप्ताह के शेयर बाज़ार को देखें तो, सोमवार, 21 अक्टूबर को शेयर बाज़ार पर दबाव रहने के संकेत मिलते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद 22 व 23 अक्टूबर को यानी मंगलवार व बुधवार को भी बाज़ार में दबाव बना रहेगा। फिर धीरे-धीरे गुरूवार, 24 अक्टूबर को बाज़ार में मंदी के संकेत बनते नज़र आएँगे। ऐसे में अगर इस पूरे सप्ताह की बात करें तो इस पूरे ही सप्ताह चीनी, मनोरंजन, वाहन, बैंकिंग व निवेश क्षेत्रों में मंदी रहेगी। जबकि तकनीकी, ज़मीन-जायदाद, सीमेंट, रसायन, फार्मास्युटिकल्स, सरकारी, ऊर्जा, एफ. एम. सी. जी., आदि क्षेत्रों में स्थिति ठीक-ठाक रह सकती है। 


जन्मदिन विशेष 


अक्टूबर के इस सप्ताह में बॉलीवुड के जाने-माने कलाकार शम्मी कपूर का जन्मदिन 21 अक्टूबर को मनाया जायेगा। इसके साथ ही अपनी डायलॉग डिलवरी और हांस्य चरित्रों से लोगों को हंसाने वाले दिग्गज कलाकार कादर खान का जन्मदिन भी 22 अक्टूबर को मनाया जाएगा। यह दोनों ही कलाकार भले ही हमारे बीच न हों लेकिन इनकी आदाकारी के लोग आज भी दिवाने हैं। इसके अलावा मालाइका अरोरा का जन्मदिन 23 अक्टूबर और रविना टंडन का जन्मदिन 26 अक्टूबर को मनाया जायेगा। तो आइये अब बात करते हैं इस सप्ताह कैसा रहेगा सभी 12 राशियों का भविष्य। 

यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष 


सप्ताह की शुरुआत में चंद्र देव का गोचर आपके चतुर्थ भाव में होगा, जिसके कारण आप अपनी माता के प्रति स्नेह महसूस करेंगे और उनकी ओर से भी आपको प्रेम और स्नेह की प्राप्ति होगी। इस दौरान आप अपने घरेलू जीवन में आनंद लेंगे और घरेलू कामकाज ...आगे पढ़ें

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प्रेम राशिफल

यदि इस सप्ताह के दौरान प्रेम संबंध के बारे में बात की जाए, तो पंचम भाव का स्वामी सूर्य आपके सातवें भाव में नीच राशि में विराजमान है, जिसकी वजह से प्रेम जीवन में अपनापन तो बरकरार रहेगा, लेकिन आपका प्रियतम किसी बात पर आप से तकरार करने..आगे पढ़ें

वृषभ


आपके लिए इस सप्ताह चंद्र देव का गोचर तीसरे भाव में होगा, जिसके परिणाम स्वरूप आप भाई-बहनों के साथ समय बिताएंगे और उनका ध्यान रखेंगे। छोटी मनोरंजक और आनंददायक यात्राएं होंगी, जिनसे आपको धन लाभ भी होगा। इसके बाद चंद्र देव आप ...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

प्रेम संबंधों के मामले में यह सप्ताह हल्की-फुल्की बातों के साथ अनुकूल ही बीतेगा। पंचम भाव में मंगल की स्थिति आपके प्रियतम को थोड़ा गुस्सैल बनाएगी, जिसकी वजह से वह छोटी-छोटी बातों पर जल्दी गुस्सा होंगे, लेकिन आप अपने प्यार से उन्हें मना भी...आगे पढ़ें

मिथुन


इस हफ्ते की शुरुआत में चंद्र देव आपके दूसरे भाव में गोचर करेंगे, जिससे आपको चारों ओर से अच्छे समाचारों की प्राप्ति होगी। परिवार में सुख शांति आएगी और आपसी सद्भाव में वृद्धि होगी, जिसकी वजह से आपका मन परिवार में खूब लगेगा और आप खुश रहेंगे। मानसिक तनाव से मुक्ति भी मिलेगी। इसके बाद चंद्रमा...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

