जन्माष्टमी मुहूर्त एवं पूजा विधि

जन्माष्टमी का त्यौहार आज पूरे विश्व में बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा। आज के दिन भागवान कृष्ण का जन्मदिन बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। कई जगहों पर तो इस पावन अवसर पर विभिन्न प्रकार के व्यंजन पकाए जाते हैं। वैसे इस लेख के माध्यम से हम आपको इस पावन पर्व की ज़रूरी जानकारी साझा कर रहे हैं।



जन्माष्टमी 2016 मुहूर्त


  • निशीथ काल पूजा समय: 00:01:12 to 00:45:31 IST (अगस्त 25, 2016)
  • पारणा समय: 20:10:19 IST (अगस्त 25, 2016)

ऊपर दिया गया समय नई दिल्ली, भारत के लिए है। अपने शहर के अनुसार शुभ मुहूर्त जानने के लिए यहाँ क्लिक करें: आपके शहर के अनुसार जन्माष्टमी मुहूर्त

नोट: ऊपर दी गई तारीख़ एवं मुहूर्त स्मार्थों के लिए है, वैष्णवों के लिए नहीं। (जिन लोगों ने वैष्णव सम्प्रदाय से दीक्षा ली होती है वो वैष्णव कहलाते हैं; और बाक़ी सब लोग स्मार्त कहलाते हैं।) वैष्णव सम्प्रदाय यह त्यौहार अगले दिन मनाता है; यानि इस बार 25 अगस्त 2016 को मनाया जाएगा।

जन्माष्टमी पूजा विधि


  1. अगस्त 23, 2016 को हल्का सात्विक भोजन करें। साथ ही जीवनसाथी के साथ नज़दीकी संबंध न बनाएँ और मर्यादा में रहें।
  2. जन्माष्टमी के दिन यानी अगस्त 24, 2016 को प्रात: जल्दी उठकर स्नान के बाद सभी देवी-देवताओं की पूजा करें।
  3. अब उत्तर अथवा पूर्व दिशा में बैठें।
  4. हाथों में गंगाजल, पुष्प और फल लेकर व्रत का संकल्प लें।
  5. इसके पश्चात् काले तिल से मिश्रित जल को अपने ऊपर छिड़कें।
  6. अब लेबर रूम को देवकी के लिए तैयार करें।
  7. इसी जगह बच्चे की पालकी अथवा झूले को लगाएँ और इसके ऊपर जल से भरे हुए कलश को रखें।
  8. अब देवकी, वासुदेव, बलदेव, नंद, यशोदा और लक्ष्मीजी का आदरपूर्वक नाम लेकर पूजा प्रारंभ करें।
  9. मध्य रात्रि के पश्चात जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हो जाए तब अपना उपवास खोलें।
  10. अगले दिन यानी 25 अगस्त 2016 को देश के कई स्थानों पर दही हाँडी का महोत्सव मनाया जाता है।

नोट: जन्माष्टमी के उपवास में फल, दूध आदि का सेवन कर सकते हैं।

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हम आशा करते हैं कि इन जानकारियों के माध्यम से आप इस पावन पर्व को और भी ख़ूबसूरती के साथ मनाने में सफल होंगे।

जन्माष्टमी की मंगलकामनाएँ!

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