साप्ताहिक राशिफल (24 से 30 जून 2019)

जून माह के अंतिम सप्ताह में नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा, प्रेम, वैवाहिक और पारिवारिक जीवन में क्या आएँगे बदलाव ! पढ़ें इस सप्ताह की सबसे अहम भविष्यवाणियाँ साप्ताहिक राशिफल में। 


साप्ताहिक राशिफल में एस्ट्रोसेज आपके लिए हर बार की तरह लेकर लाया है आने वाले 7 दिनों का संपूर्ण लेखा-जोखा। इसकी मदद से हर राशि के जातकों को हम आने वाली हर समस्या से अवगत कराते हुए उन्हें उनका सामना करने के लिए न केवल तैयार कर देते हैं बल्कि इन सभी चुनौतियों के समाधान हेतु एवं निवारण के लिए हर संभव उपाय भी बताते हैं। इस हफ्ते के साप्ताहिक राशिफल, 24 से 30 जून 2019 की गणना से हमें ये ज्ञात होता है कि इस सप्ताह 6 राशियों के लिए ग्रहों की स्थिति ठीक नहीं रहेगी। इस सप्ताह में विशेष तौर से मेष, मिथुन, कर्क, कुम्भ, मकर और मीन राशि वाले लोगों को संभलकर रहना होगा। क्योंकि इन राशियों के जो जातक पार्टनरशिप के बिज़नेस के क्षेत्र से जुड़े हैं, उन्हें अपने आसपास के लोगों, ख़ास तौर से अपने साझेदार से कुछ परेशानी हो सकती है। इन राशियों के जातकों को किसी प्रकार से अपने शत्रुओं से भी नुक्सान हो सकता है। इन राशियों के लोगों को अपने प्रेम जीवन व अपने दांपत्य अथवा अपने वैवाहिक जीवन में भी बेहद सोच-समझकर रहने की आवश्यकता होगी, क्योंकि इस दौरान इनका साथी या प्रेमी परीक्षा लेते हुए कोई बड़ा फैसला ले सकता है। इसके अलावा अन्य 6 राशि वालाें को इस सप्ताह अपने सितारों का पूरा साथ मिलेगा और ये सप्ताह उनके लिए काफी अच्छा रहेगा।

इस सप्ताह का हिन्दू पंचांग एवं ज्योतिषीय तथ्य


हिन्दू पंचांग के अनुसार, सप्ताह की शुरुआत कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि से होगी और सप्ताह का अंत कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के साथ होगा। वहीं इस सप्ताह में चंद्र देव कुंभ राशि से होते हुए वृषभ राशि तक गोचरीय अवस्था में रहेंगे। इसके अलावा इस सप्ताह में 29 जून, शनिवार को योगिनी एकादशी पड़ रही हैं। इस दिन विशेष रूप से व्यक्ति अपने दुखों से छुटकारा पाने के लिए विष्णु भगवान् जी की आराधना करता है। पुराणों के अनुसार भगवान श्री नारायण की पूजा-आराधना करने का विधान है। बता दें कि श्री नारायण भगवान, भगवान विष्णु का ही एक अन्य नाम है। ऐसे में इस एकादशी पर व्यक्ति के व्रत करने से उसके समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। जिस भी व्यक्ति ने पीपल के वृक्ष को काटने जैसा बड़ा पाप किया है, उस व्यक्ति को भी इस ख़ास दिन व्रत करने से अपने इस पाप से मुक्ति मिल जाती है। कहा तो ये भी जाता है कि इस व्रत के प्रभाव से किसी के दिये हुए श्राप का निवारण भी किया जा सकता है। 

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इस सप्ताह किन ग्रहों की बदलेगी चाल?


इस सप्ताह के ग्रह और नक्षत्र संकेत कर रहे हैं कि ये अवधि खासतौर से वैवाहिक जातकों, प्रेमी युगल या फैशन-डिजाइनिंग के क्षेत्र से जुड़े लोगों व छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है। क्योंकि इस दौरान न केवल उनके प्रेम जीवन में बल्कि उनके वैवाहिक जीवन और समस्त भौतिक सुखों में वृद्धि होने की संभावना देखी जा सकती है। इसलिए यह सप्ताह इन लोगों के लिए विशेष प्रभावशाली साबित होने वाला है। इस सप्ताह की शुरुआत में जहाँ चंद्र देव कुंभ राशि में स्थित होंगे वहीं बाद में वो मीन, मेष और अंत में वृषभ राशि में गोचर करेंगे। जिससे सबसे ज्यादा इन राशि के जातकों पर प्रभाव देखने को मिलेगा। इस दौरान चंद्र देव अलग - अलग नक्षत्रों में भी अपना प्रभाव दिखाएँगे। इसके साथ ही इस सप्ताह अन्य ग्रहों में से मुख्य रूप से शुक्र देव का गोचर अपनी स्वराशि वृषभ से मिथुन में होगा। जिससे देशभर में कई बड़े बदलाव देखे जाएंगे।


शेयर बाज़ार में इस सप्ताह


इस माह के अंतिम सप्ताह के शेयर बाजार पर नज़र डालें, तो इस हफ्ते शेयर बाज़ार में तेजी लगातार बनी रहने की उम्मीद है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि अधिक लाभ कमाने के लिए अगले माह तक निवेशित रहना ही आपके लिए फायदे का सौदा सिद्ध होगा। क्योंकि जून माह के अंत में बाज़ार तेजी के साथ बंद होने की प्रबल संभावना साफ़ तौर पर नज़र आ रही है। 


ICC वर्ल्ड कप में भारत की स्थिति पर एक नज़र


बीते दिनों पाकिस्तान टीम से हुए मुकाबले में जिस प्रकार भारत के योद्धाओं ने क्रिकेट पिच पर पाकिस्तानी टीम के छक्के छुड़ा दिए, उसके बाद ये स्थिति साफ़ हो गई है कि कप्तान कोहली की अगुवाई वाली भारतीय क्रिकेट टीम इस वर्ल्ड कप में अच्छी फॉर्म में नज़र आ रही है। ऐसे में विंडीज के साथ होने वाले 27 जून के मुकाबले में भारत की जीत करीब-करीब तय मानी जा रही है। 

जन्मदिन विशेष 


इस हफ्ते भारत के खेल जगत, फिल्म जगत, राजनीति एवं देश के कई जाने-माने दिग्गजों का जन्मदिन है। इसमें 24 जून को भारतीय उद्यमी और स्वयं निर्मित अरबपति गौतम अदाणी, 25 जून को देश के पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह की जन्मतिथि, बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर का जन्मदिन तथा 26 जून को जाने माने निर्माता नितिन मुकेश अपना जन्मदिन मनाएंगे। जानें इन हस्तियों के लिए कैसा रहेगा आने वाला समय और क्या कहती है उनकी कुंडली। हमारी ओर से इन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएँ। चलिए अब जानते हैं इस सप्ताह का राशिफल:-


यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष


इस सप्ताह चंद्र देव आपकी राशि से एकादश, द्वादश, प्रथम और द्वितीय भावों में गोचर करेंगे। जिससे आपका मन इस समय एक चीज में नहीं लगेगा। आर्थिक पक्ष इस समय मजबूत रहेगा। सरकारी कामों में सफलता मिलने के भी योग हैं। आपको आंखों से जुड़ी कोई समस्या हो सकती है। इसलिए अपनी आंखों का ख्याल रखें। अपने गुस्से पर भी इस दौरान आपको नियंत्रण रखना चाहिए। इस दौरान आप...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- सप्ताह की शुरुआत प्रेम संबंधों के लिए अनुकूल रहेगी। आपका प्रेमी आपके स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए इस दौरान आपको कोई सलाह दे सकता है। शुक्र देव का गोचर आपके तृतीय भाव में होने से सप्ताह के अंत में...आगे पढ़ें

वृषभ


सप्ताह की शुरुआत में चंद्र देव जब आपके दशम भाव में होंगे तो आपकी कार्य कुशलता बढ़ेगी और इस राशि के जातक इस दौरान शिक्षा, नौकरी और कारोबार के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर पाने में सक्षम होंगे। सामाजिक स्तर पर आप लोगों की मदद करने के लिए आगे आ सकते हैं। एकादश भाव में चंद्र के गोचर के चलते आपकी बुद्धि में प्रखरता आ सकती है लेकिन एकाग्रता की कमी आपको एक जगह नहीं टिकने देगी...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- अगर आप अपने लव पार्टनर से दूर रहते हैं तो इस समय उनसे मिलने का प्लान बना सकते हैं। शादीशुदा लोगों को अपने जीवन साथी के स्वास्थ्य का इस वक्त विशेष ख्याल रखना होगा। अगर आप उनके साथ पर्याप्त समय बिताते हैं तो आप...आगे पढ़ें

मिथुन


इस सप्ताह आपके ख़र्चों में वृद्धि होने के पूरे आसार हैं। आप अपने ख़र्चों का इस समय सही से आकलन भी नहीं लगा पाएंगे। अगर आप धन की बचत करना चाहते हैं तो सही बजट प्लान बनाएँ। साथ ही इस सप्ताह शुक्र देव का गोचर आपके लग्न भाव में होने से आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा। इस दौरान आप एक कला प्रेमी की तरह अपनी बातों को लोगों के सामने रखेंगे। मानसिक तौर पर भी इस दौरान आप...आगे पढ़ें


प्रेम जीवन :- इस सप्ताह की शुरुआत में भले ही प्रेम संबंधी मामलों में आपको अच्छे फल न मिलें लेकिन सप्ताह का अंत आपके लिए लाभदायक साबित होगा। सप्ताह के मध्य में किसी बात को लेकर आप...आगे पढ़ें

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कर्क


इस राशि के कारोबारियों को कारोबार के संबंध में इस दौरान विदेश यात्रा पर जाना पड़ सकता है। पारिवारिक जीवन में शुक्र देव की कृपा से सुख शांति बनी रहेगी। वहीं चंद्र गोचर की बात करें तो, आप शारीरिक रुप से खुद को कमजोर पाएंगे। इस समय काम भावना की अधिकता भी आप में देखी जा सकती है। आवश्यकता से अधिक बोलना इस समय आपके लिए ठीक नहीं है इसलिए संयमित बोलने की...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- आपको अपने प्रेमी में इस दौरान एक सच्चा दोस्त दिखाई देगा, अपने प्यार को बयां करने के लिए आपको शब्दों की जरुरत भी नहीं पड़ेगी, आपकी ऑंखें ही आपके दिल के हाल को बताने के लिए काफी होंगी। अगर आप...आगे पढ़ें