प्रेम संबंधों के लिए सप्ताह पर दृष्टि डालें, तो पंचम भाव में शुक्र आपकी राशि में खूब प्रेम बरसाएगा और आपके रिश्ते में रोमांस भरे पल आएँगे। जैसे ही चंद्रमा इस भाव में आएगा आप प्यार के सागर में गहराई तक डूब जाएंगे तथा आप और आपका प्रियतम ...आगे पढ़ें

कर्क


आपकी राशि के स्वामी चंद्र देव सप्ताह की शुरुआत में आपकी ही राशि में मौजूद रहेंगे, जिसकी वजह से आप काफी मज़बूती से हर काम कर पाएंगे और आपका मन भी प्रसन्न रहेगा। आप अपने निकटतम लोगों के प्रति भावुक रहेंगे और उनकी परवाह करेंगे। इससे आपका दांपत्य जीवन भी बेहतरीन समय से गुजरेगा। आपके दांपत्य जीवन में खुशी...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

इस सप्ताह के दौरान प्रेम संबंधों में अच्छे परिणामों की प्राप्ति होगी, क्योंकि बुध और गुरु पंचम भाव में विराजमान होने से आपके प्यार में पवित्रता आएगी और एक दूसरे को सोचने और समझने की गहराई से परख होगी। इससे आपका रिश्ता और भी मजबूत होगा तथा...आगे पढ़ें

सिंह 


आपकी राशि के लिए चंद्र देव बारहवें भाव में सप्ताह की शुरुआत में मौजूद रहेंगे, जिससे आपको मानसिक तनाव हो सकता है और ख़र्चों में बढ़ोतरी का सामना भी करना पड़ेगा। सुदूर यात्रा के योग भी बन सकते हैं और अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक होगा। बदलते मौसम के कारण सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार जैसी समस्याएं...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

प्रेम संबंधित मामलों के लिए यह सप्ताह बहुत ही सोच समझ कर चलने वाला है, क्योंकि पंचम भाव में केतु और शनि की उपस्थिति पूरी तरह से आपके प्रेम जीवन को नष्ट करने के लिए आतुर है। ऐसे में छोटी से छोटी बात भी आपके रिश्ते में तनाव और टकराव बढ़ा...आगे पढ़ें

कन्या 


सप्ताह की शुरुआत आपके लिए बेहतरीन अवसर लेकर आएगी क्योंकि चंद्र देव सबसे पहले आपके ग्यारहवें भाव में विराजमान रहेंगे, जिससे आपकी लंबे समय से अटकी हुई परियोजनाएं पूरी होंगी और धन लाभ होगा। साथ ही साथ आपका अपने वरिष्ठ अधिकारियों से मेलजोल बढ़ेगा और उनके कारण कार्य क्षेत्र में भी तरक्की मिलेगी। इसके बाद चंद्र देव...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

प्रेम संबंधित मामलों के लिए यह सप्ताह सामान्य रहने की ओर इंगित कर रहा है। पंचम भाव पर किसी भी ग्रह का प्रतिकूल प्रभाव ना होने के कारण आप अपने प्रेम जीवन में अच्छा...आगे पढ़ें

तुला


तुला राशि के जातकों के लिए सप्ताह की शुरुआत में चंद्र देव आपके दशम भाव में विराजमान होंगे जिसकी वजह से कार्य क्षेत्र पर आप आगे बढ़कर कार्य करेंगे और आपको सराहना भी प्राप्त होगी आप के वरिष्ठ अधिकारी भी आपसे प्रसन्न दिखेंगे जिसका फल आपको अवश्य प्राप्त होगा इसी समय में पारिवारिक जीवन...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

यह सप्ताह प्रेमी युगल के लिए मिश्रित परिणाम लेकर आएगा। सप्ताह के शुरुआती दिन प्रेम जीवन के लिए अनुकूल रहेंगे और एक दूसरे के साथ आपको समय बिताने का भी मौका मिलेगा लेकिन बाद के दिनों में आपसी तनाव की वजह से आप कुछ समय के ...आगे पढ़ें

