सीखें भाग्यशाली मोबाइल नंबर चुनने का आसान तरीका! इस लेख के माध्यम से जानें अंक ज्योतिष के अनुसार कैसे चुना जा सकता है मोबाइल लकी नंबर!
जीवन में भाग्य का साथ मिलना बेहद जरूरी है। क्योंकि यदि भाग्य साथ नहीं तो कितनी भी मेहनत कर ली जाए उसका मन चाहा परिणाम प्राप्त नहीं हो सकता। जिस प्रकार हमारे नाम का महत्व होता है उसी प्रकार जीवन में अंकों का भी महत्व होता है। इसलिए ज़रूरी है कि आपका मोबाइल नंबर ऐसा नंबर हो जो आपके जीवन के अंकों से मेल खाता हो और आपके लिए भाग्यशाली सिद्ध हो।
इस लेख के माध्यम से हम आपको बताएंगे कि अंक ज्योतिष के द्वारा विभिन्न अंकों का आपके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है और उनका आपके जीवन में क्या महत्व है, जिसके आधार पर आप अपना लकी मोबाइल नंबर जान सकते हैं।
कौन सा नंबर मेरे लिए भाग्यशाली होगा
जब भी आप मोबाइल कनेक्शन लेते हैं तो नंबर लेते समय इस बात का ध्यान रखें कि मोबाइल का नंबर जिन-जिन अंकों से मिलकर बना है उनका आपके जीवन पर कैसा प्रभाव पड़ता है। इसके लिए आपको अपनी जन्मतिथि के अनुसार अपने मूलांक और भाग्यांक से मिलता हुआ अथवा उनके लिए शुभ और भाग्यशाली अंक का मोबाइल नंबर उपयोग करना चाहिए।
मूलांक और भाग्यांक क्या हैं
लकी मोबाइल नंबर के बारे में जानने से पहले हमारे लिए जानना आवश्यक है कि मूलांक (Root Number) और भाग्यांक(Destiny Number) क्या है? इसको हम एक उदाहरण के द्वारा आसानी से समझ सकते हैं:
किसी की जन्म की तारीख के अंकों का योग मूलांक और पूरी जन्म तिथि के अंकों का योग भाग्यांक कहलाता है। कुल योग को तब तक जोड़ते जाते हैं जब तक कि उत्तर 1 से 9 के बीच में ना आ जाए।
उदाहरण के लिए यदि किसी की जन्म तिथि 22 अप्रैल 1983 है तो:
उसका मूलांक होगा 2+2 = 4 और
उसका भाग्यांक होगा 2+2+4+1+9+8+3 =29 = 2 + 9 = 11 = 1 + 1 = 2
अर्थात 22 अप्रैल 1983 को जन्मे हुए व्यक्ति का मूलांक 4 और भाग्यांक 2 होगा। क्योंकि यहां भाग्य अंक अर्थात भाग्य का अंक दो है अतः व्यक्ति के जीवन में 2 अंक बहुत महत्वपूर्ण होगा क्योंकि इसी से उसके भाग्य की उन्नति होगी।
कैसे जानें अपना लकी मोबाइल नंबर
अब जिस प्रकार आपने अपना भाग्य अंक ज्ञात किया है उसी प्रकार अपने मोबाइल के अंकों के योग को तब तक जोड़ते जाएं जब तक कुल अंक 1 से 9 के बीच में ना प्राप्त हो जाए।
जैसे- यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल नंबर 9810098100 है तो इस मोबाइल नंबर के अंकों का कुल योग होगा 9+8+1+0+0+9+8+1+0+0=36 = 3+6 = 9
अर्थात इस मोबाइल नंबर का योगांक अथवा शुभांक 9 हुआ। वैसे तो 9 अंक सबसे शुभ माना जाता है लेकिन विशेष रूप से यह अंक उन लोगों के लिए अधिक शुभ होगा जिनका भाग्यांक 9 हो अथवा 9 से मित्रता रखने वाला हो।
मोबाइल नंबर लेते समय ध्यान रखने योग्य बातें
जब भी आप कोई नया मोबाइल कनेक्शन लेने जाएं तो कुछ बातों का अवश्य ध्यान रखें जैसे कि मोबाइल के अंक यदि आरोही अर्थात बढ़ते हुए क्रम में होंगे तो आप के जीवन में उन्नति प्राप्त होगी इसके विपरीत यदि मोबाइल के अंक अवरोही अर्थात घटते हुए क्रम में होंगे तो जीवन में परेशानियां और कष्ट आ सकते हैं।