सिंह


इस सप्ताह चंद्र देव आपके सप्तम, अष्टम, नवम और दशम भाव में गोचर करेंगे। जिससे आपके व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन आएँगे। समाज के बीच आप अपने वैचारिक कौशल का जादू चला सकते हैं। आपके अभिमान में इस वक्त वृद्धि देखी जा सकती है। इस समय आपके स्वास्थ्य में गिरावट आने की संभावना है इसलिए अपना ध्यान रखें। आप यादों की दुनिया में इस समय खोेए हुए नजर आएँगे। आपको अपने रिश्तेदारों से...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधी मामलों के लिए यह समय बेहतरीन है। सप्ताह के शुरुआत में परिस्थितियां भले ही बहुत अच्छी न हों लेकिन जैसे-जैसे सप्ताह आगे बढ़ेगा जीवन में प्यार और रोमांस की अधिकता भी बढ़ती जाएगी। आपका पार्टनर आपके प्रति...आगे पढ़ें

कन्या


सप्ताह की शुरुआत में आपको धन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। स्वास्थ्य के प्रति भी आपको सचेत रहने की जरुरत है। इस समय आपको आंखों से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। धूल भरे इलाकों में जाने से इस दौरान बचें। इसके बाद चंद्र का गोचर आपके सप्तम भाव में होगा। इस भाव में चंद्र के गोचर के दौरान आपके संबंध अपने साझीदारों से बेहतर होंगे। अगर आप कारोबार करते हैं तो अपने साझेदार के साथ...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधों के लिए यह सप्ताह सामान्य रहेगा। प्रेम जीवन की गाड़ी जैसी चली आ रही है वैसी ही चलती रहेगी। हालांकि इस राशि के वो जातक जो अब तक सिंगल हैं उनकी मुलाकात इस समय किसी खास शख्स से हो सकती है...आगे पढ़ें


तुला


इस सप्ताह व्यापारियों को धन लाभ होने की पूरी संभावना है। साथ ही नौकरी पेशा लोग भी कार्य क्षेत्र में अच्छा कर पाएंगे। इस समय आपको अपनी वाणी पर कंट्रोल रखने की जरुरत है। शुक्र का गोचर आपके नवम भाव में होगा जिसके चलते आपको अचानक धन लाभ होने की संभावना है। हालांकि इस गोचर के चलते आपको कुछ मानसिक परेशानियां भी हो सकती हैं। पारिवारिक स्तर पर भाई-बहनों का सहयोग...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- आपका पार्टनर आपसे कोई राज की बात इस सप्ताह शेयर कर सकता है। आपको उनकी इस बात पर प्रतिक्रिया देने से पहले सोच विचार कर लेना चाहिए। जो लोग लंबे समय से एक दूसरे से जुड़े हैं उन्हें अपने रिश्ते में तरोताजगी लाने के लिए...आगे पढ़ें

वृश्चिक


इस सप्ताह पारिवारिक स्थिति भी अच्छी रहेगी। इस राशि के कुछ लोग इस दौरान सट्टेबाज़ी में अपना पैसा लगा सकते हैं। वहीं नौकरी पेशा लोगों को इस दौरान कार्य क्षेत्र में ज्यादा काम करना पड़ सकता है। अपनी तार्किक बुद्धि के दम पर लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करेंगे। इस राशि के जातक अपने सहपाठियों की मदद करने के लिए आगे आएँगे। हालांकि इस दौरान आपकी सेहत थोड़ी डगमगा सकती है। इसलिए...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- इस राशि के जो जातक प्रेम संबंधों में पड़े हैं उन्हें अपने पार्टनर के प्रति ईमानदार होने की जरुरत है। इसके साथ ही अपने साथी से आपको अपनी दिल की बातें भी शेयर करनी चाहिए नहीं तो दूरियाँ बढ़ सकती हैं...आगे पढ़ें

धनु


चंद्र और शुक्र का गोचर आपके जीवन को प्रभावित करेगा जिससे आपके साहस में वृद्धि होगी। भाई-बहनों के लिए सप्ताह अनुकूल रहने के संकेत दे रहा है। कार्य क्षेत्र में कार्य के प्रति आप जुनून दिखाई देगा। वहीं सप्ताह के मध्य में आपके सुखों में वृद्धि होगी। माता जी को स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है। इस दौरान आप कोई नया वाहन इत्यादि ख़रीद सकते हैं। ये समय संतान के लिए भी अनुकुल होगा...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- यह सप्ताह प्रेम संबंधी मामलों के लिए बहुत ज्यादा अनुकूल नहीं है। इसलिए आपको अपने प्रेम जीवन में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान आपको यह लग सकता है कि प्रियतम आपको नज़र अंदाज़ कर रहा है। उनकी बेरुखी आपको...आगे पढ़ें

मकर


इस सप्ताह चंद्रमा आपकी राशि से द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ और पंचम भाव में संचरण करेगा। जिससे आपकी वाणी में मिठास देखने को मिलेगी। आप सभी प्रेम से बातचीत करेंगे। इसके अलावा परिवार में भी शांति का वातावरण देखने को मिल सकता है। वहीं जब चंद्रमा आपके तृतीय भाव में होगा तो आपके छोटे भाई-बहनों को अच्छा परिणाम मिलेगा। इस अवधि में उन्हें किसी प्रकार की उपलब्धि हासिल हो सकती है...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- यह सप्ताह प्रेम संबंधों के लिए अनुकूल है। पंचम भाव में चंद्रमा का गोचर आपके प्रेम जीवन में प्रगाढ़ता लाएगा। प्रियतम आपकी भावनाओं की कद्र करेगा। हालाँकि दोनों के बीच छोटी-मोटी तक़रार भी हो सकती है। लेकिन इसका आपके रिश्ते में...आगे पढ़ें

कुंभ


इस सप्ताह आपके स्वभाव में परिवर्तन देखने को मिलेगा। इस दौरान आपकी सेहत भी अच्छी रहेगी। मन में शांति का भाव रह सकता है। वहीं चंद्रमा जब आपके द्वितीय भाव में होगा तो परिवार के सदस्यों के बीच भाईचारा बढ़ेगा। घर में किसी प्रकार का आयोजन भी हो सकता है। आप सभी से प्रेम से बातचीत करेंगे। आपके आत्म-विश्वास में वृद्धि होगी। वहीं छोटे भाई-बहनों के लिए भी...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- विवाहित जातकों के लिए यह अच्छा सप्ताह साबित हो सकता है। आपका दांपत्य जीवन मधुर होगा। इस सप्ताह जीवन साथी आपको अधिक प्रिय लग सकता है। ऐसा कोई भी कार्य न करें जिससे कि जीवन साथी को आपके ऊपर नाराज़ होना पड़े...आगे पढ़ें

मीन


चंद्रमा के गोचर के दौरान विदेश यात्रा के योग बनेंगे। आपकी सेहत अच्छी रहेगी। आपके स्वभाव में सौम्यता का भाव देखने को मिलेगा। आपके परिवार में उसका सकारात्मक असर देखने को मिलेगा। घर में सदस्यों के बीच प्रेम और सामंजस्य देखने को मिलेगा। इस दौरान आपको धन लाभ भी होगा। आपको विभिन्न स्रोतों से धन प्राप्त हो सकता है। दूसरी ओर, जब आपकी आत्मशक्ति में वृद्धि होगी तो...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- यह सप्ताह प्रेम संबंध के लिए बहुत ज्यादा अनुकूल नहीं है। लिहाज़ा आपको अपने प्रेम जीवन को मधुर बनाए रखने के लिए थोड़ी सावधानी के साथ कदम बढ़ाने होंगे। इस दौरान आपको अपने प्रियतम के ऊपर ग़ुस्सा आ सकता है। लेकिन...आगे पढ़ें

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मंगल का हुआ कर्क राशि में गोचर, देखिये अपनी राशि पर असर।

मंगल ने किया चंद्र की राशि कर्क राशि में प्रवेश, सभी 12 राशियों पर दिखेगा असर। जानें आपकी कुंडली पर कैसा होगा इस गोचर का असर। 


सौर मंडल में मंगल ग्रह को बेहद महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। कहा जाता है कि मंगल ग्रह धरती और उसके जीवों को कई सारी आपदाओं से बचाने में मदद करता है। जैसे मंगल ग्रह धरती को शनि, राहु और केतु के बुरे प्रभाव से भी बचाता है। इसके साथ ही माना गया है कि मंगल ग्रह के कारण ही नीले समुद्र में मूँगे का जन्म होता है और यही विशेष कारण है कि प्रकृति में लाल रंग की उत्पत्ति हुई है। 

ज्योतिष शास्त्रों में मंगल ग्रह को बेहद क्रूर ग्रह माना गया है। मंगल ग्रह को अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व प्राप्त है, इसलिए इसे अंगारे जैसा रक्त वर्ण भौम यानि भूमि पुत्र का दर्जा भी दिया गया है। लेकिन ये केवल अशुभ हो, ये आवश्यक नहीं। हर कुंडली के लिए मंगल अच्छा और बुरा दोनों तरह का फल देने में सक्षम है। वहीं अगर लाल किताब की मानें तो उसमें मंगल ग्रह को नेक और मंगल को शुभ और कभी-कभी अशुभ फल देने वाला ग्रह अलग-अलग रूप में माना गया है जिसके चलते ही जातक को मंगल ग्रह के फल और अन्य सभी बातों को अलग-अलग बताया गया है। लाल किताब के अनुसार कुंडली में मंगल के दोषपूर्ण या खराब होने की स्थिति के बारे में भी विस्तार से बताया गया है। जिसके निवारण हेतु आपको इससे उपाय भी सुझाए गए हैं। 

मंगल देव को युद्ध के देवता की उपाधि भी दी गयी है, जिन्हें शारीरिक ऊर्जा, आत्मविश्वास, अहंकार, क्रोध, वीरता और साहस जैसे गुणों का प्रतिनिधित्व भी प्राप्त है। इसी कारण जिस भी जातक की कुंडली में मंगल कमज़ोर होता है तो ये देखा गया है कि इसके दुष्प्रभाव से व्यक्ति को रक्त संबंधी समस्याएं, फोड़े, फुंसी, दुर्घटनाएँ आदि से जुड़ी कोई परेशानी रहती है और वह जातक आमतौर से थोड़ा डरपोक प्रवृत्ति का होता है। आइये जानें जातक के मंगल कमज़ोर या दुर्बल होने के पीछे क्या कारण होते हैं:- 

  • भगवान हनुमान या श्री राम जी का मज़ाक उड़ाने या उनका अपमान करने से जातक का मंगल दुर्बल हो जाता है।
  • अपने धर्म धर्म का पालन नहीं करने से भी जातक का मंगल खराब हो जाता है। 
  • घर या कार्य स्थल का पश्‍चिम कोण यदि अशुद्ध हो तो जातक का मंगल भी खराब होगा।
  • अपने भाई या किसी मित्र या क़रीबी को दुश्मन बनाने से इसका बुरा असर आपके मंगल के ऊपर पड़ता है।
  • निरंतर क्रोध करते रहने से मंगल ग्रह का कुंडली पर नकारात्मक प्रभाव दिखता है।
  • किसी भी कुंडली के चौथे और आठवें भाव में मंगल का होना बेहद अशुभ माना गया है।
  • किसी भी भाव में मंगल अकेला हो तो वो एक पिंजरे में बंद शेर की भाँति हो जाता है।
  • सूर्य और शनि के साथ मिलकर मंगल अशुभ बन जाते हैं।
  • मंगल के साथ केतु हो तो उसका बेहद अशुभ फल जातक को भुगतना पड़ता है। 
  • मंगल के साथ शत्रु ग्रह बुध का होना अशुभ फलों की प्राप्ति कराता है। 

मंगल की क्रूर दृष्टि से बचने के उपाय- यहाँ क्लिक कर पढ़ें!