वृश्चिक 


सप्ताह की शुरुआत में जैसे ही चंद्र देव नवम भाव में जाएंगे आपका मन प्रसन्नता से खिल उठेगा और आपको लंबी दूरी की यात्रा पर जाने का मौका मिलेगा। इससे जहां एक ओर आपको कोई शारीरिक तंदुरुस्ती का एहसास होगा वहीं दूसरी ओर कार्यों में सफलता मिलने से आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी। चंद्रमा का गोचर दशम भाव में होने से...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

प्रेम संबंधों की बात की जाए तो मंगल की पंचम भाव पर पड़ रही दृष्टि के कारण प्रेम संबंधों में कहासुनी होने की संभावना रहेगी जिसकी वजह से बार-बार आपको अपने प्रियतम के गुस्से का सामना करना पड़ेगा, लेकिन दूसरी...आगे पढ़ें

धनु 


धनु राशि के जातकों के लिए सप्ताह का पहला दिन दांपत्य जीवन में कुछ तनाव लेकर आ सकता है लेकिन उसके बाद की स्थिति आपके पक्ष में होंगी और ससुराल पक्ष के लोगों से मिलने जुलने का मौका मिलेगा जिससे पुराने गिले-शिकवे दूर होंगे। हालांकि दूसरी ओर आपका मन किसी अनजाने भय से परेशान रहेगा। इसके बाद चंद्र देव का गोचर...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

साप्ताहिक राशिफल के अनुसार यह हफ्ता प्रेम संबंध के मामले में मिलाजुला परिणाम देने वाला साबित होगा। पंचम भाव पर शुक्र और सूर्य की स्थिति प्यार के मामले में जहां एक ओर अधिक घनिष्ठता देगी वहीं दूसरी ओर हल्की-फुल्की नोक झोंक...आगे पढ़ें

मकर


इस सप्ताह के पहले दिन चंद्रमा आपके सप्तम भाव में विराजमान रहेगा जिससे दांपत्य जीवन में प्रेम की भावना प्रस्फुटित होगी और आपका अपने जीवनसाथी के प्रति नज़रिया बहुत स्नेह से भरा रहेगा। कुल मिलाकर आपका दांपत्य जीवन बेहतरीन समय से गुजरेगा। इंपोर्ट एक्सपोर्ट और विदेशी व्यापार करने वालों को इस दौरान अच्छे समाचार...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

इस हफ्ते आपके प्रेम संबंध काफी अनुकूल रहेंगे और आपका प्रियतम भी आपसे प्रसन्न रहने वाला है। पंचम भाव पर बृहस्पति के प्रभाव के कारण आपके प्रेम जीवन की थोड़ी परीक्षा ज़रूर होगी और यदि प्यार सच्चा है तो आपका प्यार परवान चढ़ेगा। यदि आप...आगे पढ़ें

कुंभ 


कुंभ राशि के लिए इस हफ्ते की शुरुआत चंद्र के छठे भाव में होने से थोड़ी सी कठिन होने वाली है क्योंकि वे अपने कुछ विरोधियों से परेशान रहेंगे और दूसरी ओर उनके खर्चे भी अधिक रहने वाले हैं। मानसिक तनाव में वृद्धि तो होगी ही साथ ही स्वास्थ्य भी थोड़ा कमजोर है सकता है। चंद्रमा का गोचर सप्तम भाव में होने के बाद व्यापारिक...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

यदि सप्ताह के लिए प्रेम संबंध की बात की जाए तो यह कहना गलत नहीं होगा कि यह सप्ताह प्रेमी युगल के लिए मिला जुला परिणाम देने वाला साबित होगा। पंचम भाव में उपस्थित राहू जहां एक ओर आपको हद से आगे बढ़ने वाला बनाएगा वही शनि और केतु की दृष्टि पंचम भाव पर होने से प्रेम संबंधों में तकरार बढ़ेगी। लेकिन पंचम भाव के स्वामी...आगे पढ़ें