यदि आपके मोबाइल में 8 का अंक बार बार आता है तो यह अनलकी नंबर होता है। इसके कारण आपके जीवन में परेशानियां बढ़ सकती हैं और आपको विभिन्न प्रकार की समस्याओं और आलोचनाओं का शिकार होना पड़ सकता है। हालांकि 8 अंक वालों के लिए यह शुभ होता है। इसके विपरीत यदि आपके मोबाइल में 9 का अंक आता है तो यह अत्यधिक शुभ अंक होता है। इसके कारण आपके ज्ञान में वृद्धि होती है तथा आपको पसंद से प्राप्त होती है। आप धनवान बनते हैं और आपका भाग्य आपका साथ देता है। इसलिए मोबाइल लेते समय इस बात का ध्यान रखें कि आपके मोबाइल नंबर की संख्या में 8 का अंक कम से कम हो और 9 का अंक अधिक से अधिक।
भाग्यांक से जानें अपना लकी मोबाइल नंबर
ऊपर हमने बताया कि आप कैसे अपना भाग्यांक जान सकते हैं। अब हम आपको बताएँगे कि आपको अपने भाग्य अंक के अनुसार कौन-कौन से योगांक अथवा शुभांक वाला मोबाइल नंबर लेना चाहिए और कौन सा अंक नहीं लेना चाहिए। इसके साथ ही आप निम्नलिखित विवरण से यह भी जान सकते हैं कि आपको अपना मोबाइल किस तिथि को और किस दिन लेना ज्यादा शुभ रहेगा और किस दिन नहीं:
यदि आपका भाग्यांक 1 है तो आपके लिए
- शुभ महीने जनवरी, मार्च, मई, जुलाई और अक्टूबर हैं
- शुभ दिन रविवार और गुरूवार है तथा
- शुभ तारीखें 1, 10, 19 और 28 हैं।
- आपके लिए अशुभ महीने फरवरी और नवंबर
- अशुभ दिन सोमवार और शनिवार तथा
- अशुभ तारीखें 2, 9, 11 और 13 हैं।
यदि आपका भाग्यांक 2 है तो आपके लिए
- शुभ महीने फरवरी, अप्रैल, अगस्त और नवंबर
- शुभ दिन तथा सोमवार और बुधवार
- शुभ तारीखें 2, 4, 8, 11, 16, 20 हैं।
- आपके लिए अशुभ महीने जनवरी, मई, और जून
- अशुभ दिन गुरूवार और शनिवार तथा
- अशुभ तारीखें 1, 3, 7 हैं।
यदि आपका भाग्यांक 3 है तो आपके लिए
- शुभ महीने मार्च, मई, जुलाई, जून, सितंबर और दिसंबर
- शुभ दिन मंगलवार और शुक्रवार तथा
- शुभ तारीखें 3, 6, 9, 12, 15 हैं।
- आपके लिए अशुभ महीने जनवरी, फरवरी
- अशुभ दिन सोमवार और शनिवार तथा
- अशुभ तारीखें 1, 8, 14 हैं।
यदि आपका भाग्यांक 4 है तो आपके लिए
- शुभ महीने फरवरी, अप्रैल और अगस्त
- शुभ दिन सोमवार और बुधवार तथा
- शुभ तारीखें 2, 4, 8, 13, 16 हैं।
- आपके लिए अशुभ महीने जनवरी, मार्च, सितंबर
- अशुभ दिन मंगलवार और शुक्रवार तथा
- अशुभ तारीखें 1, 15, 21 हैं।
यदि आपका भाग्यांक 5 है तो आपके लिए
- शुभ महीने जनवरी, मार्च, मई और जुलाई
- शुभ दिन बुधवार, बृहस्पतिवार और शनिवार तथा
- शुभ तारीखें 5, 10, 14, 19 हैं।
- आपके लिए अशुभ महीने अगस्त, सितंबर
- अशुभ दिन सोमवार और मंगलवार तथा
- अशुभ तारीखें 1,11, 18 हैं।
यदि आपका भाग्यांक 6 है तो आपके लिए
- शुभ महीने जून और सितंबर
- शुभ दिन मंगलवार और शुक्रवार तथा
- शुभ तारीखें 6, 9, 15, 18 हैं।
- आपके लिए अशुभ महीने जनवरी, मार्च और मई
- अशुभ दिन सोमवार और बुधवार तथा
- अशुभ तारीखें 1, 2, 5हैं।
यदि आपका भाग्यांक 7 है तो आपके लिए
- शुभ महीने मार्च,जुलाई और दिसंबर
- शुभ दिन बुधवार और शनिवार तथा
- शुभ तारीखें 1, 7, 8, 11 हैं।
- आपके लिए अशुभ महीने फरवरी, सितंबर और नवंबर
- अशुभ दिन गुरूवार और शुक्रवार तथा
- अशुभ तारीखें 5, 15, 25 हैं।
यदि आपका भाग्यांक 8 है तो आपके लिए
- शुभ महीने जनवरी, फरवरी, अप्रैल और अगस्त
- शुभ दिन सोमवार और बुधवार तथा
- शुभ तारीखें 4, 8, 16, 17, 26 हैं।
- आपके लिए अशुभ महीने मार्च, सितंबर
- अशुभ दिन शुक्रवार, शनिवार तथा
- अशुभ तारीखें 1, 3, 11 हैं।
यदि आपका भाग्यांक 9 है तो आपके लिए
- शुभ महीने मार्च, जून तथा सितंबर
- शुभ दिन मंगलवार और शुक्रवार तथा
- शुभ तारीखें 9, 15, 18 हैं।
- अशुभ महीने जुलाई,अगस्त