हर राशि के लिए मंगल का प्रभाव बेहद महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि इसके किसी कुंडली में बली या मजबूत होने पर जहाँ ये जातक को अच्छे फल देता है। वहीं कुंडली में मंगल के खराब होने पर जातक को कई गंभीर बीमारी या समस्या होने का खतरा सदैव बना रहता है। जानते हैं मंगल के खराब होने से जातक को किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है:

  • मंगल ग्रह को हौसले, बल शक्ति और लड़ाई का प्रतीक बताया गया है। इसलिए यदि व्यक्ति डरपोक है तो उसका मतलब उसका मंगल खराब है।
  • जिस भी जातक का मंगल खराब या कमज़ोर होता है तो उस जातक के बड़े भाई पर उसका अशुभ फल पड़ता है। 
  • मंगल के खराब होने पर जातक को संतान सुख की प्राप्ति होने में अड़चनें आती हैं। 
  • मंगल खराब होने पर व्यक्ति हर समय झगड़ता रहता है। 
  • मंगल के अशुभ प्रभाव के चलते व्यक्ति को जेल या कोर्ट -कचहरी के चक्कर लगाने पड़ते हैं। 

गोचर काल का समय


अब यही पराक्रम और साहस का कारक लाल ग्रह मंगल 22 जून 2019, शनिवार को मिथुन से कर्क राशि में गोचर करने जा रहा है। मंगल का ये गोचर रात्रि 23:21 बजे कर्क राशि में होगा, जिसके बाद मंगल 9 अगस्त 2019 की सुबह 04:32 बजे तक इसी राशि में स्थित रहेगा। वैदिक ज्योतिष के अनुसार मंगल के इस गोचर का सभी 12 राशियों पर प्रभाव पड़ेगा। इस राशिफल के अनुसार जानते हैं मंगल के इस गोचर का आपकी राशि पर क्या होगा प्रभाव, लेकिन उससे पहले आइये जानते हैं कि ये गोचर देशभर में क्या बदलाव लेकर आने वाला है:-

मंगल गोचर का शेयर बाज़ार पर प्रभाव 


मंगल ताँबा, सोना, लोहा एवं अन्य धातुएं, मशीनरी, चौपाये, गुड़, धनिया, हल्दी, गन्ना, मुनक्का, किशमिश, लौंग, सुपारी, किराना, लाल मिर्च, चाय, शराब, छुहारा, मसूर, मोठ तथा गेहूं को नियंत्रित करता है। इसके अतिरिक्त मंगल को बिजली अर्थात ऊर्जा का स्वामित्व प्राप्त होता है इसलिए अपनी नीच राशि कर्क में गोचर करने के कारण इन वस्तुओं के दामों में काफी उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है। 

मंगल का राजनीति पर प्रभाव


हाल ही में आए लोकसभा चुनाव 2019 के परिणामों में जिस प्रकार बीजेपी को पीएम मोदी की अच्छी छवि का फायदा मिला। दरअसल उसके पीछे का कारण भी उनकी कुंडली में मंगल देव द्वारा रूचक योग बनाकर उन्हें अधिक शक्तिशाली बनाना शामिल है। उनकी कुंडली में मंगल की शुभ स्थिति में होना और नवम भाव में हो रहा ये गोचर उनके लिए बेहद अच्छा माना जा रहा है। इस गोचर के दौरान उन्हें और सफलताएँ एवं वाह-वाही मिलेगी। 

मंगल के गोचर से देश पर पड़ेगा ऐसा असर 


इसके अलावा 22 जून को जिस प्रकार मंगल अपनी नीच राशि कर्क में गोचर कर रहा है। उसी प्रकार 21 जून को मंगल के शत्रु ग्रह बुध का भी कर्क राशि में ही गोचर हुआ, जिसके चलते भारत के अपने पड़ोसी देशों से संबंध बिगड़ने या उसमें खटास आने की संभावना दिखाई दे रही है। ऐसे में इस गोचर के चलते देश भर के नेतों की जुबान खराब हो सकती है जिसके चलते आपको बीच-बीच में नेताओं से अपशब्द या जुबानी जंग सुनने को मिलती रहेगी। जिससे देश की छवि अंतराष्ट्रीय स्तर पर खराब हो सकती है। 

चलिए अब जानते हैं कैसा रहेगा 12 राशियों पर मंगल के कर्क राशि में हो रहे गोचर का विशेष प्रभाव:-


यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। जानें चंद्र राशि कैल्कुलेटर से अपनी चंद्र राशि

मेष


मंगल का गोचर आपकी राशि से चतुर्थ भाव में हो रहा है। मंगल के इस गोचर के आपको मिलेजुले परिणाम मिलेंगे। अपने माता-पिता का इस दौरान आपको विशेष ख्याल रखना होगा क्योंकि उनकी सेहत में गिरावट आ सकती है। वैवाहिक जीवन में आपको चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है। आपका जीवन साथी इस दौरान किसी बात को लेकर आपसे नाराज़ हो सकता है। उनकी नाराज़गी को दूर करना चाहते हैं...आगे पढ़ें 

वृषभ


मंगल के गोचर के चलते आपके छोटे भाई-बहनों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं, इसलिए उनकी सेहत का ख्याल रखें। आपके जीवनसाथी को कार्यक्षेत्र में कामयाबी मिलने के योग हैं। यह गोचर समाज में आपके मान-सम्मान को भी बढ़ाएगा और इस दौरान आप अपने विरोधियों पर हावी रहेंगे। हालांकि आपको बेवजह के विवादों में इस समय नहीं पड़ना चाहिए...आगे पढ़ें

मिथुन 


मंगल ग्रह आपके द्वितीय भाव में गोचर कर रहा है जिससे आपकी वाणी में कर्कशता आ सकती है। अगर आप शादीशुदा हैं तो आपका जीवनसाथी आपकी बातों से इस दौरान आहत हो सकता है। पारिवारिक जीवन में भी इस दौरान आप आक्रामक हो सकते हैं और आपका व्यवहार परिवार के सदस्यों को भी ठेस पहुंचा सकता है। आर्थिक पक्ष इस अवधि में मजबूत होगा। सेहत पर इस वक्त ध्यान देने की...आगे पढ़ें

कर्क


मंगल के गोचर से आपकी सेहत में गिरावट आ सकती है। इस गोचर के चलते आपको छोटी-छोटी बातों से भी ठेस पहुँच सकती है और आप बात-बात पर भावुक हो सकते हैं। हालांकि इस दौरान आपके क्रोध और अहंकार में भी वृद्धि देखी जा सकती है। जीवनसाथी के साथ बात करते समय शब्दों का सोच-समझकर इस्तेमाल करें आपकी कोई बात झगड़े का कारण बन सकती है। कार्यक्षेत्र में आपको...आगे पढ़ें

सिंह


मगंल के गोचर के चलते इस राशि के जो लोग पहले से ही विदेशों में रह रहे हैं उन्हें थोड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में इस दौरान आपको सफलता मिलेगी। आर्थिक पक्ष थोड़ा कमजोर रह सकता है इस समय आपके ख़र्चों में वृद्धि हो सकती है जिसकी वजह से आपको मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ सकता है। वैवाहिक जीवन में भी...आगे पढ़ें

कन्या


आपके एकादश भाव में मंगल के गोचर से आपको जीवन के किसी क्षेत्र में उच्च लाभ मिलने की पूरी संभावना है। इस गोचर के चलते आपको आर्थिक परेशानियां नहीं होंगी और धन का आगमन किसी न किसी स्रोत से होता रहेगा। आर्थिक पक्ष मजबूत होने के कारण आप जीवन के अन्य पहलुओं पर ध्यान लगा सकेंगे। वैवाहिक जीवन में थोड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आपको ऐसा महसूस हो सकता है कि आपके...आगे पढ़ें

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तुला


नौकरी पेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में अच्छे परिणाम मिलेंगे। आपका अच्छा काम बॉस की नज़रों में आ सकता है और आपको पदोन्नति मिल सकती है। स्वास्थ्य को लेकर इस दौरान गंभीर होने की जरूरत है, ऐसे में जितना हो सके घर से बाहर भोजन करने से बचें। प्रेम में पड़े इस राशि के जातकों के जीवन में अड़चनें आ सकती हैं। छात्रों को भी पढ़ाई से ज्यादा इस समय खेलने-कूदने में मजा आएगा...आगे पढ़ें

वृश्चिक


इस गोचर के समय में आपको अच्छे फल पाने के लिए कठिन संघर्ष करना पड़ेगा। पिता से आपके संबंध बिगड़ सकते हैं और उनकी सेहत में गिरावट भी देखी जा सकती है। भाई-बहनों से रिश्ते बिगड़ सकते हैं इसलिए अपने अहम को पीछे रखकर उनसे बात करें। कार्यक्षेत्र में इस दौरान आपको सफलता मिलेगी और इस राशि के कुछ लोग जॉब में परिवर्तन भी कर सकते हैं। धर्म के प्रति आपका...आगे पढ़ें

धनु


साहस और पराक्रम के कारक ग्रह, मंगल इस दौरान आपको ऐसा महसूस करा सकता है कि आपकी बातों का लोग गलत अर्थ निकाल रहे हैं। ऐसी स्थिति आपको खिन्न करेगी लेकिन फिर भी आप खुद को संभाल लेंगे। इस समय आपकी सेहत भी बिगड़ सकती है इसलिए अपने स्वास्थ्य का इस वक्त ध्यान दें। वैवाहिक जीवन में तकरार की स्थिति बन सकती है। अपने पिता के स्वास्थ्य का भी इस दौरान आपको...आगे पढ़ें