मीन 


मीन राशि के लोगों के लिए सप्ताह की शुरुआत में चंद्र का गोचर पंचम भाव में होने से संतान के प्रति आपका स्नेह बढ़ेगा और आप उनके प्रति अधिक गंभीर होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में एकाग्रता बढ़ेगी और विद्यार्थियों को अच्छे परिणामों की प्राप्ति होगी। इसके अतिरिक्त जो लोग कोई कलात्मक कार्य करते हैं, उन्हें उसके माध्यम से अच्छा...आगे पढ़ें

प्रेम राशिफल

प्रेम संबंधों के मामले में यह सप्ताह अच्छा रहने की उम्मीद है क्योंकि सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा अपनी ही राशि में पंचम भाव में होने से आपको काफी इमोशनल और भावुक बना सकता है। लेकिन साथ ही साथ आप अपने प्रियतम के प्रति पूर्ण रूप से...आगे पढ़ें
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अहोई अष्टमी आज, जानें पूजा मुहूर्त एवं व्रत विधि

संतान की दीर्घायु के लिए इस विधि से रखें अहोई अष्टमी व्रत। जानें अहोई अष्टमी की पूजा से जुड़े नियम।



अहोई अष्टमी का व्रत कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आता है। इस दिन अहोई माता की पूजा होती है और चूंकि यह व्रत अष्टमी तिथि को आता है इसलिये इसे अहोई अष्टमी कहा जाता है। इस दिन हिंदू धर्म को मानने वाले लोग अहोई माता की पूजा करते हैं। माना जाता है कि इस दिन यदि पूरी श्रद्धा से माता की पूजा की जाए तो संतान को दीर्घायु और बुद्धि प्राप्त होती है। इस दिन यदि कोई जातक व्रत रखता है तो उसे तारों के दर्शन के बाद ही भोजन करना चाहिये। इस दिन विवाहित महिलाओं द्वारा संतान की प्राप्ति के लिये भी व्रत रखा जाता है। साल 2019 में अहोई अष्टमी का व्रत 21 अक्टूबर को रखा जाएगा। 


अहोई अष्टमी पूजा मुहूर्त


पूजा मुहूर्तसायं 05:46 से 07:02 बजे तक
सायंकालीन तारों का उदय06:10 बजे
चंद्रोदय11:46 बजे


अहोई अष्टमी- व्रत एवं पूजा विधि


इस दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान ध्यान करना चाहिये। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करनी चाहिये। अगर घर में गंगाजल है तो गंगाजल से पूरे घर पर छिड़काव करना चाहिये। इसके बाद शुद्व मन से माता अहोई के व्रत का संकल्प लेना चाहिये। इस दिन माता पार्वती की आराधना की जाती है। माता की पूजा से पहले उनके सामने मूली, सिंघाड़ा, चावल की कटोरी आदि रखने चाहिये और इसके बाद अहोई माता की व्रत कथा का पाठ करना चाहिये। यह कथा घर के सब लोग एक साथ बैठकर सुनें तो शुभ होता है। सुबह की पूजा के दौरान एक लौटे में पानी भरकर उसके ऊपर करवा रखा जाता है। इसमें वही करवा इस्तेमाल होना चाहिये जो करवा चौथ के दिन इस्तेमाल किया जा चुका हो। माता अहोई की पूजा में चांदी की अहोई बनाने की परंपरा भी है, अहोई को स्याहु और साही भी कहा जाता है। शाम माता अहोई की पूजा के बाद आपको अपनी संतान के उज्जवल भविष्य की कामना करनी चाहिये। 