- अशुभ दिन सोमवार,गुरूवार तथा
- अशुभ तारीखें 1, 4, 21 हैं।
कार्यक्षेत्र के अनुसार लकी नंबर का चयन
यदि आप अपने कार्य क्षेत्र के अनुसार भी लकी नंबर का चुनाव करना चाहते हैं तो नीचे दिए हुए विवरण को ध्यान से पढ़ें और जानें कि किस व्यवसाय के लिए कौन सा अंक आपका लकी नंबर होगा:
- यदि आप प्रशासनिक अधिकारी अथवा राजनेता हैं तो आपके लिए लकी नंबर होगा 1, 2, 3 तथा 9 और अनलकी नंबर होगा 6 और 8
- यदि आप मीडिया के क्षेत्र से जुड़े हैं अथवा सेल्समैन हैं या सर्विस इंडस्ट्री से जुड़े हैं तो आपके लिए लकी नंबर होंगे 2,1,5 तथा अनलकी नंबर होंगे 4,7
- यदि आप शिक्षा के क्षेत्र से संबंधित है अथवा किसी धार्मिक कार्य अथवा समाज सेवा में संलिप्त हैं तो आपके लिए लकी नंबर होंगे 3,6,9 तथा अनलकी नंबर होंगे 2,5,7
- यदि आप मध्यस्थता का कार्य करते हैं अथवा सरकारी विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं अथवा कमीशन एजेंट हैं तो आपके लिए लकी नंबर होंगे 4,5,6 और अनलकी नंबर होंगे 1,2,3
- यदि आप ऐसे व्यापारी हैं जो खाद्य पदार्थों का कार्य करते हैं अथवा किसी स्थान पर आप लिपिक हैं तो आपके लिए लकी नंबर होगा1,5,6 और अनलकी नंबर होगा 2
- यदि आप अभिनय के क्षेत्र से जुड़े हैं अथवा जौहरी हैं अथवा होटल व्यवसाय का कार्य करते हैं तो आपके लिए लकी नंबर होंगे 5,6,8 तथा अनलकी नंबर होंगे 1,2
- यदि आप किसी सरकारी विभाग में तृतीय श्रेणी के कर्मचारी हैं अथवा आप मैकेनिक हैं तो आपके लिए लकी नंबर होंगे 7,9 तथा अनलकी नंबर वन 5,6
- यदि आप पशुओं का व्यापार करते हैं अतः पशु पालते हैं या तर्कशास्त्री हैं अथवा ठेकेदारी का कार्य करते हैं तो आपके लिए लकी नंबर होंगे 5,6,8 तथा अनलकी नंबर होंगे 1,2,9
- यदि आप किसी TV चैनल में कार्य करते हैं अथवा सुरक्षा एजेंसियों में हैं या फिर चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े हैं तो आपके लिए लकी नंबर होंगे 9,7 तथा अनलकी नंबर होंगे 5,6
- इस प्रकार आप अंक शास्त्र के द्वारा अपना लकी मोबाइल नंबर जान सकते हैं और उस नंबर को प्राप्त करने के बाद अपने जीवन में तरक्की के द्वार खोल सकते हैं।
हम आशा करते हैं कि हमारा यह लेख आपको पसंद आया होगा। एस्ट्रोसेज की ओर से उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं।



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ReplyDeleteI enjoyed reading this because university history work often requires students to look at familiar events from a completely different perspective. Even a topic we have studied before can become interesting when new sources or interpretations are introduced. While preparing my own essays, I came across History Assignment Help UK, which gave me some useful ideas about developing a clear line of argument. I also appreciated the guidance available through UK university assignment support, particularly around connecting historical evidence with analysis. As a student, I think one of the most important parts of history writing is explaining why a piece of evidence matters. Simply mentioning a source is not enough; we need to show how it supports or challenges the argument being presented.
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