मकर


मंगल के गोचर से आपके जीवन में थोड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान आपको अपने क्रोध पर भी नियंत्रण रखने की जरूरत है। जीवनसाथी के साथ तकरार न हो इसलिए जितना हो सके ठंडे दिमाग से उनके साथ बात करें। यह समय कार्यक्षेत्र में भी बहुत अच्छा नहीं रहेगा, आपको कड़ी मेहनत के बाद ही अच्छे परिणाम मिलेंगे। छात्रों को इस दौरान यार दोस्तों से थोड़ा दूर रहना चाहिए नहीं तो...आगे पढ़ें

कुंभ


कार्यक्षेत्र में आपका प्रदर्शन इस समय सामान्य रहेगा हालांकि अपने विरोधियों पर इस दौरान आप हावी रहेंगे। पारिवारिक जीवन जैसा चल रहा है वैसा चलता रहेगा लेकिन वैवाहिक जीवन में थोड़ी बहुत परेशानियों का सामना आपको करना पड़ सकता है। इस अवधि में आपके जीवनसाथी के स्वास्थ्य में गिरावट आ सकती है। ख़र्चों में वृद्धि होने के कारण चिंतित हो सकते हैं। छात्रों को उन दोस्तों से दूर रहने की जरूरत है जो...आगे पढ़ें

मीन


इस राशि के कुछ छात्र इस दौरान पढ़ने के लिए विदेश जा सकते हैं। दांपत्य जीवन में ख़ुशियाँ आएंगी, आपके जीवनसाथी को इस दौरान अप्रत्याशित लाभ मिल सकता है। अगर किसी से प्रेम करते हैं तो इस दौरान उनको प्रपोज न करें। जो लोग पहले से ही प्रेम में पड़े हैं उन्हें अपने संगी के साथ आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए साथ...आगे पढ़ें

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बुध का कर्क राशि में गोचर, जानें प्रभाव

21 जून से 3 राशि वाले हो जाएँ सतर्क! पढ़ें बुध के कर्क राशि में होने वाले गोचर का भविष्यफल और जानें सभी राशि के जातकों पर क्या होगा इसका असर।


बुध को सौर मंडल के सभी अन्य ग्रहों में से सबसे छोटा ग्रह है लेकिन सूर्य के सबसे निकट माना जाता है। सूर्य देव के सबसे समीप होने पर इसका महत्व वैदिक ज्योतिष में भी बेहद प्रभावशाली माना गया है। बुध ग्रह किसी भी जातक की तार्किक क्षमता, संवाद शैली, यात्रा, लेखन आदि का कारक ग्रह होता है। वहीं यदि काल पुरुष की कुंडली की बात करें, तो उसमें बुध को मिथुन और कन्या राशियों का स्वामी बताया गया है। इसके साथ बुध देव कन्या राशि में उच्च के तो वहीं मीन राशि में नीच के कहलाते हैं। दूसरे अन्य सभी ग्रह जिस प्रकार दिन या रात एक ही समय बली होते हैं, उसके ठीक विपरीत बुध ग्रह दिन और रात दोनों समय बली रहते हैं, जिसके चलते भी इनका महत्व बढ़ जाता है। 

कुंडली में बुध की स्थिति का प्रभाव 


ज्योतिष शास्त्र के विद्वानों के अनुसार बुध देव व्यक्ति को विद्वता तथा वाद-विवाद की क्षमता प्रदान करते हैं। जिसका प्रभाव जातक के दाँतों, गर्दन, कंधे व त्वचा पर साफ़ तौर पर पड़ता है। बुध से जुड़ा सर्वाधिक महत्वपूर्ण गुण धर्म अनुकूलनशीलता है। सिर्फ बुध प्रधान व्यक्ति ही हर हाल में खुद को ठीक से ढालने में सफल होते हैं। भयानक तूफानों या कठिन से कठिन समस्या में जहां बड़े - बड़े लोग धराशायी हो जाते हैं, या हार मान लेते हैं, वहां बुध प्रधान जातक उन नाजुक लचीले व कोमल पौधों की भाँति बच जाते हैं, जो झुक कर तूफानों के निकल जाने का इंतजार करते हैं, लेकिन उसके आगे हार नहीं मानते। यही स्वभाव प्रकृति के नियम परिवर्तन का भी है और वह उसे ही जीने का अधिकार देती है, जो इन परिवर्तनों को सहर्ष स्वीकार कर, उनके अनुरूप जल्द से जल्द स्वयं को ढाल ले। 

प्रतिकूल या निर्बल बुध से कौनसा रत्न-रुद्राक्ष करेगा आपका बचाव


जिस भी जातक की कुंडली में बुध कमज़ोर या नीच अवस्था में बैठा होता है, उस जातक को हरा पन्ना धारण करने की सलाह दी जाती है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार ये पाया गया है कि इसे धारण करने से बुध संबंधी जातक के सभी अशुभ फल समाप्त हो जाते हैं और उसे केवल और केवल बुध के अच्छे फलों की प्राप्ति होने लगती है। इसी बीच रुद्राक्ष की बात करें तो बुध का कारक रुद्राक्ष चार मुखी रुद्राक्ष को माना गया है। इसे भी धारण करने से अशुभ फल समाप्त हो जाते हैं और शुभ फलों में वृद्धि होने लगती है। 

बुध गोचर का समय


अब यही बुद्धि के देव बुध एक बार फिर नियम के अनुसार अपना स्थान परिवर्तन करते हुए 21 जून 2019, शुक्रवार प्रातः 02:19 बजे कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं। इसके बाद ये इसी राशि में 8 जुलाई को वक्री हो जाएंगे और 30 जुलाई 2019, मंगलवार दोपहर 12:25 बजे राशि से निकल कर वक्री अवस्था में मिथुन राशि में वापिस लौट जाएंगे जहाँ यह 1 अगस्त को वक्री से मार्गी हो जाएंगे और फिर 3 अगस्त शनिवार को सुबह 05:44 बजे पुनः कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। इस अवधि में बुध के गोचर का असर सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा।। तो चलिए जानते हैं इसका प्रभाव हर राशि पर कैसा पड़ेगा। लेकिन इससे पहले आइये जानते हैं कि इस गोचर का देश-विदेश पर कैसा रहेगा प्रभाव:- 

देश भर में मंगल के साथ मिलकर बुध दिखायेगा अपना प्रभाव 


जहाँ 21 जून 2019 को बुध देव कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं रहा, उसी प्रकार 22 जून 2019 को मंगल देव का गोचर भी मिथुन से कर्क राशि में होगा, जिससे बुध-मंगल की युति बनेगी। चूँकि मंगल और बुध एक दूसरे के शत्रु ग्रह हैं, इसलिए इन दोनों ही ग्रहों का ये गोचर थोड़ा नकारात्मक प्रभाव देने वाला साबित हो सकता है। इस दौरान देशभर के सत्ताहीन पार्टी में बैठे राजनेताओं की बोली में कड़वाहट देखी जायेगी। जिस कारण आपको इस गोचर के बाद से ही देश के अलग-अलग राज्यों से नेताओं के अजीबो-गरीब बयान सुनने को मिलते रहेंगे। 

स्टॉक मार्किट पर बुध के गोचर का प्रभाव 


बुध ग्रह का किसी भी राशि में इस गोचर के दौरान मजबूत होना दूरसंचार के क्षेत्र में निवेश का सूचक होगा। जिस कारण जिन भी जातकों की कुंडली में इस गोचर के दौरान बुध प्रबल अवस्था में होगा, वो लोग यदि किसी भी दूरसंचार क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों में निवेश करते हैं, तो उन्हें अच्छा लाभ मिल सकता है। 

बुध के गोचर का किस क्षेत्र पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव 


इस गोचर के दौरान विशेष तौर पर कन्या और सिंह राशि के जातकों पर बुध की सकारात्मक दृष्टि उन्हें पढ़ाई-लिखाई, बैंकिंग, फिल्म जगत, कला क्षेत्र और दूरसंचार सम्बन्धी क्षेत्रों से अच्छा धन अर्जित कर पाने में मददगार साबित हो सकती है। 


आइए अब आपकी राशि अनुसार जानते हैं कि बुध ग्रह के इस गोचर का आप पर क्या प्रभाव पड़ेगा। 


यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष


बुध के इस गोचर के दौरान ये आपकी राशि से चौथे भाव में स्थित होंगे। जिसके चलते गोचर की इस अवधि के दौरान आपका पारिवारिक जीवन सुखमय बीतेगा। इस गोचर काल में परिवार में सुख शांति बनी रहेगी और सदस्यों के बीच सामंजस्य स्थापित होगा। लेकिन दूसरी तरफ देखें तो बुध के नकारात्मक प्रभाव से आपके माता पिता की सेहत बिगड़ सकती है जिससे मन...आगे पढ़ें

वृषभ


बुध के कर्क राशि में गोचर से बुध आपकी राशि से तीसरे भाव में स्थित होंगें। गोचर की इस अवधि के दौरान आप दृढ़ निश्चयी बनेंगे और किसी भी काम को अंजाम तक पहुंचा कर ही दम लेंगे। पारिवारिक स्तर पर इस दौरान आप अपने भाई बहनों के लिए आर्थिक रूप से काफी मददगार साबित होंगें। इसके साथ ही आपको अपनी भाषा शैली में भी विशेष सुधार देखने को मिल सकता है। इस गोचर काल के दौरान आपको विशेष सलाह दी जाती है...आगे पढ़ें

मिथुन


इस गोचर के दौरान बुध ग्रह आपकी राशि से दूसरे भाव में स्थित होंगें। आपकी राशि में बुध की इस स्थिति के फलस्वरूप आपकी भाषा शैली में मधुरता आ सकती है। इस दौरान आप अपनी संवाद शैली के बल पर दूसरों को आकर्षित करने में भी सफल रहेंगे। इस गोचर काल में आप अपने संपर्क में आने वाले लोगों का मनोबल बढ़ाने का काम कर सकते हैं। आर्थिक रूप से देखें तो...आगे पढ़ें


कर्क


चूँकि बुध का गोचर आपकी ही राशि में हो रहा है, लिहाजा बुध आपकी राशि से पहले भाव यानि कि आपके लग्न भाव में स्थित होंगें। जिसके चलते बुध का ये गोचर आपकी सेहत के लिए ख़ासा हानिकारक साबित होने वाला है। इस दौरान आपकी सेहत में गिरावट आ सकती है और शारीरिक रूप से आप किसी बीमारी से पीड़ित हो सकते हैं। अब अगर आर्थिक स्थिति की बात करें तो इस गोचर काल में आपको...आगे पढ़ें