अहोई अष्टमी के दिन क्या न करें


अहोई अष्टमी का व्रत संतान प्राप्ति के लिए किया जाता है। इसलिए इस दिन जो जातक को व्रत रखता है उसे गलती से भी जीव जंतुओं की हत्या करने से बचना चाहिए। इस दिन मिट्टी को खोदना भी नहीं चाहिए क्योंकि मिट्टी में छोटे छोटे जीव जंतु होते हैं और भूलवश आप किसी की हत्या कर सकते हैं। इसके साथ ही अहोई अष्टमी के दिन घर में मांसाहारी भोजन नहीं बनाना चाहिए बल्कि अहोई अष्टमी की व्रत से 1 दिन पहले भी तामसिक भोजन करने से बचना चाहिए। अहोई अष्टमी की व्रत को निर्जल रखा जाता है इसलिए इस दिन पानी भी नहीं है। लड़ाई झगड़ा करने से बचें और घर में यदि छोटे बच्चे हैं तो उनको डांटे ना। अहोई अष्टमी की रात को यदि आप तारों को अर्घ्य देते हैं तो आपको तांबे के लोटे से हरगिज़ नहीं देना चाहिए चांदी या पीतल का लोटा इस्तेमाल करना चाहिए।
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सूर्य का तुला राशि में गोचर, जानें प्रभाव

सूर्य के गोचर से इन 5 राशियों के जातक रहें सावधान! पढ़ें 18 अक्टूबर को होने वाले तुला राशि में सूर्य ग्रह के गोचर का ज्योतिषीय प्रभाव।


ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रह


सूर्य का नाम लेते ही मन में ऊर्जा, प्रकाश, और तेज का भाव आने लगता है। सूर्य के इन्हीं गुणों के कारण ज्योतिष में इसे सभी ग्रहों से श्रेष्ठ माना गया है। सूर्य ग्रह नवग्रहों में प्रधान है। यदि जन्म कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत या बली हो तो यह व्यक्ति को राजसी गुणों से भर देता है। यह व्यक्ति के अंदर नेतृत्व एवं प्रशासनिक क्षमता को विकसित करता है।

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सूर्य प्रबल जातकों का लोग समाज में अनुसरण करते हैं। एक राजा की तरह समाज में उसे मान-सम्मान और अधिकार प्राप्त होते हैं। वैदिक ज्योतिष सूर्य को सिंह राशि का स्वामित्व प्राप्त है। इसलिए सिंह राशि के जातकों पर सूर्य का प्रभाव स्पष्ट रूप में देखने को मिलता है। 

सूर्य एक राशि में एक माह तक रहता है। यानि दूसरे शब्दों में हम इसे ये कह सकते हैं कि सूर्य के गोचर की अवधि तकरीबन एक माह की होती है। सूर्य की उच्च राशि मेष है और तुला इसकी नीच राशि है। यानि इस गोचर के दौरान सूर्य अपनी नीच राशि में प्रवेश करेगा। यहाँ ध्यान देने वाली ये बात है कि कोई भी ग्रह अपनी नीच राशि में पीड़ित अवस्था में होता है। 

गोचर की समयावधि


सूर्य देव अब 18 अक्टूबर 2019, शुक्रवार 00:41 बजे कन्या से तुला राशि में गोचर करेगा और 17 नवंबर 2019, रविवार 00:30 बजे तक इसी राशि में स्थित रहेगा। सूर्य के इस राशि परिवर्तन का प्रभाव सभी राशियों पर होगा। आईये इस राशिफल के माध्यम से डालते हैं उन प्रभावों पर एक नज़र..

मेष


सूर्य देव का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में होने जा रहा है। इस भाव को विवाह भाव भी कहा जाता है। इस भाव में सूर्य के गोचर के चलते आपके वैवाहिक जीवन में कुछ परेशानियां आ सकती हैं। इसके साथ ही पारिवारिक स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं कही जा सकती अपने भाई-बहनों के साथ किसी बात को लेकर आपकी कहासुनी हो सकती है।……..आगे पढ़ें


वृषभ


सूर्य देव का गोचर आपकी राशि से षष्ठम भाव में होगा। काल पुरुष की कुंडली में यह भाव कन्या राशि का होता है और इससे आपके शत्रुओं, आपको होने वाली बीमारियों, कानूनी लड़ाई आदि के बारे में विचार किया जाता है। इस गोचर के दौरान आपको अच्छे फल मिलने की पूरी उम्मीद है……..आगे पढ़ें

मिथुन


सूर्य का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में होगा। यह भाव संतान भाव भी कहलाता है और इससे विद्या और ज्ञान के बारे में भी विचार किया जाता है। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों के लिए यह गोचर शुभ रहेगा। यदि आप लंबे समय से किसी संस्था से जुड़े हैं तो इस समय आपकी पदोन्नति हो सकती है।……..आगे पढ़ें

कर्क


सूर्य के तुला राशि में गोचर के दौरान आपका चतुर्थ भाव सक्रिय अवस्था में रहेगा। इस भाव को सुख भाव भी कहा जाता है और इससे हम आपकी चल-अचल संपत्ति, माता, और समाज में आपकी स्थिति के बारे में विचार करते हैं।……..आगे पढ़ें

सिंह


सूर्य देव आपकी राशि से तृतीय भाव में गोचर करेंगे। काल पुरुष की कुंडली में यह भाव मिथुन राशि का होता है और इससे आपके साहस, पराक्रम, छोटे भाई-बहनों और आपके सामर्थ्य के बारे में विचार किया जाता है। इस दौरान आप खुद को ऊर्जावन महसूस करेंगे और हर काम को पूरी रचनात्मकता के साथ पूरा करने की कोशिश करेंगे।……..आगे पढ़ें

कन्या


सूर्य ग्रह का गोचर आपकी राशि से द्वितीय भाव में होने से आपकी वाणी में इस दौरान कर्कशता आ सकती है। आपके बात करने का तरीका आपके कुछ करीबियों को आपसे दूर कर सकता है इसलिए आपको इस गोचर के दौरान सोच-समझकर बात करने की सलाह दी जाती है।……..आगे पढ़ें

तुला


सूर्य देव का संचरण आपकी राशि से प्रथम भाव या आपके लग्न भाव में होगा। काल पुरुष की कुंडली में यह स्थान मेष राशि का होता है और इससे आपके स्वभाव, स्वास्थ्य और आत्मज्ञान के बारे में विचार किया जाता है। यह गोचर आपको स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानियां दे सकता है।……..आगे पढ़ें

वृश्चिक


सूर्य का गोचर आपकी राशि से द्वादश भा में होगा। इस भाव से हम आपके खर्च, हानि और मोक्ष के बारे में विचार करते हैं। इस राशि के कारोबारियों को इस गोचर के दौरान काम के संबंध में विदेश यात्रा या कोई लंबी दूरी की यात्रा करनी पड़ सकती है।…..आगे पढ़ें

धनु


सूर्य का आपकी राशि से एकादश भाव में संचरण होगा। एकादश भाव को लाभ भाव भी कहा जाता है और इससे हम जीवन में मिलने वाली उपलब्धियों, बड़े भाई बहनों आदि के बारे में विचार करते हैं। इस भाव में सूर्य के गोचर के दौरान आपको अच्छे फल मिलने की पूरी उम्मीद है।……..आगे पढ़ें

मकर


सूर्य देव का गोचर आपकी राशि से दशम भाव में होगा। काल पुरुष की कुंडली में यह भाव मकर राशि का होता है। इस भाव को कर्म भाव भी कहा जाता है और इससे आपके कर्म, आपके पिता और समाज में आपकी स्थिति के बारे में विचार किया जाता है।……..आगे पढ़ें

कुंभ


कुंभ राशि के जातकों के लिए सूर्य का गोचर उनकी राशि से नवम भाव में होगा। काल पुरुष की कुंडली में यह भाव धनु राशि का होता है और इससे आपके भाग्य, लंबी दूरी की यात्राओं और गुरु या गुरुतुल्य लोगों के बारे में विचार किया जाता है। सूर्य के इस गोचर के दौरान आपके पिता के स्वास्थ्य में गिरावट आने की संभावना है।……..आगे पढ़ें

मीन


सूर्य का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में हो रहा है। इस भाव को आयु भाव भी कहा जाता है और इससे हम जीवन में आने वाले उतार-चढ़ावों और अचानक होने वाली घटनाओं के बारे में विचार करते हैं। इस गोचरीय काल में आप अपने लक्ष्य से भटक सकते हैं और लक्ष्य को हासिल करने में आपको परेशानियां भी आ सकती हैं।……..आगे पढ़ें
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