सिंह


गोचर की इस अवधि के दौरान बुध आपकी राशि से बारहवें भाव में स्थापित होंगें। बुध का ये गोचर आपके लिए विशेष तौर पर आर्थिक रूप से काफी हानिकारक साबित होने वाला है। इस दौरान आपके ख़र्चों में अचानक ही बढ़ोत्तरी हो सकती है, लिहाजा इस गोचर काल में विशेष रूप से अपने ख़र्चों पर काबू रखें और जरूरी चीजों पर ही पैसे खर्च करें। पारिवारिक स्तर पर इस दौरान...आगे पढ़ें

कन्या


गोचर की अवधि के दौरान बुध आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में विराजमान होंगें। गोचर की इस अवधि के दौरान आपकी किसी मनोकामना की पूर्ति हो सकती है। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से ये गोचर आपके लिए ख़ासा लाभदायक साबित होने वाला है। इस दौरान आप खुद को बेहद ऊर्जावान और शारीरिक रूप से सबल महसूस करेंगे। इस अवधि के दौरान आप...आगे पढ़ें


तुला


बुध के कर्क राशि में गोचर के दौरान ये आपकी राशि से दसवें भाव में स्थान परिवर्तन करेंगे। गोचर की ये अवधि आपके लिए कुछ शुभ समाचार लेकर आ सकती है। इस दौरान आपको कार्यक्षेत्र और बिज़नेस से जुड़ा कोई ऐसा समाचार मिल सकता है जिससे आपको काफी लंबे अरसे के बाद खुशफहमी का एहसास होगा। कार्यक्षेत्र में आपकी पदोन्नति हो सकती है...आगे पढ़ें

वृश्चिक


गोचर की इस अवधि में बुध आपकी राशि से नौवें भाव में विराजमान होंगे। इस गोचर काल में आपको जीवन में बहुत से उतार चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। हालाँकि इस दौरान बहुत से मामलों में आपको अप्रत्याशित लाभ मिलने की भी संभावना नजर आ रही है। पारिवारिक स्तर पर देखें तो इस गोचर काल में आपको अपनी माता की सेहत का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होगी...आगे पढ़ें


धनु


इस गोचर के दौरान बुध आपकी राशि से आठवें भाव में स्थित होंगें। बुध का ये गोचर आपकी सेहत के लिए खासतौर से नुक़सानदेह साबित हो सकता है। इस दौरान स्वास्थ्य में गिरावट आ सकती है, लिहाजा आपको अपनी सेहत का ख़ास ख्याल रखने की आवश्यकता होगी। यदि आप शादीशुदा हैं तो इस गोचर काल के दौरान जीवनसाथी के साथ किसी बात को लेकर...आगे पढ़ें

मकर


बुध के कर्क राशि में गोचर के दौरान ये आपकी राशि से सातवें भाव में स्थित होंगें। इस गोचर काल का विशेष प्रभाव आपके करियर पर देखने को मिल सकता है। इस दौरान कार्यक्षेत्र में आपकी तरक्की हो सकती है और पदोन्नति के साथ ही आपकी आय में भी वृद्धि संभव है। स्वास्थ्य के लिहाज से देखें तो इस गोचर काल में आप खुद को अधिक ऊर्जावान और शारीरिक रूप से...आगे पढ़ें

कुंभ


इस गोचर के दौरान बुध आपकी राशि से छठे भाव में विराजमान होंगें। गोचर की इस अवधि के दौरान आपको पुराने किसी कर्ज़ या लोन से मुक्ति मिल सकती है। संभव है कि इस गोचर काल में आप किसी पुराने कर्ज़ को चुकता कर सकते हैं। आर्थिक आधारों पर देखें तो इस दौरान आपके ख़र्चों में वृद्धि हो सकती है, लिहाजा अपने ख़र्चों पर काबू रखें अन्यथा आर्थिक मंदी का शिकार...आगे पढ़ें

मीन


गोचर की इस अवधि के दौरान बुध आपकी राशि से पांचवें भाव में विराजमान होंगें। इस गोचर काल में आपकी रुचि विशेष रूप से नयी चीजों की जानकारी लेने और सीखने में हो सकती है। मीन राशि वाले छात्रों के लिए गोचर की ये अवधि खासतौर से लाभदायक साबित होने वाले है। गोचर के चलते छात्रों का ध्यान इस दौरान गणित और वाणिज्य जैसे विषयों में अधिक लगेगा। लिहाजा...आगे पढ़ें

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साप्ताहिक राशिफल (17 जून से 23 जून 2019)

मंगल और बुध के एक साथ आने पर इस सप्ताह आएगा ये बड़ा ऐतिहासिक परिवर्तन। पढ़ें साप्ताहिक राशिफल में कैसा रहेगा आपकी राशि के लिए ये पूरा हफ्ता। 


जून माह के एक और सप्ताह की शुरुआत हो चुकी है। जिसके साथ ही एस्ट्रोसेज भी आपके लिए आने वाले सातों दिनों की सभी भविष्यवाणियाँ लेकर हाज़िर है। यहाँ आप न केवल अपनी राशि से जुड़ी इस हफ्ते की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि इसकी मदद से आप प्राप्त जानकारी के द्वारा अपने आने वाले कल को और भी खुशनुमा बना सकते हैं। इस सप्ताह में आने वाले परिवर्तन को देखें तो ग्रहों और नक्षत्रों की चाल बताती है कि इस हफ्ते मिथुन, कर्क, वृश्चिक और धनु राशि वाले जातकों के लिए ये समय ख़ासा प्रभावित करने वाला साबित होगा। क्योंकि इस अवधि में इन जातकों को अपने पारिवारिक, कार्य क्षेत्र एवं आर्थिक जीवन में काफी उठा-पटक देखने को मिलेगी। वहीं अन्य 8 राशि वाले जातकों के लिए भी ये सप्ताह सामान्य रूप से विशेष साबित होने वाला है। चलिए फिर इस सप्ताह को अपने लिए सुखद बनाने के लिए पढ़ें वैदिक ज्योतिष पर आधारित हमारा ये सटीक साप्ताहिक राशिफल।


इस सप्ताह संकष्टी चतुर्थी पर गणेश को करें खुश


इस सप्ताह चन्द्रमा के गोचर के अलावा लाल ग्रह मंगल और सौम्य ग्रह बुध का गोचर भी हो रहा है। जहाँ बुध देव अपना गोचर करते हुए अपनी स्वराशि मिथुन को त्याग कर चंद्र देव की राशि कर्क राशि में जाएंगे। तो वहीं मंगल ग्रह का गोचर भी मिथुन से कर्क राशि में होगा। इसके साथ ही इस सप्ताह 20 जून, गुरुवार को कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी देशभर में मनाई जायेगी। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार संकष्टी चतुर्थी हिन्दू धर्म का एक प्रसिद्ध त्यौहार है। जैसा सभी जानते है कि सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले भगवान श्री गणेश की पूजा करने का विधान है। क्योंकि भगवान गणेश को अन्य सभी देवी-देवतों में प्रथम पूजनीय माना गया है। भगवान गणेश को बुद्धि, बल और विवेक के देवता का दर्जा प्राप्त है। माना गया है कि भगवान गणेश अपने भक्तों से खुश होकर उनके सभी दुखों और विघ्नों को हर लेते हैं, इसीलिए इन्हें विघ्नहर्ता और संकटमोचन भी कहा जाता है। यही कारण है कि भगवान श्री गणेश के लिए किए जाने वाला व्रत मुख्य तौर पर संकष्टी चतुर्थी है, जो देशभर में काफी प्रचलित भी है। इसके साथ ही इस सप्ताह ग्रह एवं नक्षत्रों की बदलती ये चाल कई मायनों में जातकों पर अपना शुभ प्रभाव डालने वाली है। 


हिन्दू पंचांग हिन्दू पंचांग में क्या है ख़ास: 


हिन्दू पंचांग पर नज़र डालें तो इस सप्ताह की शुरुआत पूर्णिमा तिथि, शुक्ल पक्ष और ज्येष्ठा नक्षत्र के साथ होगी। ऐसे में इस दौरान चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेंगें। इसके साथ ही इस सप्ताह का अंत षष्ठी तिथि, कृष्ण पक्ष और शतभिषा नक्षत्र के साथ होगा। जिस दौरान चंद्र देव कुंभ राशि में होंगे।


इस सप्ताह ग्रहों की चाल: 


इस सप्ताह चन्द्रमा शुरुआत में वृश्चिक राशि में विराजमान होंगे और फिर धनु, मकर और कुंभ राशि में गोचर कर जाएंगे। ये राशियाँ काल पुरुष कुंडली में क्रमशः अष्टम, नवम, दशम और एकादश भावों को दर्शाती हैं। इस दौरान वे ज्येष्ठा नक्षत्र से होते हुए शतभिषा नक्षत्र में गोचर करेंगे और अपना प्रभाव दिखाएँगे। इस सप्ताह के मध्य में यानि 21 जून को बुध देव अपनी राशि छोड़कर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे जबकि मंगल देव भी अगले ही दिन 22 जून को कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे। ऐसे में चंद्र के गोचर के साथ-साथ मंगल और बुध के गोचर का प्रभाव भी इस दौरान सभी राशियों पर पड़ेगा। ज्योतिष में मंगल ग्रह को एक क्रूर ग्रह माना गया है। जो मनुष्य जीवन के लिए बहुत ही प्रभावकारी ग्रह होता है। मंगल ग्रह के दोष के कारण ही लोगों के विवाह में कठिनाई आती है। जिसके निवारण हेतु ज्योतिष विशेषज्ञ मंगल के उपाय करने व मंगल यंत्र की स्थापना करने की सलाह देते हैं। इसके साथ ही अगर बात करें बुध ग्रह की तो ज्योतिष में बुध ग्रह को एक शुभाशुभ ग्रह माना गया है। जो दूसरे ग्रहों की संगति के अनुरूप ही जातक को फल देता है। इसलिए बुध के अधिक शुभ फल प्राप्त करने के लिए जातक को पन्ना या चार मुखी रुद्राक्ष पहनने की सलाह दी जाती है। 


तो आइए अब जानते हैं कि आपकी राशि के लिए ये सप्ताह कैसा रहने वाला है:- 


यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। जानें चंद्र राशि कैल्कुलेटर से अपनी चंद्र राशि

मेष


इस सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा आपके अष्टम भाव में होगा और इसके बाद नवम, दशम और एकादश भावों में गोचर करेगा। इस दौरान आप खुद में एक सकारात्मक ऊर्जा महसूस कर सकते हैं। इस दौरान धार्मिक क्रिया-कलापों में आपकी व्यस्तता बढ़ सकती है। भाग्य का साथ मिलने से कार्य क्षेत्र में इस दौरान आपको मनचाहे फल मिलेंगे। आपके सीनियर्स आपके काम करने के तरीके से इस दौरान प्रभावित होंगे। छात्रों के लिए भी यह समय अच्छा रहने वाला है...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- इस सप्ताह अपने प्रेमी या प्रेमिका के प्रति आप समर्पित रहेंगे। अपने नटखट अंदाज़ से आप उनकी सारी परेशानियों को दूर कर देंगे। आपके इन प्रयासों को देखकर उनको भी खुशी होगी। शादीशुदा जातक अपने जीवन साथी के साथ...आगे पढ़ें

वृषभ


ये सप्ताह वृषभ राशि वालों के लिए थोड़ा मिला जुला रहने की उम्मीद है। क्योंकि सप्ताह की शुरुआत में चंद्र आपके सप्तम भाव में रहेंगे। इस दौरान आपको अपने व्यावसायिक साझीदारों से सोच समझकर बात करने की जरुरत है। क्योंकि संभावना है कि आपके द्वारा कही गयी कोई बात आपके साझेदार को बुरी लग सकती है और आप दोनों के बीच मन-मुटाव हो सकता है। आपके जीवन में चली आ रही कुछ परेशानियां दूर हो सकती हैं। आपके घर इस समय...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- यह सप्ताह आपके प्रेम जीवन के लिए मिला जुला रहने की उम्मीद है। सप्ताह की शुरुआत में आपके संबंधों में मधुरता रहेगी लेकिन सप्ताह के मध्य में किसी वजह से आप दोनों के बीच वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। हालांकि सप्ताह के अंत तक...आगे पढ़ें

मिथुन


इस राशि के कुछ लोग किसी पहाड़ी इलाके में घूमने का इस दौरान मन बना सकते हैं। मंगल का गोचर आपके द्वितीय भाव में होने से आपको अपने अंदर एक सकारात्मक ऊर्जा महसूस होगी। छोटे भाई-बहनों के साथ इस समय आपके रिश्ते सुधरेंगे। उनके साथ आप अच्छा समय व्यतीत कर सकते हैं। बुध के आपके द्वितीय भाव में गोचर के चलते आपको लाभ होने की संभावना है। अगर आप वाणिज्य क्षेत्र से जुड़े हैं तो...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- यह समय आपके प्रेम जीवन के लिए अच्छा रहेगा। वैवाहिक जीवन सामान्य रहने की संभावना है। हालांकि घर में किसी रिश्तेदार के आ जाने से आप दोनों के बीच दूरियाँ आ सकती हैं...आगे पढ़ें

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कर्क


इस सप्ताह चंद्र देव का गोचर आपके पंचम, षष्ठम, सप्तम और अष्टम भाव में होगा। इस दौरान आपको अच्छे फल मिलेंगे, इस समय आप अपनी बुद्धि का सही इस्तेमाल कर पाएंगे। घर और ऑफ़िस में अच्छा माहौल होने के कारण आप इस समय का पूरा आनंद उठा पाएंगे। विद्यार्थियों को इस समय शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिलने की पूरी उम्मीद है। आप कार्य क्षेत्र में अपनी सक्रियता से सबको चौंका सकते हैं। काम करने का आपका अंदाज़ आपके बॉस को...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- सप्ताह की शुरुआत में आपके पंचम भाव में चंद्र की स्थिति आपको प्रेम संबंधो में अच्छे फल दिलाएगी। संगी के साथ आपके प्रेम संबंधों में इस दौरान निखार आएगा। अगर आप अपने संगी से दूर रहते हैं तो इस सप्ताह आप...आगे पढ़ें

सिंह


सप्ताह की शुरुआत चतुर्थ भाव में चंद्र के गोचर से होगी इस भाव को सुख भाव भी कहा जाता है। इस भाव में चंद्र का गोचर आपको आपके परिवार के निकट लाएगा। माता-पिता से आपके संबंध इस समय बेहतर होंगे। अगर आप विवाह योग्य हैं तो इस समय आपके विवाह की बातें घर में चल सकती हैं। इसके बाद पंचम भाव में चंद्र के गोचर के समय आपको अपनी रचनात्मकता को लोगों के सामने प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा। अगर आप...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- अपने प्रेमी के स्वास्थ्य के प्रति आपकी चिंताएं इस दौरान बढ़ सकती हैं क्योंकि उनकी तबियत खराब होने के आसार हैं। इस राशि के जो लोग शादी के बंधन में बंध चुके हैं उन्हें रिश्ते में मज़बूती लाने के लिए अपने जीवन साथी से अपने...आगे पढ़ें

कन्या


इस सप्ताह मंगल का गोचर आपके एकादश भाव में होने से आपको भूमि से जुड़े मुद्दों में सफलता मिलने की पूरी उम्मीद है। इस समय नयी ज़मीन खरीदना और ज़मीन बेचना आपके लिए फ़ायदेमंद रहेगा। बुध के एकादश भाव में गोचर के चलते आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सतर्क होने की आवश्यकता है। छोटी-मोटी परेशानियों को भी इस समय नज़रअंदाज़ करने की कोशिश न करें। भाई-बहनों से आपके संबंध...आगे पढ़ें 

प्रेम जीवन :- अगर आप प्रेम संबंधों को जीवंत बनाए रखना चाहते हैं तो अपने साथी को भी कुछ समय दें। विवाहित लोगों की जिंदगी में थोड़े बहुत उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। हालांकि अपने शांत स्वभाव से आप हर मामले को आसानी से सुलझा देंगे...आगे पढ़ें

तुला


चंद्र का गोचर द्वितीय भाव में होने से आपको धन लाभ होने की पूरी संभावना है। इस समय अगर आप निवेश करते हैं तो आने वाले समय में आपको फायदा होने की संभावना है। हालांकि आपको किसी भी तरह के निवेश से पहले अनुभवी लोगों से सलाह अवश्य ले लेनी चाहिए। आपके पराक्रम में वृद्धि होगी और आप अपने कामों को पूरी एकाग्रता से पूरा कर पाएंगे। ऑफ़िस में आपके काम करने का तरीका आपके कुछ सहकर्मियों को...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधों में पड़े इस राशि के जातकों के लिए सप्ताह भले ही बहुत अच्छा न रहे लेकिन सप्ताह के अंत में आपको अपने प्रेमी के साथ वक्त बिताने का पूरा मौका मिलेगा। अपने संगी के साथ प्यार भरे पल आप बिता पाएंगे...आगे पढ़ें

वृश्चिक


इस सप्ताह जहाँ चन्द्रमा आपके प्रथम भाव में होंगे और फिर आपके द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ भाव में गोचर कर जाएंगे। जिससे आपको मानसिक रुप से मज़बूती मिलेगी जिस वजह से आप हर काम को सकारात्मकता के साथ कर पाने में सक्षम होंगे। इस समय आपको अपने भाई-बहनों के साथ अपने रिश्ते बेहतर करने चाहिए। परिवार के दायित्वों को निभाने के लिए इस समय आप कोई महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं। छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में अच्छे परिणाम मिलेंगे...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- प्रेम संबंधी मामलों के लिए यह सप्ताह बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता। आप अपनी बातों को सही तरीके से अपने प्रेमी के सामने नहीं रख पाएंगे जिसकी वजह से उनका मन खिन्न होगा। उनसे निकटता बढ़ाने के लिए आपको...आगे पढ़ें

धनु


इस सप्ताह आप अपने भाई-बहनों की आर्थिक मदद करेंगे। यदि आपके अंदर कोई हुनर छिपा है तो इस समय उसे प्रदर्शित करने की जरुरत है। मंगल का गोचर आपके अष्टम भाव में होने से आपके साहस में कुछ कमी दर्ज की जा सकती है हालांकि निर्णय लेने की आपकी क्षमता इस समय अच्छी होगी। आप परिस्थितियों का सही आकलन करके इस वक्त सही निर्णय ले पाएंगे। वहीं अष्टम भाव में बुध देव की स्थिति आपकी...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- इस सप्ताह आपको प्रेम संबंधी मामलों में सोच-समझकर चलने की जरुरत है। आपका प्रेमी यदि किसी वजह से आप पर गुस्सा करता है तो तुरंत कोई प्रतिक्रिया न दें बल्कि पहले उनके गुस्से की वजह जान लें। अगर आप उनके साथ बहस करते हैं तो स्थिति बिगड़ सकती है...आगे पढ़ें


मकर


इस सप्ताह चन्द्रमा का गोचर एकादश भाव में होने से आपकी कोई दिली ख़्वाहिश पूरी होने की संभावना है। कारोबारियों को इस समय अच्छा मुनाफ़ा होने की भी पूरी संभावना है। आपके मन में सकारात्मक विचार इस समय जगह बनाएँगे। आपकी सेहत में थोड़ी गिरावट देखी जा सकती है। अगर आप अपनी सेहत पर ध्यान नहीं देते तो आपको अस्पताल के चक्कर भी काटने पड़ सकते हैं। इसके साथ ही परिवार के किसी...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- वैवाहिक जीवन में किसी तीसरे शख्स की वजह से परेशानियां आ सकती हैं। आपको ऐसी स्थिति से निकलने के लिए अपने साथी से खुलकर बात करने की जरुरत है। कई बार ऐसा भी होता है कि अतिसंवेदनशील होने की वजह से आप अपने मन में कुछ गलत धारणाएँ बना लेते हैं जो सही नहीं होती हैं...आगे पढ़ें

कुंभ


इस सप्ताह चंद्रमा आपके दशम, एकादश, द्वादश और प्रथम भाव में गोचर करेंगे। जिससे आपके कार्य क्षेत्र में आपकी स्थिति सुधरेगी। इस समय आपके अधिकार क्षेत्र में भी वृद्धि होने की संभावना है। पारिवारिक मोर्चे पर भी आप अच्छा प्रदर्शन कर पाने में कामयाब होंगे। इस दौरान आपको धन प्राप्ति के अवसर हाथ लग सकते हैं। आपके परिवार की स्थिति वैसे तो अच्छी रहेगी लेकिन संतान पक्ष को लेकर आपकी चिंताएं इस समय बढ़ सकती हैं। हालांकि कार्य क्षेत्र में अपने सीनियर्स की कोई बात...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन : इस सप्ताह आप अपने प्रेमी के साथ समय बिताने की कोशिश करते नजर आएँगे लेकिन किसी वजह से आपको उनसे दूर जाना पड़ेगा। हालांकि यह दूरी आपके प्यार को और भी निखारेगीआगे पढ़ें

मीन


सप्ताह की शुरुआत नवम भाव में चंद्र के गोचर से होगी। इस समय आप समाज के बीच अपनी पकड़ और मजबूत कर पाएंगे। आपकी सूझबूझ लोगों को आपकी तरफ आकर्षित करेगी। कुछ जातकों को इस दौरान लंबी दूरी की कोई यात्रा करनी पड़ सकती है। पिता के साथ आपके संबंध इस दौरान बेहतर होंगे। हालांकि कार्य क्षेत्र में आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आपका कोई विरोधी इस दौरान आपके खिलाफ साज़िश कर सकता है। इसलिए...आगे पढ़ें

प्रेम जीवन :- यह सप्ताह प्रेम से जुड़े मामलों के लिए अनुकूल रहने की संभावना है। अपने प्रेमी को आप पर्याप्त समय दे पाएंगे। विवाहित लोग अपने जीवन साथी से अपने दिल की बातें खुलकर करेंगे जिसके कारण आपके रिश्ते में निखार आएगा। आपके ससुराल पक्ष से भी...आगे पढ़ें

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वट सावित्री पूर्णिमा व्रत का शुभ मुहूर्त व पूजा विधि

प्रत्येक माह की पूर्णिमा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है लेकिन ज्येष्ठ माह में आने वाली पूर्णिमा सबसे ज्यादा पवित्र एवं पावन मानी गई है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस दिन विशेष तौर पर स्नान और दान का बहुत अधिक महत्व होता है। माना गया है कि यदि कोई भी व्यक्ति इस दिन गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना के पश्चात दान दक्षिणा करता है तो उस व्यक्ति की समस्त मनोकामनाएं पूरी होती हैं। कुछ राज्यों में ज्येष्ठ पूर्णिमा को वट पूर्णिमा व्रत के रूप में भी मनाया जाता है जिसका महत्व व पूजा विधि भी वट सावित्री व्रत के समान ही होती है। स्कंद पुराण व भविष्योत्तर पुराण जैसे पौराणिक ग्रंथों के अनुसार वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा को ही रखा जाना चाहिए। इसीलिए गुजरात, महाराष्ट्र व दक्षिण भारत के कई राज्यों में महिलाएं ज्येष्ठ पूर्णिमा को ही वट सावित्री व्रत करती हैं। जबकि उत्तर भारत में यह व्रत ज्येष्ठ अमावस्या को करना शुभ माना जाता है।


ज्येष्ठ पूर्णिमा/ वट सावित्री व्रत मुहूर्त


16 जून, 2019 (रविवार)  (पूर्णिमांत के अनुसार)

जून 16, 2019 को 14:03:50 से पूर्णिमा आरम्भ

जून 17, 2019 को 14:02:24 पर पूर्णिमा समाप्त



नोटः उपरोक्त समय केवल नई दिल्ली के लिए है। 

वट पूर्णिमा व्रत मुहूर्त एवं महत्व


इस वर्ष 2019 में ज्येष्ठ मास की शुभ पूर्णिमा तिथि 16 जून को पड़ रही है। ज्योतिष विशेषज्ञ अनुसार पूर्णिमा तिथि यदि चतुर्दशी के दिन दोपहर से पहले व सूर्योदय के पश्चात प्रारंभ हो तो वट पूर्णिमा उपवास पहले दिन करना चाहिए अर्थात चतुर्दशी विद्धा पूर्णिमा को ही यह व्रत ग्रहण करने का विधान है। ज्येष्ठ पूर्णिमा का महत्व स्नान-दान आदि के साथ-साथ भोले नाथ के दर्शनों के लिए भी होता है। दरअसल भगवान भोलेनाथ के दर्शन हेतु अमरनाथ की यात्रा के लिये गंगाजल लेकर आने की शुरुआत आज के दिन से ही आरंभ होती हैं।

ज्येष्ठ पूर्णिमा या वट पूर्णिमा व्रत पूजा विधि 


जैसा हमने ऊपर बताया कि ज्येष्ठ पूर्णिमा को वट पूर्णिमा व्रत के रूप में भी मनाया जाता है इसलिये वट सावित्री व्रत पूजा विधि की तरह ही वट पूर्णिमा का व्रत किया जाना चाहिए। इस दिन विशेष रूप से वट वृक्ष यानी बरगद के वृक्ष की पूजा करने का विधान है। 

  • इस दिन महिलाओं को सुबह जल्दी उठकर स्नान करके नए वस्त्र और सोलह श्रंगार करना चाहिए।
  • शाम के समय वट सावित्री की पूजा के लिए व्रती सुहागनों को बरगद के पेड़ के नीचे सच्चे मन से सावित्री देवी की पूजा करनी होती है। 
  • पूजा के लिए महिलाओं को एक टोकरी में पूजन की सारी सामग्री रख कर पेड़ के नीचे जाना होता है और पेड़ की जड़ो में जल चढ़ाना होता है। 
  • इसके बाद वृक्ष को प्रसाद का भोग लगाकर उसे धूप-दीपक दिखाना चाहिए। 
  • इस दौरान हाथ पंखे से वट वृक्ष की हवा कर मां सवित्री से आशीर्वाद प्राप्ति के लिए उनकी आराधना करें। 
  • इस प्रक्रिया के पश्चात सुहागनों को अपने पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए वट वृक्ष के चारों ओर कच्चे धागे या मोली को 7 बार बांधना चाहिए।
  • अंत में वट वृक्ष के नीचे ही सावित्री-सत्यवान की कथा सुनें। 
  • इसके बाद घर आकर उसी पंखें से अपने पति को हवा करें और उनका आशिर्वाद लें। 
  • फिर प्रसाद में चढ़े फल आदि को ग्रहण कर शाम में मीठा भोजन से अपना व्रत खोले। 


वट सावित्री पूर्णिमा व्रत की पूजन सामग्री 


शास्त्रों के अनुसार जिस तरह वट पूर्णिमा का व्रत और पूजन शुभ मुहूर्त अनुसार ही करना उचित होता है। ठीक उसी प्रकार ये भी माना जाता है कि इस व्रत के शुभ फल हेतु इसकी सही पूजन सामग्री का होना भी उतना ही आवश्यक होता है, अन्यथा ये व्रत अधूरा रह जाता है। वट सावित्री पूर्णिमा पूजन के लिए सत्यवान-सावित्री की मूर्ति (कपड़े की बनी हुई), बांस का बना हुआ एक हाथ पंखा, सूत का लाल धागा, धूप, मिट्टी का दीपक, घी, फूल, फल, सवा मीटर का एक कपड़ा, दो सिंदूरी जल से भरा हुआ पात्र और रोली पूजा सामग्री में ज़रूर रखें। 

वट सावित्री पूर्णिमा पर वट वृक्ष का महत्व


शास्त्रों अनुसार वट सावित्री व्रत में ‘वट’ और ‘सावित्री’ दोनों का विशेष महत्व होता है। पीपल की तरह ही वट या बरगद के पेड़ का भी महत्व पौराणिक काल से चला आ रहा है। धार्मिक जानकारों की मानें तो वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु व महेश तीनों देवों का वास होता है। इसलिए बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर पूजन करने व व्रत कथा सुनने से व्यक्ति की हर मनोकामना पूरी होती हैं। वट वृक्ष अपनी लंबी आयु के लिए भी प्रसिद्ध है क्योंकि यह वृक्ष दीर्घ काल तक जीवित रहता है, इसलिए कुछ विशेष वृक्ष अक्षयवट के नाम से भी मशहूर हैं। इस दिन महिलाएं वट वृक्ष का पूजन कर उसकी आयु की तरह ही अपने पति की भी लंबी आयु की कमाना भगवान ब्रह्मा, विष्णु व महेश जी से करती हैं। 

वट सावित्री व्रत की कथा


पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सावित्री को भारतीय संस्कृति में एक अत्यंत पतिव्रता स्त्री माना जाता है। सावित्री का मतलब वेद माता गायत्री और सरस्वती भी होता है। सावित्री का जन्म विशिष्ट परिस्थितियों में हुआ था। इसी विषय में कहा जाता है कि राजा अश्वपति को कोई संतान नहीं थी। इसी प्रयोजन से वो संतान प्राप्ति के लिए मंत्रोच्चारण करते हुए हर रोज करीब एक लाख आहुतियां देते थे। लगातार 18 वर्षों तक ऐसा करने के पश्चात माँ सावित्री ने उनसे खुश होकर उन्हें दर्शन दिए और उन्हें एक तेजस्वी कन्या का वरदान दिया। जिसके बाद जब राजा के घर बेटी ने जन्म लिया तो उन्होंने उसका नाम सावित्री रखा। राजा की बेटी सावित्री बेहद सुंदर थी, ऐसे में उसकी ही तरह कोई योग्य वर नहीं मिल पाने के चलते राजा दुखी थे। पिता का दुख देख सावित्री स्वयं वर तलााशने तपोवन में भटकने लगी। वहां सावित्री ने राजा द्युमत्सेन के पुत्र सत्यवान को देखकर उन्हें अपने पति के रूप में चुना। सत्यवान अल्पायु थे और वे वेद ज्ञाता भी थे। सत्यवान से विवाह करने के दौरान नारद मुनि ने सावित्री को सत्यवान की अल्प आयु के लिए चेतावनी भी दी थी, लेकिन सावित्री ने किसी की भी नहीं सुनी और सत्यवान से ही विवाह कर लिया। पति सत्यवान की मृत्यु का समय जब करीब आया तो सावित्री ने घोर तपस्या की। इस दौरान अपने पति के प्राणों की रक्षा करते हुए सावित्री यमराज से भी भिड़ गईं। जिसके बाद यमराज ने सावित्री की निष्ठा से प्रसन्न होकर उन्हें वरदान मांगने के लिए कहा। सावित्री ने अपने पति की दीर्घायु होने की कामना की और इस तरह सावित्री ने अपने पति के प्राण बचाए। 

हम आशा करते हैं कि आपको वट पूर्णिमा पर लिखा हुआ हमारा ये लेख पसंद आया होगा। आप अपने सुझाव हमे नीचे कमेंट करके भी दे सकते हैं। हम आपके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।
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गायत्री जयंती आज, सही पूजा विधि से पाएँ माँ गायत्री का आशीर्वाद

गायंत्री जयंती पर ऐसे करें माँ गायत्री की पूजा, होंगी कामनाएँ पूर्ण ! आइए जानते हैं गायत्री जयंती की पूजा विधि और हिन्दू धर्म में इस पर्व का महत्व।


गायत्री जयंती, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को हर वर्ष मनाई जाती है। हालाँकि इसकी तिथि को लेकर भिन्न-भिन्न मत हैं। इसलिए कुछ स्थानों पर गायत्री जयंती ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भी मनाए जाने का विधान है। इससे अलग श्रावण मास की पूर्णिमा को भी अधिकांश जगह गायत्री जयंती धूमधाम के साथ मनाई जाती है।

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ऐसा कहते हैं कि इसी दिन माँ गायत्री का अवतरण हुआ था। हिन्दू धार्मिक शास्त्रों में माँ गायत्री को चारों वेदों (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्व) की देवी माना जाता है। इसी कारण उन्हें वेद माता के नाम से पुकारा जाता है। गायत्री जयंती के दिन माँ गायत्री पूजा-आराधना विधि-विधान से की जाती है। इस दिन माँ के भक्त माँ की कृपा पाने के लिए गायत्री मंत्र का जाप, गायत्री चालीसा का पाठ और गायत्री आरती का गान करते हैं।

गायत्री जयंती का धार्मिक महत्व


माँ गायत्री को हिन्दू संस्कृति की जन्मदात्री के रूप में देखा जाता है। शास्त्रों के अनुसार, चारों वेदों और श्रुतियाँ इनकी उत्पत्ति माँ गायत्री के द्वारा ही हुई हैं। माँ गायत्री देवी ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवताओं की आराध्य देवी हैं। इसी कारण माता को देवमाता भी कहते हैं। माता पार्वती, सरस्वती और लक्ष्मी जी माँ गायत्री का ही अवतार हैं।

जब ब्रह्मा जी ने किया माँ गायत्री से विवाह


माँ गायत्री ब्रह्मा जी की पत्नी भी हैं। एक कथा के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि एक बार ब्रह्मा जी किसी यज्ञ में शामिल होने जा रहे थे लेकिन किसी कारण से उनकी पत्नी सावित्रि देवी वहाँ मौजूद नहीं थी। मान्यता है कि धार्मिक कार्यों में एक विवाहित पुरुष के साथ पत्नी का होना अधिक शुभ और फलदायी माना जाता है। इसलिए ब्रह्मा जी ने यज्ञ में शामिल होने के लिए वहाँ उपस्थित माँ गायत्री से विवाह कर लिया। 

गायत्री जयंती के दिन होने वाली पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर गंगा नदी या गंगा स्नान करें।
  • व्रत के लिए संकल्प लें।
  • इस दिन माँ गायत्री की आराधना करें।
  • गायत्री चालीसा का पाठ करें।
  • गायत्री मन्त्र का जप करके हवन करें। 
  • श्री आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। 
  • पूजा के समापन में गायत्री आरती का पाठ करें।
  • इस दिन अन्न, गुड़ एवं गेहूँ का दान करना शुभ माना जाता है।
  • भंडारे का आयोजन अथवा लोगों को मीठा शरबत बांटें।
  • गायत्री जयंती के दिन पड़ेगी निर्जला एकादशी 

निर्जला एकादशी

गायत्री जयंती के दिन निर्जला एकादशी भी है। हिन्दू धर्म में इस एकादशी का बड़ा महत्व माना जाता है। क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु जी की आराधना होती है। इस दिन लोग बिना जल को ग्रहण कर एकादशी का व्रत रखते हैं। ऐसा माना जाता है कि सर्वप्रथम इस व्रत का पालन भीमसेन नाम के व्यक्ति ने किया था इसलिए इसे भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं। 


ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति इस एकादशी का व्रत सच्ची श्रद्धा और मन के साथ करता है कि उसे सभी एकादशी के व्रत के फलों के योग के समान पुण्य की प्राप्ति होती है। निर्जला एकादशी का व्रत रखने वाले व्यक्ति को दीर्घायु और मोक्ष प्राप्त होता है। इस एकादशी को पूजा पाठ एवं दान-पुण्य करने का विधान है। 

गायत्री मंत्र -


ॐ भूर् भुवः स्वः।

तत् सवितुर्वरेण्यं।

भर्गो देवस्य धीमहि।

धियो यो नः प्रचोदयात् ॥

गायत्री चालीसा


ह्रीं श्रीं क्लीं मेधा प्रभा जीवन ज्योति प्रचण्ड॥ शान्ति कान्ति जागृत प्रगति रचना शक्ति अखण्ड॥१॥

जगत जननी मङ्गल करनि गायत्री सुखधाम। प्रणवों सावित्री स्वधा स्वाहा पूरन काम॥२॥

भूर्भुवः स्वः ॐ युत जननी। गायत्री नित कलिमल दहनी॥१॥

अक्षर चौविस परम पुनीता। इनमें बसें शास्त्र श्रुति गीता॥२॥

शाश्वत सतोगुणी सत रूपा। सत्य सनातन सुधा अनूपा॥३॥

हंसारूढ श्वेताम्बर धारी। स्वर्ण कान्ति शुचि गगन- बिहारी॥४॥

पुस्तक पुष्प कमण्डलु माला। शुभ्र वर्ण तनु नयन विशाला॥५॥

ध्यान धरत पुलकित हित होई। सुख उपजत दुःख दुर्मति खोई॥६॥

कामधेनु तुम सुर तरु छाया। निराकार की अद्भुत माया॥७॥

तुम्हरी शरण गहै जो कोई। तरै सकल संकट सों सोई॥८॥

सरस्वती लक्ष्मी तुम काली। दिपै तुम्हारी ज्योति निराली॥९॥

तुम्हरी महिमा पार न पावैं। जो शारद शत मुख गुन गावैं॥१०॥

चार वेद की मात पुनीता। तुम ब्रह्माणी गौरी सीता॥११॥

महामन्त्र जितने जग माहीं। कोउ गायत्री सम नाहीं॥१२॥

सुमिरत हिय में ज्ञान प्रकासै। आलस पाप अविद्या नासै॥१३॥

सृष्टि बीज जग जननि भवानी। कालरात्रि वरदा कल्याणी॥१४॥

ब्रह्मा विष्णु रुद्र सुर जेते। तुम सों पावें सुरता तेते॥१५॥

तुम भक्तन की भक्त तुम्हारे। जननिहिं पुत्र प्राण ते प्यारे॥१६॥

महिमा अपरम्पार तुम्हारी। जय जय जय त्रिपदा भयहारी॥१७॥

पूरित सकल ज्ञान विज्ञाना। तुम सम अधिक न जगमे आना॥१८॥

तुमहिं जानि कछु रहै न शेषा। तुमहिं पाय कछु रहै न क्लेसा॥१९॥

जानत तुमहिं तुमहिं ह्वै जाई। पारस परसि कुधातु सुहाई॥२०॥

तुम्हरी शक्ति दिपै सब ठाई। माता तुम सब ठौर समाई॥२१॥

ग्रह नक्षत्र ब्रह्माण्ड घनेरे। सब गतिवान तुम्हारे प्रेरे॥२२॥

सकल सृष्टि की प्राण विधाता। पालक पोषक नाशक त्राता॥२३॥

मातेश्वरी दया व्रत धारी। तुम सन तरे पातकी भारी॥२४॥

जापर कृपा तुम्हारी होई। तापर कृपा करें सब कोई॥२५॥

मंद बुद्धि ते बुधि बल पावें। रोगी रोग रहित हो जावें॥२६॥

दरिद्र मिटै कटै सब पीरा। नाशै दुःख हरै भव भीरा॥२७॥

गृह क्लेश चित चिन्ता भारी। नासै गायत्री भय हारी॥२८॥

सन्तति हीन सुसन्तति पावें। सुख संपति युत मोद मनावें॥२९॥

भूत पिशाच सबै भय खावें। यम के दूत निकट नहिं आवें॥३०॥

जो सधवा सुमिरें चित लाई। अछत सुहाग सदा सुखदाई॥३१॥

घर वर सुख प्रद लहैं कुमारी। विधवा रहें सत्य व्रत धारी॥३२॥

जयति जयति जगदंब भवानी। तुम सम और दयालु न दानी॥३३॥

जो सतगुरु सो दीक्षा पावे। सो साधन को सफल बनावे॥३४॥

सुमिरन करे सुरूचि बड़भागी। लहै मनोरथ गृही विरागी॥३५॥

अष्ट सिद्धि नवनिधि की दाता। सब समर्थ गायत्री माता॥३६॥

ऋषि मुनि यती तपस्वी योगी। आरत अर्थी चिन्तित भोगी॥३७॥

जो जो शरण तुम्हारी आवें। सो सो मन वांछित फल पावें॥३८॥

बल बुधि विद्या शील स्वभाउ। धन वैभव यश तेज उछाउ॥३९॥

सकल बढें उपजें सुख नाना। जे यह पाठ करै धरि ध्याना॥४०॥

दोहा - यह चालीसा भक्तियुत पाठ करै जो कोई। तापर कृपा प्रसन्नता गायत्री की होय॥'

गायत्री माँ की आरती


जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री माता।

सत् मारग पर हमें चलाओ, जो है सुखदाता॥

जयति जय गायत्री माता...


आदि शक्ति तुम अलख निरञ्जन जग पालन कर्त्री।

दुःख, शोक, भय, क्लेश, कलह दारिद्रय दैन्य हर्त्री॥

जयति जय गायत्री माता...


ब्रहृ रुपिणी, प्रणत पालिनी, जगतधातृ अम्बे।

भवभयहारी, जनहितकारी, सुखदा जगदम्बे॥

जयति जय गायत्री माता...


भयहारिणि भवतारिणि अनघे, अज आनन्द राशी।

अविकारी, अघहरी, अविचलित, अमले, अविनाशी॥

जयति जय गायत्री माता...


कामधेनु सत् चित् आनन्दा, जय गंगा गीता।

सविता की शाश्वती शक्ति, तुम सावित्री सीता॥

जयति जय गायत्री माता...


ऋग्, यजु, साम, अथर्व, प्रणयिनी, प्रणव महामहिमे।

कुण्डलिनी सहस्त्रार, सुषुम्ना, शोभा गुण गरिमे॥

जयति जय गायत्री माता...


स्वाहा, स्वधा, शची, ब्रहाणी, राधा, रुद्राणी।

जय सतरुपा, वाणी, विघा, कमला, कल्याणी॥

जयति जय गायत्री माता...


जननी हम है, दीन, हीन, दुःख, दरिद्र के घेरे।

यदपि कुटिल, कपटी कपूत, तऊ बालक है तेरे॥

जयति जय गायत्री माता...


स्नेहसनी करुणामयि माता, चरण शरण दीजै।

बिलख रहे हम शिशु सुत तेरे, दया दृष्टि कीजै॥

जयति जय गायत्री माता...


काम, क्रोध, मद, लोभ, दम्भ, दुर्भाव, द्वेष हरिये।

शुद्ध बुद्धि, निष्पाप हृदय, मन को पवित्र करिये॥

जयति जय गायत्री माता...


तुम समर्थ सब भाँति तारिणी, तुष्टि, पुष्टि त्राता।

सत् मार्ग पर हमें चलाओ, जो है सुखदाता॥

जयति जय गायत्री माता..

हम आशा करते हैं कि गायत्री जंयती से संबंधित हमारा यह ब्लॉग आपको पसंद आया होगा। गायत्री जयंती की आपको हार्दिक शुभकामनाएँ ! इस लेख से संबंधित आप अपनी टिप्पणी नीचे कमेंट बॉक्स में भी दे सकते हैं। धन्यवाद !
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